प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग
गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।
समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल
सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन
गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।
नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।
वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी। उसके पश्चात् कक्षा PG से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए।
कक्षा 1 से 5 में निशांत राय ने 99 9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार राय व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।
विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं।
इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में प्रशासन द्वारा सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित किया गया है। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रवेश आवेदन हेतु पहले से निर्धारित अंतिम तिथि 08 जुलाई 2026 को बढ़ाकर अब 14 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं तथा ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर सकते हैं। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि महाविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा दिनांक 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। बी.एस-सी. (कृषि) एवं एम.एस-सी. कृषि जीपीबी पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा एम.एस-सी. बॉटनी, एम.एस-सी. कृषि (उद्यान) एवं एम.कॉम की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक निर्धारित है। समस्त परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा में समय से उपस्थित हों। अनुपस्थिति की स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को अलग से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय की वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर अवलोकन करें या महाविद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशानुसार जनपद में संचालित समस्त अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं का व्यापक निरीक्षण गुरुवार को विभिन्न अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य गौवंशों के संरक्षण, उनके समुचित भरण-पोषण, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का प्रभावी सत्यापन करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक बिंदु का तथ्यात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कोई कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण आख्या में करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित प्रारूप में विस्तृत निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर आवश्यक निर्णय लेते हुए गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में आज जनपद में जिला विकास अधिकारी राजन राय द्वारा बिरनो गौ-आश्रय स्थल, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला समन्वयक (मनरेगा), जिला पंचायत राज अधिकारी, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से गौशाला परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता तथा कीचड़ की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारीयों ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशालाओं में नियमित रूप से सफाई हो तथा परिसर में जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति न रहे, जिससे गौवंशों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त गौवंशों के लिए हरे चारे की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता तथा पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहें। अधिकारियों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं में निराश्रित गोवंशों के लिए पौष्टिक एवं पर्याप्त चारे की व्यवस्था निरंतर बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की कमी न हो। गौशालाओं में प्रकाश की समुचित व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा रात्रिकालीन सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गये। साथ ही गौसेवकों के मानदेय के भुगतान की स्थिति, उनकी उपस्थिति तथा गौशालाओं के संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विस्तृत सत्यापन किया गया।
गाजीपुर। उच्च न्यायालय, किशोर न्याय समिति, इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण नीरज गोंड, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे, तथा आवासित किशोर उपस्थिति पंजिका 9.07.2026 के अनुसार किशोर उपस्थित पाये गये। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर को निर्देशित किया गया कि मीनू के अनुसार भोजन, साफ-सफाई, कपडे़ तथा स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था करना सुनिश्चित करें, बच्चों से प्रतिदिन शारीरिक गति विधि कराने एवं शिक्षा के लिए निर्देशित किया गया। इस दौरान किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 01 से 15 जुलाई 2026 तक स्कूली वाहनों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ फ्यूचर” के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई की। अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहनों में निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू कराना है। आज की कार्रवाई:अभियान के दूसरे चरण के तहत आज 08 जुलाई को थाना कोतवाली के महराजगंज, थाना नंदगंज एवं थाना जंगीपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग की गई। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 08 स्कूली वाहन सीज किए गए तथा 40 वाहनों का चालान किया गया। इस सम्बंध में एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।यातायात निरीक्षक बलेन्द्र कुमार ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि उनके वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि अभियान का पहला चरण 1 से 7 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम एवं नोटिस जारी कर संचालित किया गया था। दूसरा चरण 8 से 15 जुलाई तक चलाया जा रहा है।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए तथा बड़े एवं छोटे तथा नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए, जिससे उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने सभी गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 1000 नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गोबर का वैज्ञानिक एवं उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, करीमुद्दीनपुर में बंद पड़े बायोगैस संयंत्र को शीघ्र चालू कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाओं का सेवन कराए जाने तथा बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उप निदेशक कृषि विजय कुमार, उपायुक्त मनरेगा विजय यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही, नोडल अधिकारी (गोशाला) डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित सूचना, वन, नेडा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा नन्दिनी एवं मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के साथ किसान बन्धु एवं जनप्रतिनिधिगण भी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक के उपरान्त अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौ-आश्रय स्थल आर0टी0आई0 गोराबाजार, गौ-आश्रय बिरनो, गोपाल गोशाला रौजा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौवंश को हरे चारे अपने हाथो से खिलाया गया एवं विशेष साफ सफाई रखने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल एवं पूर्ण अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कार्ड
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के संजीव प्रसारण को जनपद में कैबिनेट मंत्री,अन्य जनप्रतिनिधिगण व जिलाधिकारी की उपस्थिति में देखा एवं सुना गया
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का जनपद में हुआ सजीव प्रसारण
शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कार्ड
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: मंत्री
गाजीपुर। प्रदेश के बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से किया गया। मुख्यमंत्री के कर-कमलों से हुए इस शुभारंभ का सजीव प्रसारण पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ किया गया। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी रू0 1,200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू निष्पादन तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के सम्मान समारोह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार रायफल क्लब में मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके उपरन्त सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेन्द्र राजभर, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, क्षेत्राधिकारी सदर, जिला स्तरीय अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज का दीपक है। जब दीपक ही बीमार रहेगा तो समाज को रोशनी कौन देगा। इसीलिए हमारी सरकार ने तय किया कि शिक्षकों को स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त किया जाए ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ बच्चों को पढ़ा सकें। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश चिकित्सा योजना के अन्तर्गत शिक्षक एवं उनके परिवारों को मुख्यमंजी द्वारा एक नये आगाज का शुभारंभ किया, जिसमें जनपद गाजीपुर में 8242 शिक्षकों के माध्यम से गरीब, असहाय, एवं कमजोर बच्चों को सरकारी विद्यालयों में अच्छी शिक्षा दी जा रही है जिसमें जनपद में 376 अनुदेशक, 6675 रसोईयॉ एवं 2471 शिक्षा मित्र है। जनपद गाजीपुर के समस्त सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे, बच्चो के पिता के खाते में 1200 रूपये की धनराशि डी0बी0टी0 माध्यम से भेजा गया। जनपद में कुल 1 लाख 79 हजार रूपये की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा हस्तानातरण किया गया। उसके उपरान्त मंत्री जी ने 05 स्कूलो में प्रधानाचार्य को जनपद में अधिक नामांकन करने वाले प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधिगंण द्वारा जनपद के 10 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए, योजना के अंतर्गत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। अपने संबोधन में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र के भावी नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसलिए राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, केजीबीवी के शिक्षक, विद्यालयों में कार्यरत रसोइये तथा उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर बताते हुए कहा कि आज का दिन शिक्षक समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री ने जो कैशलेस चिकित्सा योजना दी है, इससे शिक्षक अब बिना टेंशन के अपना काम करेंगे। उन्होंने कहां की मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हमारे शिक्षक साथियों के सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। उनकी और उनके परिवार की स्वास्थ्य चिंता अब सरकार की जिम्मेदारी है। अब इलाज के लिए जेब से पैसा नहीं लगेगा, सीधा कैशलेस इलाज मिलेगा। यह योजना शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगी और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान लगाने का अवसर देगी। मैं सभी सम्मानित प्रधानाचार्यों को बधाई देता हूँ जिन्होंने अधिक नामांकन कर शिक्षा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि शिक्षक हमारे बच्चों का भविष्य बनाते हैं। सरकार ने उनकी स्वास्थ्य चिंता दूर कर बहुत बड़ा काम किया है। पंचायत स्तर पर हम सभी स्कूलों में इस योजना का प्रचार करेंगे ताकि कोई भी शिक्षक वंचित न रहे। मुख्यमंत्री द्वारा आज प्रदेश के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय करने हेतु धनराशि 1200 रूपये हस्तांतरित कर दी गयी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे प्राप्त धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति में करें तथा उन्हें निर्धारित वेशभूषा में नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर, खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक/शिक्षामित्रा के साथ जनपद स्तरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगंण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया।
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में बुधवार को शैक्षिक 2026-27 में बीए/ बीएससी नव प्रवेश हेतु काउंसलिंग प्रारंभ हुई। बीए/ बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में उत्साह देखा गया। काउंसलिंग के प्रथम दिन बी ए प्रथम सेमेस्टर में 80 छात्राओं ने अपने अभिलेख सत्यापित कराते हुए विषय आवंटन कराया जबकि बीएससी में कुल 60 छात्राओं ने विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन कराया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्राओं को उनकी मेरिट, रुचि एवं उपलब्धता के आधार पर दो मेजर एवं एक माइनर विषय आवंटित किया गया।
नव प्रवेशी पांच छात्राओं को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनीता कुमारी एवं प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार ने विषय आवंटन प्रपत्र एवं पौधारोपण महाअभियान के तहत एक-एक फलदार पौधे भेंट स्वरूप प्रदान किया। विषय आवंटन के साथ-साथ छात्राओं का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण और प्रोफाइल फीडिंग का कार्य समर्थ प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के नेतृत्व में भी जारी रहा। जिन नव प्रवेशी छात्राओं का समर्थ पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट नहीं हुआ है वह विषय आवंटन के पश्चात अपना समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से संपन्न कराएंगी। तत्पश्चात महाविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से तीन दिन के अंदर अपनी फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगी। छात्राएं फीस रसीद दिखाकर अपना परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से बनवा लें।
महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार कल 9 जुलाई को बी ए में मेरिट क्रमांक 121 से लेकर 240 तक की छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग एवं विषय आवंटन की प्रक्रिया संपन्न होगी जबकि बीएससी में मेरिट क्रमांक 66 से लेकर सीट रिक्त रहने तक प्रवेश काउंसलिंग संपन्न होगी। बीएससी प्रवेश काउंसलिंग डॉ दिवाकर मिश्रा, डॉ सर्वेश कुमार, डॉ ओम शिवानी ने संपन्न कराई, जबकि समर्थ पोर्टल की प्रक्रिया में डॉ हसीन अहमद एवं डॉ मनीष सोनकर ने सहयोग प्रदान किया। बी ए प्रवेश काउंसलिंग में डॉ शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ इकलाख खान, डॉ संगीता, डॉ हरेंद्र यादव, डॉ नेहा कुमारी शामिल रहे तथा डॉ निरंजन कुमार डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ गजनफर सईद ने समर्थ पोर्टल प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया। डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ सारिका सिंह एवं डॉ शशि कला ने प्रवेश समन्वय एवं अनुशासन का दायित्व निभाते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की जिज्ञासा का समाधान कर प्रवेश व्यवस्था को सहज ढंग से संपन्न बनाने में योगदान दिया।
हिंदुस्तान ओलंपियाड और बॉक्सिंग में शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल का परचम।
15 विद्यार्थियों ने टॉप-100 में बनाई जगह, एलिजा आफरीन को गोल्ड मेडल व ₹2100 का पुरस्कार; कुशाग्र कटियार राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए चयनित।
गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। हिंदुस्तान ओलंपियाड परीक्षा में विद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया था, जिनमें से 15 विद्यार्थियों ने टॉप-100 में स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
इस उपलब्धि में कक्षा 7 की छात्रा एलिजा आफरीन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उन्हें ₹2100 की नगद पुरस्कार राशि से भी सम्मानित किया गया। विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में सफल विद्यार्थियों को विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी द्वारा मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वहीं, वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में आयोजित मंडल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र कुशाग्र कटिया ने 70 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन आगामी राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता, चित्रकूट के लिए किया गया है।
प्रतियोगिता में विद्यालय के अन्य खिलाड़ियों अंश शर्मा एवं अयान खान ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य इकरामुल हक, उप-प्रधानाचार्य हनीफ अहमद सिद्दीकी, समन्वयक अंजली श्रीवास्तव सहित शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजीपुर। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने विषयक कार्यशाला/संवाद कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास खण्ड जमानियां एवं करण्डा में संपन्न हुआ। संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने बारी-बारी से उपस्थित समूह की महिलाओ से संवाद स्थापित कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा और बेहतर ढंग से कार्य करने करने को कहां। इस दौरान समूह की महिलाओं द्वारा हैंड वॉश, फिनायल, हार्पिक, अगरबत्ती, रेडीमेट कपड़े, झाड़ू, मसाले, जैसे प्रोडक्त तैयार करने तथा किसी ने कॉस्मेटिक के सामानो की बिक्री करने तथा किसी महिला द्वारा कृषि कार्य करने की जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मिशन से जुड़े कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, स्वरोजगार गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार का सर्वे कर उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बाजार उपलब्ध कराने, उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग एवं बिक्री की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सशक्त होंगी तो उनका पूरा परिवार सशक्त होगा। कार्यशाला में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी। कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंक लिंकेज, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं एवं अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं जानकारी साझा की। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। इस अवसर खंड विकास अधिकारी जमानियां एवं करण्डा एवं अन्य संबंधित अधिकारी, जन सामान्य, उपस्थित थे।
पी.जी. कालेज में स्नातक वाणिज्य में आनॅलाइन प्रवेश प्रारम्भ
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में स्नातक वाणिज्य में प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने स्नातक स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होने की जानकारी देते हुए बताया कि स्नातक वाणिज्य में प्रवेश हेतु आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों की सूची प्रवेश हेतु कालेज की वेबसाइट- http://www.pgcghazipur.ac.in पर अपलोड कर दी गयी है। प्रवेश हेतु अभ्यर्थी अपना आवेदन 07 जुलाई 2026 से 08 जुलाई 2026 तक आनलाईन आवेदन- पत्र भर सकते हैं। अभ्यर्थी आनलाईन भरे गए प्रवेश आवेदन -पत्र डाउनलोड कर आवश्यक अभिलेखों की मूल प्रति के साथ वाणिज्य विभाग में काउन्सलिंग समिति के समक्ष 09 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 तक प्रस्तुत /जमा करेंगे। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी निर्धारित समयानुसार प्रवेश आवेदन -पत्र व शुल्क जमा न करने पर उक्त सीट रिक्त मानी जायेगी और पुनः प्रवेश हेतु कोई अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा। प्रवेश हेतु जारी सूची से रिक्त सीटों पर उक्त सूची से बाहर के अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु अवसर प्रदान किया जायेगा। प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने प्रवेश में डिजिटल इण्डिया एवं पूर्ण पारदर्शिता की नीति अपनाते हुए Online Counselling ( आनलाईन काउन्सलिंग) की व्यवस्था की गयी है। आनलाईन काउन्सलिंग द्वारा अभ्यर्थी अपने घर बैठे पूर्ण पारदर्शिता के साथ प्रवेश आवेदन- पत्र भर सकते हैं। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने सम्मानित अभिभावकों से अपील की है कि समय रहते अपने पाल्यों का आवेदन-पत्र आनलाईन भरवाकर सम्बन्धित अभिलेखों की मूल- प्रति के साथ काउन्सलिंग समिति के समक्ष प्रस्तुत / जमा करने में सहयोग करें। प्रवेश के लिए सभी प्रक्रिया आनलाईन है।