शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

जीर्णोद्धार किए गए मंदिर में विधिवत पूजन के साथ स्थापित हुए बजरंगबली

राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम
गाजीपुर। अधिवक्ताओ ने सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षो एव अधिवक्ताओ ने कचहरी प्रंागण में संकट मोचन मंदिर में बंजरंग बली हनुमान जी के नये मुर्ती की स्थापना कर मंदिर का जिर्णाेद्वार शुक्रवार को किया गया। मुर्ती स्थापना के अवसर पर सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामयश यादव ने बताया राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम, जबतक मंदिर की पूजन विधिवत सम्पन्न नही हो जाता तब तक हम विश्राम कैसे कर सकते है, इस कार्य में लगे पूर्व अध्यक्ष गोपाल जी श्रीवास्तव, सुधाकर राय, विजय शंकर पाण्डेय, ओमप्रकाश गुप्ता आदि के योगदान से मंदिर में नये हनुमान मूर्ती स्थापना का विधिवत पूजन गुरूवार को प्रातः प्रारम्भ किया गया। जिसमे गाजीपुर के विद्वान पुजारी पंडित पुरूषोत्तम पाण्डेय व वाराणसी से आये पुरोहितो ने एकस्वर में विधिवत मंत्र उच्चारण कर पूजन अर्चन किया। जिसमें रामयश यादव ने सपत्नी संकल्प लेकर हवन पूजन किया।

हवन के उपरान्त सभी अधिवक्तागण व श्रद्धालुओ ने एक साथ सुन्दरकाण्ड पाठ कर श्री हनुमान जी की पूजा किया। पूजन हवन के उपरान्त कचहरी प्रांगण में प्रसाद वितरण व विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अन्त में सांयकाल संयुक्त निदेशक अभियोजन आनन्द पाण्डेय व जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने संकट मोचन मंदिर पूजन मे आये आगन्तुक ब्रम्हचारी दास जी महाराज, भोजपूरी गायक अरूण मिश्रा, विपिन श्रीवास्तव, पत्रकार विनोद पाण्डेय, शशिकान्त, चन्द्र कुमार आदि को अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया व जनपद न्यायाधीश धमेन्द्र पाण्डेय व अलख, अभिमन्यू, विजय, नूतन द्विवेदी सहित सभी न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता चन्द्रबली राय, भानू प्रताप सिंह, विश्वनाथ पाण्डेय, रामप्रकाश ंिसह, धर्मप्रकाश दूबे, रामपूजन सिंह, भगवान द्विवेदी, सीताराम राय, कृपाशंकर सिंह, रतन श्रीवास्तव, त्रिलोकी यादव, रमेश यादव, लल्लन यादव, प्रभुनरायण सिंह, रविकान्त पाण्डेय, जयप्रकाश सिंह, सुनील सिंह, रामकुमार राय, अखिलेश सिंह, मुन्ना राजभर,

शशिज्योति, जेबी सिंह, क्षमा त्रिपाठी, सुधा कश्यप, रीना त्रिपाठी, समता बिन्द, जयपवन लाल, पूर्व सचिव अशोक भारती, राजकुमार जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, आनन्द, अजय शंकर तिवारी सहित सेैकड़ो अधिवक्ता व श्रद्धालुओ ने दर्शन पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया।

सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मासिक बैठक संपन्न

गाजीपुर।समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक सपा जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विचार व्यक्त करते हुए गोपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सही मतदाताओं का नाम काटने का कुचक्र रच रही है जिससे हर स्तर पर सभी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सतर्क होकर मेहनत करना है और एक-एक मतदाता का वोट जुड़वाना है। भाजपा का लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं रह गया, आम आदमी के मतदान देने के मौलिक अधिकार को SIR के बहाने समाप्त करना चाहती है। भाजपा महंगाई बेरोजगारी हत्या लूट बलात्कार कानून व्यवस्था के नाम पर फेल हो चुकी है, जिससे अलग-अलग हथकंडा अपनाकर सत्ता में बने रहना चाहती है, लेकिन आम जनता भाजपा के कुचक्र को समझ गई है और 2027 में उत्तर प्रदेश की सत्ता से हटाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने का काम करेगी। बैठक में सर्वश्री पूर्व मंत्री शादाब फातिमा , विधायक अंकित भारती, पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, डॉ रमाशंकर राजभर रामधारी यादव डॉक्टर ननकू यादव, बलिराम पटेल,राजकुमार पांडे, मुन्नीलाल राजभर, आमिर अली, रविंद्र प्रताप यादव, रामबचन यादव, रामदास यादव, हाजी जमा खान, जय हिंद यादव, गोवर्धन यादव, तहसील अहमद, अवधेश यादव राजू, राजेंद्र यादव, डा. समीर सिंह, डा. सीमा यादव, विभा पाल, बिन्दु बाला बिन्द, असलम हुसैन, जयराम यमुना, आजाद, डॉ संजय कनौजिया, लल्लन राम, फेकू यादव, अजय यादव, कामता बलिराम, श्रीराम इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

365 शिकायत पत्र में 43 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील सेवराई में अविनाश कुमार, की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति में तहसील सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिसमे 97 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 12 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 365 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर  43 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया। अधिशासी अभियन्ता लघु सिचाई द्वारा बिना सूचना दिए तहसील दिवस में अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया।
इसी क्रम में तहसील सदर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 32 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 23 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। जमानियॉ तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 42 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मैके पर 04 का निस्तारण किया गया। तहसील जखनियां में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 70 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 03 निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 19 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 01 का निस्तारण किया गया एवं तहसील मुहम्मदाबाद में तहसीलदार की अध्यक्षता में 73  शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 17 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से संबंधित होते है इसलिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, डी सी मनरेगा विजय कुमार यादव, तहसीलदार सेवराई, क्षेत्राधिकारी सेवराई एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील दिवस के उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा तहसील सेवराई में रिकार्ड रूम, एस डी एम कोर्ट एवं अन्य कक्षों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान साफ सफाई तथा फाइलों का सही से रख रखाव हेतु निर्देश दिया गया।

12 फरवरी को होगा एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल

गाजीपुर। देश की दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र की प्रमुख यूनियनें,ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया सहित अन्य स्वतंत्र फेडरेशन एवं संगठन सरकार द्वारा लागू की जा रही चार श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी एकदिवसीय आम हड़ताल के लिये तैयार हैं।

यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन, गाजीपुर इकाई के जिला मंत्री सत्येन्द्र गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक यूनियनों में एआईबीईए, एआईबीओए एवं बीईएफआई ने बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे इस आम हड़ताल में पूर्ण एकजुटता, अनुशासन और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करें।

ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चारों श्रम संहिताएं कॉरपोरेट हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, जिनमें ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देते हुए करोड़ों श्रमिकों की ‘ईज ऑफ लिविंग’ को कमजोर किया जा रहा है। संगठन बनाने का अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार तथा नियमित आठ घंटे का कार्यदिवस जैसे बुनियादी श्रमिक अधिकारों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
यूनियनों का कहना है कि लंबे संघर्षों से प्राप्त मौजूदा श्रम कानून- जिनमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल सुरक्षा की न्यूनतम गारंटियां शामिल थीं- नई श्रम संहिताओं के माध्यम से नियोक्ताओं के पक्ष में कमजोर किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण एवं विनिवेश को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है, जिससे इन संस्थानों की सार्वजनिक सेवा भूमिका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

बैंककर्मी नेता सत्येन्द्र गुप्ता ने बताया कि बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जाना निजीकरण की दिशा में एक गंभीर कदम है। एलआईसी का आईपीओ, आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एफडीआई सीमा बढ़ाने जैसे निर्णय इसी नीति की निरंतरता हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियनों का स्पष्ट मत है कि ये नीतियां न केवल बैंक और बीमा कर्मचारियों के भविष्य को खतरे में डालती हैं, बल्कि देश की वित्तीय स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा और व्यापक राष्ट्रीय हितों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और बीमा संस्थान राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभाते आए हैं, जिन्हें निजी हितों के हवाले करना जनविरोधी है।

यूनियनों ने दोहराया कि 12 फरवरी 2026 की आम हड़ताल श्रमिक अधिकारों की रक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के संरक्षण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सामूहिक संकल्प की अभिव्यक्ति होगी।

सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल में एकदिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल तडवनवा में एकदिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

गाजीपुर। सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल, तडवनवा, गाजीपुर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए एकदिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शारीरिक क्षमता, खेल भावना तथा खेल कौशल को प्रोत्साहित करना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मल्लिका बेगम, वरिष्ठ अधिवक्ता,  द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर लीमा ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के ट्रैक एंड फील्ड खेल आयोजित किए गए, जिनमें मेढ़क दौड़, 50 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़, रिले दौड़ तथा धीमी गति साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व रोचक खेल शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतिभाग किया।


प्रतियोगिता के समापन पर प्रधानाचार्या सिस्टर लीमा द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या सिस्टर प्रदीपा, खेल शिक्षक रंजित कुमार, गौरव गुप्ता, मो. शम्स अल्वी, पंकज प्रजापति एवं अखिलेश कुशवाहा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


अंत में प्रधानाचार्या ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।” उन्होंने पदक विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

घूसखोर पंडत फिल्म का पूर्वांचल छात्र सेना ने किया विरोध, फूंका पोस्टर

गाजीपुर। शुक्रवार को कचहरी परिसद में पुर्वान्चल छात्र सेना के बैनर तले यूपी अमिंग बॉलीवुड की आने वाली फिल्म घूसखोर पंडत का पोस्टर फुक कर पुरजोर विरोध किया गया। प्रदर्शन के दौरान फिल्म पर रोक लगाने की माँग की गई। पूर्वांचलछात्र सेना के प्रदेश संयोजक निमेष पाण्डेय ने कहा की भारतीय सभ्यता और संस्कृति को संजोने के लिए अपने गर्दन कटा देने वाले ब्राह्मणों को बदनाम करने के लिए बनाये गये फिल्म धुसखोर पंडित पर फिल्म सेंसर कोई रोक नहीं लगाती है। तो पुरे सिनेमा घरो पर उस प्रर्दशन किया जायेगा।

बालीवुड में ब्राह्मणों के खिलाफ नॉरेटिव सेट करने वाले डारेक्टरों के खिलाफ कोर्ट में मुकद‌मा भी किया जाएगा। पोस्टर एवं विरोध प्रदशन करने वाले में मुख्य रूप से पप्पू पांडे, राहुल दुबे, विराट पाण्डेय, धनन्जय मिश्रा, अभिषेक तिवारी, मिटू पाण्डेय, धन्तजय तिवारी, सूर्या त्रिपाठी, ऋषिकांत जी, रवि यादव. ओमनारायण राय, राजु उपाध्याय इत्यादि लोग उपस्थित थे।

बैडमिंटन प्रतियोगिता में आकांक्षा राय ने मारी बाजी

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महाविद्यालय में चल रही वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन शुक्रवार को बैडमिंटन प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में कुल 37 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान कुल 32 मैच आयोजित किए गए। फाइनल मुकाबले में आकांक्षा राय (एम.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने अलका पांडे (बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर) को 21–17 से पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अलका पांडे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, रिमशा (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने श्रेया (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) को 11–06 से हराकर क्रमशः तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता कुमारी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलों में जीत से अधिक महत्वपूर्ण भागीदारी होती है, क्योंकि इससे आत्मविश्वास, अनुशासन एवं टीम भावना का विकास होता है।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. शिल्पी राय एवं डॉ. ओम शिवानी ने निभाई। कार्यक्रम का सफल संयोजन क्रीड़ा प्रभारी डॉ. शंभू शरण प्रसाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शिव कुमार, डॉ. सारिका सिंह, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. एकलाख खान सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

सेना ने भेजा नोटिस तो लोग पहुंचे डीएम दरबार

गाजीपुर। सदर कोतवाली अंतर्गत बिलईचिया गांव जहां पर करीब 7 से 8 महीने पहले सेना की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से पिछले 30-40 सालों से रहने आने वाले लोगों को सेना के अधिकारियों ने अपनी भूमि को चिन्हित करने के बाद अतिक्रमण हटाने का काम किया था और इस अतिक्रमण में करीब 40 से 50 परिवार बेघर हो गए थे जो पास के ही गांव और बगीचों में इस कड़कड़ाती ठंड और बीते हुए बारिश के महीना में रहने को मजबूर हुए थे और इस अतिक्रमण को हटाए जाने को लेकर जमकर राजनीति भी हुई थी तब जिला प्रशासन के द्वारा इस बात को कहा गया था की जिनका भी अतिक्रमण में मकान गिराया गया है यदि उनके पास कोई अपनी जमीन नहीं होगी तो ऐसे लोगों का चिन्हकन कर उन्हें भूमि पट्टा करते हुए बसाने का काम किया जाएगा लेकिन कई महीना बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसको लेकर गुरुवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी को एक पत्र सोपा और बताया कि पिछले कई महीनो से यह लोग बगीचे में प्लास्टिक डालकर रह रही है और प्रशासन के द्वारा उन्हें भूमि देने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक नहीं दिया गया है जिसको जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तत्काल एसडीएम को इस बात का निर्देश दिया कि इन सभी लोगों का सर्वे कर लिया जाए और जो भी इसके पात्र व्यक्ति नजर आते हैं उन्हें भूमि का पट्टा कराया जाए साथ ही उन्होंने यह भी क्लियर किया कि जब तक इन्हें भूमि का पट्टा नहीं हो जाता है तब तक सेना के द्वारा जो नोटिस भेजी जा रही है लेकिन आगे अभी अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अनुदेशकों ने मुंह मीठा कर मनाया जीत का जश्न

गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले करीब 20-22 सालों से अनुदेशक के पद पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई तब उन्हें 8940 का मानदेय दिया गया लेकिन उसके करीब 18 महीने के बाद ही उनसे वेतन के 1840 रुपया रिकवरी करते हुए ₹7000 मानदेय निर्धारित किया गया और फिर बाद में ₹2000 बढ़ा दिया गया तब से लेकर अब तक अनुदेशक अपने न्यूनतम मानदेय पर लगातार शिक्षक के रूप में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं लेकिन मात्र ₹7000 के मानदेय पर कार्य कर रहे हैं और इसी को देखते हुए अनुदेशक संगठन के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए इन लोगों का मानदेय बढ़ाते हुए 17000 रुपए करने का निर्देश दिया है साथ ही साल 2017 -18 से इन्हें एरियर के रूप में बकाया का भी भुगतान करने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा अब इन सभी अनुदेशकों को परमानेंट करने की भी बात कही है जिसकी जानकारी होते ही अनुदेशकों में काफी खुशी की लहर देखने को मिल रही है और इसी को लेकर गुरुवार को सदर URC पर अनुदेशकों ने जीत का जश्न मनाया और बताया कि यह हमारी धैर्य और तपस्या का प्रतिफल है कि आज कोर्ट ने सुप्रीम राहत देते हुए हमारा मानदेय 17000 करते हुए हमें परमानेंट नियुक्ति की भी बात कही है और सबसे बड़ी खुशी इन लोगों की इस बात की थी कि जो अब तक यह लोग बंधुआ मजदूर की तरह कार्य करते थे और कोर्ट ने बधुआ मजदूर को लेकर भी टिप्पणी किया था अब यह सभी लोग उसे भी अब आजाद हो जाएंगे।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

उच्च शिक्षा के शिक्षकों में रोष: कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखे जाने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा

लखनऊ/गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के कैबिनेट फैसले के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग (महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय) के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्ववित्तपोषित शिक्षकों तथा अवकाश प्राप्त कर्मियों को इस लाभ से बाहर रखे जाने पर शिक्षक संगठनों में गहरा असंतोष फैल गया है।जिसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया है। पत्र में उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस 5 सितंबर 2025 को उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों सहित स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। हालांकि, 29 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों को यह सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया। प्रेस विज्ञप्ति और शासनादेशों में भी उच्च शिक्षा के शिक्षकों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। पत्र में प्रोफेसर पाण्डेय ने इसे “निराशाजनक” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं भेजा जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में असाधारण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम उच्च शिक्षा के शिक्षकों को आंदोलन के लिए बाध्य कर रहा है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर कैबिनेट निर्णय में संशोधन किया जाए। तत्काल विशेष कैबिनेट बैठक बुलाकर उच्च शिक्षा के कार्यरत सभी शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्ववित्तपोषित शिक्षकों तथा पेंशनभोगी शिक्षकों-कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने का प्रस्ताव पारित कराया जाए। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार से अपील की है कि घोषणा और क्रियान्वयन में भेदभाव न हो, अन्यथा शिक्षक समुदाय में बढ़ते असंतोष को रोकना मुश्किल होगा। यह मुद्दा अब उच्च शिक्षा के शिक्षक संगठनों के बीच गरमागरम चर्चा का विषय बन गया है, और जल्द ही बड़े आंदोलन की आशंका जताई जा रही है।

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