प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

पंकज चौधरी से डॉ. विजय यादव की शिष्टाचार भेंट, संगठन मजबूती पर हुई चर्चा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से डॉ. विजय यादव की शिष्टाचार भेंट, संगठन मजबूती पर हुई चर्चा

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री, कृष्णा सुदामा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स गाजीपुर एवं वाराणसी के चेयरमैन तथा भाजपा किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश मंत्री डॉ. विजय यादव ने सोमवार को लखनऊ में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी से शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान डॉ. विजय यादव ने प्रदेश अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया तथा संगठनात्मक दायित्वों को लेकर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों के बीच काशी क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने, संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। डॉ. विजय यादव ने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक मजबूती समर्पित कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन का परिणाम है। पार्टी नेतृत्व द्वारा सौंपे गए दायित्व का पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए काशी क्षेत्र में संगठन को और अधिक सशक्त एवं गतिशील बनाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को संगठन के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।

डॉ. यादव ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में निरंतर प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करता रहेगा।

‘उद्गम’ पोर्टल पर चमकेगा परिषदीय शिक्षकों का नवाचार, BSA ने बढ़ाई सहभागिता की मुहिम

‘उद्गम’ पोर्टल पर चमकेगा परिषदीय शिक्षकों का नवाचार, BSA ने बढ़ाई सहभागिता की मुहिम

गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों, सफल शैक्षणिक प्रयोगों और उत्कृष्ट शिक्षण विधियों को अब राज्य स्तर पर पहचान दिलाने की पहल तेज हो गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘उद्गम’ (UDGAM) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजीपुर ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) तथा प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और अधिक से अधिक शिक्षकों का पंजीकरण व प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। ‘उद्गम’ पोर्टल के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक कक्षा-कक्ष में अपनाए जा रहे नवाचार, शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM), अभिनव प्रयोग और बेस्ट प्रैक्टिसेज का निर्धारित प्रारूप में राइट-अप अपलोड कर सकेंगे। इससे विद्यालय स्तर पर किए जा रहे प्रभावी शैक्षणिक प्रयोगों को राज्य स्तर पर पहचान और प्रोत्साहन मिल सकेगा। BSA ने निर्देशित किया है कि सभी BEO और ARP अपने-अपने ब्लॉक एवं क्षेत्रों में शिक्षकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा अपने नवाचार अपलोड करने के लिए प्रेरित और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें। उद्देश्य है कि गाजीपुर से अधिक से अधिक शिक्षक इस पहल का हिस्सा बनें और जिले में हो रहे शैक्षणिक नवाचार राज्य पटल पर सामने आएं।

9 सितंबर को होगी राज्य स्तरीय कार्यशाला

SCERT, लखनऊ द्वारा ‘उद्गम’ पोर्टल के सुचारू संचालन एवं प्रभावी मार्गदर्शन के लिए 9 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें नामांकित नोडल प्रवक्ता प्रतिभाग करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि ‘उद्गम’ पोर्टल शिक्षकों की रचनात्मकता को मंच देने के साथ-साथ विद्यालयों में किए जा रहे जमीनी स्तर के प्रभावी प्रयोगों को व्यापक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। जनपद के शिक्षकों से अपने विद्यालयों में किए जा रहे अभिनव प्रयासों को पोर्टल पर साझा करने की अपील की गई है, ताकि गाजीपुर की शैक्षणिक उपलब्धियां और नवाचार राज्य स्तर पर प्रमुखता से सामने आ सकें।

मौधा में बनेगा 23 करोड़ का मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, पहले चरण में ₹11.5 करोड़ मंजूर

मौधा में बनेगा 23 करोड़ का मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, पहले चरण में ₹11.5 करोड़ मंजूर

गाजीपुर। सैदपुर तहसील के ग्राम मौधा में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। यहां कक्षा 1 से 12 तक के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय की स्थापना की जाएगी। विद्यालय के निर्माण के लिए शासन ने कुल अनुमानित लागत की 50 प्रतिशत धनराशि यानी करीब 11.5 करोड़ रुपये प्रथम चरण में स्वीकृत कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों एवं प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर शासन से यह वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। बजट स्वीकृत होने के बाद कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रस्तावित विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा एक ही परिसर में संचालित होगी। विद्यालय परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान तथा बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विद्यालय के निर्माण से मौधा सहित सैदपुर तहसील और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। बच्चों को एक ही परिसर में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। विद्यालय के अस्तित्व में आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होने की उम्मीद है।

“बाढ़ ने डुबोए स्कूल, लेकिन नहीं डूबी पढ़ाई, 15 विद्यालयों में ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं की व्यवस्था”

बाढ़ के बीच पढ़ाई पर ब्रेक नहीं: गाजीपुर के 15 विद्यालयों में ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं की व्यवस्था

गाजीपुर। जनपद में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विशेष व्यवस्था लागू की है। जिले के 15 बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में से 7 में ऑनलाइन और 8 विद्यालयों में नजदीकी सुरक्षित भवनों में ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। विकासखंड रेवतीपुर के तीनों चिन्हित विद्यालयों की कक्षाएं नजदीकी सुरक्षित भवनों में ऑफलाइन संचालित होंगी। भदौरा के पांच विद्यालयों में दो में ऑफलाइन और जलमग्न तीन विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। जमानिया के छह प्रभावित विद्यालयों में दो में ऑफलाइन तथा चार में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। वहीं मनिहारी के एक बाढ़ प्रभावित विद्यालय को सुरक्षित वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित कर ऑफलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। ऑनलाइन कक्षाओं वाले विद्यालयों के शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप, ई-पाठशाला सहित अन्य डिजिटल माध्यमों से शिक्षण सामग्री और गृहकार्य उपलब्ध कराएंगे। वहीं ऑफलाइन कक्षाओं के लिए प्रधानाध्यापकों को वैकल्पिक भवन की सुरक्षा, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का नियमित रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ की मार के बीच राहत की बौछार, 8 गांवों में 551 परिवारों को मिली मदद

बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिली राहत, 8 गांवों में 551 राहत किट वितरित

गाजीपुर। तहसील सदर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए सोमवार को व्यापक राहत वितरण अभियान चलाया गया। दीनापुर बाढ़ शरणालय में 330, ग्राम जैतपुरा में 121 तथा वयेपुर सदर में 100 राहत किट वितरित की गईं। इस दौरान रफीपुर, नूरमपुर, शेरपुर, करंडा, बड़हरिया (सोकनी), बड़हरिया (बड़सरा), जैतपुरा और वयेपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों को कुल 551 राहत किट उपलब्ध कराई गईं।

राहत सामग्री का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर विनोद जोशी एवं तहसीलदार सदर राजीव यादव मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता लगातार पहुंचाने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी पहल, निःशुल्क प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू, 14 सितंबर तक नए प्रवेश 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मुक्त विश्वविद्यालय की अनोखी पहल, शुरू हुआ बाल विकास एवं पोषण शिक्षा प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अनोखी पहल की है। विश्वविद्यालय ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बाल विकास एवं पोषण शिक्षा पर विशेष प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है। खास बात यह है कि इस पाठ्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं से किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।

यह प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम न्यूनतम छह माह और अधिकतम दो वर्ष में पूरा किया जा सकता है। विद्यार्थियों को केवल चार प्रश्नपत्रों के निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। अध्ययन के लिए आवश्यक समस्त सामग्री मुक्त विश्वविद्यालय के ‘एकलव्य ऐप’ के माध्यम से पीडीएफ प्रारूप में निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेष वर्गों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की व्यवस्था

मुक्त विश्वविद्यालय ने समाज के विशेष एवं वंचित वर्गों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के आश्रितों, जेल में सजा काट रहे कैदियों, थर्ड जेंडर (किन्नर) समुदाय तथा कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए शिक्षार्थियों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा जो विद्यार्थी अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की हार्ड कॉपी नहीं लेना चाहते, उन्हें ट्यूशन फीस में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।

14 सितंबर तक नए प्रवेश का मौका

शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू हो चुकी है। नए प्रवेश की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026, जबकि पुराने विद्यार्थियों के प्रवेश नवीनीकरण एवं पुनः पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं डिजिटल तरीके से संचालित की जा रही है।

नौकरी और व्यवसाय के साथ भी कर सकते हैं पढ़ाई

मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम ऐसे विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं, जो उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं अथवा किसी व्यवसाय, कार्य या सरकारी-गैर सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। ऐसे विद्यार्थी अपनी नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ-साथ आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर स्थित अध्ययन केंद्र (S-088) के समन्वयक डॉ. शिव कुमार के अनुसार, विश्वविद्यालय के माध्यम से 70 से अधिक डिग्री, डिप्लोमा एवं प्रमाण पत्र कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इस वर्ष से अध्ययन केंद्र पर एमए गृह विज्ञान, एमए लोक प्रशासन तथा एमएससी बॉटनी, जूलॉजी, केमेस्ट्री और पर्यावरण विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में भी नए प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं।

एक साथ दो उपाधियां हासिल करने का अवसर

मुक्त विश्वविद्यालय की एक और खास सुविधा विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। कोई नियमित विद्यार्थी किसी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत रहते हुए भी मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से एक अतिरिक्त उपाधि पाठ्यक्रम साथ-साथ कर सकता है। इससे विद्यार्थियों को अपनी शैक्षिक योग्यता और रोजगार के अवसर बढ़ाने का अतिरिक्त मौका मिल रहा है।

ट्रामा सेंटर बंद करने की कोशिश हुई तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र-युवा

ट्रामा सेंटर बंद करने की कोशिश हुई तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र-युवा

90 प्रतिशत उपकरण हटाए जाने का आरोप, डीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर। मेडिकल कॉलेज के पीछे गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर को शीघ्र पूर्ण क्षमता से संचालित करने और वहां निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं बहाल रखने की मांग को लेकर सोमवार को छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी मनीष चौहान को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि ट्रामा सेंटर के करीब 90 प्रतिशत उपकरण पहले ही सीएमओ कार्यालय द्वारा हटाए जा चुके हैं। ज्ञापन के माध्यम से सेंटर को बंद करने अथवा उसके उपकरण व अन्य सामान को कहीं और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। छात्र नेताओं ने कहा कि ट्रामा सेंटर को मेडिकल कॉलेज अथवा किसी अन्य विभाग से संबद्ध करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसकी मूल व्यवस्था और स्वरूप में बदलाव नहीं होना चाहिए। यहां मरीजों को इलाज, चिकित्सकीय परामर्श, एक्स-रे, सीटी स्कैन समेत सभी जांच और दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की तैनाती कर सेंटर को 24 घंटे सातों दिन पूर्ण क्षमता से संचालित करने की मांग की गई।

अपर जिलाधिकारी मनीष चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं इसे सक्षम अधिकारी को प्रेषित कर दूंगा।” इस दौरान छात्र नेता प्रद्युम्न यादव ने कहा कि गाजीपुर की जनता के हित में ट्रामा सेंटर का निःशुल्क और पूर्ण क्षमता से संचालन बेहद जरूरी है। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि भारी जनसंघर्ष के बाद स्थापित इस ट्रामा सेंटर को बंद कराने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व महामंत्री सुधांशु तिवारी ने प्रशासन से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मामले में शीघ्र और स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। पूर्व छात्रसंघ महामंत्री पिंटू यादव ने चेतावनी दी कि ट्रामा सेंटर की निःशुल्क व्यवस्था में बदलाव अथवा इसे बंद करने का प्रयास किया गया तो छात्रसंघ और जनपद की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला पंचायत सदस्य रेवतीपुर गोविंद यादव, छात्र नेता अखिलेश यादव, विवेक राजभर, रजनीश मिश्रा, बृजेश यादव, ऋषि यादव, अमन प्रधान, राहुल यादव, विकास यादव, राज पाण्डेय, शिवम गुप्ता, दीपक उपाध्याय, सुधांशु तिवारी, प्रद्युम्न यादव आदि शामिल रहे।

रोजगार तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनें छात्राएं: डॉ. शंभु शरण प्रसाद

रोजगार तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनें छात्राएं : डॉ. शंभु शरण प्रसाद

व्यवसाय योजना पर कार्यशाला में करीब 100 छात्राओं ने लिया हिस्सा, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को छात्राओं में उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से व्यवसाय योजना (Business Plan) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी हासिल की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने कहा कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक बनने के लिए आवश्यक कौशल और सोच से लैस किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। नए विचारों के माध्यम से प्रभावी समाधान विकसित करना ही उद्यमिता की वास्तविक पहचान है।

उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने आसपास मौजूद समस्याओं को अवसर के रूप में देखें और उनके समाधान के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने कहा कि समस्या की पहचान से ही नए विचार और संभावित व्यवसाय की शुरुआत होती है।कार्यशाला में बताया गया कि “आवश्यकता आविष्कार और नवाचार की जननी है” की भावना को आत्मसात करते हुए समाज एवं आसपास की समस्याओं को पहचानना उद्यमिता की पहली सीढ़ी है। किसी विचार को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए नवीन सोच के साथ वित्तीय संसाधन, लागत विश्लेषण, विपणन रणनीति, ग्राहक एवं बाजार की पहचान तथा भविष्य की संभावनाओं का आकलन भी आवश्यक है।

इस दौरान व्यवसाय योजना के विभिन्न चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें समस्या की पहचान, नवीन समाधान, व्यवसाय का नामकरण, संसाधन एवं संसाधन नियोजन, उत्पाद या सेवा का डिजाइन, विपणन एवं बिक्री, ग्राहक एवं बाजार की पहचान, वित्तीय नियोजन तथा व्यवसाय के विस्तार की संभावनाएं प्रमुख रहीं।

कार्यशाला एवं नवाचार संबंधी गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के समन्वयक डॉ. पीयूष सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. एखलाक अहमद, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. रामनाथ केसरवानी एवं डॉ. गजनफर सईद सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

नौकरी तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनेंगी छात्राएं

महिला महाविद्यालय में 7 सितंबर को व्यवसाय योजना एवं उद्यमिता विकास पर कार्यशाला

गाजीपुर। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें नौकरी की तलाश करने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से अविष्कार फाउंडेशन एवं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के संयुक्त तत्वावधान में 7 सितंबर 2026 को व्यवसाय योजना (बिजनेस प्लान) एवं उद्यमिता विकास विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का आयोजन सावित्रीबाई फुले सभागार में दोपहर 12 बजे से होगा, जिसमें करीब 80 छात्राएं प्रतिभाग करेंगी। कार्यशाला में अविष्कार फाउंडेशन के रिसोर्स पर्सन श्री विकास कुमार छात्राओं को व्यवसायिक विचार को धरातल पर उतारने से लेकर प्रभावी बिजनेस प्लान तैयार करने तक की व्यावहारिक जानकारी देंगे। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की ओर से डॉ. पीयूष सिंह कार्यशाला में सहभागिता करेंगे। कार्यशाला में छात्राओं को केवल व्यवसाय शुरू करने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि बिजनेस आइडिया की पहचान, उसका मूल्यांकन, वित्तीय नियोजन, बाजार की समझ, विपणन रणनीति, संसाधन प्रबंधन और व्यवसाय संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्राओं को यह भी बताया जाएगा कि सीमित संसाधनों के बीच किसी विचार को व्यवहारिक और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल में कैसे बदला जा सकता है। इसके साथ ही स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों, सरकारी योजनाओं, वित्तीय संस्थानों तथा उद्यमिता के लिए उपलब्ध आर्थिक सहायता की जानकारी भी छात्राओं को दी जाएगी। कार्यशाला के जरिए उनमें निर्णय लेने, समस्या का समाधान खोजने, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बदलते दौर में युवाओं के लिए केवल नौकरी हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करना आत्मनिर्भरता की मजबूत राह है। इसी सोच के साथ छात्राओं को स्थानीय संसाधनों और जरूरतों को समझकर नए एवं टिकाऊ व्यवसाय मॉडल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यशाला छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, नवाचार और उद्यमशीलता की सोच को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

निःशुल्क नेत्र शिविर, 97 मरीजों की हुई जांच; 9 मरीज ऑपरेशन के लिए रवाना

निःशुल्क नेत्र शिविर में 97 मरीजों का परीक्षण, 9 मोतियाबिंद मरीज ऑपरेशन के लिए बनारस रवाना

जखनियां (गाजीपुर)। डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में रविवार को साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की ओर से निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ समाजसेवी निजामुद्दीन ने फीता काटकर किया।

शिविर में आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल से आए चिकित्सकों डॉ. सोनाली, डॉ. चन्दन, डॉ. किरण, डॉ. नेहा तथा हरिशंकर ने कुल 97 मरीजों की आंखों की जांच की और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जांच के दौरान 9 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। सभी मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की बस से बनारस रवाना किया गया। अस्पताल में मरीजों के रहने, खाने और ऑपरेशन की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की जाएगी।

इस अवसर पर साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर आमिर अली ने आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं सहयोगियों को मोमेंटो, शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया। डायरेक्टर आमिर अली ने कहा कि जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है।ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया। लोगों ने ट्रस्ट एवं आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंदों के लिए सराहनीय प्रयास बताया।

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