प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग
गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।
समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल
सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन
गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।
नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।
वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी। उसके पश्चात् कक्षा PG से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए।
कक्षा 1 से 5 में निशांत राय ने 99 9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार राय व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।
विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं।
इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत इंटर्न व छात्रों से एसडीएम सदर ने की वार्ता
मांगों को सक्षम स्तर तक पहुंचाने का दिया आश्वासन, मरीजों को निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, गाजीपुर में इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे इंटर्न एवं छात्रों से मंगलवार को उपजिलाधिकारी सदर ने महाविद्यालय परिसर में वार्ता की। इस दौरान छात्रों एवं इंटर्न ने स्टाइपेंड में वृद्धि समेत अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से एसडीएम को अवगत कराया। उपजिलाधिकारी सदर ने आंदोलनरत इंटर्न एवं छात्रों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्टाइपेंड वृद्धि से संबंधित उनकी मांगों को नियमानुसार सक्षम स्तर के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
वार्ता के दौरान महाविद्यालय में संचालित चिकित्सा सेवाओं की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों के अनुसार, महाविद्यालय की ओपीडी नियमित रूप से संचालित हो रही है और चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। मरीजों के आवागमन, जांच और उपचार में किसी प्रकार की रोक-टोक अथवा बाधा नहीं है। उपजिलाधिकारी ने महाविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही परिसर में शांति एवं सामान्य व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वार्ता के बाद ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहीं।
बागवानी व सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश
गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को रायफल क्लब सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक में योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने पिछले वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्राप्त लक्ष्यों और उनकी कार्ययोजना की जानकारी दी।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत जनपद को नवीन उद्यान रोपण के लिए 48 हेक्टेयर, शाकभाजी क्षेत्र विस्तार के लिए 15 हेक्टेयर, पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए 9 हेक्टेयर, प्याज एवं लहसुन के मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 150 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके अलावा 100 बॉक्स मौनपालन, 2000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 70 इको लाइट ट्रैप तथा 15 हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत 14 हेक्टेयर फल क्षेत्र विस्तार, 60 हेक्टेयर शाकभाजी क्षेत्र विस्तार, 20 हेक्टेयर प्याज क्षेत्र विस्तार, 21 हेक्टेयर पुष्प क्षेत्र विस्तार तथा 5 हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 4000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 150 बॉक्स मौनपालन, 5 एचडीपीई वर्मी बेड और 5 इको लाइट ट्रैप यूनिट स्थापित किए जाने हैं। इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि दोनों योजनाओं में किसी भी लाभार्थी की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी। औद्यानिक योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पीडीएमसी योजना से भी लाभान्वित किया जाए।
मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का लाभ जनपद के अधिकतम चार विकासखंडों—मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, रेवतीपुर एवं सदर—में दिया जाएगा। शेष विकासखंडों में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई के लिए 602 हेक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर के लिए 192 हेक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर के लिए 80 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए 704 हेक्टेयर तथा रेनगन स्प्रिंकलर के लिए 185 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए और निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य समय से पूरा कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी अंगद प्रसाद सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य महेश सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रगतिशील कृषक अनूप राय, विजयानन्द राय एवं वीरेन्द्र कुमार राय भी बैठक में उपस्थित रहे।
नराकास गाजीपुर को राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
मुंबई में हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान मिला सम्मान
गाजीपुर। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग की ओर से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), गाजीपुर को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, प्रभावी एवं सराहनीय कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के भव्य समारोह में प्रदान किया गया। नराकास, गाजीपुर को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि जनपद में स्थित विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आधिकारिक पत्राचार में हिंदी के प्रयोग, डिजिटल माध्यमों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा नियमित बैठकों एवं कार्यशालाओं के सफल आयोजन के आधार पर मिली है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से नराकास गाजीपुर से जुड़े कार्यालयों एवं संस्थानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर नराकास गाजीपुर के अध्यक्ष विनय शंकर ने समिति के सभी सदस्य कार्यालयों, संस्थानों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक कार्यालय या व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि नराकास गाजीपुर से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों की निष्ठा, निरंतर प्रयास और सामूहिक योगदान का परिणाम है। यह सम्मान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि नराकास गाजीपुर भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास, प्रभावी क्रियान्वयन और सरल एवं सुगम प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नई कार्ययोजनाओं के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।
गाजीपुर।उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ जनपद शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं महासंघ के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जनहित एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नियमित रूप से रक्तदान करने वाले लोगों को जिलाधिकारी द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होने कहा कि हमारे द्वारा किया जाने वाला प्रत्येक कार्य जनहित एवं जनकल्याण की भावना से प्रेरित होना चाहिए। कोई भी कार्य केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने गाजीपुर जनपद में बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए, जिससे बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके और आमजन को होने वाली परेशानियों से प्रभावी ढंग से निजात दिलाई जा सके। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी एवं प्रभावी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि जनपद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क, पुल, नाली, जल निकासी, सिंचाई एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व पर विशेष ध्यान देते हुए ऐसी कार्ययोजनाएं बनाई जाएं, जो भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर तैयार हों। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता एवं प्रशासनिक सोच के समन्वय से गाजीपुर जनपद में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराएं। कार्यक्रम में महासंघ के पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित
17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक जनभागीदारी के साथ होंगे विभिन्न कार्यक्रम
गाजीपुर। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग उ0 प्र0 सरकार/जनपद प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों की अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से मंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत की गई। अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों, नीतिगत सुधारों तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। अभियान के अंतर्गत 13 प्रमुख कार्यक्रमों के साथ विभिन्न विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने मन्त्री जी को अवगत कराया कि सभी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम की पूर्व तैयारी, विभागवार कार्ययोजना, जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जा रहे है।
प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन सूची तैयार की जाए। साथ ही जनपद में विगत 9 वर्षों में हुए विकास कार्यों एवं योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों का विवरण, फोटो, वीडियो एवं सफलता की कहानियों का डेटा तैयार किया जाए, ताकि अभियान के दौरान इन्हें प्रभावी ढंग से जनसामान्य तक पहुंचाया जा सके। अभियान की कार्ययोजना में विकास कार्यों एवं लाभार्थियों के ‘पहले और बाद’ के बदलाव को भी प्रदर्शित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियानकृसरकार आपके द्वार’, ‘रंगोली राष्ट्र’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज’ तथा ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे 13 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत सायं 7 बजे दीप प्रज्वलन होगा। साथ ही ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगों को उपकरण, उद्यम विभाग द्वारा लाभार्थियों को टूल किट वितरित किए जाएंगे। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता, नदी-घाटों की सफाई, वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के अंतर्गत विकासखंड, विधानसभा स्तर पर बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन एवं यथासंभव मौके पर ही स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान केवल आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय क्षेत्र तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी समन्वय के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे तथा प्रतिदिन की प्रगति को निर्धारित माध्यम पर दर्ज किया जाएगा।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों एवं नगरीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों, एनसीसी, एनएसएस एवं माई भारत वॉलंटियर्स की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान की गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक प्रचार-प्रसार दिए जाने पर भी जोर दिया जाएगा।
प्रभारी मन्त्री ने कहा कि जनपद के समस्त संभ्रांत नागरिकों, स्वयं सेवी, सहित अन्य के साथ समन्वय करते हुए आशीर्वाद का दिया के अंतर्गत अपने घरों में उस दिन दिया जलाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रभारी मंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के पूर्व समस्त सरकारी भवनों एवं स्मारकों, गो आश्रय स्थलों सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर साफ़ सफाई की जाए। इसके साथ ही अनाथालय, वृद्धा आश्रम आदि जगहों पर भी अपनी सेवा अवश्य प्रदान करें। इसके साथ ही प्रमुख परियोजनाओं, स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएं, मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगिताओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाए, अखंड ज्योति निकाली जाए, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत 25 तरह की गतिविधियां निर्धारित है इसमें सभी की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु जागरूक किया जाए। एनसीसी द्वारा मानव श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में समस्त संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कटरिया कांड के आरोपियों से मिले अखिलेश यादव, मुकदमे की ली जानकारी
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में कटरिया कांड में आरोपी बनाए गए सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी आरोपियों से एक-एक कर मुकदमे की वर्तमान स्थिति और घटना से अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की जानकारी ली।
सपा के जिला उपाध्यक्ष आमिर अली ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटरिया कांड से जुड़े मामले में घटना के दिन से लेकर अब तक की पूरी जानकारी ली। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामले की स्थिति को समझा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आमिर अली के अनुसार, अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी लोग आपसी एकजुटता और मेहनत के साथ इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए मामले में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन भी दिया।
14 सूत्री मांगों को लेकर 7 अक्टूबर को लखनऊ विधानसभा मार्च करेगी किसान सभा
एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज-बिजली बिल माफी और बंद चीनी मिलों को चालू कराने की मांग
गाजीपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 14 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा (सम्बद्ध अखिल भारतीय किसान सभा) आगामी 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को लखनऊ में विधानसभा मार्च करेगी। मार्च सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। मंगलवार को नगर के मिश्रबाजार में आयोजित प्रेसवार्ता में किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने इसकी जानकारी देते हुए किसानों, मजदूरों और आमजन से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की। राजेंद्र यादव ने कहा कि किसान सभा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने, कृषि लागत कम करने, कर्ज और बिजली बिल से राहत देने तथा किसान-मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती भारत में संगठित किसान आंदोलन के जनक रहे हैं और उनकी किसान हितों की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा मार्च किया जा रहा है।
किसान सभा की प्रमुख मांगों में C2+50 प्रतिशत के आधार पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,762 रुपये, धान 4,508 रुपये, गन्ना 736 रुपये और आलू 1,700 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही किसान, मजदूर, छात्र एवं युवाओं के बकाया बिजली बिल और कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई जाएगी। संगठन ने किसान, मजदूर, बुनकर और दस्तकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद महिला और पुरुष दोनों के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार से 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की गारंटी देने की मांग की है। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील तथा बिजली संशोधन बिल 2022 वापस लेने की मांग भी की गई है। किसान सभा ने उत्तर प्रदेश में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने की मांग उठाई है। इसमें गाजीपुर की नंदगंज और मथुरा की छाता चीनी मिल को विशेष रूप से चालू कराने की मांग शामिल है। संगठन ने तालाबों के आवंटन में मल्लाह समुदाय के अधिकार सुनिश्चित करने तथा संबंधित ग्राम पंचायत में पात्र मल्लाह उपलब्ध नहीं होने पर अन्य गरीब पात्र लोगों को आवंटन करने की मांग की है। वहीं, 132 लैण्ड की जमीन पर वर्षों से बसे गरीब मजदूरों को मालिकाना हक देने, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को दरकिनार कर जमीन लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा चंदौली, वाराणसी, मथुरा, नोएडा और गौतमबुद्ध नगर में चल रही भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही निरस्त करने की मांग भी उठाई जाएगी। किसान सभा ने गाजीपुर की अफीम फैक्ट्री का उल्लेख करते हुए किसानों के लिए पोस्त की खेती का लाइसेंस पुनः शुरू करने तथा मथुरा में दुग्ध उद्योग स्थापित करने की मांग की है। निजी विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिक शुल्क का मुद्दा उठाते हुए गरीब किसान-मजदूर परिवारों को सस्ती एवं बेहतर शिक्षा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की गई है। संगठन ने प्रदेश के सभी पंप कैनालों को पूरी क्षमता से संचालित कर खेतों तक पानी पहुंचाने तथा मथुरा के गोवर्धन और छाता क्षेत्र में नहरों में पर्याप्त पानी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। किसान सभा ने दैवीय आपदा और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ बटाईदार और पेशगी किसानों को भी देने की मांग की है। इसके अलावा रसोई गैस, यूरिया और डीएपी की कीमतों को कम करने तथा किसानों के लिए कृषि एवं घरेलू जरूरतों की लागत घटाने की मांग की गई है। संगठन ने देश में भ्रष्टाचार और कथित रूप से अर्जित अवैध संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर ऐसी संपत्तियों का उपयोग गरीब एवं कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में किए जाने की मांग भी 14 सूत्री मांगपत्र में शामिल की है। विधानसभा मार्च में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजन क्षीर सागर, महासचिव आर. वेंकैया, डॉ. गिरीश शर्मा, अरविंद राज स्वरूप, बलदेव सिंह, के.डी. सिंह, पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय महासचिव राजेंद्र यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एडवोकेट छीतर सिंह, इम्तियाज बेग, डॉ. रामचंद्र सरस और बलराम पटेल समेत कई किसान नेता वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व राजेंद्र यादव (पूर्व विधायक एवं महासचिव, उत्तर प्रदेश किसान सभा) तथा एडवोकेट छीतर सिंह (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा) करेंगे। आयोजक मंत्री परिषद में देवेंद्र मिश्रा, रामकुमार भारती, राधेश्याम यादव, दीनानाथ त्रिपाठी, जनार्दन राम, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश प्रधान, अजय सिंह, जयशंकर सिंह, रामबरन सिंह, रणधीर सुमन एडवोकेट, आनंद चौरसिया, अशोक तिवारी, सुभाष पटेल, बुफरान अहमद, शारदा पांडेय और शशिकांत कुशवाहा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।
जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
गाजीपुर। जनगणना 2027 के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने और नागरिकों को जाति दर्ज कराने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए जातिगत आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आंकड़े सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में जातिगत सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक आंकड़े जुटाने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार को भी जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल कर जातिगत आंकड़े एकत्र करने चाहिए। साथ ही जाति संबंधी जानकारी दर्ज करते समय त्रुटियों को कम करने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश की आबादी में पिछड़े वर्गों की बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन उनकी वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और जरूरतों का सही आकलन मुश्किल होगा। कांग्रेस सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी मिलने पर ही सरकार उनके लिए प्रभावी नीतियां तैयार कर सकती है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता, भागीदारी और न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इस दौरान हामिद अली, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, सुमन चौबे, राशिद, उषा चतुर्वेदी, शबीहूल हसन, रईस अहमद, ताहिर अब्बासी, कुंदन खरवार, संतोष कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा और आदिल सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल में संस्थापिका मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस
संघर्ष, सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण को किया गया याद, जरूरतमंदों में बांटी गई राशन सामग्री
गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर में सोमवार को विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस समारोह का आयोजन श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्यों, सुविचारों, कविताओं और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा कराई। उन्होंने कहा कि मैडम सईदा फ़ैज़ का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार और आदर्श आज भी विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए निदेशक डॉ. नदीम अधमी द्वारा भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान को विस्तार से साझा किया। उन्होंने उनकी विभिन्न उपलब्धियों और दूरदर्शी सोच को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
निदेशिका डॉ. मीना अधमी ने मैडम फ़ैज़ के पारिवारिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने उनके साथ बिताए विद्यालय जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैडम फ़ैज़ से उन्होंने एक महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की—किसी व्यक्ति की कमजोरी को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदैव दूसरों की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखा, जो उनके व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है।
इस अवसर पर वक्ता लव कुश पांडेय ने कहा कि शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल मैडम सईदा फ़ैज़ की तपस्थली रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यालय के प्रत्येक कोने में दिखाई देता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि “शरीर नश्वर है, किंतु महान व्यक्तित्वों की आत्मा और उनके आदर्श सदैव अमर रहते हैं।”
कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विद्यालय परिवार की ओर से गाज़ीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण भी किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, न्यायिक अधिकारियों ने रखे विचार
गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव के निर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत विविध भाषाओं, जातियों और धर्मों वाला विशाल देश है। व्यापार, संस्कृति और सामाजिक संबंधों के कारण देश के विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में आपसी संवाद और व्यवहारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है, जिसे अधिक से अधिक लोग आसानी से समझ और बोल सकें। उन्होंने कहा कि हिंदी लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है। हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं सम्मान सुनिश्चित करना है, क्योंकि हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और बंधुत्व को मजबूत करने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय हरी शुक्ला ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना है। जब तक हिंदी का व्यवहारिक रूप से अधिकाधिक प्रयोग नहीं होगा, तब तक इसके विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह ने कहा कि भाषा विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति अपने विचार, भाव-भंगिमा और अनुभव भाषा के माध्यम से ही दूसरों तक पहुंचाता है। हिंदी इस अभिव्यक्ति को सहज और प्रभावी बनाने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड ने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है। भारत में बड़ी संख्या में लोग हिंदी का प्रयोग करते हैं। भाषा विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भाषाई विविधता के बावजूद हिंदी राष्ट्रीय एकता और आपसी संवाद को मजबूत करने में सहायक है ।संगोष्ठी में अपर सिविल जज (जू.डि.) हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) मोनी वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी एवं राजन पाण्डेय ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्वेता वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03, संजय के लाल, स्पेशल जज (ईसी एक्ट), राम अवतार प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-01, विजय कुमार-चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-01 सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, विद्वान अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।