प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सुरक्षित परिवार और सशक्त समाज की दिशा में मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार मिल सके और मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। इस बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत आने वाली समस्त एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया की बैठक में अधिकारियों ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में भर्ती प्रसव पश्चात महिला मरीज और उनके परिजनों को प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जलपान भी उपलब्ध कराया जाता है।

बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा

गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करना।

हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर विशेष निगरानी रखना।

सभी प्रसव संस्थागत (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में) कराने पर जोर।

प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, संक्रमण आदि की समय पर पहचान और उपचार।

आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को उच्च स्तरीय अस्पताल में शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था मजबूत करना।

एम्बुलेंस सेवाओं (102 एवं 108) की उपलब्धता और त्वरित संचालन सुनिश्चित करना।

आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

प्रत्येक मातृ मृत्यु की गोपनीय समीक्षा (Maternal Death Review) कर वास्तविक कारणों की पहचान करना।

परिवारों को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करना।

जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना।

मातृ मृत्यु रोकने के लिए विशेष निर्देश

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जाए। जिन महिलाओं में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, रक्त की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाएं हर समय तैयार रहें।

सुरक्षित मातृत्व का संदेश

समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव से अधिकांश मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है।

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र का किया गया लोकार्पण

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र, कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह का किया गया लोकार्पण मंत्री पशुधन एवं दृग्ध विकास


गाजीपुर। वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह का लोकार्पण धर्मपाल सिंह मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास, उ०प्र० सरकार द्वारा पशुपालन निदेशालय, लखनऊ से वर्चुअल मोड में किया गया। इस अवसर पर वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में सीता सिंह, ब्लाक प्रमुख, मरदह, रमाकान्त यादव, ग्राम प्रधान, तिलाड़ी, डा० अरविन्द कुमार शाही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सुवेदिता सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, मरदह, रवि सिंह, सहायक अभियंता, कार्यदायी संस्था एवं अन्य लोगों द्वारा हवन एवं पूजन किया गया।

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र का निर्माण पशुपालन विभाग, जनपद गाजीपुर द्वारा 1.612 करोड़ की लागत से 01.214 हेक्टेयर भूमि पर कराया गया है, जिसकी छमता 400 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने की है। कार्यदायी संस्था उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि० द्वारा वृहद गोसंरक्षण केन्द्र में 100 गोवंशों की छमता के 04 शेड, भूसा गोदाम एवं कार्यालय आदि बनाया गया है। लोकार्पण के बाद वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह के संचालन का कार्य किसी संगठन/संस्था द्वारा किया जायेगा। चयनित संस्था को पशुपालन विभाग के साथ एम०ओ०यू० साइन करना होगा जिसके नियम एवं शर्तों के आधार पर तीन वर्षों तक गोसंरक्षण केन्द्र का संचालन संस्था द्वारा किया जाएगा तथा गोसंरक्षण केन्द्र में, संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण हेतु शासन द्वारा निर्धारित धनराशि मासिक रूप से संस्था को उपलब्ध कराया जाएगा।

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने हेतु सौंपा ज्ञापन

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने हेतु जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया

गाजीपुर। सम्पूर्ण भारतवर्ष में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने के उद्देश्य से संचालित “गो सम्मान आवाहन अभियान” के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को जनपद में विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं बाइक रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे बूढ़े महादेव मंदिर, रुईमंडी में “श्री राम जय राम जय जय राम” महामंत्र के संकीर्तन के साथ हुआ। संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नाम-संकीर्तन कर गौ माता के संरक्षण एवं राष्ट्र कल्याण की कामना की। इसके उपरांत मंदिर परिसर में श्री राम जय राम जय जय राम महामंत्र का अखंड संकीर्तन प्रारंभ हुआ, जो निरंतर जारी रहेगा। इसके पश्चात पूज्य श्री श्री 1008 भोला गिरी महाराज, महामंडलेश्वर बलराम दास महाराज एवं गंगासागर महाराज के सानिध्य तथा संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों के नेतृत्व में बूढ़े महादेव मंदिर से विशाल बाइक रैली निकाली गई। रैली मिश्र बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुँची, जहाँ से सभी प्रतिभागियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध तथा गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान प्रदान किए जाने की मांग की।

अभियान के संबंध में बताया गया कि प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देश की सभी तहसीलों पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जा चुका है। द्वितीय चरण के अंतर्गत 27 जुलाई को देशभर के जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे गए। इसके उपरांत तृतीय चरण में 27 अगस्त को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के माध्यम से पुनः ज्ञापन देकर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने की मांग को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर भोला गिरी महाराज ने उपस्थित सभी संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, कृषि व्यवस्था एवं पर्यावरण संरक्षण का आधार है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इस राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान से जुड़े। उपस्थित सभी लोगों ने गौ संरक्षण एवं गौ सम्मान के इस अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री विजय मिश्र के प्रतिनिधि जेपी चौरसिया, ई. अखिलेश सिंह, डब्बू श्रीवास्तव, रवि राज गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शिवम उपाध्यक्ष, सचिन दुबे, डॉ गोपाल उपाध्यय गुड्डू राय, संत द्वारिका प्रसाद, शम्भू गुप्ता, विजय कश्यप, मनिंद्र कुशवाहा, सरदार रणवीर सिंह, ओमकार वर्मा, राम निवास कुशवाहा, विश्वजीत मौर्या सहित अनेक नागरिक, समाजसेवी एवं संतजन उपस्थित रहे।

प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, की मांग

गाजीपुर। सोमवार को समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष तौकीर खां की अगुवाई में जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के 38 भवनों को गिराये जाने के आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम से संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार ज्योति सिंह को सौंपा। जिलाध्यक्ष तौकीर खां ने इस ध्वस्तीकरण आदेश पर रोष व्यक्त करते हुए इसे छात्र नौजवानों पर कुठाराघात और तालीम पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की हिटलरशाही के चलते पूरा मुल्क परेशान हैं। उसकी जुल्म ज्यादती बेइंतहा बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है। वह आजम खां डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापनकी लोकप्रियता से घबड़ाई हुई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों के चलते इन भवनों को गिराया जाना किसी भी दृष्टि से न्याय संगत नहीं ठहराया जा सकता। यदि कोई तकनीकी खामी है तो न्यायिक प्रक्रिया अपनाकर विधि सम्मत तरीके से उसे दूर किया जाना चाहिए ताकि शिक्षा और छात्रों का हित हो सके। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार हुकूमत में आयी है लगातार अपनी गलत नीतियों से छात्र हितों पर कुठाराघात कर रही है।


उन्होंने तत्काल ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द करने की मांग किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पुर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, आमिर अली,मदन यादव, अरूण कुमार श्रीवास्तव, शमशेर,टी के खां,सरफराज प्रधान, परवेज सभासद,अकबर अहमद, दिलशाद मिट्ठू,मेराज खां, सद्दाम,एजाज, डॉ समीर सिंह, अमित ठाकुर, फिरोज जमाल,सोनू खां, आरिफ खां आदि मौजूद थे।

युवा शक्ति और सत्य के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत: आंदोलित छात्रों के आगे जवाबदेह हुई सरकार

युवा शक्ति और सत्य के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत: NEET धांधली के खिलाफ आंदोलित छात्रों के आगे जवाबदेह हुई सरकार

गाजीपुर। NEET परीक्षा धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में गाजीपुर के नौजवानों और छात्र साथियों ने जिस एकजुटता और मजबूती के साथ अपनी आवाज़ उठाई, आज उसी संघर्ष की बदौलत शासन-प्रशासन को जवाबदेह होना पड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब युवा शक्ति पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक स्वर में खड़ी होती है, तो व्यवस्था को सुधार की दिशा में कदम बढ़ाना ही पड़ता है।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने इस ऐतिहासिक क्षण पर गाजीपुर के समस्त नौजवानों, प्रतियोगी छात्रों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने कहा कि “गाजीपुर की धरती हमेशा से न्याय और हक की लड़ाई की अगुआ रही है। हमारे युवा साथियों के अटूट संघर्ष की बदौलत ही आज सत्य की विजय हुई है। लेकिन हमारी मंजिल सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं है—हमारा लक्ष्य एक सुरक्षित, निष्पक्ष और पूरी तरह से ‘लीक-मुक्त’ शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, ताकि किसी मेधावी का हक न मरे।”

बीए और बीएससी की छात्राएं आवेदन के लिए महिला पीजी कॉलेज में करें संपर्क

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में शैक्षिक सत्र 2026-27 में स्नातक के साथ ही साथ परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया भी गतिमान है। महाविद्यालय में बी ए और बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। बी ए में प्रवेश की इच्छुक छात्राएं प्रवेश अपना ऑनलाइन प्रवेश आवेदन कर प्रतिदिन बी ए प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार से संपर्क कर अपना प्रवेश ले सकती हैं जबकि बीएससी की छात्राएं ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात बीएससी प्रवेश प्रभारी डॉ दिवाकर मिश्रा से संपर्क कर प्रवेश की कार्रवाई पूर्ण कर सकती हैं। बीए/ बीएससी में प्रवेश महाविद्यालय में सीटें रिक्त रहने तथा विश्वविद्यालय द्वारा समर्थ पोर्टल खुले रहने तक तक जारी रहेगी। महाविद्यालय द्वारा बीएससी में मूल सीटों के सापेक्ष अधिक आवेदन आने की फल स्वरुप सीट वृद्धि के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को पत्र भी लिखा गया है।


पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा बीए /बीएससी कक्षाओं के परिणाम घोषित होने के पश्चात महाविद्यालय में एमए/ एमएससी की प्रवेश प्रक्रिया गतिमान हो गई है। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी के अनुसार महाविद्यालय में एम ए हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, प्राचीन इतिहास, शिक्षा शास्त्र एवं गृह विज्ञान तथा एमएससी वनस्पति विज्ञान में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 25 जुलाई से बढ़ाकर 2 अगस्त 2026 कर दी गई है। एम ए एवं एमएससी में प्रवेश काउंसलिंग 6 अगस्त को प्रस्तावित है । सभी इच्छुक एवं अर्ह छात्राएं अपना प्रवेश आवेदन सुनिश्चित करते हुए काउंसलिंग के लिए उपस्थित हो तथा अपने विषय के बारे में किसी भी जानकारी के लिए अपने विषय से संबंधित विभाग प्रभारी से संपर्क करें। महाविद्यालय की मुख्य शास्ता डॉ सारिका सिंह के अनुसार महाविद्यालय में प्रवेशित सभी छात्राओं की कक्षाएं प्रारंभ है। सभी नव प्रवेशी छात्राएं 31 जुलाई के पूर्व तक अपनी फीस जमा करते हुए अपना परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड बनवा लें तथा एक अगस्त से महाविद्यालय में अपने निर्धारित परिधान में ही आए।

127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीएचसी मुहम्मदाबाद में 127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

गाज़ीपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. नीरज कुमारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कुल 127 गर्भवती महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, आवश्यक प्रयोगशाला जांच एवं भ्रूण के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं का सेवन, प्रसव पूर्व सावधानियां तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से परामर्श दिया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह 9 तारीख को आयोजित किया जाता है। वहीं, अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह 1, 16 और 24 तारीख को भी विशेष पीएमएसएमए क्लीनिक संचालित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व (ANC) सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान कर उनका उचित उपचार सुनिश्चित करना है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके और मां एवं शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रखा जा सके।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भकाल के दौरान कम से कम एक बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिवस पर अवश्य जांच करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए तीन अतिरिक्त एएनसी (ANC) जांच का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

महिलाओं कि काउंसलिंग नीरा राय काउसलर तथा स्टाफ नर्स किरण लाल एवं डेजी द्वारा आवश्यक सेवाओं प्रदान की जाती है । सभी महिलाओं को फालोअप समुदाय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों उपकेन्द्रो पर स्थानिय एमएचसी पी स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सी० एच० ओ०), ए० एन० एम० एवं आशा द्वारा निरंतर कि जाती है।

गाजीपुर: प्राचार्य ने शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की

गाजीपुर: प्राचार्य ने शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील

गाजीपुर। जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के अंतर्गत 31 अगस्त 2026 तक निषेधाज्ञा लागू की गई है।

इसके तहत पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने, उत्तेजक नारेबाजी करने तथा अन्य ऐसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में एक अपील जारी की है। अपील में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं प्राध्यापकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, उत्तेजनात्मक नारेबाजी अथवा राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भाग न लें और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।

प्राचार्य डॉ. पाण्डेय ने कहा कि यदि किसी की कोई मांग या समस्या है, तो उसका मांग-पत्र लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से जिला प्रशासन के संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करें।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं स्वीकार:डीएम

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में नगर निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में नगर पालिका एवं नगर पंचायतो में संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार, राइफल क्लब, में शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में नगर विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण, नाली निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सीवर लाइन, सौंदर्यीकरण, पार्कों के विकास तथा अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा जिन कार्यों में विलंब पाया गया, उनके लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप कराए जाएं। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए तथा आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी रखी जाए। यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


बैठक में नगर क्षेत्र की जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने, यातायात सुगमता तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप नगर के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वेद सिंह चौहान, मुख्य राजस्व अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी समस्त अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत, जल निगम, विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी को निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।

सचिव ने किया किशोर गृह का निरीक्षण

गाजीपुर। उच्च न्यायालय, किशोर न्याय समिति, इलाहाबाद के निर्देश के अनुपालन में गुरुवार को राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण नीरज गोंड, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी  में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे, तथा आवासित किशोर उपस्थिति पंजिका गुरुवार के अनुसार किशोर उपस्थित पाये गये। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) को निर्देशित किया गया कि मीनू के अनुसार भोजन, साफ-सफाई, कपडे़ तथा स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था करना सुनिश्चित करें, बच्चों से प्रतिदिन शारीरिक गति विधि कराने एवं शिक्षा के लिए निर्देशित किया गया। किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

Uttar Pradesh Fast News