शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने दी कई विषयों पर मनमोहक प्रस्तुति

गाजीपुर। ‘संत बूला सांस्कृतिक क्लब’ राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयोजन में महाविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का आयोजन मंगलवार को किया गया। इस आयोजन में एकल नृत्य हेतु 22 छात्राओं ने, सामू‌हिक नृत्य में 20 समूहों ने, एकल गीत गायन में 18 छात्राओं ने, समूह गीत गायन में 05 समूहों ने, तथा अभिनय में कुल 05 छात्राओं ने अपनी प्रस्तुती दी। भारतीयता, मूल्य, सद्भाव, जिजीविषा, उत्साह, उल्लास, लोक, शिक्षा, नारी शक्ति, उत्सव, पर्व एवं विविधता में एकता जैसे विषयों को छात्राओं ने अपनी प्रस्तुती के माध्यम से प्रद‌र्शित किया।

निर्णायक मण्डल डॉ. शशिकला जायसवाल, डॉ. सारिका सिंह एवं डॉ. शिखा सिंह ने सभी छात्राओं की प्रस्तुतियों का सूक्ष्म एवं गहन निरीक्षण कर उनका मूल्यांकन करते हुए अपना निर्णय प्रस्तुत किया। एकल गीत गायन में इन्दा चौधरी को प्रथम स्थान, सामूहिक गायन में संध्या एवं उनकी साथियो को प्रथम स्थान, एकल नृत्य में श्वेता कुमारी रावत को प्रथम स्थान, सामूहिक नृत्य में बैष्णवी एवं उनकी साथियों को प्रथम स्थान तथा अभिनय के एकल वर्ग में स्नेहा वर्मा एवं समूह में शिवांगी राय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।

इस बात को सभी ने महसूस किया कि स्नेहा एक उभरती हुई कलाकार हैं। स्नेहा के अभिनय एवं भाव- भंगिमा का कहना ही क्या था। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने कहा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति से पह‌चाना जाता है। भारत की गौरवशाली संस्कृति सदियों से प्रवाहमान है। हम सब उसके संवाहक हैं। संस्कृत मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं भातखण्डे विश्वविद्यालय की यह पहल अपनी संस्कृति को सजोने -सवारने में एक मील पत्थर साबित होगी ।

निर्णायक मण्डल की सदस्य डॉ. शशिकला जायस‌वाल ने कहा कि सभी के प्रदर्शन बहुत अच्छे थे। इतना अच्छा था कि हमे चयन करते में बहुत मुश्किल हो रहा था। डॉ. सारिका सिंह ने कहा कि आप सभी बहुत परिश्रमी एवं ऊर्जावान हैं। सबका प्रदर्शन उत्कृष्ट है, पर चयन हमें किसी एक का करना था। डॉ. शिखा सिंह ने कहा कि कोई भी परिणाम अंतिम नहीं होता। अभी कई और कार्यक्रम होगे। जिनका इसमें स्थान नहीं लगा वह अगली बार स्थान पायेंगे।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. निरंजन कुमार यादव ने कहाँ इस कार्यक्रम की तरह ही हमारी संस्कृति अद्भूत, अतुलनीय और मनोहारी हैं। इसे संरक्षित करना है, इसमें श्री वृद्धि करना है, जडताओ और पूर्वाग्रह से मुक्त हो इसके सद्भाव एवं सौहार्द को चतुर्दिक प्रसार करना है । इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार सहित डॉ. रामनाथ केसरवानी ,डा राजेश कुमार यादव, डा मनीष सोनकर,डा आनंद चौधरी, पीयूष सिंह आदि शिक्षकगण और छात्राएं उपस्थित रही।

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर राजनैतिक दलों के साथ डीएम ने की बैठक

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा विस्तार से अनमैप्ड मतदाताओं को नोटिस  से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गयी और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण से फीडबैक लेते हुए इस कार्य में आ रही कठिनाईयों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 06 जनवरी 2026 को निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन किया गया है तथा 06 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक दावा एवं आपत्तियाँ प्राप्त की जा रही है। दावा एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया नोटिस चरण, सुनवाई, सत्यापन 06 जनवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जाएगी तथा 06 मार्च 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि आयोग द्वारा निर्धारित चार अर्हता तिथियों (01 जनवरी 2026 के अतिरिक्त, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026) को जिस युवाओ की उम्र 18 हो रही है  सभी अर्ह मतदाता निर्धारित प्रपत्रों (फार्म-6) एंव ऑन लाइन पक्रिया के माध्यम से  आवेदन कर अपना नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करा सकते है। उन्होंने अवगत कराया कि ऐसे युवा मतदाता जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं तथा जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे घोषणा पत्र सहित फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आलेख्य प्रकाशित नामावली में सम्मिलित नाम को हटाने हेतु फार्म 7, व विद्यमान मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि में संशोधन करने या मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रति स्थापन, दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन करने एवं निवास स्थान परिवर्तन हो जाने के संबन्ध  में फार्म-8 घोषणा पत्र के साथ बीएलओ के पास जमा कर सकते है। उन्होंने समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि अधिक से अधिक संख्या में फार्म-6,7 एवं फार्म-8 भरवाने हेतु नियुक्त बीएलए को निर्देशित करने का कष्ट करें।
 जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में अधिक से अधिक युवा मतदाताओं के नाम सम्मिलित करने हेतु ECINETmobile app  और htttp//voters.eci.gov.in  के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नागरिकों को व्यापक रूप से जागरूक किया जाए।
बैठक मे उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार एवं राजेश कुमार सपा, रविकान्त राय कांग्रेस, सुभाष राम सिपाही बसपा, दशा शंकर पाण्डेय भाजपा, जावेद अहमद आप पार्टी,  उपस्थित थे।

सपना सिंह और कृष्ण बिहारी ने वितरित किया विद्युत चाक व पग मिल

कुम्हारो को मिला निशुल्क विद्युत चाक व पग मिल
गाजीपुर।राम लक्ष्मण जानकी मन्दिर कुम्हार वंशज रौजा के प्रांगण में मंगलवार को माटी कला बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025 2026 के विद्युत चाक व पग मिल का जिन लाभार्थियों का चयन हुआ था उन सभी को टूल किट्स का वितरण किया गया ।

वितरण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह तथा विशिष्ठ अतिथि कृष्ण बिहारी राय पुर्व जिला अध्यक्ष भाजपा के द्वारा 50 विद्युत चाक 5 पग मिल का निशुल्क वितरण किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रजापति समाज को मिलने वाली सुविधावो पर विस्तृत जानकारी अमिता श्रीवास्तव जिला ग्रामोद्योग द्वारा टुल किट वितरण पर अमिता श्रीवास्तव द्वारा जानकारी दी गई ।

निःशुल्क विद्युत चाक व पग मिल पाकर मिट्टी कलाकारों के चेहरे खिल गए । इस कार्यक्रम मे आये हुए अतिथियो को प्रजापति कुम्हार संघ के जिलाध्यक्ष राजन कुमार प्रजापति ने अंग वस्त्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


कार्यक्रम मे डा प्रभुनाथ प्रजापति, रमाकांत प्रजापति, श्याम नारायण प्रजापति, प्रभुनाथ, सुभाष प्रजापति, प्रजापति मुकेश प्रजापति ,शैलेश प्रजापति, नरेश प्रजापति ,,पवन कुमार ,राजेश कुमार , और प्रजापति समाज के लोग काफी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपनारायण सिंह ने किया।

विधायकों संग जिलाध्यक्ष पहुंचे डीएम के पास, लगाया आरोप

एसआईआर को लेकर सपा का आरोप

गाजीपुर। जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम एसआईआर के मतदाता ड्राफ्ट आने के बाद अब दूसरे फेज में फार्म 6 के माध्यम से नाम दर्ज करने और फॉर्म 7 के माध्यम से नाम कटवाने और जिन मतदाताओं का नाम अनमैपड रह गया है उन्हें निर्वाचन विभाग के द्वारा नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस प्राप्त करने वाले लोग अपना वैध प्रपत्र देकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कर रहे हैं। इन्हीं सब कार्यों के बीच समाजवादी पार्टी के द्वारा एक बड़ा आरोप भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन विभाग पर लगाया गया है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष और पन्ना प्रभारियों ने फर्जी तरीके से फॉर्म 7 भरकर और फर्जी हस्ताक्षर कर बीएलओ पर दबाव बनाकर पीडीए मतदाता और खासकर मुस्लिम मतदाता का नाम कटवा रहे हैं।

इस सब मामलों को लेकर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जंगीपुर, सदर और मोहम्मदाबाद के विधायक भी ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। इन सभी लोगो ने पत्र सौप कर इस धांधली को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि अभी इस पर प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो वह आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने को बढ़ेंगे। इतना ही नहीं जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे जिला अध्यक्ष ने अपने हाथों में सैकड़ो फॉर्म साथ भी लिए हुए थे जो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भरकर बीएलओ के पास दिए हुए थे लेकिन समाजवादी पार्टी के BLO और कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर फॉर्म छोड़कर भाग गए थे।

इस पूरे मामले पर जिला अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि कुछ बूथों पर फॉर्म 7 के माध्यम से कुछ आपत्तियां मिली हुई है और उन्हीं को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी मिला हुआ था और इसी को लेकर जिला अधिकारी के द्वारा सभी पार्टी के पदाधिकारी की एक बैठक भी बुलाई गई थी जिसमें बताया गया है कि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक सिर्फ इस मामले में आपत्तियां प्राप्त करनी है और इस तरह की आपत्ति करने का अधिकार सभी पार्टियों को है और ऐसे में यदि कोई भी आपत्ति देता है तो हमारे बीएलओ को या फिर हमारे अधिकारियों को वह आपत्तियां लेनी पड़ेगी। ऐसे में ध्यान देने वाली बात यह है कि जो भी आपत्ति करता है वह इस विधानसभा का होना चाहिए जो विधानसभा का आपत्ति दे रहा है अगर यदि BLO उस आपत्ति को सही मान रहा है तब उसे आपत्ति पर नोटिस जारी किया जाएगा और इस मामले पर सुनवाई की जाएगी। बगैर सुनवाई का किसी का भी नाम नहीं काटा जाएगा।

300 रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित

गाजीपुर में सम्पन्न हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन एवं जीवन रक्षक सम्मान समारोह,
300 रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित

गाजीपुर। जीवन रक्षक फाउंडेशन के तत्वावधान में राष्ट्रीय सम्मेलन एवं जीवन रक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन रविवार को शहनाई पैलेस, बन्धवा, में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह में रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गाजीपुर जनपद के अतिरिक्त भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों के 300 रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा निस्वार्थ सेवा करने वाले रक्तदाताओं को सम्मान प्रदान कर हौसला अफज़ाई करना रहा। इस अवसर पर चयनित रक्तदाताओं को समारोह के मुख्य अतिथि अभिनव सिन्हा के द्वारा सम्मानित किया गया। जिसमें शतकवीर रक्तदाता, अर्धशतकवीर रक्तदाता, उत्तर प्रदेश के कुल 15 जनपदों व गाजीपुर के 250 रक्तदाता सम्मिलित हुए। समारोह में 3 विशेष सम्मान प्रदान किये गये।

जिसमें रक्त शिरोमणि सम्मान वाराणसी से आये 58 वर्षीय श्री प्रदीप इसरानी जी को 245 बार रक्तदान करने के लिए प्रदान किया गया। चिकित्सा शिरोमणि सम्मान होम्योपैथिक डॉक्टर एम. डी. सिंह को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में योगदान सराहनीय रहा। जब लोग भय और असमंजस में थे, उस समय भी वे निरंतर आमजन के संपर्क में रहे और पूरी निष्ठा से रोगियों का उपचार करते रहे, उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब मरीजों को निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध कराईं तथा उन्हें मानसिक और चिकित्सकीय संबल प्रदान किया। श्रेष्ठ सेवा शिरोमणि सम्मान वर्षों से 2300 से अधिक लावारिस लाशों के वारिस बन कर उनका अन्तिम संस्कार करने वाले कुंवर वीरेन्द्र सिंह को देकर सम्मानित किया गया।

शतकवीर रक्तदाताओं में महाराष्ट्र के दीपक शामसुन्दर शुक्ला व वाराणसी के राजेश गुप्ता को प्रदान किया गया। अर्धशतकवीर रक्तदाताओं में गाजीपुर से ब्रज भूषण दूबे, मिर्जापुर से अभिषेक साहू, कृष्णानन्द हैहयवंशी, वाराणसी से बी.एच.यू ब्लड बैंक प्रभारी डाॅ. आशुतोष सिंह, आशीष केशरी, गोरखपुर से अमर सिंह, भदोही से सर्वेश कुमार शुक्ला, राहुल दूबे व अंबेडकरनगर से सूरज गुप्ता को सम्मानित किया गया, साथ ही सुनिल सिंह (वाराणसी), बिपीन दूबे (आजमगढ़), हिमांशु द्विवेदी ( सिद्धार्थनगर), गुरमीत सिंह (फतेहपुर), रणजीत यादव व विनय कुशवाहा (अयोध्या) को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के संस्थापक शीर्षदीप शर्मा ने कहा कि रक्तदान मानव जीवन की रक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति से नियमित रक्तदान की अपील की।
समारोह में चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का संचालन सचिव डाॅ. उरूज फात्मा, सह-सचिव सुरजीत कुमार व संजीव अरूण कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम के दौरान अभिनव सिन्हा, अविनाश जायसवाल (अध्यक्ष नगर पंचायत दिलदारनगर) , डॉ डी. पी. सिंह, डॉ सानंद सिंह , डॉ अनिता कुमारी प्राचार्या (प्राचार्या महिला महाविद्यालय) अमरनाथ तिवारी , मंटू प्रधान ,अनुराग सिंह , प्रभाकर त्रिपाठी, अतुल सिंह, तृप्ति श्रीवास्तव इत्यादि उपस्थित रहें। समापन आभार ज्ञापित करते हुए संस्था के अध्यक्ष मनीष कुमार पाल ने रक्तदान जागरूकता संकल्प के साथ किया गया।

प्रभारी मंत्री ने किया उप निबंधक सदर एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय का भूमि-पूजन

गाजीपुर।जनपद के प्रभारी मंत्री राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश का एक दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान उन्होने मेघबरन सिंह हॉकी अकादमी करमपुर गाजीपुर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के उद्घाटन कार्यक्रम एवं आर टी आई ग्राउण्ड गाजीपुर के बगल मे उप निबंधक कार्यालय सदर एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय का भूमि पूजन कार्यक्रम मे प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप  मे प्रतिभाग कर पूजन अर्चन किया।
मंत्री जी के जनपद के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मेघबरन सिंह हॉकी अकादमी करमपुर गाजीपुर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह मे प्रतिभाग कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। तत्पश्चात मंत्री जी  जनपद मुख्यालय पहुचे। वहां उन्होने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह सभागार मे जनप्रतिनिधियों से भेट/वार्ता, पार्टी संगठन के साथ समन्वय बैठक की। तत्पश्चात मंत्री आर टी आई ग्राउण्ड नवीन स्टेडियम के बगल मे उप निबंधक कार्यालय सदर एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय निर्माण लागत 355.76 लाख का भूमि पूजन कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप  मे उपस्थित होकर शिलांन्यास किया। मंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा कि  किरायानामा विलेख पर पहले कुल किराया पर नगरीय क्षेत्र में 04 प्रतिशत की दर से स्टाम्प तथा ग्रामीण क्षेत्र में 02 प्रतिशत की दर से स्टाम्प लिया जाता था, जिसमें उ०प्र०स्टाम्प रजिस्ट्रेशन की अधिसूचना दिनांक 19.11.2025 के द्वारा 10 वर्ष अवधि तक के किरायेनामा पर स्टाम्प न्यूनतम 500/ एवं अधिकतम 10000/- निर्धारित किया गया है, तथा निबन्धन शुल्क भी न्यूनतम 500/- एवं अधिकतम 10000/- निर्धारित किया गया है। दान विलेखों के माध्यम से आवासीय, कृषि व व्यवसायिक, औद्योगिक सम्पत्तियों के अन्तरण पर परिवार के सदस्यों यथा पुत्र, पुत्री, पिता, माता पति पत्नी पुत्रबधू पुत्र की पत्नी सगा भाई सगे भाई के मृतक होने की दशा में उसकी पत्नी, सगी बहन दामाद पुत्री का पति पुत्र/पुत्री के पुत्र/पुत्री के पक्ष में अधिकतम 5000/- का स्टाम्प शुल्क किया गया है। इससे उपर का स्टाम्प शुल्क से छूट प्रदान किया गया है। महिलाओं के पक्ष में अन्तरण विलेखों पर पहले दस लाख की मालियत पर एक प्रतिशत स्टाम्प कम लगता था, जिसको अधिसूचना दिनांक 19.07.2025 के द्वारा महिलाओं के पक्ष में एक करोड़ के अन्तरण विलेखों पर स्टाम्प छूट प्रदान की गयी है। एक प्रतिशत का स्टाम्प शुल्क कम किया गया है। इस प्रकार नगरीय क्षेत्र में 07 प्रतिशत की जगह 06 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 05 प्रतिशत की जगह 04 प्रतिशत किया गया है। इस अवसर पर नगर पलिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक ईरज राजा, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य,अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सुनिल सिंह, जिला महामंत्री भाजपा प्रवीण सिंह, डी0आई0जी0 स्टाम्प वाराणसी मण्डल वाराणसी ऋषिकेश, स्टाम्प निबन्ध एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण के साथ पार्टी के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

छात्राएं कल्चर क्लब प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए यहाँ कराएं अपना पंजीकरण

गाजीपुर। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा संचालित ‘ कल्चर क्लब’ के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में संत ‘ बूला कल्चर क्लब’ के तत्वावधान में बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा समारोह) को हुआ। इसके अंतर्गत भव्य साँस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 3 फरवरी 2026 को होना सुनिश्चित है। इसमें स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। कल्चर क्लब प्रभारी डॉ निरंजन कुमार यादव ने बताया कि साँस्कृतिक कार्यक्रमों में गायन (एकल और सामूहिक), नृत्य ( एकल और सामूहिक), अभिनय ( एकल और सामूहिक) और झाँकी का प्रस्तुतीकरण होना है। छात्राएं इन प्रतियोगिताओं में से अधिकतम किसी दो प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकती हैं। इस सभी कार्यक्रमों में ध्यान देने योग्य बात यह है कि सभी प्रस्तुति भारतीय संस्कृति एवं मूल्य के अनुरूप हो। प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने बताया कि अब तक कल्चर क्लब के सदस्यों द्वारा 20 कार्यक्रमों की सूची प्राप्त हो चुकी है। इस कार्यक्रम को लेकर छात्राओं में काफी उत्साह है। महाविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार छात्राएँ इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए क्लब की सदस्य डॉ. सारिका सिंह एवं डॉ. शिखा सिंह के पास अपना पंजीकरण अवश्य करा लें।

ऑर्गेनिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी में विजेता छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

गाजीपुर। सोमवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग व जिले के क्वींस अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में 15 दिवसीय ब्यूटी एंड वैलनेस कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यशाला का समापन व प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. (डॉ) अनिता कुमारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य व प्राध्यापको द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया।

इस दौरान प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशाला छात्राओं के कौशल विकास व आर्थिक आत्मनिर्भर बनने में मील का पत्थर साबित होंगी। कार्यशाला की कॉर्डिनेटर डॉ शिखा सिंह ने छात्राओं से कार्यशाला का फीडबैक लिया व छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस आधुनिक व डिजिटल युग में प्रेजेंटेबल दिखना कामकाजी व अन्य महिलाओं के लिए आज की जरूरत बन चुकी है।

कार्यशाला समिति के सदस्य डॉ सारिका सिंह व डॉ रामनाथ केसरवानी ने छात्राओं को स्वावलंबी व आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिए प्रेरित किया। हिंदी विभाग प्रभारी डॉ संगीता ने छात्राओं को अंदर से स्वस्थ साथ ही बाहर से सुंदर दिखने में इस कार्यशाला के अति प्रासंगिक होने पर छात्राओं व पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम का सफल संचालन आयुष्री सिंह व छात्राओं सुमना व प्रिया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शिखा सिंह ने किया। कार्यशाला के दौरान ऑर्गेनिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी में प्रथम स्थान अनुष्का व प्रतिभा, द्वितीय स्थान निक्की व अनामिका और तृतीय स्थान यासमीन और रोशनी ने प्राप्त किया व प्राचार्य द्वारा इन्हें प्रमाण पत्र से पुरस्कृत भी किया गया। कार्यशाला के सफल संचालन व संयोजन के लिए प्राचार्य जी ने डॉ शिखा सिंह, आयुष्री सिंह, सुप्रिया सिंह, शिवानी यादव, सुनिधि यादव व नेहा यादव को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।

केन्द्रीय बजट में गाजीपुर एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का सुनहरा अवसर: प्रो. राघवेन्द्र

केन्द्रीय बजट में गाजीपुर एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का सुनहरा अवसर: प्रोफेसर राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। केन्द्रीय बजट 2026–27 भारत को “विकसित भारत” की दिशा में ले जाने वाला एक संतुलित और दूरदर्शी बजट है। यह बजट राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, बलिया क्षेत्र के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। उक्त वक्तव्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय प्राचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा।
उन्होंने ने कहा कि इस बजट में पूंजीगत व्यय को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। बुनियादी ढाँचे में यह निवेश सड़क, रेल, जलमार्ग और शहरी विकास के माध्यम से स्थानीय रोजगार, व्यापार और उद्योग को मजबूती देगा। साथ ही राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने और ऋण-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत अनुमानित करने से आर्थिक अनुशासन भी सुनिश्चित किया गया है।
परिवहन क्षेत्र में बजट की एक ऐतिहासिक घोषणा 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों की है। इनमें दिल्ली–वाराणसी एवं वाराणसी – सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसका प्रत्यक्ष लाभ गाजीपुर, वाराणसी , बलिया जैसे पड़ोसी जिलों को भी मिलेगा, जिससे छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए आवागमन सुगम होगा तथा समय और लागत की बचत होगी।
इसी प्रकार, अंतर्देशीय जलमार्गों को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। अगले पाँच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्गों हेतु शिप-रिपेयर और मेंटेनेंस इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। गंगा नदी के तट पर स्थित गाजीपुर जनपद को इससे सस्ते परिवहन, कृषि-उत्पादों की बेहतर ढुलाई और स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। प्रत्येक जनपद में महिलाओं के लिए हास्टल निर्माण से महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा तथा गम्भीर बिमारियों के दवाओं के दाम में कमी से आमलोगों को राहत मिलेगा।
प्रोफेसर पाण्डेय कह कि बजट में उद्योग और रोजगार सृजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना (ECMS) का आउटले बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया है, जिससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही बायोफार्मा शक्ति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ और एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान गाजीपुर जैसे जिलों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को नई गति देगा।
समग्र रूप से यह बजट स्पष्ट करता है कि वाराणसी, गाजीपुर एवं बलिया जैसा क्षेत्र विकसित भारत की यात्रा में केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि विकास के सक्रिय केंद्र बनेंगे। यह बजट संतुलित, समावेशी और दीर्घकालिक विकास का सशक्त दस्तावेज है।

बजट में छात्र नेता ने उठाया विश्वविद्यालय का मुद्दा, कहा……


गाजीपुर। जारी हुए केन्द्रीय बजट 2026-27 पर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आंकड़ों में चमकता भारत, पर गाजीपुर के धरातल पर शिक्षा का अंधेरा” है। कहा कि “केन्द्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन, गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा और डिजिटल लैब्स जैसे छात्रहितैषी कदम सराहनीय हैं। परंतु, बड़ा सवाल यह है कि क्या ये घोषणाएं कागजों से निकलकर धरातल पर उतर पाएंगी? अक्सर सरकारी फाइलें तो चमकती हैं, लेकिन आम छात्र का जीवन वहीं खड़ा रह जाता है। इसका सबसे ज्वलंत प्रमाण जनपद है। केंद्र सरकार की ‘सामाजिक प्रगति सूचकांक रिपोर्ट’ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गाजीपुर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। विडंबना देखिए, सर्वाधिक 350+ महाविद्यालयों वाला यह जनपद आज भी विश्वविद्यालय विहीन है। जब तक जिले में स्वतंत्र विश्वविद्यालय जैसा बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होगा, तब तक बजट के ये भारी-भरकम आंकड़े युवाओं के लिए केवल एक ‘चुनावी जुमला’ बनकर रह जाएंगे। विकास केवल बिल्डिंग बनाने से नहीं, बल्कि जिले की मेधा को स्थानीय स्तर पर ‘क्वालिटी एजुकेशन’ और ‘रिसर्च’ का मंच देने से होगा। सरकार अपनी ही रिपोर्ट का सम्मान करे और गाजीपुर को तत्काल विश्वविद्यालय का हक दे।

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