शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

हॉट एंड कूल ब्रेकरी-रेस्टोरेंट का हुआ भव्य उद्घाटन, लीजिए स्वाद और शुद्धता का आनंद

गाजीपुर। ब्रेकरी और रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन युवा अक्सर नए अनुभव, स्वादिष्ट और अनोखे व्यंजन, और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने के लिए बाहर खाते हैं, वे चाइनीज फूड से लेकर कैजुअल डाइनिंग और क्विक सर्विस तक सब पसंद करते हैं, खासकर साउथ इंडियन और चाइनीज फूड के साथ फ्रेंच के भी दीवाने होते हैं, और सोशल मीडिया पर अपने खाने के अनुभव को साझा करना भी पसंद करते हैं।

इन्ही सब युवाओं के पसंद को देखते हुए बड़े शहरों के तर्ज पर जिले में भी एक भव्य ब्रेकरी और रेस्टोरेंट की ग्रैंड ओपनिंग वेलेंटाइन डे के दिन यानी 14 फरवरी को किया गया। शहर के ददरीघाट चौराहे पर स्थित इस ब्रेकरी और रेस्टोरेंट का भव्य शुभारंभ रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर लल्ला/एजाज के माँ शमीमा के हाथों फीता काटकर किया गया।

इस दौरान भारी संख्या में आए ग्राहकों ने खूब जमकर ब्रेकरी में खरीदारी के साथ ही रेस्टोरेंट में खाने का आनंद लिया। हॉट एंड कूल ब्रेकरी और रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी मऊ के आनर मनमोहन ने बताया कि मऊ जनपद की हॉट एंड कूल फैमिली रेस्टोरेंट और बैकरी की पहली फ्रेंचाइजी गाजीपुर में खोला है और इस रेस्टोरेंट में वही स्वाद और उसका जादू जो मऊ में बिखेरे हुए हैं वही स्वाद का जादू अब आपको गाजीपुर में भी मिलेगा।

हमारा कॉन्सेप्ट बैकरी और रेस्टोरेंट का है जहां पर प्रीमियम रेंज में केक एक पेस्ट्री और अन्य आइटम के साथ ही नमकीन के कई वैरायटीऔर गिफ्ट के आइटम के साथ ही साथ रेस्टोरेंट का वह स्वाद जो मऊ में मिला करता था वह अब गाजीपुर में भी मिलेगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी रेस्टोरेंट अच्छे हैं लेकिन हमारी कोशिश है कि हमारे ग्राहक को जो सर्विस चाहिए हम उसे देने का पूरा प्रयास करें साथ ही जो हमारे स्वाद की पहचान है इसको बरकरार रखने के लिए इस रेस्टोरेंट और बैकरी का शुभारंभ किया है।

लड़की ने अपने भाई के साथ मिलकर की थी मनोहर की हत्या

कॉलेज के सहपाठी से लिया था पैसे उधार और फिर वापस करने के नाम पर आनाकानी करने और महिला सहपाठी के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से करने लगा था परेशान

पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का मुकदमा, पुलिस ने जब जांच किया और गंगा नदी में सर्च कराया तब लापता युवक का मिला शव

गाजीपुर। सदर कोतवाली इलाके के बारह बंगला के रहने वाले मनोहर सिंह यादव जो जिले के ही एक महाविद्यालय में कर्मचारी था। 11 फरवरी को अचानक से वह गायब हो गया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने मनोहर के अपहरण को लेकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब इस मामले में तफ्तीश करना शुरू किया तो इसमें मामला पुरानी दोस्ती में पैसे का लेनदेन और फिर पैसे को वापस न करने और पैसा लेने वाले युवक मनोहर ने अपने ही महिला सहपाठी जिसने पैसा दिया था उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना आरंभ कर दिया, जिससे परेशान होकर महिला सहपाठी और उसके भाई ने कड़ा कदम उठाते हुए पहले उसका गला घोटा और फिर उसे गंगा नदी में फेंक दिया था। जिसे गोताखोरों की मदद से शव मिलने के बाद मामला का खुलासा हुआ। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा इस मामले का खुलासा किया गया। पुलिस के चंगुल में युवक परीक्षित सिंह और उसकी बहन जो सुहवल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। मृतक मनोहर अपनी कॉलेज के दिनों की सहपाठी से करीब 1 साल पहले ढाई लाख रूपए उधार लिए थे और उसे पैसे को वापस नहीं कर रहा था। उसकी सहपाठी मऊ जनपद में एसबीआई बैंक में कर्मचारी थी और इसी बात को लेकर दोनों मनोहर और महिला में काफी विवाद हुआ करता था। मनोहर बार-बार महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान भी किया करता था जिससे महिला काफी परेशान रहती थी और उसकी परेशानी को देखकर उसके भाई ने उसे सच्चाई जानने का प्रयास किया तो महिला ने पहले तो बताने से इनकार किया लेकिन बाद में उसने बताया कि मनोहर ने उसे ढाई लाख रूपए उधार लिए हैं और मांगने पर पैसा भी वापस नहीं कर रहा है और हमारी इज्जत के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है और बदनाम करने की धमकी दे रहा है। उसने यह भी बताया कि मनोहर का कई अन्य लड़कियों से भी संबंध है जिससे उसकी बातचीत होती रहती है। उसके बाद युवक ने अपनी बहन से कहा कि अब तुम परेशान ना हो अब आगे जब भी तुम्हें मनोहर मिलने के लिए बुलाए तो मुझे बताना। फिर मनोहर ने महिला को फोन किया और मिलने के लिए गाजीपुर के रौज़ा इलाके में बुलाया। इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को दिया। महिला और मनोहर दोनों गाजीपुर के गंगा नदी पर बने रेलवे पुल के नीचे जो सुहवल थाना क्षेत्र में आता है वहां पहुंचे। वहां पर पैसे के वापसी को लेकर बात होने लगी लेकिन मनोहर दोनों भाई-बहन को ही दोषी बताने लगा और यह भी कहा कि पैसा वापस नहीं करूंगा और तुम्हारी बहन की बदनामी होगी मेरा कुछ नहीं होने वाला। इन्हीं बातों से गुस्से में आकर दोनों भाई-बहन ने उसके स्कोर्फ़ से गला दबाकर मार डाला और फिर गंगा नदी में फेंक दिया। उसकी मोटरसाइकिल पर गंगा घाट पर से ही मिट्टी लगाकर उसकी बाइक को हमिद सेतु पर लाकर छोड़ दिया था ताकि लोगों को यह समझ में आए कि उसने किसी कारण से गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या कर लिया है। वहीं परिवार के द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद जब इस मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सर्च करना शुरू किया तब मामला कुछ और ही निकला। उसके बाद इस मामले में दोनों भाई-बहन संदिग्ध पाए गए। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ आरंभ किया तो महिला ने कई बार अपने बयान बदले और जब एक दिन पूर्व मनोहर का शव गंगा नदी में मिला तब पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ किया तब यह मामला पूरी तरह से सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। तब जाकर गला दबाकर मारने का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया। उसके बाद आज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों भाई-बहन को जेल भेज दिया।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में छात्राओं ने किया अपने ज्ञान और क्षमता का प्रदर्शन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में शनिवार को ‘सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में बौद्धिक विकास, तार्किक क्षमता तथा समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 60 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी ज्ञान-क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में इतिहास, भूगोल, विज्ञान, भारतीय संविधान, समसामयिक घटनाओं तथा सामान्य अध्ययन से संबंधित 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए।

छात्राओं ने प्रश्नों के उत्तर पूरे आत्मविश्वास के साथ दिए। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला। निर्णायक मंडल के सदस्यों डॉ0 सर्वेश कुमार सिंह, डॉ0 राजेश यादव एवं डॉ मनीष कुमार सोनकर ने प्रतिभागी छात्राओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में सलोनी गुप्ता (पुत्री मनोज कुमार गुप्ता), बी.ए. तृतीय वर्ष, रागिनी (पुत्री रजनी कांत शर्मा), एम.ए. प्रथम वर्ष, एवं संध्या गुप्ता (पुत्री संतोष कुमार गुप्ता) बी.ए. तृतीय वर्ष ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वयन डॉ0 आनन्द कुमार चौधरी द्वारा किया गया।

जिला संहकारी बैंक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन

जिला संहकारी बैंक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन


गाजीपुर। भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में जिला सहकारी बैंकों एवं कर्मचारियों की दीर्घकाल से लम्बित मॉगो व समस्याओं को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौपा गया। भारतीय मजदूर ंसघ के जिलाध्यक्ष दीपक राय व जिला सहकारी बैक के महामंत्री रानू अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि सहकारिता राज्यमन्त्री उत्तर प्रदेश के निर्देशो के अन्तर्गत गठित कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन न होने के कारण प्रदेश ब्यापी आन्दोलन की चेतावनी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को दी। अपने मांगो को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री को डाक के माध्यम से प्रेषित किया। जिला सहकारी बैंकों एवं उनके कर्मचारियों की दीर्घकाल से लम्बित मांगो व समस्याओं के सम्बन्ध में यूनियन ने समस्त स्तरों पर ठोस प्रमाणो सहित पक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस कम में सहकारिता राज्यमन्त्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित यूनियन के केन्द्रीय कार्यालय के ज्ञापन के परिपेक्ष्य में सहकारिता राज्यमन्त्री स्वतन्त्र प्रभार उत्तर प्रदेश के निर्देशो के क्रम में प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड ने माध्यम से मुख्य महाप्रबन्धक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें यूनियन के दो प्रतिनिधियों को भी विशेष आमन्त्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया। कमेटी के अन्तिम निर्णय के पश्चात पुनः प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड ने मुख्य महाप्रबन्धक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिए लखनऊ की अध्यक्षता में कमेटी का पुर्नगठन कर कमेटी में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसमें भी यूनियन के दो प्रतिनिधियों का भी विशेष आमन्त्रित सदस्य के रूप में नामित किया है। इससे पूर्व यूनियन कं प्रतिनिधिमण्डल की 29 जुलाई 2025 को सहकारिता राज्यमन्त्री स्वतन्त्र प्रभार से वार्ता हुई थी। वार्ता में सहमति के बिन्दुओं के दृष्टिगत कमेटी की प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के द्वारा संशोधित कमेटी की अन्तिम बैठक 3 दिसम्बर 25 को सम्पन्न हुई। सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिये गये कि वेतनमान पुनरीक्षणं व अव्याहारिक वित्तीय मानकों को नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के वित्तीय मानकों व्यवहारिक, एकरूपता व सरल बनाने हेतु स्टाफ कॉस्ट जाय, कार्यशील पूंजी का 2 प्रतिशत व सकल आप का 22.5 प्रतिशत करने के सशोधन करने का निर्णय लिया गया। नये बैंकिगं लाईसेन्स प्राप्त कई बैंकों के कर्मचारियों को 20-30 वर्षों से वेतनमान पुनरीक्षण से वचिंत रखा जा रहा है अतः इन कर्मचारियों को अन्तरिम राहत प्रदान करने हेतु निबन्धक कार्यालय में प्रभावी वेतनमान पुनरीक्षण परिपत्रांक सी-45/अधि०-8/ वेतनमान पुनरीक्षण वेतनमान प्रदान कर दिए जाएं। बैंक में पटोन्नति के अन्त सीमित अवसर है बचत बैंक में उर्स में पटोन्नति अनुसार बैंकों में सहायक महाप्रबन्धकों के पद का प्राविधान है। बैंकों में सहायक महाप्रबन्धकों के 122 पदो के प्राविधान करने का निर्णय लिया गया। बैंकों में भर्ती न करने के कारण बैंकों में ग्राहकों को प्रतिदिन बैंकिंग सुविधा उपलब्ध न होने के कारण गग्रहकों का इन बैंकों में विश्वास हटता जा रहा है। निर्धारित पदों पर भर्ती हेतु की अविलम्ब आवश्यकता है, जिससे बैंकों का कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सके। कमेटी की अन्तिम बैठक 3 दिसम्बर 25 को भी काफी समय व्यतीत हो गया है। प्रदेश के कर्मचारियों को आशा थी कि कमेटी के निर्णयों का लाभ शीघ्र प्राप्त हो जाएगा, यूनियन द्वारा निरन्तर कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन करने का निवेदन किया जाता रहा है, लेकिन अभी तक कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन नहीं हो पाया है। कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन न करने से प्रदेश के जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों में असन्तोष व्याप्त है। इन परिस्थितियो के दृष्टिगत यूनियन की केन्द्रीय आम सभा की बैठक 13 व 14 दिसम्बर 2025 में कर्मचारियों की माँगो को विभाग द्वारा लम्बित करने की मंशा का संज्ञान लेते हुए निर्णय लिया गया है कि मोंगों का समाधान 2 माह में यदि नहीं हो पाता है तो समस्त जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी प्रदेश व्यापी आन्दोलन, जिसमें प्रर्दशन, धरना व हड़ताल सम्मिलित हैं, प्रारम्भ करने के लिए मजबूर होंगे।

लखनऊ-काशी समेत कई कोर्ट को उड़ाने की धमकी, जिले में हुई कोर्ट की जांच

गाजीपुर। वाराणसी में एक सरकारी ईमेल के जरिए बनारस सहित प्रदेश के कई जनपदों के कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दिया गया। वाराणसी समेत कुल 18 कचहरियों में ब्लास्ट की धमकी में अयोध्या, मथुरा, प्रायगराज सहित कई शहर हैं। वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल जिला जज को मिला है।

इस धमकी के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और उसके बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसी को लेकर गाजीपुर में भी कोर्ट सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस के साथ ही अन्य पुलिसकर्मी के लोग शुक्रवार को कोर्ट की सुरक्षा को जांच करने के लिए कोर्ट पर पहुंचे और सभी लोगों ने गहनता से पूरे कोर्ट परिसर की जांच किया।

साथ ही आने-जाने वाले लोगों के साथ ही आए हुए वादकारियों के द्वारा अपने साथ ले गए सामानों की भी खोलकर गहनता से जांच किया। इसको लेकर क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि कोर्ट परिसर के नियमित जांच कराई जाती है। उसी क्रम में आज की भी जांच है लेकिन जिस हिसाब से आज वाराणसी कोर्ट सहित अन्य कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई अगर उसको देखा जाए तो आज की कोर्ट परिसर की जांच काफी आम हो गई है।

प्रतियोगिता में विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

गाजीपुर। शुक्रवार को द्वितीय दिन भी राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में क्रीड़ा प्रतियोगिताएं जारी रही। 10 किलोमीटर दौड़ में स्नेहा यादव प्रथम, साधना यादव द्वितीय और खुशी सिंह तृतीय स्थान पर रही। 5000 मीटर दौड़ में राधा प्रथम, नेहा यादव द्वितीय, अंकिता पांडे तृतीय स्थान पर रही। लंबी कूद में नेहा यादव प्रथम, रिमझिम बिंद द्वितीय, आंचल कुमारी तृतीय स्थान पर रही।

ऊंची कूद में आफरीन बानो प्रथम, निधि पासवान द्वितीय, खुशी सिंह तृतीय स्थान पर रही जबकि 100 मीटर बाधा दौड़ में लक्ष्मी प्रथम, पुष्पांजलि द्वितीय एवं खुशबू तृतीय स्थान पर रही । 200 मीटर दौड़ में रागनी कुशवाहा प्रथम, सरस्वती द्वितीय पुष्पांजलि तृतीय स्थान पर रही। 800 मीटर दौड़ में अंकिता पांडे प्रथम, रिमझिम बिंद द्वितीय, रंजना यादव तृतीय जबकि 100 मीटर फाइनल दौड़ में रागनी कुशवाहा प्रथम, श्वेता कुमारी द्वितीय एवं हेमा कुमारी तृतीय स्थान पर रही।

4 रिले दौड़ में रिमझिम बिंद एवं साथी प्रथम स्थान, आंचल कुमारी एवं साथी द्वितीय तथा आफरीन बानो एवं साथी तृतीय स्थान पर रहे। तीन क्रीड़ा प्रतियोगिताओं; 100 मीटर 200 मीटर एवं 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान आने पर रागिनी कुशवाहा बीए तृतीय वर्ष एवं 1500 मीटर, 5000 मीटर एवं 10000 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान पर आने वाली राधा बीए द्वितीय वर्ष संयुक्त रूप से स्पर्धा 2026 के क्रीड़ा चैंपियन बनी।

विजेता छात्राओं को प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी एवं क्रीड़ा प्रभारी डॉ शंभू शरण प्रसाद द्वारा मेडल, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। डॉ इखलाख, डॉ पीयूष सिंह ने पुरस्कार वितरण में सहयोग किया। समापन सत्र एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का संचालन डॉ निरंजन कुमार यादव, मीडिया प्रबंधन एवं छायांकन डॉ शिवकुमार एवं आभार ज्ञापन डॉ शंभू शरण प्रसाद ने किया।

क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के आयोजन में दौड़ प्रारंभकर्ता के रूप में डॉ मनीष सोनकर, डॉ हरेंद्र यादव, डॉ हसीन अहमद जबकि दौड़ निर्णायक के रूप में डॉ शिल्पी राय, डॉ शशि कला जायसवाल, डॉ ओम शिवानी रहीं। इसी प्रकार कूद एवं प्रक्षेपण प्रतियोगिताओं का निर्णयन डॉ संगीता एवं डॉ सारिका सिंह द्वारा किया गया। प्रतियोगिता परिणाम का आलेखन डॉ शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ आनंद कुमार चौधरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ शिखा सिंह आदि प्राध्यापकगण, कार्यालय अधीक्षक राधेश्याम कुशवाहा, अमन मौर्य, राहुल कुमार, जबीउल्ला कुरैशी, अंजनी, तेजू, राजू आदि कर्मचारी एवं खेल से जुड़ी उत्साही छात्राएं उपस्थिति रही।

हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा को लेकर डीएम-एसपी ने की बैठक,बनाए गए 196 परीक्षा केंद्र

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली हाई स्कूल एंव इण्टरमीडिएट परीक्षा को नकल विहीन एवं सुचितापूर्ण सम्पन्न कराने के संबंध मे बैठक आडिटोरियम  सभागार मे सम्पन्न हुई। बैठक मे जिलाधिकारी ने बताया कि परीक्षा 18 फरवरी, 2026 से प्रारम्भ होकर 12 मार्च, 2026 तक संचालित होगी। उन्होने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रेषित प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने, उन्हे पुलिस अभिरक्षा मे सुरक्षित स्थान पर सी0सी0टी0वी0 के निगरानी मे रखना, प्रश्नपत्रो को परीक्षा केन्द्रो पर डबल लाक वाले स्टील/लोहे की आलमारी मे रखा जाए। प्रश्नपत्रों को परीक्षा केन्द्र पर पहुचने पर डबल लाक की आलमारी मे जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की उपस्थिति मे परीक्षा केन्द्रो पर रखवाया जाए तथा डबल लाक वाली आलमारी मे पेपर सील से बंद किया जाए।
जिलाधिकारी ने नामित किए गए समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट/फ्लाईग स्क्वायर्ड टीम/समस्त केन्द्र व्यावस्थापक/वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक को दिनांक 18 फरवरी 2026 से  दो पॉलियों में होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा को सकुशल एवं नकल विहीन सम्पन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होने बताया कि जनपद मे हाई स्कूल में लगभग 67 हजार एवं इण्टरमीडियएट में लगभग 70 हजार कुल लगभग-1.37 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मलित होगें।
परीक्षा हेतु 196 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है जिसमें 29 अति संवेदनशील, 63 संवेदनशील परीक्षा केन्द्र है, जिसमे 12 जोन, 08 सचल दल एवं 32 सेक्टर मजिस्ट्रेट, मे विभक्त किया गया है तथा सभी परीक्षा केन्द्रो पर 01-01 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए है तथा केन्द्र एवं वाह्य केन्द्र व्यावस्थापक-196 लगाए गए है जो अपनी पूरी निष्ठा एवं तन्मयता के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए परीक्षा को सम्पन्न कराने मे अपनी भूमिका निभाने  के साथ जनपद मे नकल होने की परम्परा का तोड़ते हुए पूरी तत्परता के साथ कार्य करेगे। उन्होने कहा कि मजिस्ट्रेट परीक्षा केन्द्र का उत्तरदायी होता है कही से चूॅक होने पर सारी जिम्मेदारी उसी की होती है इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा के प्रारम्भ से लेकर समाप्ति तक दोनो पॉलियों में पूरा प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिया जाए। परीक्षा केन्द्रो पर नकल कितने तरीको की होती है, इस पर पैनी नजर रखी जाए, विद्यालय परिसर में एक से अधिक रास्ते होने पर उन्हे तत्काल सील करने का निर्देश दिया। परीक्षा केन्द्र के 100-200 मीटर की परिधि में कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति, असलहा किसी भी दशा में उपस्थित न रहें। परीक्षा केन्द्रो पर लाईट, जनरेटर, सीसीटीवी, डीजल, इण्टरनेट कार्ड, की उपलब्धता पूर्व में निरीक्षण कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समस्त उपजिलाधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा की समाप्ति के बाद एक घन्टे बाद तक परीक्षा केन्द्रो पर उत्तर पुस्तिकाओं के सील बंन्द/मोहर होने से लेकर निर्धारित स्थान पर जमा कराने तक पूरी चौकसी बरतेगे। फ्लाईंग स्क्वायर्ड टीम परीक्षा के प्रारम्भ से समाप्ति तक के समय तक चक्रमरण करती रहेगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल पुलिस बल तथा बनाए गए कन्ट्रोल रूम को सूचित करने का निर्देश दिया।  बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी जिला विद्यालय निरीक्षक समस्त जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट के अतिरिक्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रश्नपत्रों के शील्ड बण्डल को राजकीय सिटी इ०का० गाजीपुर से स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा संयुक्त रूप से प्राप्त करना होगा, प्रश्न-पत्रों के बण्डल प्राप्त होते ही परीक्षार्थियों की कक्षावार एवं विषयवार संख्या के अनुसार प्रश्न पत्रों की संख्या का मिलान करना तथा आवश्यक्ता की स्थिति में अतिरिक्त प्रश्न-पत्रों की मांग निर्धारित प्रारूप पर दिया जाएगा। प्राप्त प्रश्न-पत्रों को केन्द्र पर स्थापित स्ट्रांग रूम में लोहे की अलमारी में सी०सी०टी०वी० के निगरानी में रखना एवं तीनों की उपस्थिति में सील किया जाएगा। स्ट्रांग के डबल लॉक आलमारी के एक लॉक की समस्त चाभी केन्द्र व्यवस्थापक के पास तथा दूसरे लाक की एक चाभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास तथा दूसरी चाभी वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक के पास उपलब्ध रहेगी। स्ट्रांग रूम, जिसमें डबल लॉक अलमारी रखी है को स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में परीक्षा प्रारम्भ के 01 घण्टा पूर्व खोले जाने तथा परीक्षा समाप्ति के 01 घण्टा उपरान्त लॉक/सील किया जाए ।
प्रत्येक बार परीक्षा के प्रयोजन से आलमारी खोलने के पश्चात् दोनों लॉक हस्ताक्षरित पेपर से सील किये जायें। स्ट्रॉग रूम में प्रवेश हेतु एक लॉग बुक/रजिस्टर रखा जाए जिसमें तिथि, समय एवं उद्देश्य सहित आने-जाने वाले अधिकारी/कर्मचारी का पूर्ण विवरण अंकित किया जाए ।जिस आलमारी को प्रश्नपत्रों हेतु डबल लॉक आलमारी बनाया गया है, उसमें प्रश्नपत्रों के अतिरिक्त कोई और सामग्री नहीं रखी जाएगी। परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र के प्रकटन की दशा में सम्बन्धित स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक उत्तरदायी होंगे। समस्त परीक्षा केन्द्रों में एक अन्य सुरक्षित आलमारी की व्यवस्था होगी, जिसमें किसी भी पाली की परीक्षा में प्रथम बार प्रश्नपत्रों को निकालने के पश्चात् उपस्थित परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र वितरण के उपरान्त अवशेष प्रश्नपत्रों को तथा बण्डल स्लिप को सुरक्षित रूप से रखा जाए, इस आलमारी को डबल लॉक आलमारी से उसी कक्ष (स्ट्रांग रूम) में कुछ दूरी पर रखा जाय। स्ट्रॉग रूम में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का मोबाइल फोन के साथ प्रवेश वर्जित होगा । परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा के दौरान वायस रिकार्डर युक्त सी०सी० टी०वी० कैमरा संचालित रहेगा तथा स्ट्रांग रूम 24 घण्टे सी०सी०टी०वी० कैमरे की निगरानी में रहेगा। प्रश्नपत्रों का लिफाफा परीक्षा प्रारम्भ होने के अधिकतम 15 मिनट पूर्व काटे जाए। लिफाफा काटने से पूर्व साक्षी के रूप में दो वाह्य शिक्षकों तथा एक आन्तरिक शिक्षक के हस्ताक्षर कराए जाए। साक्षी अध्यापकों के हस्ताक्षर बीजक पर भी कराये जाए। प्रश्नपत्रों के पैकेट काटने से पूर्व पैकेट पर अंकित विषय, प्रश्नपत्र तथा संकेतांक का मिलान गोपनीय स्कीम से गंभीरता पूर्वक कर लिया जाए, तभी पैकेट खोला जाए । प्रश्नपत्र पूर्णतयः सी०सी०टी०वी० कैमरे के नजर में खोले जायेंगे।
हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट परीक्षा हेतु दैनन्दिनी अलग-अलग बनाई जाए तथा उस पर प्रविष्टि प्रतिदिन एवं प्रतिपाली स्पष्ट रूप से अंकित की जाए। कक्ष निरीक्षकों/परीक्षार्थियों के कक्ष से बाहर जाने का विवरण निर्धारित प्रारूप पर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। जिस विषय की परीक्षा हो उस विषय अध्यापक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में कदापि न लगाई जाए। परीक्षा समाप्ति के उपरान्त उत्तर पुस्तिकाओं की गिनती गंभीरता पूर्वक कराते हुए जमा कराई जाए। उत्तर पुस्तिका जमा होने के उपरान्त ही परीक्षार्थी/ कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा केन्द्र के बाहर जाने दिया जाए। किसी भी दशा में केन्द्र व्यवस्थापक/ आंतरिक सचल दल/कक्ष निरीक्षक/सचल दल/निरीक्षण दल के पुरूष सदस्य द्वारा बालिकाओं की तलाशी नहीं की जाएगी। परीक्षार्थियों का सीटिंग प्लान अनुक्रमांक के आधार पर क्रमानुसार मिश्रित बनाया जाए और इसका किसी भी दशा में उल्लंघन न किया जाए। यदि इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई गयी तो इसके लिए केन्द्र व्यवस्थापक पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगे।  केन्द्रव्यवस्थापक द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान शांतिपूर्वक परीक्षा दे रहे किसी भी परीक्षार्थी को अनावश्यक परेशान न किया जाए और न ही उनको किसी भी प्रकार से भयभीत किया जाए। परीक्षा केन्द्र में केन्द्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक तथा अन्य सहायक कर्मियों तथा वास्तविक परीक्षार्थियों के अतिरिक्त अन्य किसी का भी प्रवेश निषिद्ध होगा। परीक्षा व्यवस्था में लगे हुए किसी भी कर्मचारी को लोकसेवक की परिधि में गिना गया है अतएव ऐसे लोकसेवक के प्रति किसी भी व्यक्ति द्वारा आपराधिक/धमकी भरा व्यवहार संज्ञान में आने पर प्रशासन द्वारा संबंधित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा केन्द्र के अन्दर पुस्तकालय तथा प्रधानाचार्य कक्ष से संबंधित विषय की पुस्तकों को सीलबन्द करने के उपरान्त रखा जाए । यदि किसी कारण से शील्ड टूटी हुई पायी जाती है तो केन्द्र व्यवस्थापक/पर्यवेक्षक को अनुचित कार्यों में सहयोग प्रदान करने का दोषी मनाते हुए उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम 1998 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा केन्द्र की सुरक्षा हेतु पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा अवधि में परीक्षा केन्द्र का गेट किसी भी दशा में बन्द न किया जाए। परीक्षा के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी से उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक एवं उत्तर पुस्तिका क्रमांक अनिवार्य रूप से अंकित कराया जाए। अनुचित साधनों के प्रयोग में पकड़े गए परीक्षार्थियों का निस्तारण बोर्ड के नियमों के अन्तर्गत किया जाएगा। यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए या अनुचित साधन प्रयोग का प्रयास करते हुए पकड़ा जाए अथवा फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा जाये तो उसके विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 1998 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अवश्य पंजीकृत करायी जाए।ऐसे कक्ष निरीक्षक जिनके पाल्य एवं संबधी जिस परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा दे रहे हैं तो वे उस केन्द्र पर कक्ष निरीक्षक कार्य के पात्र नहीं होंगे।
बैठक के उपरान्त जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से राजकीय सिटी इण्टर कालेज  में बनाये गये मानिटरिंग शेल एवं कन्ट्रोल रूम का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कांग्रेसियों ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ निकाली पदयात्रा

गाजीपुर में कांग्रेस की मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

गाजीपुर। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर चल रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” के अंतर्गत सोमवार को आमघाट स्थित गांधी पार्क से एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा गांधी पार्क (आमघाट) से प्रारंभ होकर मिश्र बाजार और महुआ बाग होते हुए सरजू पांडे पार्क, कचहरी गाजीपुर पर समाप्त हुई। पदयात्रा में जिले के प्रभारी एवं पूर्व विधायक अमरेश चंद्र पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि काम के दिनों में कटौती, भुगतान में देरी और बजट में कमी से मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीब मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी और किसी भी सूरत में उनके हक पर आंच नहीं आने देगी।
जिला अध्यक्ष सुनील राम ने केंद्र और प्रदेश सरकार को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि गांवों में रोजगार के अवसर घट रहे हैं और सरकार आंकड़ों के जरिए विकास का भ्रम फैला रही है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने भी सरकार को रोजगार के मुद्दे पर विफल करार देते हुए कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह ने मनरेगा को गरीबों की जीवनरेखा बताते हुए मांग की कि मजदूरों के भुगतान में भारत सरकार 90 प्रतिशत और प्रदेश सरकार 10 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करे, अन्यथा यह योजना प्रभावित हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों को पूरा काम और समय पर भुगतान नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ कांग्रेसजन, पदाधिकारी, मनरेगा मजदूर एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से अजय सिंह, जनक कुशवाहा, अजय कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश सिंह, चंद्रिका सिंह, राजीव सिंह, विद्याधर पांडे, हामिद अली, राघवेंद्र कुमार, देवनारायण सिंह, सतिराम सिंह, आशुतोष गुप्ता, गुड्डू कुमार, महबूब निशा, बृजेश कुमार, शबीहूल हसन, रईस अहमद, मोहम्मद अयूब, शशि भूषण राय, अजय कुमार दुबे, सदानंद गुप्ता, राजेश उपाध्याय, कमलेश्वर प्रसाद, मुकेश कुमार, गयासुद्दीन, शंभू कुशवाहा, गुलबास यादव, जफरुल्लाह, संजय गुप्ता, मोहन राम, डब्लू राम, मोहन चौहान, संतोष कुशवाहा, संजय सिंह, देवेंद्र कुमार सिंह, लखन श्रीवास्तव, बालेश्वर विश्वास, कमलेश यादव, ओम प्रकाश यादव, जेपी पांडे, चंद्रशेखर आर्या, राजू कुमार, अब्दुल हामिद अंसारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
अंत में पदाधिकारियों ने कहा कि यह पदयात्रा आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में जनहित के मुद्दों पर व्यापक जनसंघर्ष चलाया जाएगा।

बैंककर्मियों की हुंकार, सरकार को आर-पार की चेतावनी

मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के खिलाफ गूंजा गाजीपुर – बैंककर्मियों की हुंकार, सरकार को आर-पार की चेतावनी
गाजीपुर। केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए चारों लेबर कोड, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और कॉरपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल के तहत जिले में बैंककर्मियों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। पीएनबी मुख्य शाखा, विशेश्वरगंज पर बड़ी संख्या में एकत्र होकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और स्पष्ट संदेश दिया कि श्रमिक अधिकारों पर कुठाराघात किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सत्येन्द्र गुप्ता, जिला संयोजक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस एवं जिला मंत्री, यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन, गाजीपुर इकाई ने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा युद्ध हैं। यह कानून नहीं, बल्कि दशकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान पर प्रहार हैं। 8 घंटे कार्यदिवस, नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और ट्रेड यूनियन के अधिकारों को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि बैंककर्मी अपने अधिकारों की बलि नहीं चढ़ने देंगे और हर अन्याय का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर रही है और देश की आर्थिक रीढ़—सार्वजनिक बैंकों—को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। यह केवल कर्मचारियों का प्रश्न नहीं, बल्कि देश की आर्थिक संप्रभुता और आम जनता की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का मुद्दा है। यदि मजदूरों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक, उग्र और निर्णायक रूप लेगा।
सत्येन्द्र गुप्ता ने स्पष्ट घोषणा किया कि “यह संघर्ष समझौते का नहीं, अधिकारों की पुनर्स्थापना का है। हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं अधिकार लेकर रहेंगे!”
रामजी, जिलामंत्री बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करना देश की आत्मनिर्भरता पर सीधा हमला है। बैंककर्मी निजीकरण की हर कोशिश का सड़क से संसद तक विरोध करेंगे।
जितेन्द्र शर्मा, जिलामंत्री BEFI ने कहा कि लेबर कोड के माध्यम से 8 घंटे कार्यदिवस, ओवरटाइम अधिकार और सामूहिक सौदेबाजी की ताकत को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है, जिसे मजदूर वर्ग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
कमलेश सिंह, जिलामंत्री पीएनबी ने कहा कि सरकार की नीतियां कॉरपोरेट मुनाफाखोरी को बढ़ावा देती हैं और कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ करती हैं। यह संघर्ष केवल वेतन का नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और अस्तित्व का है।
शुभम सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने मजदूर-विरोधी नीतियां वापस नहीं लीं तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और राष्ट्रव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों की आवाज पूरे शहर में गूंज उठी —
“चार लेबर कोड वापस लो!”
“निजीकरण बंद करो!”
“मजदूर एकता जिंदाबाद!”
“कॉरपोरेटपरस्ती मुर्दाबाद!”
बैंककर्मियों ने एक स्वर में घोषणा की कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक श्रमिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।

साबिर अली आई.टी.आई कॉलेज में हुआ कैम्पस सेलेक्शन

साबिर अली आई.टी.आई., जखनियां में हुआ कैम्पस सेलेक्शन

गाज़ीपुर। साबिर अली आई.टी.आई., जखनियां के तत्वावधान में (बृहस्पतिवार) को प्रातः 9:00 बजे से संस्थान परिसर में एक भव्य एवं सुनियोजित कैम्पस प्लेसमेंट ड्राइव का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कैम्पस प्लेसमेंट में देश की प्रतिष्ठित एवं अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra Ltd. (एग्री-डेवलपमेंट सेंटर, महिंद्रा ट्रैक्टर प्लांट, जयपुर) के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 45 प्रशिक्षुओं ने साक्षात्कार में प्रतिभाग किया, जिनमें से कंपनी के HR प्रियंका फौजदार द्वारा चयन मापदंडों के अनुसार 25 प्रशिक्षुओं का चयन विभिन्न अप्रेंटिस पदों हेतु किया गया।


संस्थान के प्राचार्य ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए बताया कि इस प्रकार के कैम्पस प्लेसमेंट कार्यक्रम क्षेत्र के तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी इसी प्रकार प्रतिष्ठित कंपनियों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा। अंत में संस्थान परिवार ने कंपनी के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा चयनित प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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