प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

गाजीपुर। जनगणना 2027 के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने और नागरिकों को जाति दर्ज कराने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए जातिगत आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आंकड़े सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में जातिगत सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक आंकड़े जुटाने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार को भी जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल कर जातिगत आंकड़े एकत्र करने चाहिए। साथ ही जाति संबंधी जानकारी दर्ज करते समय त्रुटियों को कम करने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश की आबादी में पिछड़े वर्गों की बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन उनकी वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और जरूरतों का सही आकलन मुश्किल होगा। कांग्रेस सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी मिलने पर ही सरकार उनके लिए प्रभावी नीतियां तैयार कर सकती है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता, भागीदारी और न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
इस दौरान हामिद अली, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, सुमन चौबे, राशिद, उषा चतुर्वेदी, शबीहूल हसन, रईस अहमद, ताहिर अब्बासी, कुंदन खरवार, संतोष कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा और आदिल सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शाह फ़ैज़ स्कूल में मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल में संस्थापिका मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

संघर्ष, सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण को किया गया याद, जरूरतमंदों में बांटी गई राशन सामग्री

गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर में सोमवार को विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस समारोह का आयोजन श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्यों, सुविचारों, कविताओं और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा कराई। उन्होंने कहा कि मैडम सईदा फ़ैज़ का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार और आदर्श आज भी विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए निदेशक डॉ. नदीम अधमी द्वारा भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद किया गया।

अपने संबोधन में निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान को विस्तार से साझा किया। उन्होंने उनकी विभिन्न उपलब्धियों और दूरदर्शी सोच को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

निदेशिका डॉ. मीना अधमी ने मैडम फ़ैज़ के पारिवारिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने उनके साथ बिताए विद्यालय जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैडम फ़ैज़ से उन्होंने एक महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की—किसी व्यक्ति की कमजोरी को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदैव दूसरों की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखा, जो उनके व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है।

इस अवसर पर वक्ता लव कुश पांडेय ने कहा कि शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल मैडम सईदा फ़ैज़ की तपस्थली रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यालय के प्रत्येक कोने में दिखाई देता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि “शरीर नश्वर है, किंतु महान व्यक्तित्वों की आत्मा और उनके आदर्श सदैव अमर रहते हैं।”

कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विद्यालय परिवार की ओर से गाज़ीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण भी किया।

हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान: जनपद न्यायाधीश

हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान : जनपद न्यायाधीश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, न्यायिक अधिकारियों ने रखे विचार

गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव के निर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत विविध भाषाओं, जातियों और धर्मों वाला विशाल देश है। व्यापार, संस्कृति और सामाजिक संबंधों के कारण देश के विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में आपसी संवाद और व्यवहारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है, जिसे अधिक से अधिक लोग आसानी से समझ और बोल सकें। उन्होंने कहा कि हिंदी लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है। हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं सम्मान सुनिश्चित करना है, क्योंकि हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और बंधुत्व को मजबूत करने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय हरी शुक्ला ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना है। जब तक हिंदी का व्यवहारिक रूप से अधिकाधिक प्रयोग नहीं होगा, तब तक इसके विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह ने कहा कि भाषा विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति अपने विचार, भाव-भंगिमा और अनुभव भाषा के माध्यम से ही दूसरों तक पहुंचाता है। हिंदी इस अभिव्यक्ति को सहज और प्रभावी बनाने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड ने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है। भारत में बड़ी संख्या में लोग हिंदी का प्रयोग करते हैं। भाषा विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भाषाई विविधता के बावजूद हिंदी राष्ट्रीय एकता और आपसी संवाद को मजबूत करने में सहायक है ।संगोष्ठी में अपर सिविल जज (जू.डि.) हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) मोनी वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी एवं राजन पाण्डेय ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्वेता वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03, संजय के लाल, स्पेशल जज (ईसी एक्ट), राम अवतार प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-01, विजय कुमार-चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-01 सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, विद्वान अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को राहत, साइबर सेल ने लौटाए 5.57 लाख रुपये

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को गाजीपुर साइबर सेल ने दिलाई राहत, 5.57 लाख रुपये कराए वापस

बैंकों और डिजिटल पेमेंट संस्थानों से समन्वय कर ठगी की रकम कराई होल्ड, विधिक प्रक्रिया के बाद पीड़ितों के खातों में लौटाई धनराशि

गाजीपुर। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों, एटीएम/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गाजीपुर साइबर सेल ने 92 पीड़ितों को राहत दिलाते हुए कुल 5 लाख 57 हजार 44 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराकर वापस उनके बैंक खातों में पहुंचाई है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी साइबर के मार्गदर्शन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल को गृह मंत्रालय के अधीन I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के MRM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर सेल की टीम ने शिकायतें प्राप्त होते ही संबंधित बैंकों, डिजिटल पेमेंट गेटवे और अन्य वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों से समन्वय स्थापित किया। साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर की गई धनराशि को समय रहते होल्ड और लीन कराया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर कुल 5,57,044 रुपये की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई गई।

92 पीड़ितों को मिली राहत

साइबर सेल की इस कार्रवाई से जनपद के 92 आवेदक/पीड़ित लाभान्वित हुए। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत धनराशि को सुरक्षित कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस की अपील

गाजीपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer अथवा अन्य स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचें।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, ठगी की घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर सेल की टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक विवेक पाठक (प्रभारी, साइबर क्राइम सेल), आरक्षी शिवम सिंह, आरक्षी शुभम सिंह एवं आरक्षी प्रेमशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जनभागीदारी से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प,गाजीपुर में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान

जनभागीदारी से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प,गाजीपुर में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि शासन के निर्देशानुसार व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन होना है। जिसमें प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत 2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम अंतर्गत प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल वितरण सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी विभागों के प्रमुख विकास कार्यों/अवस्थापना परियोजनाओं, शिक्षण संस्थानो, पंचायत सचिवालय, अन्नपूर्णा भवन सहित अन्य स्थानों पर आशीर्वाद का दीया जलाया जाएगा।

विद्यालयों में ड्राइंग, भाषण आदि प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आंगन मिलन सेवा अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, लाभार्थी माता का सम्मान किया जाएगा एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की वृहद अवस्थापना एवं जनोउपयोगी परियोजनाओं से लाभार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को भी प्रदर्शित किया जाएगा। सेवा ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इस दौरान विकास खंडों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा, स्वास्थ्य मेला आयोजित किए जाएंगे, मानव समूह और रंगोली का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य कार्यक्रम जन भागीदारी से आयोजित किया जाएंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के सकुशल संपादन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा कार्यक्रमों के फोटोग्राफ तथा वीडियो ससमय पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वेद सिंह चौहान, जिला विकास अधिकारी राजन राय, परियोजना निदेशक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी गण कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में गाजीपुर परिवार न्यायालय का कीर्तिमान, 71 पारिवारिक वाद निस्तारित; 11 बिछड़े दंपतियों का हुआ पुनर्मिलन

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय गाजीपुर ने रचा कीर्तिमान, 71 पारिवारिक वादों का हुआ निस्तारण

गाजीपुर।शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय गाजीपुर के पीठासीन अधिकारी शैलोज चंद्रा द्वारा कुल 71 मुकदमों का सफल निस्तारण किया गया।

लोक अदालत में निस्तारित मामलों में सबसे बड़ी संख्या भरण-पोषण से जुड़े वादों की रही। कुल 35 वाद निष्पादन के थे, जिनमें पीड़ित महिलाओं को उनके बकाया भरण-पोषण की सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान मौके पर ही पूर्ण रूपेण कराया गया। न्यायालय के इस कदम से कई महिलाओं को बड़ी राहत मिली।

इस लोक अदालत की सबसे सुखद तस्वीर तब देखने को मिली जब बिछड़े हुए दम्पति अपने समस्त विवादों को समाप्त कर पुनः साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। इन सभी 11जोड़ों ने आज न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर एक-दूसरे को माला पहनाकर खुशी का इजहार किया और आपस में मिष्ठान वितरण किया। न्यायालय परिसर में काफी देर तक खुशी का माहौल बना रहा।

प्रधान न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने बताया कि पिछले दो माह में मीडिएशन सेंटर में सुलह समझौते के लिए लगभग 200 से अधिक मामले प्रेषित किये गये थे, जिनमें से मात्र 05 मामले ही मीडिएशन के माध्यम से सफल होकर समझौते पर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यदि मीडिएशन में सफल मामलों की संख्या अधिक होती तो लोक अदालत में निस्तारण का यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता था।

उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि पारिवारिक विवादों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने का प्रयास करें, लोक अदालत इसका सबसे सशक्त माध्यम है।

पेंटिंग में जीवंत किया वीर अब्दुल हमीद का शौर्य, शिक्षिका ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

पेंटिंग में जीवंत किया वीर अब्दुल हमीद का शौर्य, शिक्षिका ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

जखनिया। परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद के 61वें बलिदान दिवस पर डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया, गाजीपुर की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धामूपुर स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद मेमोरियल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में देश के वीर सपूत के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रतिभाशाली शिक्षिका गुड़िया गुप्ता ने अपनी कला के माध्यम से वीर अब्दुल हमीद के शौर्य को जीवंत करते हुए उनकी आकर्षक पेंटिंग तैयार की। पेंटिंग के जरिए दी गई यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी कलाकृति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और शहीद के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की भावना को और प्रबल किया। विद्यालय परिवार ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के हृदय में हमेशा अमर रहेगा। वीर अब्दुल हमीद के जीवन और शौर्य से नई पीढ़ी को देशप्रेम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती रहेगी।

दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण,नवजातों को बांटे कपड़े,खिलौने और जरूरी सामग्री

राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण कर नवजात बच्चों को वितरित किए कपड़े, खिलौने एवं आवश्यक सामग्री प्रदान किए

ग़ाज़ीपुर।किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट अर्पिता सिंह एवं जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह द्वारा शुक्रवार को राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा इकाई में आवासित अज्ञात नवजात बच्चों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता एवं देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट अर्पिता सिंह एवं जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह द्वारा नवजात बच्चों को आशीर्वाद स्वरूप कपड़े, खिलौने एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। उन्होंने बच्चों के प्रति स्नेह एवं आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दत्तक ग्रहण इकाई में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इकाई में आवासित बच्चों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, बच्चों की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बच्चों के लिए निर्धारित सभी मानकों एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य माया सिंह, पेशकार नीरज, पेशकार सुरेंद्र, चाइल्ड हेल्पलाइन के को ऑर्डिनेटर संतोष कुमार सिंह तथा राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई की अधीक्षिका प्रीति श्रीवास्तव, रागिनी सिंह, जूही राय सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

“जनता की समस्याओं को लेकर सपा मुखर,बिजली-सड़क से लेकर कानून व्यवस्था तक सरकार को घेरा”

गाजीपुर।शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव एवं जमानियां विधायक ओम प्रकाश सिंह, जंगीपुर विधायक डा. वीरेंद्र यादव,सदर विधायक जै किशन साहू, सैदपुर के विधायक अंकित भारती की संयुक्त पत्रकार वार्ता सिद्धार्थ मोटेल में आयोजित हुई।

इस पत्रकार वार्ता में सभी विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र की अनियमित विधुत आपुर्ति,जले ट्रांसफार्मरों,जर्जर तारों बिजली एवं खराब और गड्ढा युक्त सड़कों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जनता के सवालों पर संवेदनहीन बनी हुई है। जनता के सरोकारों से इसका कुछ भी लेना-देना नहीं है।

पूर्व केबिनेट मंत्री और जमानियां विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि पिछले दस सालों से योगी सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त करा रही है पर आज तक यह सरकार गड्ढा नहीं पाट पायी। गड्ढा मुक्त कराने के नाम पर यह सरकार लूट कर रही है।

प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं की बाढ़ आ गयी है। चीनी दाल,प्याज और खाने के तेल के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि 60दिनों के अंदर मंहगाई कम करने का वादा कर सरकार में आयी मोदी सरकार गरीबों की भोजन की थाली छिन रही है।

जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि थाने और तहसील धन उगाही के अड्डे बन गये है।
यहां किसी को न्याय नहीं मिल पा रहा है। गरीब जनता और फरियादी दर-दर न्याय की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने हर घर जल मिशन योजना और नमामि गंगे योजना में घपले का आरोप लगाते हुए कहा यह सरकार अपनी योजनाओं को ठीक से क्रियान्वित नहीं कर पा रही है। इस सरकार के पास जुवां चलाने के अलावा और कोई काम नहीं है।

सदर विधायक जै किशन साहू ने नगर की खस्ताहाल हुई सड़कों का जिक्र करते हुए कहा ट्रिपल इंजन की सरकार की हालत खच्चर गाड़ी से भी बदतर है। लगातार दस वर्षों से नगर की सड़कें ऊबड़-खाबड़ और कीचड़ से सनी है लेकिन नगरपालिका के लिए यह सड़कें,और चौराहे एटीएम का काम कर रहे हैं। पूरी नगरपालिका भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। बन रहे सीवर के काम में प्रयोग किए जा रहे घटियां सामग्री और हो रहे घपले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सीवर आने वाले दिनों में नगर की बहुत बड़ी समस्या बन कर उभरेगी।

डा.वीरेंद्र यादव और अंकित भारती ने भी अपनी अपनी क्षेत्रो की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए योगी सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि 48घंटे के अंदर ट्रांसफर बदलने का सरकार का दावा पूरी तरह से जूठा साबित हुआ है।

जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि जनपद की इन समस्याओं को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

इस पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, जिला उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी अरूण कुमार श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार बिन्द, अमित ठाकुर,अभिनव सिंह, सदानंद यादव,पंकज यादव,जावेद खान आदि मौजूद थे।

बैंक हड़ताल, 300 शाखाओं पर असर

5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर गाजीपुर में बैंक हड़ताल, 300 शाखाओं पर असर

5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर गाजीपुर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

300 के करीब बैंक शाखाओं पर पड़ा असर, 1000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी रहे हड़ताल में शामिल; 150 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा

गाजीपुर। औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत भारतीय बैंक संघ (IBA) एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बीच हुए समझौतों के पूर्ण अनुपालन और 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को आहूत राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का गाजीपुर जनपद में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के चलते विभिन्न बैंकों की करीब 300 शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। UFBU के अनुसार, जिले में 1000 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और इससे 150 करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ।

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए UFBU गाजीपुर इकाई के जिला संयोजक एवं UPBEU के जिला मंत्री सत्येन्द्र गुप्ता ने कहा कि 7 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित एमओयू तथा 8 मार्च 2024 को जारी संयुक्त सेटलमेंट/जॉइंट नोट में शेष सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किए जाने पर स्पष्ट सहमति बनी थी। इसके बावजूद 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू नहीं किया जाना बैंक कर्मचारियों के हितों के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ते कार्यदबाव, कर्मचारियों की कमी और कार्य-जीवन संतुलन की आवश्यकता को देखते हुए अब 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समय की मांग बन चुकी है।

सत्येन्द्र गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि 11 सितंबर की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी सरकार की ओर से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के संबंध में कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर 2026 से देशभर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी संघर्ष नहीं चाहते, बल्कि अपनी जायज मांगों का सम्मानजनक और समयबद्ध समाधान चाहते हैं। सरकार के पास अभी भी वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान करने का अवसर है। अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने से पहले 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।

अन्य बैंक नेताओं ने भी उठाई आवाज

ऑल इंडिया पीएनबी ऑफिसर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर लगातार बढ़ते कार्यदबाव, स्टाफ की कमी और कार्य-जीवन संतुलन के अभाव को देखते हुए 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब आवश्यक हो गई है। सरकार को इस दिशा में जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

संतोष राय, AIPNBOA ने कहा कि पूर्व में हुए समझौतों और सहमतियों का प्रभावी क्रियान्वयन औद्योगिक संबंधों की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है। मांगों के समाधान में अनावश्यक विलंब से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

रामजी, बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी दुर्भाग्यपूर्ण है।

सुनील यादव, केनरा बैंक, आलोक प्रकाश, पंजाब नेशनल बैंक तथा जितेन्द्र शर्मा, जिला मंत्री BEFI ने भी अपने विचार रखे। नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर UFBU के सभी घटक संगठन एकजुट हैं और मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं संगठित संघर्ष जारी रहेगा।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल में UFBU के सभी सात घटक संगठनों—AIBEA, BEFI, NCBE, AIBOC, AIBOA, INBEF एवं INBOC—ने सहभागिता की।

गाजीपुर में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में हड़ताल में शामिल रहे। UFBU गाजीपुर इकाई ने केंद्र सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा लंबित मांगों के समाधान के लिए शीघ्र ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की।

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