शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

गाजीपुर प्रेस क्लब ने रचा इतिहास, बीमा कैंप में जुटी पत्रकारों की भीड़


गाजीपुर प्रेस क्लब में रचा इतिहास, बीमा कैंप में जुटी पत्रकारों की भीड़

गाज़ीपुर: गाज़ीपुर प्रेस क्लब के तत्वाधान में वर्तमान सत्र के सदस्यों का द्वितीय चरण और अंतिम बीमा कैम्प मुख्य डाकघर में शनिवार के दिन आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में प्रेस क्लब सदस्यों ने भागीदारी दर्ज कर बीमा का लाभ उठाया।

ज्ञात हो कि गाज़ीपुर प्रेस क्लब ने स्थापना के बाद से ही पत्रकार हित में बड़ा कदम उठाते हुए सभी सदस्यों का 10 लाख का बीमा हर साल करवाया जा रहा है। बीमा में लगने वाली प्रीमियम की राशि का वहन प्रेस क्लब स्वयं उठाता है। उसी क्रम में लगातार तीसरे वर्ष भी सदस्यों का बीमा कराया गया।

आज द्वितीय चरण का बीमा कैंप महासचिव कृपा कृष्ण “केके” की देख रेख में आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि आज आये सभी सदस्यों का बीमा किया गया। वर्तमान सत्र में सौ से ज्यादा सदस्यों का बीमा कराया जा चुका है। अपनी स्थापना के समय से ही क्लब ने सदस्यों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जो आज के समय में पत्रकारिता की चुनौतियों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है।

बीमा कैम्प में संरक्षक मनीष मिश्रा, अध्यक्ष शिवकुमार, सचिव विनीत दुबे के अलावा यशवंत सिंह, हसन इकबाल, दयाशंकर राय, प्रदीप दुबे, आदर्श सिंह, विपिन दुबे, रिजवान अली, शहनवाज, अरुण यादव, रजत, सोनू शर्मा, पिंटू, अशोक मौर्य, बृजेश उपाध्याय, मो.आकिब, संतोष शर्मा, आदित्य, मो.फैसल, इन्द्रसेन आदि बड़ी संख्या में पत्रकार सदस्य मौजूद रहे।

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह ने पीजी कॉलेज में किया कार्यशाला का शुभारंभ

गाजीपुर। तकनीकी शिक्षा एवं शोध संस्थान, पी०जी० कालेज गोराबाजार के सभागार में शनिवार को ‘‘बौद्धिक संपदा संरक्षण‘‘ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह, उच्च न्यायालय इलाहबाद,  विशिष्ठ अतिथि डा० जे० पी0 सिंह, प्राचार्य, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान गाजीपुर, प्रो० अनिता कुमारी, प्राचार्य राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर एवं संस्थान के निदेशक, डा० अजीत प्रताप सिंह, द्वारा बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन  कर प्रारम्भ हुई।  

सचिव/प्रबंधक  अजीत कुमार सिंह ने सभी अतिथिओ को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह ने शिक्षा और अनुसंधान में बौद्धिक संपदा अधिकार का महत्व, पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और भौगोलिक संकेतकों का अवलोकन एवं भारत और विश्व स्तर पर बौद्धिक संपदा अधिकारों को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून और नियामक को विस्तार पूर्वक बताया। न्यायमूर्ति ने शिव वाटिका उद्यान में वृक्षारोपण भी किया।


अजीत कुमार सिंह ने  कार्यशाला के प्रायोजक विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, लखनऊ, उ०प्र० का आभार व्यक्त किया और उ० प्र० सरकार की बौद्धिक संपदा संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम की उपयोगिता को बताया तथा भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने हेतु निर्देशित किया। कार्यशाला में प्रो० फते बहादुर सिंह-बी०एच०यू०, प्रो० देवेन्द्र सिंह-आई०आई०टी०,बी०एच०यू०, प्रो० सौरभ पाल-पूर्वांचल विश्विद्यालय जौनपुर एवं डा० मयंक प्रताप- बी०एच०यू० ने बौद्धिक संपदा संरक्षण सम्बंधित अपने विचार व्यक्त किया जिसकी प्रतिभागियों द्वारा काफी सराहना की गयी।

इस कार्यशाला में संस्थान और प्रदेश के विभिन्न विश्विद्यालयों महाविद्यालयों से आये प्राध्यापक, रिसर्च स्कॉलर, कॉर्पाेरेटस और छात्रों ने काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और अपनी समस्त शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। महाविद्यालय के एन०एन०सी० कैडेट्स द्वारा डा० प्रशांत सिंह के नेतृत्व में  मुख्य अतिथि को सलामी दी गयी। कार्यशाला के संयोजक डा० अमित प्रताप ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया तथा कार्यक्रम का संचालन डा० अमित प्रताप के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शशिकांत राय, राणा प्रताप सिंह, कृपा शंकर सिंह, डा० बालेश्वर सिंह, डा० यशवंत  सिंह, डा० विनोद सिंह, डा० दिनेश  सिंह, डा० अजातशत्रु सिंह ,  राहुल आनन्द सिंह, डॉ० अभिषेक  सिंह, डा० सुभाष चन्द्र गुप्त, कमला प्रसाद गुप्त आदि उपस्तिथ रहे।

जिस समस्या का तत्काल निस्तारण हो सके उसके लिए किसी को परेशान ना करें:डीएम

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील जमानियां में शनिवार को डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में तहसील सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिसमे 42 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 05 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातांे तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 257 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर  41 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।



जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को सम्बंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से सम्बन्धित होते है इसलिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें।

तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, उपजिलाधिकारी जमानियां, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, तहसीलदार जमानियां, क्षेत्राधिकारी जमानियां एवं समस्त जनपदस्तरीय  अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों को मिला क्षतिपूर्ति चेक

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 21 फरवरी को कृषि विभाग की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत वन क्लिक डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के किसानों को कुल 285 करोड रुपए की धनराशि उनके बैंक खातों में भेजी गई। इसमें फसल बीमा के रूप में गाजीपुर के किसानों को अभी तक 2.22 करोड़ रुपए मिले हैं। शेष धनराशि अभी मिलनी शेष है। इस धनराशि में बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में फसल क्षति का पूर्व में प्राप्त 1.16 करोड़ रुपए शामिल है तथा आज मुख्यमंत्री द्वारा 3422 कृषकों को 1.06 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति दी गयी है। जनपद में फसल बीमा योजना के अंतर्गत कृषकों की संख्या साल दर साल घट रही थी। बैंकों द्वारा फसल बीमा के प्रति उदासीन रवैया तथा केसीसी धारक किसानों को बीमा योजना से बाहर होने के ऑप्ट आउट विकल्प के कारण विगत वर्ष मात्र 7422 किसान ही खरीफ फसल मे बीमित हुये थे।


जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा प्रत्येक बैंक और उसकी प्रत्येक शाखा का फसल बीमा का लक्ष्य निर्धारित करते हुए नियमित समीक्षा से पहली बार खरीफ मौसम में रिकार्ड 47000 से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ा गया। इसका प्रभाव रबी मौसम में भी देखने को मिला जिसमें 42000 से अधिक किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अपनाया। विगत 5 वर्षों में बीमा योजना के अंतर्गत सर्वाधिक प्राप्त क्षतिपूर्ति खरीफ वर्ष 2023 में मात्र 99 लाख रुपए थी। वहीं इस वर्ष खरीफ में अब तक 2.22 करोड़ रुपए किसानों को प्राप्त हो चुके हैं और अभी संपूर्ण धनराशि मिलनी बाकी है।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कृषि, राजस्व एवं बीमा कंपनी की संयुक्त समिति द्वारा जिन ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत हेतु अधिसूचित धान अथवा बाजरा फसल में 50 प्रतिशत से अधिक क्षति का आकलन था, वहां तात्कालिक सहायता के रूप में 25 प्रतिशत अग्रिम धनराशि प्राप्त हुई थी। इसके अतिरिक्त मोथा चक्रवात के चलते अतिवृष्टि से फसल काटकर सूखने हेतु खलिहान में रखी गई फसल को हुए नुकसान के साथ-साथ अंतिम रूप से क्रॉप कटिंग परिणाम तथा सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों से वास्तविक रूप से उपज में हुई कमी के आधार पर क्षतिपूर्ति का निर्धारण किया जाता है।

अब तक प्राप्त अनन्तिम धनराशि से यह संकेत मिलता है की पहली बार किसानों द्वारा प्रीमियम के रूप में बीमा कंपनी को अदा की गई 2.78 करोड़ रुपए से कहीं अधिक क्षतिपूर्ति किसानों को प्राप्त होगी। इसके कारण किसानों को किसी दैेवीय आपदा की स्थिति में फसल बीमा योजना की ओर अधिक से अधिक आकृष्ट हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का जनपद स्तरीय प्रसारण राइफल क्लब में आयोजित किया गया। जहां सरिता अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, गाजीपुर तथा मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलााधिकारी (वि0/रा0), उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी सहित बड़ी संख्या मंे दोनो योजनाओं के लाभार्थी मौजूद थे, जिन्हे अध्यक्ष नगर पालिका परिषद द्वारा क्षतिपूर्ति के चेक प्रदान किये गये।

डीएम ने किया निरीक्षण, रोका वेतन, मांगा स्पष्टीकरण

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने शुक्रवार को जनपद मुख्यालय स्थित जिला पूर्ति विभाग, जिला खाद्य विपणन कार्यालय एवं जिला पिछडावर्ग कल्याण विभाग कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने कार्यालयों के विभिन्न पटलो का जायजा लिया। इस दौरान उन्होने कार्यालयो मे खाद्यान्न, पर्वतन, आपूर्ति, अनुश्रवण कक्ष, अधिष्ठान, लेखा अनुभाग एवं राशन कार्ड अनुभाग व अन्य पटलो जॉच की।  निरीक्षण के दौरान कार्यालयों मे फाईलो का रख रखाव बेतरतीव ढंग से होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फाईलो का रख रखाव  सुव्यवस्थित ढंग से करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उन्होने तीनों कार्यालयो के  कर्मचारियो के सर्विस बुक, भविष्य निधि पास बुक, अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश की फाईलो की गहनता से जॉच की , इस दौरान विभिन्न फाईलो मंे कई कमियां प्रदर्शित हुई जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रामा सिंह यादव पूर्ति लिपिक को स्पष्टिकरण एंव वेतन रोकने, प्रहलाद चन्द विपणन सहायक का वेतन रोकने एवं स्पष्टिकरण एवं जिला पिछडावर्ग कल्याण विभाग के लिपिक अनुभव श्रीवास्तव को स्पष्टिकरण का निर्देश दिया । मौके पर जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त सिंह ,तहसीलदार सदर राजीव यादव, नायब तहसीलदार विजय कान्त,, जिला पिछड़ावर्ग कल्याण अधिकारी गिरजा शंकर सिंह, व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सांसद ने किया लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित

गाजीपुर। मेगा ऋण शिविर का आयोजन आडिटोरियम हाल में शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद डॉ0 संगीता बलवन्त एवं विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, द्वारा प्रदर्शनी/मेला का अवलोकन के उपरान्त दीप प्रज्ज्वलन कर कर किया गया। मेगा ऋण शिविर मे पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्र प्रमुख पश्चिम संजय कुमार सिन्हा और क्षेत्र प्रमुख पूर्व मुकेश रमन, अग्रणी जिला प्रबन्धक राजदेव कुमार एवं सभी बैंक समन्वयक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


इस अवसर पर विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP ), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC ), स्वयं सहायता समूह ऋण, यूनियन बैठक ऑफ इण्डिया, स्टेट बैंक आफ इडिया, इलाहाबाद बैक, उद्यमी एवं उद्योग विभाग, का स्टाल के माध्यम से प्रदर्शनी/मेला लगाया गया तथा अन्य स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।


मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने जनपद के ऋण की अपेक्षित वृद्धि के लिए बैंको की सराहना की, उन्होने 2047 तक के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंको की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया साथ ही उन्होने उपस्थित उद्यमियो, लाभार्थियों एवं जनमानस से अपील की की 2047 के विकसित भारत के सपने को पूर्ण करने के लिए अपना योगदान दे। उन्होेने कहा कि शासन की मंशा है कि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए।

उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र आवेदकों के प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उद्यमी जो विकसित भारत में गाजीपुर के आर्थिक विकास को गति प्रदान करके अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाने वाले है ऐसे हमारे गाजीपुर के देवतुल्य नागरीकगण है। ऋण वितरण का यह कार्यक्रम आयोजित होने पर नये उद्यमी तैयार करने ऋण वितरण का कार्यक्रम नही बल्कि यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें स्थानीय स्तर पर किस तरह आर्थिक शक्ति को मजबूत करे, उद्यमिता को मजबूत करे उसके लिए बहुत प्रभावशाली माध्यम है।


विशिष्ठ अतिथि सरित अग्रवाल द्वारा अपने उपबोधन में कहा कि इस प्रकार के मेगा ऋण शिविरों से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे ऋण का सदुपयोग कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं और समय से ऋण अदायगी सुनिश्चित करें। जिला अग्रणी प्रबन्धक द्वारा बताया गया कि शिविर मे विभिन्न शासकीय योजनाओ मुख्य रूप से सीएम युवा उद्यमी योजना, ओडीओपी, पीएम स्वनिधि, एमवाईएसवाई, पीएम सूर्यघर एवं बैंको द्वारा संचालित विभिन्न एमएसएमई, रीटेल, एवं एग्रिकल्चर इसकीम के तहत 01.02.2026 से 20.02.2026 तक स्वीकृत करीब 225 करोड़ के ऋण का वितरण किया गया।

लाभार्थियो को मंचाशीन अतिथियो द्वारा स्वीकृति पत्र एवं डेमो चेक का वितरण किया गया। शिविर में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

डीएम ने किया विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के अंतर्गत हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार द्वारा शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र सदर अंतर्गत जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के कक्ष में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के अंतर्गत हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित ईआरओ, एईआरओ से अब तक निर्गत नोटिस, नोटिस वितरण, फीडिंग, जनसुनवाई, साक्ष्य मिलान सहित अन्य बिंदुओं पर अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया कि नोटिस निर्गत करने के उपरांत अनमैप्ड मतदाताओं के साक्ष्य मिलान हेतु सुनवाई की प्रकिया में तेजी लाई जाए,

जिससे समयबद्ध रूप से इस कार्य को पूर्ण किया जा सके। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि अर्हता आयु पूर्ण कर रहे युवाओं का फॉर्म 6 तथा संशोधन हेतु मतदाताओं को फार्म 8 भरवाया जाए। इस दौरान उन्होंने सुनवाई हेतु उपस्थित अनमैप्ड मतदाताओं से वार्ता भी की। इस अवसर पर ईआरओ, एईआरओ, सुपरवाइजर, बीएलओ सहित अन्य उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुई एक दिवसीय आरएसएस युवा सम्मेलन

गाजीपुर में आरएसएस युवा सम्मेलन “देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा से भारत फिर बनेगा विश्वगुरु” — मिथलेश

गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख (पूर्वी उत्तर प्रदेश) मिथलेश ने कहा कि भारत के युवाओं में असीम क्षमता है और यदि वे देशभक्ति व निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा में स्वयं को समर्पित करें तो देश पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो सकता है। वे शुक्रवार को महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में संघ की गाजीपुर नगर इकाई द्वारा आयोजित एक दिवसीय आरएसएस युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


मिथलेश ने कहा, यदि युवा पीढ़ी राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित होकर, स्वार्थ से मुक्त होकर कार्य करे तो भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने, समाज के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने और वर्तमान अनुकूल राष्ट्रीय वातावरण का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। संघ के सौ वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्थापना काल से ही संगठन हिंदू समाज को संगठित व सशक्त बनाने के लिए कार्यरत है।

उन्होंने बताया कि संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने भारत की गुलामी के कारणों का अध्ययन कर एकता के अभाव और ‘स्वबोध’ की कमी को प्रमुख कारण माना था। उन्होंने कहा कि आत्मबोध और सामूहिक चेतना के जागरण के बिना राष्ट्र अपनी सच्ची महिमा प्राप्त नहीं कर सकता। मिथलेश ने संघ के शताब्दी वर्ष की पहल ‘पंच परिवर्तन’ यानि स्वबोध, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि इन पांच क्षेत्रों में ईमानदार प्रयास समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। नागरिक भावना को बढ़ावा देना, कानूनों का पालन, सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहन और परिवारों को मजबूत करना समृद्ध व नैतिक भारत के निर्माण की आधारशिला है। पर्यावरण जागरूकता से सृष्टि की रक्षा और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण से सांस्कृतिक नींव सुरक्षित रहती है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि परिवार में एकता और समाज में समरसता आज की आवश्यकता है, और परिवारों को टूटने से बचाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर जिला प्रचारक प्रभात, नगर कार्यवाह अंजनी, नगर प्रचारक विक्रम, जिला विद्यार्थी प्रमुख ब्रिजकिशन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।

48 वां वार्षिकोत्सव मेधा सम्मान समारोह में छात्राओं को किया गया सम्मानित

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में उत्तर प्रदेश का 48 वां वार्षिकोत्सव मेधा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह सर्जना 2026 का गुरुवार को समारोह पूर्वक आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि प्रोफेसर सविता भारद्वाज ने कहा कि गाजीपुर वीरों की धरती है, यहां की बेटियां किसी से कम नहीं है। आप यूं ही आगे बढ़ते रहें। अर्जुन की तरह अपनी मंजिल पर नजर रखें। छोटे-छोटे झंझावातों से विचलित ना हो। छात्राओं एवं महाविद्यालय की उपलब्धियां सराहनीय है।


इसके पूर्व मुख्य अतिथि प्रोफेसर सविता भारद्वाज का प्रज्ञा रेंजर कलर पार्टी ने स्काउट गाइड रीति से जय जयकार एवं हर्षनाद करते हुए स्वागत किया। तत्पश्चात एनसीसी की छात्राओं ने पायलटिंग करते हुए उन्हें गार्ड आफ आनर प्रस्तुत किया एवं गृह विज्ञान की छात्राओं द्वारा आकर्षक रंगोली का अवलोकन किया। प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी ने मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। संगीत विभाग की छात्राओं ने स्वागत गीत, सरस्वती वंदना एवं कुलगीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बना दिया।

मुख्य अतिथि के सम्मान पत्र का वाचन डॉ संगीता मौर्य एवं महाविद्यालय की वर्ष भर की प्रगति आख्या का वाचन डॉ शिवकुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विभिन्न मेधावी विद्यार्थियों को मेधा सम्मान एवं पुरस्कार से अलंकृत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ निरंजन कुमार यादव एवं आभार ज्ञापन डॉ सारिका सिंह ने किया।

इस अवसर पर सर्वोच्च अंक पाने वाली एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मेडल, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के लिए सलोनी गुप्ता, रागिनी एवं संध्या गुप्ता को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया जबकि वाद विवाद प्रतियोगिता में श्रेया मौर्य, विजयलक्ष्मी प्रजापति एवं काजल गुप्ता को प्रथम द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता के लिए प्रज्ञा वर्मा, अंकिता जायसवाल, सैयद बुसरा अली को, सांस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए श्वेता रावत, काजल, शीमू राय को क्रमशः प्रथम, द्वितीयं, तृतीय स्थान आने के लिए अलंकृत किया गया।


मुख्य अतिथि एवं दानदाताओं द्वारा भी विशिष्ट छात्राओं को मेडल एवं पुरस्कार प्रदान किया गया । महेंद्र प्रताप सिंह स्वर्ण पदक सैयद बुशरा अली को, शिव मूरत पाठक स्वर्ण पदक संध्या राजभर को, प्रोफेसर अशोक चंद सिंह सांस्कृतिक पदक इंदा चौधरी को, राजकुमारी पाठक सम्मान अमृता पांडे को, शिव मूरत पाठक सम्मान पुरस्कार संध्या राजभर को मानिकचंद गुप्ता पुरस्कार चंद्रकला को, सत्यालाल मेमोरियल स्वर्ण पदक पुरस्कार सैयद बुशरा अली को, प्रोफेसर सरस्वती सिंह बहुमुखी प्रतिभा पदक रिमझिम बिंद को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी व मुख्य अतिथि ने दानदाताओं डॉ राजीव गुप्ता, डॉ सारिका सिंह, ओम शिवानी, को हमारे भामाशाह के अंतर्गत सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ उमाशंकर प्रसाद, डॉ अमित यादव, राम अवध यादव, डॉ राम नारायण तिवारी, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ प्रतिमा सिंह, डॉ घनश्याम कुशवाहा, राधे श्याम पाण्डेय, राकेश कुमार, संजीव गरुण, तरुण दीप शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे। साइन कल को सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहा जिसका संचालन डॉ शशिकला जायसवाल एवं डॉ शिखा सिंह ने किया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार, अभिभावक, महाविद्यालय की वर्तमान एवं पुरा छात्राएं उपस्थित रही।

इनरव्हील क्लब के मंडलाध्यक्ष प्रिया नारायण का जिले में आधिकारिक दौरा

इनरव्हील क्लब गाजीपुर में मंडलाध्यक्ष प्रिया नारायण का आधिकारिक दौरा।

बोली समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़िए और मिसाल पेश कीजिए।

गाजीपुर। इनरव्हील क्लब “मंडल 312” की मंडलाध्यक्ष प्रिया नारायण ने बुधवार को जनपद के इनरव्हील क्लब का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान इनरव्हील क्लब की पदाधिकारियों और सदस्याओं द्वारा माल्यार्पण और पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने क्लब की अध्यक्ष राजश्री सिंह, सचिव रूबी संजर और अन्य सदस्यों के साथ बैठक की और वर्ष भर के सामाजिक कार्यों का अवलोकन कर क्लब के आगामी कार्यों हेतु दिशा निर्देश दिए। अपने दौरे के दौरान मंडलाध्यक्ष प्रिया नारायण ने प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की और इनरव्हील क्लब के द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इनरव्हील क्लब एक अंतरराष्ट्रीय सामाजिक महिला संगठन है, जो समाज में सेवा और मित्रता के माध्यम से ज़रूरतमंदों की सहायता करता है और इस बार हमारी थीम है स्टेपअप लीड बाई एग्जांपल यानि आगे बढ़िए और उदाहरण पेश कीजिए। उन्होंने बताया कि इनर व्हील कल तीन दशक से ज्यादा पुराना क्लब है और ये लोग अपने संसाधनों से अच्छा कार्य कर रही हैं। क्लब अध्यक्ष राजश्री सिंह ने बताया कि मंडलाध्यक्ष के दौरे से इनरव्हील क्लब के सदस्यों को उत्साह और प्रेरणा मिली है। उन्होंने बताया कि हमलोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा खड़े हैं। उन्होंने मंडलाध्यक्ष के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर विनीता सिंह, मंजू सेठ, रूबी संजर, साक्षी जायसवाल, डॉ० निमिषा, प्रीति, सरिता सेठ, अनीता आदि उपस्थित रहीं।

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