शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

भाजपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही के रास्ते पर चल रही है:जिलाध्यक्ष

गाजीपुर। शनिवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यकारिणी की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय डॉ लोहिया -मुलायम सिंह यादव भवन पर आयोजित हुई।
इस बैठक में मतदाता सूची में छूटे नाम को जोड़ने के लिए कार्यकर्ताओं को आह्वान किया गया। कटरिया कांड में निर्दोष जेल भेजे गये कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने और प्रतिनिधि मंडल पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग किया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने सभी कार्यकर्ताओं से सांगठनिक कार्यों में तन-मन-धन से जुटने की अपील किया और कहा भाजपा सरकार अराजक हो चुकी है। इसके संरक्षित अपराधी लूट पाट और बलवा कर रहे हैं। चारों तरफ जंगलराज है । न कानून का खौफ है न पुलिस का डर। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। तहसील और थाने वसूली के केंद्र बन गये है।
उन्होंने कहा भाजपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही के रास्ते पर चल रही है। जनसमस्याओं से इसका कुछ भी लेना-देना नहीं है। जनसमस्याओं को हल न कर यह सरकार इंसानी जज्बातों से खेल रही है।जनता के हक अधिकार की चिंता न कर पूंजीपतियों और अपनी तिजोरी भरने में लिप्त है यह सरकार।इस सरकार के पास जनता की भलाई और उसकी खुशी के लिए कोई योजना नहीं है वह केवल साम्प्रदायिक कार्ड खेलकर ऐन-केन-प्रकारेण सत्ता में बने रहना चाहती है। जनता इनके खेल को समझ चुकी है, इनके द्वारा किए जा रहे चुनावी कदाचार की भी पोल पट्टी जनता जान चुकी है। यह सरकार लोकतंत्र के साथ घिनौना खेल खेल रही है। आने वाले लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव में इनकी बिदाई तय है।
इस बैठक में मुख्य रूप से डा. विरेन्द्र यादव,विधायक जै किशन साहू, रामधारी यादव, डॉ नन्हकू यादव,मदन यादव, आजाद राय, रविन्द्र प्रताप यादव, मुन्नीलाल राजभर, अशोक कुमार बिन्द, रामजन्म चौहान, जमुना यादव आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन जिला महामंत्री कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया

राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख से ज्यादा मामलों का किया गया निस्तारण

गाजीपुर। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में प्रशासनिक न्यायमूूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी एवं न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा शनिवार को मॉ सरवस्ती के मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।

न्यायामूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताया गया कि गाजीपुर के सभी विद्धवान अधिवक्ता भाइयो एवं बहनो भारत वर्ष में सभी तरह के त्यौहार होते है। एक सामाजिक त्यौहार, धार्मिक त्यौहार एवं राष्ट्रीय पर्व परन्तु जो आज का पर्व है न्याय का पर्व है। एक ऐसा पर्व है जो हमारे देश की जो प्राचीन सभ्यता रही, जहा कोई भी वाद पहले स्तर पर परिवार के मुखियॉ द्वारा फिर गॉव के मुखियॉ के द्वारा गॉव के मंच, पंच के द्वारा आपसी समझौते से निर्धारित किया जाता था।

उसी परम्परा को एक न्यायिक चेहरा देने के लिए एक अधिनियम की स्थापना हुई, परन्तु वर्ष में राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ राष्ट्र के सभी जिलो के राष्ट्रीय लोक अदालत का करने के फैसला किया गया। इसके पिछे की मंशा यह रही की देखा भी गया जब भी कोई वादकारी अपना वाद न्यायालय के समक्ष आता है जो प्रक्रिया की जटिलता है। इसके कारण कभी कभी छोटे वाद भी लम्बे समय तक निर्णय लेने के लिए न्यायालय में लम्बित पड़ जाते है। इसलिए इस पर्व लाया गया कि आज उस जटिलता से दूर, उस वाधता से दूर, जहा जज परिवार की मुखियॉ की तरह और आपसे उम्मीद लगाता हुआ कि आप अपने वाद को आपस में बैठक कर निर्धारित करा सके।

वाहन चालान की संख्या में बहुत दिन तक लम्बित हो जाते थे वहा चालान अब आन लाईन या लोक अदालत में पहुचकर लम्बित चालानो को पूरा किया जाता है। ग्रामीण इलाको में बैक से जो लोन लोन लिया जाता था जिसका व्याज बढ़कर ज्यादा जो जाता है जो गरीब किसान न भर पाने से राष्ट्रीय लोक अदालत में उनके व्याज मॉफ करके उनका लोन भर दिया जाता है। उन्होने कहा कि लोक अदालत सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह कहा गया कि सम्पूर्ण न्यायपालिका कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक न्याय व्यवस्था का लाभ पहुँचाने हेतु प्रतिबद्ध है।


जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा यह कहा गया कि लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि जब लोक अदालत के माध्यम से किसी मामले का निस्तारण होता है तब उसके विरूद्ध कोई अपील नहीं होती है और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रुप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता विद्यमान रहती है, को समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रिय भूमिका निभायी जा रही है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा यह कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका, प्रशासन एवं पुलिस के समन्वय से मामलों के निस्तारण का जीवन्त उदाहरण है। पुलिस अधीक्षक डा० ईरज राजा द्वारा यह कहा गया कि जनपद की पुलिस द्वारा लोक अदालत की सफलता हेतु शत प्रतिशत नोटिसों का तामिला कराया गया है।
आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से सम्बंधित पाण्डाल भी लगाये गये हैं।

प्रशासनिक न्यायमूर्ति द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को व्हील चेयर/बैसाखी आदि का वितरण भी किया गया। आज की लोक अदालत में सैन्य कर्मियों हेतु एक विशेष पाण्डाल लगाया गया था। नीरज गोंड, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 01 लाख 24 हजार 587 मामले निस्तारित किये गये। बैंक द्वारा कुल 04 करोड़ 38 लाख 55 हजार 223 रुपये के एन.पी.ए. मामले निस्तारित किये गये। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 06 विवाहित जोड़ो की सुलह कराकर विदाई करायी गयी। आज की लोक अदालत में अपर जिला जज कोर्ट संख्या-01 में 10 वर्ष से लम्बित अत्यंत प्राचीनतम सिविल अपील भी निस्तारित की गयी।


इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चन्द्रा, पी.ओ. एम.ए.सी.टी. संजय हरिशुक्का, अपर जिला जज अली रजा,  अभिमन्यू सिंह,  रामअवतार प्रसाद,  संजय कुमार लाल, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, सिविल बार के सचिव अंजनी ठाकुर, वाहय न्यायालय सैदपुर, मुहम्मदाबाद, ग्राम न्यायालय जखनियों, जमानियों, बार के पदाधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारी एवं वादकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  नीरज गोंड़ द्वारा किया गया।

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मदर्स डे

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मदर्स डे

गाजीपुर। जखनिया के DALIMSS SUNBEAM SCHOOL में मदर्स डे के अवसर पर एक भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखकर अभिभावक भावुक हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने मां के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश दिया।

विद्यालय की डायरेक्टर Rubina Khan ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मां बच्चों की पहली गुरु होती हैं और उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों और अभिभावकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करते हैं।

आमिर अली ने अपने सम्बोधन में कहा के हम अपने अभिभावकों को ये भरोसा दिलाते है के हम अपने डालिम्स के कैम्पस में बच्चों की सुविधा के लिये हर कोशिश करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान अभिभावक Reena Chauhan ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस सुंदर कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।रीना चौहान ने कहा के जिस उम्मीद के साथ हमने अपने बच्चों कोई इस कैम्पस में भेजा था उस से कहीं ज़्यादा हमारे बच्चे पा रहे है, इस लिये मैं पुरे डालिम्स परिवार कोई धन्यवाद देती हूँ।

कार्यक्रम के अंत में सभी अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए इस आयोजन को यादगार बताया। मदर्स डे का यह आयोजन सभी के लिए भावनात्मक और अविस्मरणीय बन गया।
कार्यक्रम का संचालन अमरनाथ सर और सविता मैम ने किया।

विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं की जाएगी बर्दाश्त:डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विकास खंडों में संचालित स्वच्छता परियोजनाओं एवं बुनियादी ढांचा निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रमुख दिशा-निर्देश और प्रगति रिपोर्ट प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट ( PWMU ) समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत निर्माणाधीन इकाइयों की समीक्षा की। सदर के रसूलपुर टी शेखपुर में कार्य पूर्ण पाया गया, जबकि रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद और सादात में निर्माण को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।

सामुदायिक शौचालय की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 1238 के लक्ष्य के विरुद्ध 1229 शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष 30 असंचालित शौचालयों को तत्काल क्रियाशील किया जाए ताकि आम जनमानस को सुविधा मिल सके। पंचायत भवन निर्माण वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मनिहारी और जमानियां में भवन पूर्ण हो चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माणाधीन भवनों जैसे अहितोली और ईशानपुर में कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। गोवर्धन योजना (बायोगैस प्लांट) बाराचवर ब्लॉक के करीमुद्दीनपुर में स्थापित बायोगैस प्लांट के हस्तांतरण ( Handover ) में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जल निगम ग्रामीण को निर्देशित किया कि हस्तांतरण की कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर संचालन शुरू कराया जाए।

राजस्व संग्रहण ( OSR ) ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के स्रोतों से आय (ओ0एस0आर) बढ़ाने पर जोर देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1182 ग्राम पंचायतों की स्थिति की समीक्षा की गई है, जिसमें करंडा और जखनियाँ ब्लॉक का प्रदर्शन संतोष जनक रहा है। जिलाधिकारी ने सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं संबंधित सचिवों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सरकारी पोर्टल पर डेटा की ससमय फीडिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं जिला समन्वयकों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सम सेमेस्टर 2026 की परीक्षाओं के साथ-साथ आगामी शैक्षिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में सम सेमेस्टर 2026 की परीक्षाओं के साथ-साथ आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। महाविद्यालय के परीक्षा प्रभारी डॉ शैलेंद्र कुमार यादव के अनुसार 9 मई को प्रातः कालीन पाली में बीए सेकंड सेमेस्टर संगीत की परीक्षा संपन्न हुई जबकि सांयकालीन पाली में बीए छठे सेमेस्टर राजनीति विज्ञान की परीक्षा संपन्न हुई। 10 मई दिन रविवार को दोपहर की पाली में स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर बीए/ बीएससीकी को – करिकुलर अनिवार्य प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी जिसमें वर्तमान वर्ष के रेगुलर विद्यार्थियों के साथ-साथ विगत वर्षों के बैक परीक्षार्थी सहित लगभग 700 विद्यार्थी शामिल होंगे। इसके पश्चात सम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षाएं संपन्न हो जाएगी तथा छोटे एवं कम संख्या वाले विषयों की परीक्षाए 27 मई तक चलती रहेगी। महाविद्यालय की प्राचार्य एवं केंद्र व्यवस्थापक डॉ अनिता कुमारी के अनुसार वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालय को 15 मई तक सभी आंतरिक मूल्यांकन के अंक प्रदान विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है तथा महिला महाविद्यालय द्वारा 25 मई तक समस्त प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है। भूगोल विभाग की प्रैक्टिकल परीक्षा दिनांक 16 मई 2026 को आयोजित होगी। सभी छात्राएं अनिवार्य रूप से प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित रहे।

राजकीय महिला कालेज द्वारा स्नातक प्रथम वर्ष बीए/ बीएससी प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन 5 मई 2026 से प्रारंभ हो गया है। महाविद्यालय में चार संकायों-विज्ञान संकाय, भाषा संकाय, ललित और प्रदर्शन कला संकाय, सामाजिक विज्ञान तथा मानविकी संकाय के तहत कुल 22 विषय संचालित हैं। विज्ञान संकाय के अंतर्गत भूगर्भ विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान में बीएससी तथा मात्र वनस्पति विज्ञान में एमएससी के अध्ययन की सुविधा है। ललित और प्रदर्शन कला संकाय के अंतर्गत चित्रकला और संगीत विषय में स्नातक स्तर पर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। भाषा संकाय के अंतर्गत महाविद्यालय में हिंदी, संस्कृत, उर्दू और अंग्रेजी में स्नातक बी ए तथा हिंदी और अंग्रेजी में परास्नातक एम ए के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के तहत मानव शास्त्र, इतिहास, प्राचीन इतिहास, अर्थशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, भूगोल, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, दर्शन शास्त्र, समाजशास्त्र, शारीरिक शिक्षा एवं गृह विज्ञान में बी ए स्नातक के अध्ययन की व्यवस्था है जबकि प्राचीन इतिहास, शिक्षाशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवं गृह विज्ञान में एम ए परास्नातक के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार महाविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से छात्राएं स्नातक /परास्नातक प्रवेश के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन 5 जून तक कर सकती हैं। महाविद्यालय में प्रवेश काउंसलिंग जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित है।

विभिन्न कॉलेजों का भ्रमण कर प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हुआ आयोजन

गाजीपुर। उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग द्वारा बालिकाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी एवं प्रवेश नामांकन बढ़ाने हेतु प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आज तीसरे दिन 8 मई 2026 को भी जारी रहा। इसके अंतर्गत महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार के नेतृत्व में डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ हसीन अहमद एवं डॉ नेहा कुमारी की संयुक्त टीम ने महाविद्यालय के आसपास के इंटरमीडिएट कॉलेजों का भ्रमण किया। प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के तहत अजीमिया इस्लामिया, गाजीपुर; एम ए एच इंटर कॉलेज, गाजीपुर एवं श्री कृष्ण इंटरमीडिएट कॉलेज, डेढ़गांवा का भ्रमण किया गया।

इसके अंतर्गत छात्राओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करते हुए उनके उच्च शिक्षा के भावी सपनों, करियर विकल्पों, एवं उनकी तैयारियों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता तथा ज्ञान एवं रोजगार की उपयोगिता की दृष्टि से सही विषयों के चयन को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके लिए सही संस्था का चुनाव आवश्यक है। जो उन्हें डिग्री मात्र ना प्रदान करें बल्कि उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करते हुए उन्हें आगामी करियर एवं जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करें। इस अवसर पर महिला महाविद्यालय की खूबियां, विशेषताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के बारे में छात्रों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार पूर्वक एवं रुचिकर तरीके से दिखाई एवं बताया गया तथा उपस्थित शिक्षकों द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर गंभीर एवं संक्षिप्त चर्चा की गई।

विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। अजीमिया इस्लामिया इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य एजाज अहमद, एम ए एच इंटर कॉलेज, गाज़ीपुर में प्रधानाचार्य मोहम्मद खालिद अमीर एवं श्री कृष्णा इंटर कॉलेज, डेढ़गांव में प्रधानाचार्य राजेश कुमार राय ने प्रवेश उत्सव टीम के सभी प्राध्यापकों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर संबंधित संबंधित प्रधानाचार्यो को भेंट स्वरूप महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका कीर्ति प्रदान की गई तथा उनके सहयोग एवं व्यवस्था के लिए उनका आभार प्रकट किया गया।

विभिन्न इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं उपस्थित शिक्षकों ने राजकीय महिला महाविद्यालय को जनपद गाजीपुर का महिला विश्वविद्यालय बताते हुए सबसे सस्ती, सबसे अच्छी शिक्षा एवं अनुशासित जीवन शैली विकसित करने का केंद्र बताया। आप सब ने महिला महाविद्यालय के शानदार शिक्षण एवं अनुशासन परंपरा तथा वर्तमान आधुनिक शिक्षा प्रणाली एवं कौशल विकास तथा सर्वांगीण शिक्षा व्यवस्था की सुविधा के साथ जोड़ते हुए प्रशंसा किया। साथ ही अपनी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया।

वेब सीरीज “परगना” का मुहूर्त राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने किया

वेब सीरीज “परगना” का मुहूर्त राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने किया

गाजीपुर।यश अजय फिल्म्स के बैनर तले बन रही बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज “परगना” के शुभ मुहूर्त अवसर पर लहुरी काशी के गांव बवाड़े में मुख्य अतिथि के रूप में डा. संगीता बलवंत राज्यसभा सांसद की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुंबई एवं अन्य स्थानों से आए फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों, तकनीकी टीम एवं अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पूरी टीम को वेब सीरीज की सफलता हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। यह जनपद के लिए गर्व का विषय है कि इस वेब सीरीज के निर्माता अजय सिंह के साथ-साथ अनेक कलाकार भी गाजीपुर से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य करेंगे।

वेब सीरीज के टाइटल सॉन्ग को मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में रजिस्टर्ड गीतकार एवं संगीतकार, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य तथा विश्व हिंदी परिषद राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य एवं विश्व हिंदी परिषद नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के प्रभारी डॉ. अवधेश बिंद द्वारा लिखा गया है, जो इस वेब सीरीज को विशेष पहचान प्रदान करेगा।

फिल्म का शुभ मुहूर्त बवाड़े गांव में समाजसेवी बच्चा सिंह के यहां संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, कलाकारों एवं आयोजकों को इस सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

संभावित बाढ-कटान को देखते हुए डीएम ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश

गाजीपुर। जनपद में संभावित बाढ एवं कटान के दृष्टिगत संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओ का स्थलीय निरीक्षण गुरुवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थलो पर हो कटानरोधक कार्याे का जायजा लिया एंव सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने तहसील मुहम्मदाबाद अन्तर्गत ग्राम शेरपुर एवं मुबारकपुर में चल रहे कटान रोधक कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण मे जिलाधिकारी मौके पर हो रहे कार्याे की गुणवत्ता परखी तथा कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार को अधिक से अधिक मजदूरो/उपकरणो की संख्या बढाते हुए निर्धारित समयाअवधि तक प्रत्येक दशा मे समस्त कटानरोधी (बोल्डर पैचिंग) कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इसमे किसी स्तर की लापरवाही क्षम्य नही होगी। मौके पर उपजिलाधिकारी मु0बाद, अधिशासी अभियन्ता देवकली पम्प नहर मु0 बाद एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आकाशीय बिजली के चपेट में आने से हुई थी पति पत्नी की मौत, डीएम ने दिया चेक

गाजीपुर। 4 मई को आकाशीय विद्युत से ग्राम ज्ञानपुर तहसील मुहम्मदाबाद के निवासी सुकर राजभर पुत्र रामबचन राजभर व शिवकुमारी देवी पत्नी सुकर राजभर की मृत्यु खेत में कार्य करते समय आकाशीय विद्युत के चपेट में आने से हो गई, जिनकी उम्र लगभग क्रमशः 57 व 41 वर्ष थी। दोनों मृतक पति-पत्नी थे। इसी क्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गुरुवार को मृतक परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की समस्त लाभ परक योजनाओं से अच्छादित किया जायेगा। उसके उपरान्त उन्होेने दोनो बच्चो के साथ साहनभूति देते हुए उन्हे आपदा के अन्तर्गत पीड़ीत बच्चो को 4-4 लाख का चेक प्रदान किया तथा उनके जीवन यापन के लिए जिला पूर्ति विभाग द्वारा लाल कार्ड (राशन कार्ड) जिलाधिकारी ने दिया। खण्ड विकास अधिकारी मु0बाद को निर्देशित किया कि समय समय पर बच्चो से मिलकर उनकी समस्याओं को देखते रहेगे और सरकार की योजनाओं में आवास योजना से लाभान्वित करायेगे। उन्होेने हिम्मत देते हुए आपको कभी भी किसी प्रकार की समस्या आती है तो तुरन्त हमसे मिलकर आप अपनी समस्या बता सकते है। उन्होने आश्वासन दिया कि आप द्वारा 18 वर्ष पूर्ण करने तक सारी जिम्मेदारी शासन की होगी शिक्षा से लेकर खाने तक, बच्चो का खाता खुलवाने एवं अन्य समस्याओं तक जिलाधिकारी के सरंक्षक में किया जायेगा। उपजिलाधिकारी मु0 बाद हर्सिता तिवारी, बच्चो के मामा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जीवन रक्षक फाउंडेशन ने अबतक 2600 से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया रक्त

त्याग, मानवता और निस्वार्थ सेवा के 5 वर्ष पूर्ण

जीवन रक्षक फाउंडेशन गाजीपुर ने 2600 से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया रक्त

गाजीपुर। समाजसेवा, मानवता और निस्वार्थ सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही जीवन रक्षक फाउंडेशन ने अपने निस्वार्थ सेवा कार्यों के सफलतापूर्वक 5 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर संस्था के रक्तवीर अध्यक्ष मनीष कुमार पाल, अंकित वर्मा एवं शुभम गुप्ता ने जिला चिकित्सालय गाजीपुर पहुंचकर 3 असहाय व जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान किया और समाज को मानवता का संदेश दिया। संस्था के संस्थापक शीर्ष दीप शर्मा ने बताया कि जीवन रक्षक फाउंडेशन की शुरुआत एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह संस्था जिले में जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहारा बन चुकी है। बीते 5 वर्षों में संस्था ने दिन-रात मेहनत करते हुए 2600 से अधिक असहाय एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया है। साथ ही गाजीपुर के बाहर अन्य जनपदों व प्रदेशों में सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से भी रक्त मुहैया करा कर सहायता की गई। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी है। संस्था के अध्यक्ष मनीष कुमार पाल ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि जब किसी मरीज को समय पर रक्त नहीं मिल पाता, तब उसके परिजनों की पीड़ा को समझना बहुत जरूरी होता है।

इसी सोच के साथ संस्था लगातार लोगों तक मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है। उन्होंने बताया कि जीवन रक्षक फाउंडेशन केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्था द्वारा समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान, घायल एवं बीमार पशु-पक्षियों को चिकित्सकीय सहायता एवं भोजन उपलब्ध कराना, सर्दियों के मौसम में संस्था द्वारा गरीब एवं जरूरतमंदों को कंबल वितरण आदि सेवा कार्य किया जाता है। जिससे बेसहारा लोगों को ठंड से राहत मिल सके। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है। संस्थापक शीर्ष दीप शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में जीवन रक्षक फाउंडेशन और अधिक बड़े स्तर पर सेवा कार्य करने की योजना बना रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। संस्था का लक्ष्य केवल रक्त उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में इंसानियत और सेवा की भावना को जीवित रखना है। पांच वर्षों की इस यात्रा में संस्था को जिले के लोगों, समाजसेवियों और युवाओं का भरपूर सहयोग मिला है। संस्था के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों, रक्तदाताओं और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और विश्वास से ही यह सेवा अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मानवता की सेवा को अपना धर्म मानकर कार्य कर रही जीवन रक्षक फाउंडेशन गाजीपुर आज जिले में एक ऐसी पहचान बन चुकी है, जो जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदों व असहायों के साथ खड़ी दिखाई देती है।

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