प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग
गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।
समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल
सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन
गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।
नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।
वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी। उसके पश्चात् कक्षा PG से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए।
कक्षा 1 से 5 में निशांत राय ने 99 9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार राय व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।
विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं।
इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
गाजीपुर में जर्जर विद्यालय भवनों पर चला ध्वस्तीकरण अभियान, 196 में से 171 भवन ध्वस्त
25 जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण बाकी, करीब 87 फीसदी कार्य पूरा; सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निष्प्रयोज्य एवं अत्यंत जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण का अभियान तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में कुल 196 जर्जर विद्यालय भवन चिह्नित किए गए थे। इनमें से अब तक 171 भवनों का सुरक्षित ध्वस्तीकरण पूरा कराया जा चुका है। इस तरह करीब 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 25 जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण अभी शेष है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शेष 25 जर्जर भवनों से संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी व्यक्तिगत निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अविलंब पूरा कराएं। ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के साथ ही विद्यार्थियों को कार्यस्थल से सुरक्षित दूरी पर रखने और भवनों से निकले मलबे का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के कारण विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित न हो और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण बना रहे।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बढ़ाई प्रवेश की अंतिम तिथि, छात्राओं को 10 सितंबर तक मिलेगा अंतिम मौका
गाजीपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग गाजीपुर में बीए, बीएससी एवं एमए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दी गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद ने बताया कि प्रवेश के लिए इच्छुक एवं अर्ह छात्राएं महाविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं।पंजीकरण के बाद छात्राएं प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी अथवा संबंधित विभाग प्रभारी से अपराह्न 1 बजे से 2 बजे के बीच संपर्क कर सकती हैं। प्राचार्य ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद प्रवेश नहीं लेने वाली छात्राओं, अपार आईडी अथवा समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण से वंचित छात्राओं तथा बैक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं के लिए यह प्रवेश का महत्वपूर्ण एवं अंतिम अवसर है। उन्होंने बताया कि परास्नातक स्तर पर एमए के अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, प्राचीन इतिहास, हिंदी, गृहविज्ञान एवं राजनीति विज्ञान विषयों में काउंसलिंग के बाद रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए भी अंतिम तिथि 10 सितंबर तक बढ़ाई गई है। स्नातक उत्तीर्ण छात्राएं महाविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन तथा पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर संबंधित विषय प्रभारी से संपर्क कर प्रवेश काउंसलिंग पूरी कराएं और निर्धारित शुल्क जमा करें। इसी प्रकार बीए, बीएससी, एमए एवं एमएससी में काउंसलिंग करा चुकी सभी छात्राओं को एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन फीस जमा करना अनिवार्य है। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्राओं से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने की अपील की है।
प्रवेश प्रक्रिया क्रमवार
महाविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण करें।
अपार आईडी (APAAR ID) सुनिश्चित करें तथा समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करें।
ऑनलाइन आवेदन एवं समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के बाद संबंधित विषय के विभाग प्रभारी/प्रवेश प्रभारी से संपर्क करें।
अपराह्न 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच महाविद्यालय में संपर्क कर प्रवेश संबंधी काउंसलिंग पूरी कराएं।
काउंसलिंग के बाद उपलब्ध सीट पर प्रवेश की पुष्टि करें।
प्रवेश की पुष्टि होने पर निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
बीए/बीएससी तथा एमए/एमएससी में काउंसलिंग करा चुकी छात्राएं एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन फीस अवश्य जमा करें।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद महाविद्यालय की कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित रहें।
‘Gen Z For Greener Tomorrow’ कार्यक्रम में युवाओं की क्षमता और पूर्वांचल की विकास संभावनाओं पर जोर, 1000 विद्यार्थियों ने लिया भाग
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टेरी एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (TERI), पीजी कॉलेज गाजीपुर, आदर्श इंटर कॉलेज, कृषि विज्ञान केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को ‘Gen Z For Greener Tomorrow’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 1000 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ एवं हरित भविष्य का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. सिंह ने वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में शिव वाटिका उद्यान में नारियल का पौधा रोपा। इसके बाद उन्होंने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों की सहभागिता से शिव वाटिका में कुल 100 पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के अपर महाअधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ गाजीपुर अजीत सिंह, TERI इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं प्राचार्य तथा यूपीपीसीबी वाराणसी के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित कुमार सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के तहत NSS के विद्यार्थियों ने गोराबाजार सब्जी मंडी में जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान चलाया। इसके बाद NSS, NCC, स्काउट्स एवं गाइड्स तथा रोवर्स एवं रेंजर्स के विद्यार्थियों ने TERI पीजी कॉलेज मैदान से विकास भवन तक जागरूकता रैली निकाली। मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने स्वर्गीय बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
डॉ. आर. पी. सिंह ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि “हमें विरासत में जो मिला है, उसे अगली पीढ़ी के लिए बेहतर बनाकर देना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि Gen Z की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार में अपार संभावनाएं हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पूर्वांचल की विकास संभावनाओं को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए इसके प्रयोग को कम करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बायोडिग्रेडेबल एवं कम्पोस्टेबल प्लास्टिक तथा PLA आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
अजीत कुमार सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कम करना, कपड़े अथवा जूट के थैलों का इस्तेमाल करना, प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना जैसे छोटे-छोटे प्रयास हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. अमित प्रताप ने किया।
इस अवसर पर संजय भटनागर, राणा प्रताप सिंह, संजीव सिंह, डॉ. बालेश्वर सिंह, डॉ. विनोद सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. अजातशत्रु सिंह, पीयूष सिंह, डॉ. दुर्गेश कुमार सिंह, डॉ. सुभाष चन्द्र गुप्त, कमला प्रसाद गुप्त सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
14 साल से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रहे समाजसेवी की गुहार, पोस्टमार्टम हाउस तक शव वाहन का रास्ता सुगम कराने की मांग
पोस्टमार्टम हाउस तक शव वाहन पहुंचने में बाधा, समाजसेवी ने डीएम से मिट्टी भरवाने की मांग की
गाजीपुर।जिले में लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने की मानवीय सेवा में पिछले 14 वर्षों से जुटे समाजसेवी कुँवर वीरेन्द्र सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर पोस्टमार्टम हाउस तक शव वाहन पहुंचने में आ रही समस्या के समाधान की मांग की है। कुँवर वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि वह पिछले 14 वर्षों से जिले में मिलने वाले लावारिस शवों को अपना मानकर, बिना किसी एनजीओ, ट्रस्ट अथवा सरकारी सहायता के पुलिस के सहयोग से उनका पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। हिंदू धर्म के अज्ञात शवों का हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार तथा मुस्लिम अज्ञात शवों को मुस्लिम विधि के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक कराया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मानवीय सेवा के लिए उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। जिलाधिकारी को दिए पत्र में उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस के बगल में पुलिस आवास की बाउंड्रीवाल बनने के कारण शव वाहन पोस्टमार्टम हाउस के गेट तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहा है। काफी मशक्कत के बाद वाहन गेट तक पहुंच भी जाता है तो वहां से बैक करना संभव नहीं हो पाता। लावारिस शव को कंधा देने वाला कोई व्यक्ति नहीं होने के कारण उन्हें पुलिस के सहयोग से काफी दूर से स्ट्रेचर के माध्यम से शव को पोस्टमार्टम हाउस के अंदर ले जाना पड़ता है। समाजसेवी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि पोस्टमार्टम हाउस के बगल में टिन शेड के पास खाली पड़ी जमीन पर मिट्टी भरवा दी जाए, ताकि शव वाहन को आने-जाने में सुविधा हो सके और इस मानवीय समस्या का स्थायी समाधान हो जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से मानवता के नाते मामले में शीघ्र आदेश जारी कर आवश्यक कार्रवाई कराने की अपील की है।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, जागरूकता रैली को जनपद न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को जनपद न्यायालय गाजीपुर, वाह्य न्यायालय सैदपुर एवं मुहम्मदाबाद तथा ग्राम न्यायालय जखनियां व जमानियां सहित अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों का सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारण कर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, छोटे एवं लघु दाण्डिक वाद, पारिवारिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, स्टाम्प एवं पंजीयन वाद, मोटर दुर्घटना दावा, चकबंदी, श्रम, उपभोक्ता फोरम, बाट-माप, कराधान तथा बिजली चोरी से संबंधित मामलों सहित सुलह-समझौते एवं मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवादों का निस्तारण किया जाएगा।राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं आमजन को विधिक सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से 2 सितंबर 2026 को जनपद न्यायालय गाजीपुर से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने आमजन से 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आमजन को सरल, त्वरित एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।जागरूकता रैली में संजय हरी शुक्ला, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण गाजीपुर, शैलोज चन्द्र, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय गाजीपुर, शक्ति सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत, विजय कुमार-IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय, नीरज गोंड, सचिव, पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजेन्द्र विक्रम सिंह, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन गाजीपुर सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, बैंक पदाधिकारी, कर्मचारी एवं पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
बाढ़ की आहट पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में उतरीं मेडिकल टीमें; 583 मरीजों का हुआ इलाज
बाढ़ की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में पहुंची मेडिकल टीमें, 583 मरीजों का उपचार
गाजीपुर(मुहम्मदाबाद)। गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद की स्वास्थ्य टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अधीक्षक डॉ. आशीष राय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने सेमरा एवं शेरपुर सहित संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देने के साथ उपचार और आवश्यक दवाओं का वितरण किया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान होने वाली मौसमी बीमारियों, बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी समस्याओं और संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। लोगों को साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए दो मोबाइल टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं, जबकि तीन टीमें स्टेटिक रूप से तैनात रहकर मरीजों की जांच और उपचार में जुटी हैं। विभाग का प्रयास है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर भी ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच के साथ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद से जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आज कुल 583 मरीजों का चिकित्सकीय उपचार किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों की यह सक्रियता बाढ़ की संभावित चुनौती के बीच ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का संदेश दे रही है।
अभियान में डॉ. असगर अली, जितेंद्र यादव (फार्मासिस्ट), वैभव कुमार (एआरओ), राजकुमार, एएनएम अर्चना बाला, सुनीता, सरोज, आशा संगिनी निर्मला राय, नंदनी राय एवं आशा पूनम सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
गाजीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा द्वारा तहसील सेवराई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नरवा घाट का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट पर पर्याप्त संख्या में नाव एवं लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाट की सीढ़ियों के नीचे बांस की जाली लगाई जाए, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जा सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इसके पश्चात जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम पंचायत बिरऊपुर एवं हसनपुरा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। आवश्यक दवाओं का वितरण भी कराया जा रहा है। साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था कर गांवों में उपलब्ध कराया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं तथा अपने बच्चों को भी पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें। सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम, सेवराई, तहसीलदार, सेवराई अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मोतियाबिंद मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन
डालिम्स सनबीम स्कूल में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा शिविर, जांच के बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए किया जाएगा रेफर
जखनिया, गाजीपुर।क्षेत्रवासियों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की ओर से 6 सितंबर 2026, रविवार को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनिया, गाजीपुर में आयोजित होगा।शिविर में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा। मोतियाबिंद का ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण विधि से किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, ऑपरेशन के लिए रेफर किए गए मरीजों को निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा, पौष्टिक भोजन, ठहरने की सुविधा, आवश्यक दवाइयां और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
यह शिविर साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। इच्छुक मरीज अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की फोटो कॉपी उपलब्ध कराकर पंजीकरण करा सकते हैं।
लोक भवन से मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण, गाजीपुर में देखा गया सजीव प्रसारण
गाजीपुर।उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत सम्पूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के एकीकृत डिजिटल समाधान के लिए लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों द्वारा लोक भवन, लखनऊ से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा करते हुए आउटसोर्स निगम की गाइड लाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा।निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में महीने के 5 तारीख तक जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी।कर्मचारी के वेतन से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी। इसी प्रकार ई0एस0आई0 के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ई0एस0आई0 अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बोझ मानती थीं। यही कारण था कि उस समय की अधिकांश आउटसोर्स कंपनियों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया जाता था। भर्ती के नाम पर, यूनिफॉर्म के नाम पर और अन्य कार्यों के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था। इस शोषण को रोकने का कार्य डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।
कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में विकास भवन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा बी.ओ.सी.डब्लू. के लाभार्थियों को डेमो चेक एवं सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया।
कर्यक्रम के दौरान ’राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने सम्बोधन कहा की आज का दिन उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में ऐतिहासिक दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। वर्षों से हमारे आउटसोर्स भाई-बहन कम मानदेय, समय से वेतन न मिलने और बिचौलियों के शोषण से परेशान थे।
मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आउटसोर्स सेवा निगम बनाकर एकीकृत डिजिटल पोर्टल, लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया है, वह श्रमिकों के सम्मान की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। अब भर्ती पारदर्शी होगी, मानदेय सीधे खाते में आएगा। गाजीपुर जनपद में भी हजारों आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हमारी सफाई कर्मी बहनों को सुरक्षा किट मिलना और बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को सहायता मिलना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। मैं सभी कर्मियों से अपील करती हूँ कि वे पूरी निष्ठा से कार्य करें, सरकार आपके साथ है।
’प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करती हूँ। आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। आउटसोर्स कर्मियों को पहले कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पोर्टल के माध्यम से सारी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। शोषण मुक्त व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर कार्य कर पाएंगे। मैं सभी लाभार्थियों को बधाई देती हूँ और सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।
’नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने अपना सम्बोधन व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हमारी रीढ़ हैं। वे सुबह से रात तक शहर को स्वच्छ रखने में लगे रहते हैं। आज उनके लिए सुरक्षा किट का वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को जो सम्मान दिया है, वह अभिनंदनीय है। आउटसोर्स निगम के पोर्टल से अब हर कर्मचारी को समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। नगर पालिका परिषद गाजीपुर अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी।
कार्यक्रम में जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स नियमों की विस्तृत जानकारी दी।’ उन्होंने बताया कि अब सभी आउटसोर्स भर्तियां केवल सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से होंगी,, आरक्षण नियम, ई0पी0एफ0/ई0एस0आई0 न्यूनतम मानदेय ₹20,000 तक सुनिश्चित किया गया है। जो मानदेय सीधे कर्मी के खाते में जायेगा कोई कमीशन नहीं, सेवा सुरक्षा रहेगी।कार्मिको के चयन में पदों के सापेक्ष तकालशुदा/परित्यक्ता महिलाओं इत्यादि को वरीयता दिए जाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को वरीयता दिए जाने के शासनादेश का उल्लेख किया गया। महीने के 5 तारीख तक खाते में पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम मे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, जिला सेवा योजन अधिकारी गौरव सिंह, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, विभिन्न विभागों से भारी संख्या मे आउटसोर्सकर्मी उपस्थित रहे।
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर डीएम अलर्ट, बोले- घबराएं नहीं, प्रशासन आपके साथ; सुरक्षित स्थानों पर जाएं
बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक
बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक
गाजीपुर।गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन के साथ खड़ा है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोग आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखें तथा उन्हें पानी में नहाने या जाने की अनुमति न दें। उन्होंने नाव संचालकों को निर्देशित किया कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी दशा में नाव का संचालन न करें। उन्होंने आमजन से तेजी से बहते पानी के पास जाकर सेल्फी न लेने और तैरने का प्रयास न करने की भी अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही बाढ़ के दौरान सबसे बड़ा बचाव है।
जनपदवासीआपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम: 112
जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0548-2224041
तहसील सदर: 0548-2221334
तहसील सैदपुर: 05495-222050
तहसील जमानिया: 05497-252074
तहसील जखनियां: 9454417089, 8739057296
तहसील मुहम्मदाबाद: 05493-242006
तहसील कासिमाबाद: 05493-252015
तहसील सेवराई: 05497-297597
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की किया कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बाढ़ से संबंधित जानकारी के लिए प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करे।