प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

नियमितीकरण समेत मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

नियमितीकरण समेत मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

8 से 10 अक्टूबर तक कार्यक्रम बहिष्कार की चेतावनी, 12 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय पर आंदोलन का ऐलान

गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण समेत कई मांगों के समाधान की मांग की गई। संगठन ने प्रमुख रूप से एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि नियमितीकरण होने तक कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन दिया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए एवं ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई। रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण की सुविधा, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति तथा एनएचएम के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन की मांग भी रखी गई। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ज्ञापन में मांगों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम बहिष्कार तथा इसके बाद 12 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, विशाल राय, अनिल कुमार शर्मा, सुनील कुमार, दुर्गा प्रसाद, अमित कुमार कुशवाहा, राजेश कुमार बिंद, डॉक्टर शाहबाज, राधेश्याम यादव, सोमरू कुमार, अमित कुशवाहा, संदीप पाल, अमरदीप पाल, अवनीश मित्तल समेत बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।

6 अक्टूबर से गैस सिलेंडर वितरण बंद करने की चेतावनी

6 अक्टूबर से गैस सिलेंडर वितरण बंद करने की चेतावनी

एलपीजी वितरकों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा सात सूत्रीय मांगपत्र, 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान

गाजीपुर। एलपीजी वितरकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी वितरकों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को सौंपा। एलपीजी वितरकों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में कमीशन के रूप में 75 रुपये की अंतरिम वृद्धि करना शामिल है। इसके अलावा ई-केवाईसी के लिए 236 रुपये का भुगतान तेल कंपनियों द्वारा किए जाने, सभी तेल कंपनियों द्वारा एनएफआर व एआरबी उत्पादों की बिक्री के लिए वितरकों को बाध्य नहीं करने, व्यावसायिक सिलेंडर की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित नहीं करने तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू नहीं करने की मांग की गई है। वितरकों ने पीएनजी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा विक्रय अधिकारियों द्वारा वितरकों के उत्पीड़न और कथित गैरकानूनी कार्यों पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में वितरकों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर 1 सितंबर से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के प्रथम चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया। इसके बाद 21 सितंबर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने का अभियान शुरू किया गया है। वितरकों ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा बताते हुए कहा कि 5 अक्टूबर को पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। इसके बाद 6 अक्टूबर से ‘नो मनी, नो इंडेंट’ के तहत तेल कंपनियों को भुगतान जमा नहीं किया जाएगा और गैस सिलेंडर का लोड नहीं लिया जाएगा। इसके चलते गैस सिलेंडर वितरण प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। वितरकों ने बताया कि 26 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

बिजनेस आइडिया पिचिंग में महिला पीजी कॉलेज की छात्राओं का जलवा, हासिल किया प्रथम स्थान

बिजनेस आइडिया पिचिंग में राजकीय महिला पीजी कॉलेज की छात्राओं का जलवा, जिला स्तर पर हासिल किया प्रथम स्थान

गाजीपुर। अविष्कार फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को टेरी पीजी कॉलेज, गोराबाजार में आयोजित जिला स्तरीय बिजनेस आइडिया एवं पिचिंग प्रतियोगिता में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 19 टीमों ने प्रतिभाग किया। राजकीय महिला पीजी कॉलेज की छात्राओं महविश कय्यूम अंसारी, ताहा ज़हरा एवं आंचल कुमारी की टीम ने अपना बिजनेस आइडिया “इको फ्रेंडली हैंडमेड डेकोरेटिव आइटम्स” प्रस्तुत किया, जिसे निर्णायकों ने सराहा और टीम को प्रथम स्थान प्रदान किया।

टीम के बिजनेस मॉडल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय हस्तशिल्प एवं कढ़ाई से जुड़े कारीगरों को प्रभावी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। छात्राओं ने बताया कि बड़ी संख्या में कारीगर गुणवत्तापूर्ण हस्तशिल्प एवं कढ़ाई उत्पाद तैयार करते हैं, लेकिन उचित बाजार और मार्केटिंग की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अपने उत्पादों का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने और कारीगरों की आय के अवसर बढ़ाने की योजना प्रस्तुत की गई। इस बिजनेस मॉडल में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के निर्माण के लिए ऊन, जूट और प्राकृतिक रेशों जैसे कच्चे माल के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया है। इससे स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने से पहले विजेता टीम को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद के नेतृत्व में तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के समन्वयक डॉ. पियूष सिंह के मार्गदर्शन में आवश्यक प्रशिक्षण एवं तैयारी कराई गई थी।

छात्राओं की उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके नवाचार, परिश्रम और उद्यमशील सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास छात्राओं को केवल रोजगार प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाली उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार ने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिले के 32 पीएम श्री विद्यालयों में विकसित होगी सब्जी व औषधीय वाटिका, हर स्कूल को मिलेंगे 20 हजार

गाजीपुर के 32 पीएम श्री विद्यालयों में विकसित होगी सब्जी व औषधीय वाटिका, हर स्कूल को मिलेंगे ₹20 हजार

मध्याह्न भोजन में होगी विद्यालय की ताजी सब्जियों का उपयोग, बच्चों को प्रकृति और पारंपरिक औषधीय पौधों से जोड़ा जाएगा

गाजीपुर। उच्च न्यायालय एवं किशोर न्याय समिति, इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी 32 चयनित पीएम श्री विद्यालयों में वेजिटेबल/किचन एवं मेडिसिनल गार्डन (सब्जी व औषधीय वाटिका) विकसित की जाएगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक विद्यालय के लिए 20 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषण, पर्यावरण और प्रकृति से जोड़ने के साथ उनमें जैविक खेती एवं औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। वाटिका में उत्पादित ताजी एवं रसायन-मुक्त हरी सब्जियों का उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि से विद्यालय परिसर में क्यारियों के निर्माण एवं समतलीकरण, गुणवत्तापूर्ण बीज व पौधे, वर्मी कम्पोस्ट, खुरपी, फावड़ा, हजारा जैसे छोटे बागवानी उपकरण तथा पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग आदि कार्य कराए जाएंगे। विद्यालयों की खाली भूमि में पालक, मेथी, टमाटर, धनिया, बैंगन, लौकी और सहजन (मोरिंगा) जैसी मौसमी एवं पौष्टिक सब्जियां उगाई जाएंगी। वहीं औषधीय वाटिका में तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, पुदीना, नीम, लेमनग्रास, अजवाइन और अश्वगंधा जैसे पौधे लगाए जाएंगे। प्रत्येक पौधे के सामने उसके नाम और औषधीय गुणों की जानकारी वाला डिस्प्ले बोर्ड भी लगाया जाएगा। वाटिका में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के प्रयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। सिंचाई के लिए विद्यालय के हैंडपंप अथवा आरओ से निकलने वाले व्यर्थ पानी (ग्रे-वाटर) के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। वाटिका के रखरखाव, निराई-गुड़ाई और सिंचाई में विद्यालय के इको-क्लब एवं बाल संसद के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में श्रम के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। बीएसए ने सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों एवं 32 पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से वाटिका का विकास सुनिश्चित करें। साथ ही कार्य की प्रगति से संबंधित जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

तहसील-नगर पंचायत की मांग पर नन्दगंज आंदोलन तेज, सरजू पांडेय पार्क में गूंजा विरोध

नन्दगंज को तहसील-नगर पंचायत बनाने की मांग, सरजू पांडेय पार्क में गरजा आंदोलन

गाजीपुर। नन्दगंज को तहसील एवं नगर पंचायत घोषित करने समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को ‘नन्दगंज तहसील बनाओ-नगर पंचायत बनाओ संघर्ष मोर्चा’ के तत्वावधान में शहर के सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। मोर्चा अध्यक्ष उमाकांत सिंह उर्फ मोती सिंह की अध्यक्षता में आयोजित धरने के दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव को सौंपा गया। मोर्चा की प्रमुख मांगों में नन्दगंज को तहसील एवं नगर पंचायत का दर्जा देने, 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने तथा गाजीपुर से नन्दगंज होकर गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही।

मोर्चा संयोजक अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नन्दगंज आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद विकास की दौड़ में पीछे रह गया है। उन्होंने 18 अगस्त 1942 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान नन्दगंज में बड़ी संख्या में युवाओं ने बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जर्जर सड़कें, विद्युत व्यवस्था और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का अभाव औद्योगिक विकास में बाधक बन रहा है। नन्दगंज के समग्र विकास के लिए तीनों मांगों को पूरा किया जाना आवश्यक है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि बदली हुई भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए नन्दगंज को तहसील और नगर पंचायत का दर्जा मिलना जरूरी है। इससे क्षेत्र में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा युवाओं के पलायन पर भी रोक लगेगी। भाकपा कार्यसमिति सदस्य कामरेड अमेरिका यादव ने कहा कि आजादी के बाद से नन्दगंज की लगातार उपेक्षा हुई है। तहसील एवं नगर पंचायत का दर्जा देना क्षेत्र के विकास के साथ-साथ 18 अगस्त 1942 के शहीदों के प्रति सम्मान भी होगा।

देवकली ब्लॉक के प्रमुख प्रतिनिधि सच्चे लाल यादव ने कहा कि तहसील बनने से लोगों को राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जबकि नगर पंचायत का दर्जा मिलने से शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा। धरने को कलेक्ट्रेट बार संघ अध्यक्ष शशिकांत यादव, सेंट्रल बार संघ अध्यक्ष शिवशंकर यादव, जिला पेंशनर कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों ने समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, लवकुश गुप्ता, सदानंद यादव, डॉ. शशिकांत सिंह, तहसीन अहमद, सुशील जायसवाल, विजय शंकर यादव, अमन जायसवाल, राजेश यादव, कन्हैया लाल विश्वकर्मा, अंजनी कुमार गौरव, दिनेश यादव, प्रभुनाथ राम, रविन्द्र प्रताप यादव, कंचन रावत, प्रवीण पाण्डेय, रीना यादव, धन्नो यादव, इन्द्रजीत यादव, अशोक कुमार यादव, राहुल यादव, जयराम भारती, रामाशीष यादव, चन्द्रिका यादव, तरुण प्रकाश सिंह, अजय यादव, परमानंद श्रीवास्तव, विपिन बिहारी वर्मा, सुनील दत्त श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, संजय सेवराई, मौला प्रधान, संजय यादव, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, महेंद्र यादव, चन्द्र प्रकाश, अरुण श्रीवास्तव चुन्नू, राम अवध यादव, मेजर सिंह, प्रमोद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्ष उमाकांत सिंह ने धरने में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। संचालन अभिनव सिंह ने किया।

आशाओं की बैठक में स्वास्थ्य मेले और जनजागरूकता पर जोर

आशाओं की बैठक में स्वास्थ्य मेले और जनजागरूकता पर जोर

गाजीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत खंड विकास अधिकारी सभाकक्ष में क्षेत्र की समस्त आशा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने की। इस दौरान आगामी 26, 27 एवं 28 सितंबर को जनपद में आयोजित होने वाले वृहद स्वास्थ्य मेले को लेकर ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य मेले में पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य मेले के संबंध में जागरूक करें और छोटे-छोटे स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही सेवा संकल्प अभियान के तहत 25 सितंबर को ब्लॉक मुख्यालय मोहम्मदाबाद में आयोजित होने वाले मेले में क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की पहचान तथा उनके सुरक्षित प्रसव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर विशेष जोर दिया गया। खासकर 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों एवं जीरो पावरटी योजना के पात्र लाभार्थियों के कार्ड जल्द से जल्द बनवाने के निर्देश दिए गए।

आगामी माह में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, क्षेत्रीय आशा संगिनी, आशा कार्यकर्ताओं के साथ ब्लॉक प्रमुख मोहम्मदाबाद अवधेश राय एवं खंड विकास अधिकारी मोहम्मदाबाद मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सभी को प्रेरित किया।

पीएचडी के दो सत्र शून्य, 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया अटकी; छात्रों ने खोला मोर्चा

पीएचडी प्रवेश में देरी पर भड़के छात्र, कुलपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और सत्रों के शून्य होने के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने आवाज बुलंद की। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के नाम संबोधित मांग पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एवं सदर तहसीलदार राजीव यादव को सौंपते हुए तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में देरी से गाजीपुर सहित पूर्वांचल के हजारों शोधार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन स्वीकार करते हुए सदर तहसीलदार राजीव यादव ने आश्वासन दिया कि मांग पत्रक सक्षम प्राधिकारी एवं कुलपति को तत्काल प्रेषित किया जाएगा। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के अनुसार पिछले चार वर्षों में विश्वविद्यालय में केवल दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) आयोजित हुई है। इसके चलते 2023 और 2025 के सत्र शून्य हो गए। सितंबर माह बीतने को है, लेकिन सत्र 2026-27 के लिए अब तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने नए कुलपति से तत्काल हस्तक्षेप कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की।

छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’ ने कहा कि सरकार जहां शैक्षणिक सत्र नियमित करने पर जोर दे रही है, वहीं विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर स्पष्ट अकादमिक कैलेंडर जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे। छात्र किशन विश्वकर्मा ने कहा कि 2022 से 2026 के बीच केवल दो बार प्रवेश परीक्षा होना छात्रों के लिए गंभीर समस्या है। उन्होंने फॉर्म आवेदन से लेकर परीक्षा, साक्षात्कार, DRC/RDC और गाइड आवंटन तक प्रत्येक चरण के लिए निर्धारित समय-सीमा तय करने की मांग की। छात्र आकाश चौधरी ने कहा कि यह अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल एवं कुलाधिपति, उच्च शिक्षा मंत्री, UGC सचिव और कुलसचिव को भी भेजी गई है। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की बात कही गई।

छात्रों की प्रमुख मांगें

  • सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) की विज्ञप्ति तत्काल जारी की जाए।
  • आवेदन, परीक्षा, साक्षात्कार और गाइड आवंटन के लिए निश्चित अकादमिक कैलेंडर घोषित किया जाए।
  • वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’, आकाश चौधरी, किशन विश्वकर्मा, संजीद कुमार, अभिषेक गुप्ता सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने किया योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन

सेवा संकल्प प्रदर्शनी में दिखी विकास और जनकल्याण की तस्वीर

राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने किया योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन, जनपदवासियों से अवलोकन की अपील

गाजीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा से देश सेवा’ के तहत मंगलवार को रायफल क्लब परिसर में सूचना विभाग की ओर से केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास परियोजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनी में रोजगार, आवास, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, स्वरोजगार, एमएसएमई, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत सहित विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और पात्र होने पर उनका लाभ उठाने की अपील की।

जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने पारदर्शिता और समर्पण के साथ योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने पर जोर दिया।भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रदर्शनी को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज बताया।

नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि प्रदर्शनी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में ऐसी प्रदर्शनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इन उपलब्धियों को किया गया प्रदर्शित

प्रदर्शनी में प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से संबंधित फ्लेक्स लगाए गए हैं। इनमें एयरपोर्ट विस्तार, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, युवाओं के रोजगार एवं सरकारी नौकरी, कानून-व्यवस्था, एमएसएमई इकाइयों के विस्तार, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी जानकारी शामिल है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग पर अनुदान, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पंप, कृषि यंत्रों की उपलब्धता, मंडियों का आधुनिकीकरण, ई-नाम जैसी डिजिटल सुविधाओं तथा गन्ना, चीनी, एथेनॉल, आम, दूध, आलू, मटर, गेहूं और शहद सहित विभिन्न कृषि उत्पादों की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है।

महिला सशक्तिकरण के तहत वन स्टॉप सेंटर, निराश्रित महिला पेंशन, महिला श्रम बल भागीदारी, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्वयं सहायता समूह, स्वास्थ्य सखियों और महिलाओं एवं बेटियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई है। वहीं ओडीओपी, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और विपणन सहायता से संबंधित उपलब्धियां भी प्रदर्शनी में शामिल हैं। इसके अलावा काशी, अयोध्या और प्रयागराज सहित प्रदेश के धार्मिक, पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों तथा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। महापुरुषों के सम्मान और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, स्वच्छ भारत अभियान, निःशुल्क उपचार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, डीबीटी के माध्यम से अनुदान भुगतान तथा कौशल, रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित उपलब्धियों को भी दर्शाया गया है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, जिला सूचना अधिकारी शशि सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सूचना विभाग के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे।

शहर की बीमार सड़कों का इलाज कब?- विवेक कुमार सिंह ‘शम्मी’

शहर की बीमार सड़कों का इलाज कब?- विवेक कुमार सिंह ‘शम्मी’

गाजीपुर। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को प्रमुख समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी के नेतृत्व में अंधऊ बाईपास रोड पर श्रमदान कर सड़क के गड्ढों को भरने का अभियान चलाया गया। इस दौरान उन्होंने सड़क की दुर्दशा को लेकर जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

शम्मी सिंह ने कहा कि पिछले सात वर्षों से अंधऊ बाईपास रोड के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान तीन जिलाधिकारियों का तबादला भी हो चुका है, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य जिस ठेकेदार को मिला था, उसके द्वारा धनराशि सरेंडर कर दी गई, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हो सका।

उन्होंने दावा किया कि सड़क निर्माण के लिए करीब छह करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक धनराशि जारी नहीं होने से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि सात साल बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार कब होगा।

20 गांवों के करीब 50 हजार लोगों का आवागमन

शम्मी सिंह के मुताबिक अंधऊ बाईपास रोड से प्रतिदिन करीब 50 हजार लोगों का आवागमन होता है और करीब 20 गांव सीधे इस मार्ग से जुड़े हैं। कभी यह मार्ग वीआईपी लेन के रूप में जाना जाता था और अंधऊ हवाई अड्डे को सर्किट हाउस से जोड़ता था। वर्तमान में सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि साइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है।

स्वास्थ्य शिविर के खर्च को लेकर भी उठाए सवाल

शहर में प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविर को लेकर भी शम्मी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंका मैदान में शिविर आयोजित करने के बजाय नेहरू स्टेडियम, आईटीआई ग्राउंड, ऑडिटोरियम या ट्रामा सेंटर जैसे स्थानों पर इसे व्यवस्थित ढंग से कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि लंका मैदान में स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं पर करीब चार से पांच करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है। उनका सुझाव है कि यदि इस खर्च को कम किया जा सकता है तो बची धनराशि का इस्तेमाल शहर की जर्जर सड़कों के निर्माण में किया जाना चाहिए। इससे शहरवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ बेहतर आवागमन की सुविधा भी मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की चिंता जरूरी है, लेकिन शहर की सड़कों की बदहाली भी जनस्वास्थ्य और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन को इस ओर भी प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। श्रमदान अभियान के दौरान मनोज सिंह, राहुल राय, सूरज, मनीष, अजय, अनिल, इंदीवर, इमरान, प्रदीप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

छात्राओं ने शब्दों में उकेरा ‘मेरे सपनों का भारत’, सृष्टि श्रीवास्तव ने मारी बाजी

‘मेरे सपनों का भारत’ पर गूंजे छात्राओं के ओजस्वी विचार, सृष्टि श्रीवास्तव ने हासिल किया प्रथम स्थान

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महुआबाग में सोमवार को ‘सेवा संकल्प योजना’ के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में करीब 1500 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और 50 ने समानता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी विकास एवं आत्मनिर्भर भारत को लेकर अपने विचार रखे।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की वास्तविक धरोहर है। शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के माध्यम से युवा पीढ़ी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रतियोगिता में सृष्टि श्रीवास्तव ने प्रथम, श्रेया मौर्य ने द्वितीय और माही कुशवाहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सरस्वती को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में रचना यादव, सेजल यादव, मंजू प्रजापति, किरण कुशवाहा, आनंदी गुप्ता, अश्मिता श्रीवास्तव, अन्नू कुमारी, रिया त्रिपाठी, सरस्वती, माही कुशवाहा, सृष्टि श्रीवास्तव और अनन्या पांडे ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. संगीता ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं की प्रतिभा, अभिव्यक्ति क्षमता और नेतृत्व कौशल को विकसित करने के साथ उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत होती है। मीडिया प्रभारी डॉ. शिव कुमार ने भी ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. सारिका सिंह, डॉ. शशिकला जायसवाल और डॉ. राजेश यादव के तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया। इस अवसर पर डॉ. निरंजन कुमार यादव, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. ओम शिवानी, पीयूष सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में विजेताओं को बधाई देते हुए राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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