सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह
42 वी पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
गाजीपुर। स्व. सिद्धेश्वर ऐसे महापुरुषों में से थे, जिन्होंने व्यक्ति, समाज सहित पूरे समूह के लिए कार्य किया। जब भी जरूरत पड़ी, उन्होंने लोगों को एकजुट करके आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उक्त बातें मंगलवार को सिद्धेश्वरनगर स्थित अखिलेश्वर प्रसाद सिंह के आवास पर सिद्धेश्वर प्रसाद की 42 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका सिंह यादव कही। उन्होंने कहा कि कर्मयोगी अपनी कार्य क्षमता के बल पर पहचान बनाता है। जो लोग बड़े निर्योगी व्यक्ति के सहयोग से अपना जीवन-यापन करता है, उसके चरित्र की ऊंचाई को कमजोर कर पाना किसी साधारण मनुष्य के वश की बात नहीं है। कई तरह की कठिनाइयों के बावजूद सैद्धांतिक व्यक्ति अपने रास्ते से पीछे नहीं हटता है तथा आगे बढ़ने के लिए निर्माण का रास्ता बनाकर अपनी पीढ़ी तथा बाद के लोगों को आगे बढ़ने के लिए विशेष रास्ता तैयार करता है। कवि दिनेश चन्द्र शर्मा ने कविता के माध्यम से कहा कि आज भी समाज को ऐसे व्यक्तित्व की जरूरत है, जो लोगों को एक सूत्र में बांधकर नई सामाजिक दिशा देने का प्रयास करें। पूर्व विधायक अनिल अभिताभ दूबे ने कहा कि इस तरह का सहयोग सामाजिक विकास के लिए जरूरी है। इसे हम लोगों को मिल जुलकर करना होगा। वरिष्ठ पत्रकार सूर्य कुमार सिंह ने संस्मरणों के माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त किया। इस मौके पर बृजेन्द्र राय, आनन्द विहारी यादव, अनिल कुमार सिंह, शम्भू शरण, डा दिनेश कुमार सिंह, ईश्वर लाल, सत्येन्द्र प्रताप यादव, राम जी प्रसाद गुप्त, राम नगीना पांडेय, डा. रण विजय सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह, संजय खरवार आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन अखिलेश राय ने किया। अंत में संस्था के प्रबंधक अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यक्ति के चित्र की नहीं बल्कि उसके चरित्र की पूजा होती है। जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके देश के ऐसे महान सपूत का पुत्र होना अपने आप में बड़े ही गर्व की बात है।