शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

पीएम के एक आह्वान पर पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है:मंत्री दयालु

गाजीपुर। भारतीय जनता पार्टी पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का रात्रि विश्राम के साथ रविवार को नगर के नंद रेजिडेंसी सभागार में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने पार्टी का ध्वजारोहण किया। उपस्थित अतिथियों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कलश पर दीप प्रज्वलित कर पं. दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भारत माता की छवि पर पुष्प अर्पित किया।


प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने “सरकार की गरीब कल्याण की योजनाएं व क्रियान्वयन मे संगठन की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन कार्यकर्ताओं को चैतन्य करने, नई तकनीकों की जानकारी देने तथा सरकार की योजनाओं एवं पार्टी के महामनीषियों के विचारों से जोड़कर रखने के उद्देश्य से किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक आह्वान पर देश के 140 करोड़ लोग राष्ट्रनिष्ठा और समर्पण भाव के साथ एकजुट होकर खड़े हो रहे हैं। सरकार और संगठन मिलकर “सबका साथ, सबका विकास और सबका सम्मान” के मंत्र के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं, जिससे देश की समृद्धि और सम्मान दोनों बढ़े हैं।


उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि समाज का प्रत्येक वर्ग आज लाभान्वित और खुशहाल है। कोरोना काल में प्रारंभ हुई गरीब कल्याण अन्न योजना आज भी निरंतर संचालित है। स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस विषय पर विपक्ष कभी उपहास करता था, वही आज जनआंदोलन बन चुका है। किसान अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त कर रहा है तथा महिलाओं, किसानों और युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आज विश्व के लिए शोध का विषय बन चुकी हैं।


इस अवसर पर जनपद में केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों तथा स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका लोकार्पण मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने फीता काटकर किया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने तथा संचालन पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने किया। प्रथम दिवस में रविवार को कुल छह सत्र आयोजित किए गए। द्वितीय सत्र “विचार परिवार” को मुख्य वक्ता नागेश्वर पांडेय ने संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश राम ने तथा संचालन महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह ने किया।नतृतीय सत्र में शलभमणि त्रिपाठी ने “देश के सम्मुख चुनौतियां” विषय पर उद्बोधन दिया। इसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष सशांक शेखर राय ने किया। चतुर्थ सत्र को जिला प्रभारी डॉ. राकेश त्रिवेदी ने “भाजपा का इतिहास एवं विकास” विषय पर संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता डॉ. शोभनाथ यादव ने तथा संचालन सुधाकर कुशवाहा ने किया।


पांचवें सत्र “कार्यकर्ता विकास” को वर्ग प्रभारी कौशलेंद्र सिंह पटेल ने संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने किया। दिन के अंतिम एवं छठवें सत्र “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर काशी क्षेत्र के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. नागेंद्र रघुवंशी ने अपने विचार व्यक्त किए। इसकी अध्यक्षता डॉ. मुराहू राजभर ने तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष दयाशंकर पांडेय ने किया।


इस अवसर पर डा राज्य सभा सांसद डा संगीता बलवंत, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, भानु प्रताप सिंह, बृजेन्द्र राय, पारसनाथ राय, कालीचरण राजभर, सीता सिंह, जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, कार्तिक गुप्ता, सुमित तिवारी, गर्वजीत सिंह, सुमन बिंद, शनि चौरसिया,राजन सिंह, अवधेश सिंह, मनोज गुप्ता सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री और एमएलसी ने वितरित किया अनुदेशकों को चेक

गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई। ऐतिहासिक वृद्धि के उपलक्ष्य में राइफल क्लब सभागार में भव्य “अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद गाजीपुर के 375 अनुदेशको का सम्मान एवं चेक वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों अंशकालिक अनुदेशक ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘चंचल‘, विधायक जनखनियां बेदी राम द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा सम्बोधित किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोक-भवन से प्रदेश भर के अंशकालिक अनुदेशक के सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण देख वा सुना गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों एवं अनुदेशकों के हितों की रक्षा हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों का योगदान ग्रामीण एवं प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा 01 अप्रैल, 2026 से मानदेय को ₹9,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह किया जाना अनुदेशकों के सम्मान एवं उनके परिश्रम का उचित मूल्यांकन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार ला रही है तथा शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं। बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा तथा वे और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। कहा कि अंशकालिक अनुदेशक बेसिक शिक्षा विभाग की रीढ़ हैं। विषम परिस्थितियों में भी अल्प मानदेय पर इनके द्वारा दी जा रही सेवाएँ सराहनीय हैं। सरकार और प्रशासन इनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।

‘प्रतिभा सम्मान‘ परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने वाले अंशकालिक अनुदेशको को अंगवस्त्रम, प्रतीकात्मक चेक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सदर के बच्चों द्वारा शिक्षा के महत्व पर आधारित लघु नाटिका और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त अतिथि गणों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह पहला ठोस कदम है जिसके फलस्वरूप वे तनावमुक्त होकर शिक्षण कार्य करेंगे एवं शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि हो सकेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागीय अधिकारियों ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत अनुदेशक विद्यालयों में खेल, कला, संगीत एवं व्यावसायिक शिक्षा जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकरी आलोक प्रसाद, परियोजना निदेशक, दीनदयाल, खण्ड शिक्षा अधिकारी, मिनहाज आलम, उदय चन्द्र राय, निलेन्द्र चौधरी, मनीष पाण्डेय, जिला समन्वयक, प्रशिक्षण सर्वजीत यादव, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० दुर्गेश प्रताप सिंह ने किया।

अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ का अधिवेशन सम्पन्न

अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ का अधिवेशन सम्पन्न

गाजीपुर। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के तीनो शाखाओं का द्विवार्षिक अधिवेशन नगर स्थित एक मैरेज हाल में रविवार को सम्पन्न हुआ। सत्र 2026-2028 हेतु सर्व सम्मति से सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चयन किया। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष पद पर रविन्द्र कुमार राव, उप डाकपाल गाजीपुर सिटी, उपाध्यक्ष विभूति राय, उप डाकपाल मालिकपुरा, सुदामा यादव, उप डाकपाल गोशन्देपुर, सुनील सिंह कुशवाहा, उप डाकपाल शादियाबद
सचिव पद पर अवधेश यादव, उप डाकपाल जंगीपुर, सहायक सचिव ओम प्रकाश सिंह, उप डाकपाल दुल्ल्हपुर, हरेन्द्र कुमार सिस्टम मैनेजर गाजीपुर, श्यामसुंदर, डाक सहायक पीरनगर, कोषाध्यक्ष पद पर राजेश राय, डाक सहायक गाजीपुर, सहायक कोषाध्यक्ष विकाश शर्मा, डी.ओ.पी.एल.आई. गाजीपुर, विनय कुमार, उप डाकपाल रामपुर

संगठन मंत्री के पद पर रतन कुमार गौंड, उप डाकपाल करंडा, सचिन, उप डाकपाल मुहम्मदाबाद, देवेंद्र प्रताप सिंह, उप डाकपाल भीमापर, गुलाब गुप्ता, डाक सहायक जमानिया और आडिटर के पद पर सरोज यादव, कार्यालय सहायक मंडलीय गाजीपुर का चयन हुआ। इस दौरान नये कार्यकारिणी के पदाधिकारीयों का माल्यार्पण कर उन्हें शुभकामनायें दी गयी। इस तरह पोस्टमैन व जीडीएस संवर्ग से अध्यक्ष पद पर विश्वानंद तिवारी, मेल ओवेर्सियर मुहम्मदाबाद, उपाध्यक्ष अमीर असलम, पोस्ट मैन प्रधान डाकघर गाजीपुर, मुसाफिर सिंह, कैश ओवेर्सियर गाजीपुर, सत्य प्रकाश यादव, पोस्टमैन बिरनों, सचिव जनार्दन सिंह यादव, मेल ओवेर्सियर सैदपुर, सहायक सचिव जसवंत यादव, पोस्टमैन प्रधान डाकघर गाजीपुर आदि का चयन किया गया। इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्ष रविंद्र कुमार राव ने कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान होने वाली समस्याओ पर प्रकाश व कहा कि हम सदैव कर्मचारी हित में कार्य करेंगे और होने वाली समस्या के लिए डाक प्रशासन से पत्राचार, मीटिंग कर उनकी समस्यायों का निस्तारण कराने का कार्य करेंगे।

मातृशक्ति का संकल्प, बेटी से रोज बात करेंगे, संस्कृति की रक्षा करेंगे

मातृशक्ति का संकल्प –बेटी से रोज बात करेंगे, संस्कृति की रक्षा करेंगे

गाज़ीपुर। विश्व हिन्दू परिषद मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान मे रविवार को जिला पंचायत सभागार में “लव जिहाद एवं धर्मान्तरण के खतरे” विषय पर जन जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं आचार पद्धति के साथ हुआ। मुख्य वक्ता रिचा राय ने इतिहास के पन्ने खोलते हुए अपने को हम किस संस्कृति के जीने वाले लोग हैं पर प्रकाश डाला। विभा श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों में संस्कार का विलोपन संयुक्त परिवार के टूटने के कारण है, इसीलिए विधर्मियों को मौका मिल रहा है। ऐसे में मातृशक्ति को ही सोचना होगा कि बच्चों को संस्कारित कैसे करें। मनोरमा राय ने लव जिहाद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार के लिए उन्हें अपने धार्मिक ग्रंथों से जोड़े। उन्होंने धार्मिक शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और जागरूकता ही हमें लव जिहाद खतरे से बचा सकती है। लव जिहाद के मूल कारणों पर ऊषा राय ने अच्छी तरह से प्रकाश डाला व मधु यादव ने आचार विचार और संस्कार बनाये रखने पर जोर दिया।

सम्मेलन की अध्यक्षता विश्व हिन्दू परिषद काशी प्रान्त मातृशक्ति सह संयोजिका अनिता सिंह ने की। मंच पर मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता स्वाति अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि उमा सिंह, दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका कु. रीमा खरवार एवं मातृशक्ति संयोजिका ज्योत्सना श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि स्वाति अग्रवाल ने लव जिहाद एवं धर्मान्तरण से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि श्रीमती उमा सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए माताओं-बहनों का मार्गदर्शन किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अनिता सिंह ने कहा कि, “जिस घर में माँ-बेटी रोज 10 मिनट हँस-बोल लेती हैं, उस घर की बेटी को कोई बहका नहीं सकता। बेटी को डराइए मत, भरोसा दीजिए ताकि वो पहली गलती पर घर आए। उन्होंने माताओं-बहनों से आह्वान किया कि बेटियों के हाथ में मोबाइल देने से पहले उन्हें रामायण का संस्कार दें। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक रविवार को गाजीपुर में संचालित विश्व हिन्दू परिषद के बाल संस्कार केन्द्रों में बेटियों को भेजने की अपील की। सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना तथा महिला हेल्पलाइन 1090 की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि मातृशक्तिव दुर्गा वाहिनी की बहनें किसी भी परिस्थिति में हर थाने तक आपके साथ चलने के लिए तत्पर हैं। “गाजीपुर की बेटी कमजोर नहीं, बस उसे जानकारी और हौसला चाहिए,” श्रीमती सिंह ने कहा।कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित समस्त मातृशक्ति ने दाहिना हाथ उठाकर संकल्प लिया।
“मैं अपनी बेटी से रोज बात करूँगी। अपनी सहेली की बेटी को भी जागरूक करूँगी। और धर्म, संस्कृति की रक्षा में मातृशक्ति का साथ दूँगी।” सम्मेलन का समापन ‘भारत माता की जय’, ‘वन्दे मातरम्’ और ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस जागरूकता अभियान को अब घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। कार्यक्रम मे जिला प्रचारक प्रभात, विपिन श्रीवास्तव, रविराज, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपा शंकर राय, ॠषि श्रीवास्तव व मातृशक्ति उपस्थित रही।

पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने विधायक ओमप्रकाश पर जमकर निशाना साधा

गाजीपुर। शनिवार को नगर स्थित एक होटल में भाजपा के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने पत्रकार वार्ता में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह द्वारा जम्‍मू कश्‍मीर के उप राज्‍यपाल पर की गयी टिप्‍पणी को निंदनीय बताया। उन्‍होने कहा कि यह टिप्‍पणी पूर्व मंत्री की घटिया सोच, उनकी हताशा और निराश को दर्शाता है। उन्‍होने बताया कि पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के लंबे राजनीतिक जीवन के उपलब्‍धि‍ के बारे में गाजीपुर की जनता कहती है कि वह भू-माफिया, शिक्षा माफिया, खनन माफिया, शराब माफिया एवं ट्रांसफर उद्योग के सरगना हैं। बिजली, सिंचाई और पीडब्‍ल्‍यूडी विभाग के इंजीनियरों, बीएसए, डीआईओएस, और बीडीओ के ट्रांसफर, पोस्टिंग का सेंटिंग एवं अधिकारियों को डरा-धमकाकर व मारपीट कर भ्रष्‍टाचार करते हैं। कई बार अवसर प्राप्‍त होने के बाद भी गाजीपुर की जनता की एक भी जरुरत पूरा नही किया और भाजपा का देश में बढ़ते हुए जनाधार से अब उन्‍हे एहसास हो गया है कि दोबारा अवसर नहीं मिलेगा। बढ़ते हुए उम्र में गिल्‍टी फील कर रहे हैं। डिप्रेशन में आकर गाली-गलौज कर रहे हैं। उन्‍होने कहा कि मनोज सिन्‍हा गाजीपुर के गौरव हैं। उनके कार्य और स्‍वभाव से गाजीपुर को देश-विदेश में एक नया सम्‍मान मिला है। मनोज सिन्‍हा ने बनारस-गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन, मेडिकल कालेज, पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे, ग्रीन फील्‍ड एक्‍सप्रेस-वे, गंगा नदी पर रेलवे ब्रिज, औडि़हार में मेमो सेड ट्रेनिंग सेंटर और गाजीपुर में रेलवे ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कराया। उन्‍होने कहा कि मैने अपने कार्यकाल में जिला अस्‍पताल, सौ बेड का महिला अस्‍पताल, ट्रामा सेंटर, स्‍टेडियम, ऑडिटोरियम, बिजली व्‍यवस्था को सुसारु बनाने के लिए ट्राली ट्रांसफार्मर, सड़क, पुल, आदि का निर्माण कराया। पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने बताया कि ओमप्रकाश सिंह सात बार विधायक, दो बार मंत्री, और एक बार सांसद रहे हैं। गाजीपुर के किसी भी जरुरत को पूरा करने के लिए कोई भी कार्य कराये हैं तो वह बताएं? उन्‍होने कहा कि मुलायम सिंह यादव के बाद सपा विचारशून्‍य और विवेकहीन पार्टी हो गयी है। सपा नेताओं में सनातन और हिंदु समाज को अपशब्‍द और अपमानित करने और पीएम मोदी व भाजपा को गाली देने की प्रतियोगिता चल रही है।

लखपति दीदियों से डीएम ने किया संवाद, समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने लखपति दीदियों से किया संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

गाजीपुर। जनपद में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (छत्स्ड) के अंतर्गत लखपति महिला कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं/लखपति दीदियों के साथ शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा रायफल क्लब में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।         कार्यक्रम में विभिन्न विकास खण्डों से आई लखपति दीदियों द्वारा अपने स्वरोजगार, बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, सीसीएल स्वीकृति एवं मार्केटिंग से  संबंधित समस्याओं एवं अनुभवों को साझा किया।
संवाद के दौरान अधिकांश महिलाओं द्वारा बैंकों से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं। महिलाओं ने बताया कि ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब, शाखाओं में समुचित सहयोग न मिलना, दस्तावेजों की बार-बार मांग तथा बैंक स्तर पर समन्वय की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित बैंक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं लखपति दीदियों को शासन की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को अनावश्यक रूप से बैंक शाखाओं के चक्कर न लगाने पड़ें तथा ऋण संबंधी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि समूह की महिलाओं से प्राप्त समस्याओं का संकलन कर उनका शीघ्र समाधान कराया जाए इसकी पाक्षिक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लखपति महिला कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है, उन्होने सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जिलाधिकारी द्वारा उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया गया कि विकास भवन परिसर एवं कलेक्ट्रेट में समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों के बिक्री हेतु सरस शो रूम स्थापित कराएं।

सी.एम. युवा के आवेदन जो समूह सदस्यों द्वारा किये गए हैं, उन्हें दो दिवस में वितरण कराये जाने हेतु सम्बन्धित बैंक अधिकारियों एवं उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया, सभी समूह सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं यथा PMSBY, PMJJY एवं अटल पेंशन योजना से आच्छादित किये जाने हेतु बैंकर्स एवं उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया गया।  उपस्थित सभी ब्लाक मिशन प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि सभी पात्र समूह सदस्यों को श्रम विभाग में पंजीकरण कराते हुए उनकी योजनाओं से लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।


     विकास खण्ड देवकली के ग्राम पंचायत पहाडपुर की उन्नतिSHG   जो ODOP  के अंतर्गत जूट वाल हैंगिंग का कार्य कर रही है, उसे सी0एम युवा उद्यमी योजना का ऋण दिलाये जाने हेतु निर्देशित किया गया ।  संवाद कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, उपायुक्त स्वतः रोजगार, उपायुक्त उद्योग, यूनियन बैंक आफ इंडिया व यू पी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक, अग्रणी जिला प्रबन्धक, जिला मिशन प्रबंधक, समस्त सहायक  विकास अधिकारी, ब्लाक मिशन प्रबन्धक एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

डेंगू से बचना है तो करें यह उपाय

गाजीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में कह रहे थे।
सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘’देखें, साफ करें, ढके रू डेंगू को हराने के उपाय करें। इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जे एन सिंह ने कहा कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।    
कार्यक्रम का संचालन कर रहे सहायक मलेरिया अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

डीएम और एसपी ने किया शिकायतों का निस्तारण

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु तृतीय शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील सेवराई में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा की उपस्थिति में तहसील सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिसमे 203 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 22 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातांे तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 585 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर  65 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।


जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को सम्बंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से सम्बन्धित होते है इसलिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, डी सी मनरेगा विजय कुमार यादव, तहसीलदार सेवराई, एवं समस्त जनपदस्तरीय  अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यकाल नहीं बढ़ा तो सरकार के खिलाफ जाएंगे प्रधान

गाजीपुर। सदर ब्लॉक के सभागार में प्रधान संघ की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मदन सिंह यादव ने की तथा संचालन योगी सिंह यादव ने किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 मई तक 15वें वित्त, पांचवें वित्त तथा मनरेगा के अंतर्गत पक्के कार्यों के लंबित भुगतान को पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जब तक सरकार द्वारा प्रशासक के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ग्राम पंचायत का कोई कार्य नहीं किया जाएगा।
प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाती है अथवा उन्हें वित्तीय अधिकारों के साथ प्रशासक नियुक्त करती है, तो संगठन सरकार का समर्थन करेगा। वहीं, यदि एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता है, तो संगठन सरकार का विरोध करेगा तथा वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में 20 मई को लखनऊ नहीं जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में रजाई यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, सैदपुर), बलवंत सिंह, संजय यादव, रामेश्वर यादव, राम प्रसाद यादव, सुभाष यादव, महेंद्र पाल, बृजलाल यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, मोहम्मदाबाद), शशिकांत शर्मा, गोपाल पारसी, सोनू यादव, सत्यदेव यादव, जमालुद्दीन खान, जमशेद राईनी, आशुतोष मौर्य, शोएब, जनार्दन यादव, मोहन यादव, राजेश यादव, प्रदीप यादव, संजय यादव, अवधेश यादव, जवाहर बिंद, विपिन बिंद, कल्पना यादव, सिराज खान, ऋषिकेश यादव, गयासुद्दीन खान, श्रीमान यादव, सोनू यादव, रामानंद यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, जमानिया), रमेश यादव (महासचिव, सादात), जुबेर अहमद सहित बड़ी संख्या में प्रधान उपस्थित रहे।

अधिवक्ताओं ने दी बच्चों को उनके मौलिक अधिकार की जानकारी

आर्टिकल 21 (A) के तहत प्रत्येक बच्चे को शिक्षा जीवन का सर्वांगीण विकास का मौलिक अधिकार – जिला अधिवक्ता कल्याण समिति
गाजीपुर। जिला अधिवक्ता कल्याण समिति विधिक जागरूकता पर आधारित संस्था बी-लीगल के तत्वावधान में संचालित नो योर राइट्स कैंपेन में 14 मई 2026 को डिलियां क्षेत्र स्थित लोक भारती इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।


सेमिनार में उपस्थित आर एन सिद्दकी ने संविधान को विस्तृत रूप से बच्चों के मध्य रखते हुवे संविधान के अनुच्छेद के संबंध में और संविधान की अधिकारों के ताकत से अपने अधिकारों को कैसे प्राप्त करे उसपर विस्तृत चर्चा कर अवगत कराया कि, संविधान के मौलिक अधिकार के तहत बच्चों को किसी भी प्रकार का प्रति व्यक्ति शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती है साथ ही मुफ्त शिक्षा और उचित स्कूल की व्यवस्था करना भी सरकार का दायित्व है।

उपस्थित न्यायालय वाराणसी के अधिवक्ता धनंजय सिंह ने मौलिक अधिकार के संबंध में विस्तृत चर्चा कर मौलिक अधिकारों में बताया कि, यह कानून बच्चों को शिक्षा पाने का संवैधानिक अधिकार देता है। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करे। इस अधिकार के तहत यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी बच्चा प्रथमिक शिक्षा से वंचित न रहे। जिला न्यायालय के अधिवक्ता राकेश कुमार ने बताया कि Article 21A प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत राज्य 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान करता है।


उन्होंने कहा कि उक्त आर्टिकल 21 (A) को भारतीय संविधान के 86वें संशोधन अधिनियम 2002 के तहत जोड़ा गया तथा इसे लागू करने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) Act 2009 को (4 अगस्त 2009) को पारित किया जो (1 अप्रैल 2010) से प्रभावी हुआ। उपस्थित अधिवक्ता चंद्र मोहन सिंह ने आर्टिकल 21a में शिक्षा के अधिकार के तहत अवगत कराया कि शिक्षा वह प्रक्रिया है, जिससे मनुष्य अपने अंदर की क्षमताओं की विकसित कर, समाज में सही तरीके से जीवन जीना सीखता है। जो मानव ज्ञान, कौशल, मूल्य, संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा प्राप्त करता है। मूलभूत अधिकार जीवन का अधिकार केवल शारीरिक अस्तित्व तक सीमित नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करता है।

इस दौरान प्रोफेसर आनंद कुशवाहा ने कहा कि बी-लीगल का प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाये जिससे समाज में और भी सशक्तता का वातावरण बनें और इसके लिए सामाजिकता के साथ संवैधानिकता का समन्वय आवश्यक है। इस अवसर पर सेमिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजित हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रश्नों का उत्तर दिया । जिसके उपरांत छात्रों में से लिस्नर ऑफ द डे का चयन किया गया। लिस्नर ऑफ द डे के रूप में चयनित कक्षा 10 की छात्रा शिवानी यादव को संविधान की एक प्रति टीम लीगल द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अंत में कॉलेज के प्रिंसिपल ओमप्रकाश यादव द्वारा बी-लीगल संस्था द्वारा संचालित विधिक जागरूकता कार्यक्रम को सराहते हुए कहा कि कॉलेजों में इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजनों से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उमंग के साथ सशक्तता का भाव उत्पन्न होता है साथ ही सम्मानित अधिवक्ता सहित पुरी टीम का आभार व्यक्त किया। सेमिनार का संचालन डीके विश्वा ने किया।

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