शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब केवल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के घर पर होगी:डीएम

जिलाधिकारी ने गैस एजेंसी व पेट्रोल पम्प प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब केवल ओटीपी सत्यापन के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के घर पर होगी: जिलाधिकारी

सभी से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें: जिलाधिकारी

सभी गैस एजेंसियां अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सूचना बोर्ड लगाएं:जिलाधिकारी

   
गाजीपुर:जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिती में कलेक्ट्रेट सभागार में गैस एजेंसी प्रतिनिधियो और पेट्रोल पंप प्रतिनिधियो के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनसामान्य को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कही से भी कोई शिकायत मिलती है कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियो से पारदर्शिता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि कही भी अवैध भंडारण पकड़ा जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि  यदि किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न हो तो उसके लिए कलेक्ट्रेट में इमरजेंसी ऑपरेशन में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबरों 0548-2224041 पर कॉल करके अपनी शिकायत बता सकते हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आयल कपंनी के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में शहरी क्षेत्र में नई रीफिल की बुकिंग विगत बुकिंग के 26 वें दिन एवं ग्रामीण क्षेत्र में 46 वें दिन से शुरू हो रही है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के पश्चात् प्राप्त ओ0टी0पी0 हॉकर को उपलब्ध कराने पर ही गैस ही आपूर्ति प्राप्त होगी। वर्तमान में जनपद में पेडिंग बुकिंग का औसतन 03 दिनों का बैकलाग चल रहा है।
जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि जिसने पहले बुकिंग कराई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी सीधे उपभोक्ताओं के घर पर ही की जाएगी। इसके लिए ओटीपी आधारित सत्यापन व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वितरण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यदि कहीं शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और कहीं भी ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी ने गैस कंपनियों को निर्देशित किया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने नागरिकों से अपील किया कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
बैठक में जिलाधिकारी ने गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से सभी एलपीजी विक्रेताओं को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गैस एजेंसियां अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से सूचना बोर्ड लगाएं कि गैस सिलेंडर अब केवल ओटीपी सत्यापन के बाद ही प्राप्त होगा और वर्तमान बुकिंग नियमों तथा बुकिंग की प्रक्रिया एवं गैस डिलीवरी की अनुमानित समय सीमा का प्रदर्शन रहेे, ताकि उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति न रहे।
 बिना ओटीपी मिलान के सिलेंडर का वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले या बोर्ड न लगाने वालों के विरुद्ध द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील है कि वे सुरक्षा हेतु इस डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक शहर राकेश मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह, एवं संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी/ कर्मचारी उपस्थित रहें।

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश कुमार चौहान

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “माध्यमिक स्तर के फुटबॉल एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चिंता और व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन ”नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि माध्यमिक स्तर पर खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फुटबॉल और कबड्डी दोनों लोकप्रिय खेल हैं, परंतु इनकी प्रकृति अलग होने के कारण खिलाड़ियों की चिंता और व्यक्तित्व में भी अंतर देखा जाता है। फुटबॉल एक टीम आधारित खेल है जिसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान में सक्रिय रहना पड़ता है। इसमें टीम समन्वय, सहनशक्ति और रणनीति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए फुटबॉल खिलाड़ियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामाजिकता और धैर्य जैसे व्यक्तित्व गुण अधिक विकसित होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन को लेकर उनमें कभी-कभी चिंता भी देखी जाती है। कबड्डी एक शारीरिक संपर्क वाला खेल है जिसमें साहस, त्वरित निर्णय और जोखिम उठाने की क्षमता आवश्यक होती है। कबड्डी खिलाड़ियों में आक्रामकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और साहस जैसे गुण अधिक पाए जाते हैं। खेल के दौरान हर क्षण सतर्क रहने की आवश्यकता के कारण उनमें क्षणिक चिंता अधिक देखी जा सकती है। इस प्रकार फुटबॉल खिलाड़ियों में टीम भावना और संतुलित व्यक्तित्व अधिक विकसित होता है, जबकि कबड्डी खिलाड़ियों में साहस और त्वरित निर्णय क्षमता प्रमुख होती है। दोनों खेल विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार , प्रोफे०(डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०शैलेन्द्र सिंह, डॉ०अरविंद उपाध्याय, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, प्रोफे० विनय कुमार दुबे, प्रोफे० मीना सिंह, अभिषेक एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० लवजी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश

माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण: राकेश कुमार चौहान

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “माध्यमिक स्तर के फुटबॉल एवं कबड्डी खिलाड़ियों के चिंता और व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन ”नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि माध्यमिक स्तर पर खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फुटबॉल और कबड्डी दोनों लोकप्रिय खेल हैं, परंतु इनकी प्रकृति अलग होने के कारण खिलाड़ियों की चिंता और व्यक्तित्व में भी अंतर देखा जाता है। फुटबॉल एक टीम आधारित खेल है जिसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मैदान में सक्रिय रहना पड़ता है। इसमें टीम समन्वय, सहनशक्ति और रणनीति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए फुटबॉल खिलाड़ियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामाजिकता और धैर्य जैसे व्यक्तित्व गुण अधिक विकसित होते हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन को लेकर उनमें कभी-कभी चिंता भी देखी जाती है। कबड्डी एक शारीरिक संपर्क वाला खेल है जिसमें साहस, त्वरित निर्णय और जोखिम उठाने की क्षमता आवश्यक होती है। कबड्डी खिलाड़ियों में आक्रामकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और साहस जैसे गुण अधिक पाए जाते हैं। खेल के दौरान हर क्षण सतर्क रहने की आवश्यकता के कारण उनमें क्षणिक चिंता अधिक देखी जा सकती है। इस प्रकार फुटबॉल खिलाड़ियों में टीम भावना और संतुलित व्यक्तित्व अधिक विकसित होता है, जबकि कबड्डी खिलाड़ियों में साहस और त्वरित निर्णय क्षमता प्रमुख होती है। दोनों खेल विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश कुमार चौहान ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार , प्रोफे०(डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०शैलेन्द्र सिंह, डॉ०अरविंद उपाध्याय, डॉ०अंजनी कुमार गौतम, प्रोफे० विनय कुमार दुबे, प्रोफे० मीना सिंह, अभिषेक एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० लवजी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

डीएम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण योजनाओं,विकास कार्य की हुई समीक्षा बैठक,दिए सख्त निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में उप्र. शासन द्वारा निर्धारित शासन के महत्वपूर्ण योजनाओ, विकास कार्यों एवं राजस्व कार्यो की समीक्षा बैठक सी एम डैशबोर्ड दर्पण पर आधारित कलेक्ट्रेट सभागार मे गुरुवार को सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त विभागो को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागो की प्रगति बढाते हुए प्रत्येक माह के 25 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करने का शख्त निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विद्युत, पशुपालन, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास के अन्तर्गत मुख्यमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी का लक्ष्य के सापेक्ष, जल जीवन मिशन, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों का अनुरक्षण, सेतुओं का निर्माण, नई सड़कों का निर्माण, भवन निर्माण पंचायती राज, शादी अनुदान योजना, निराश्रित गोवंश का संरक्षण, पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, कन्या विवाह सहायता राशि, श्रम एवं सेवायोजना और अन्य सभी विभागीय योजनाए, की समीक्षा की गई। बैठक में आई0जी0आर0एस0 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि आई0जी0आर0एस0 में किसी भी प्रकार की शिथिलता होने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
बैठक मे जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित विभागों से जुड़ी योजनाओं की माह प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होने संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में विभागीय विकास परक योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र आम जन मानस को त्वरित गति से लाभ पहुचाया जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति शासन का लाभपरक योजनाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के संबंध में स्टाफ के साथ समीक्षा कर समयान्तर्गत कार्य कराना सुनिश्चित करें। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वमार्, अर्थ एवं संख्याधिकारी, समेत समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अध्यक्ष डा.बबीता सिंह चौहान द्वारा जनपद स्तरीय अधिकारियों संग की बैठक,ली जानकारी

अध्यक्ष डा.बबीता सिंह चौहान द्वारा जनपद स्तरीय अधिकारियों संग लोक निर्माण विभाग सभागार मे बैठक तथा जनसुनवाई की गई।

जनकल्याणकारी योजनाओं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें:अध्यक्ष

कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क न दे अध्यापक वर्ना होगी कड़ी कार्यवाही:डा.बबीता सिंह चौहान

महिलाओं को किसी भी प्रकार के शोषण को सहना नहीं बल्कि अपने हक के लिए लड़ना है:अध्यक्ष

गाजीपुर।डा. बबीता सिंह चौहान अध्यक्ष राज्य महिला आयोग द्वारा जनपद स्तरीय अधिकारियों संग लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस सभागार मे बैठक तथा जनसुनवाई की गई।
बैठक के दौरान अध्यक्ष डा.बबीता सिंह ने कानून व्यवस्था के साथ सरकार द्वारा संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य से कहा कि अभी लोगो के अंदर जागरूकता की कमी है इसलिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं का प्रचार प्रसार बेहतर तरीके से करना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारीगण को विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार, नुक्कड़ नाटक सहित अन्य माध्यमों से ग्राम पंचायत स्तर पर करने के शख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी प्राइमरी स्कूलों के छात्र छात्राओं को समय से ड्रेस का वितरण तथा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार मध्यान भोजन गुणवत्तापूर्ण तरीके से दिया जा रहा है। उन्होंने कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क किसी भी विद्यालय को नहीं देने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई अध्यापक एक से पांचवीं तक के बच्चे को मोबाइल पर होमवर्क देने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके साथ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए, इसका सख़्ती से पालन कराया जाए। समाज कल्याण विभाग द्वारा अवगत कराया गया विभाग द्वारा संचालित पेंशन से पात्र व्यक्तियों को आच्छादित किया जा रहा इसी तरह सामूहिक विवाह,शादी अनुदान शत प्रतिशत दिया जाता है और वर्तमान में अभ्युदय योजना के तहत अभ्युदय कोचिंग सेंटर पर बच्चे बेहतर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। अध्यक्ष ने पंचायती राज विभाग को प्रत्येक ग्राम पंचायत में चार चार सार्वजनिक शौचालय बनवाने के सख्त निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक शहर राकेश मिश्रा ने बताया कि विशेष अभियान मिशन शक्ति के दौरान जनपद के सभी थानों पर मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना कर दी गई। जिसके रिजल्ट भी अच्छे मिल रहा है कई अपराधियों को जिला बदर की कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि जितनी भी गाड़ियां चाहे स्कूल वाहन हो या सवारी ढोने वाले सभी के ड्राइवर सीट के पीछे ड्राइवर का नाम मोबाइल नंबर होना सुनिश्चित करें।
बैठक के उपरांत अध्यक्ष द्वारा जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान अधिक प्रार्थना पत्र पारिवारिक उत्पीड़न से संबंधित थे। जिस पर उन्होंने संबंधित को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हर संभव कोशिश कर समस्या का निस्तारण कर मुझे ससमय अवगत कराए। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के तहत लोगों को गाँव गाँव जाकर जागरूक करे उनको उनके हक के बारे में जानकारी देते हुए एक सशक्त नारी बनाए उनके साथ हो रहे घरेलू हिंसा,शोषण सहित अन्य सभी जानकारियां दे, उनको जागृत करे कि सहना नहीं हक के लिए लड़ना है। उन्होंने कहा कि खास कर हम लोगों को ऐसे लोगों को जागृत करना जहां पर कम शिक्षा हो, कम पढ़े लिखे हो या जो बिल्कुल ही नहीं पढ़े लिखे हो। अभियान चलाकर दूर दराज के गांव, देहात में जाकर लोगों को जागृत करे जनसुनाई के दौरान लगभग 12 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इस दौरान राज्य महिला आयोग कि सदस्य सुनीता श्रीवास्तव,पुलिस क्षेत्राधिकारी शहर, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, दिव्यांगजन अधिकारी पारस नाथ यादव, समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, डीसी मनरेगा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने किया महिला चिकित्सालय का निरीक्षण

गाजीपुर।डा.बबीता सिंह चौहान अध्यक्ष राज्य महिला आयोग लखनऊ (उत्तर प्रदेश) द्वारा महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया। अध्यक्ष ने महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष में जा कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे, मरीजों तथा उनके साथ के परिजनों से बात चीत कर उनके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त कर चिकित्सालय की व्यवस्था का भी हाल जाना। मातृ शिशु विंग, ओपीडी कक्ष, केएमसी, आपरेशन थियेटर, निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने पूरे परिसर में सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। इस दौरान नवजात बच्चियों के माताओं तथा परिवारजनो से मुलाकात कर कहा कि बच्चियों के जन्म पर उदास न हो बल्कि उत्सव मनाए। बेटे-बेटी में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना करें, बेटियों को भी अच्छी शिक्षा दे,उनको जागरूक करे, आजादी दे उनके सपनो को दबाए नहीं बल्कि उनके सपनो को साकार करने में उनका भरपूर सहयोग करे। अध्यक्ष ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत नवजात बच्चियों के जन्म के अवसर पर कन्या जन्मोत्सव केक काट कर मनाया। माताओं को बेबी किट एवं फल की टोकरी वितरण किया। इसके उपरान्त महिला चिकित्सालय में ही गर्भावती महिलाओं का गोदभराई एवं बच्चो का अन्नप्रासन कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज आनन्द मिश्रा, सीएमएस उमेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी, राज्य महिला आयोग कि सदस्य सुनीता श्रीवास्तव, सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीण विकास की योजनाओं से गांवों की बदल रही तस्वीर:डा.संगीता बलवंत

ग़ाज़ीपुर।राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने ग्रामीण भारत के विकास को देश की प्रगति की आधारशिला बताते हुए जोरदार वक्तव्य दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसके गांवों में बसती है और गांवों का विकास ही देश के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं, जिससे उन्हें सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों ने ग्रामीण महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य की रक्षा की है, जबकि उज्ज्वला योजना ने धुएं से होने वाली समस्याओं से महिलाओं को राहत दी है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से हजारों गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन और विकसित भारत जी राम जी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों व मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026–27 के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए ₹1,97,023 करोड़ का प्रावधान सरकार की ग्रामीण विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए ₹19,200 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
इसके साथ ही दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक 14.7 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 10.2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
डॉ. संगीता बलवंत जी के स्वरचित कविताओं से परिपूर्ण प्रभावशाली और तथ्यपूर्ण वक्तव्य का सदन में व्यापक प्रभाव देखने को मिला। उनके वक्तव्य पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के सदस्यों ने भी तालियां बजाकर अभिनंदन किया।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि गांव मजबूत और समृद्ध होंगे तो देश भी मजबूत और समृद्ध बनेगा और इसी विश्वास के साथ उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों का समर्थन किया।

जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद की आर.बी.एस.के.टीम का सराहनीय कार्य

गाजीपुर। जिलाधिकारी के निर्देशन में  व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में जनपद की आर.बी.एस.के. टीम सराहनीय कार्य कर रही है। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनिहारी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम  के अंतर्गत डा.शम्सुल इस्लाम, डा. उदीशा गुप्ता एवं डॉ.योगेश प्रताप सिंह द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा सरकारी विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहद सराहनीय कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अभी तक कटे होठ तथा तालु के कुल 7 बच्चों का आपरेशन निःशुल्क, हेरिटेज हास्पिटल वाराणसी में मुख्य चिकित्साधिकारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक के सफल मार्गदर्शन में किया जा चुका है।  इसी क्रम में राजा यादव  पुत्र राजकुमार यादव  आयु -3 वर्ष ग्राम  मोहब्बतपुर का जन्म से ही होठ कटा हुआ था, जिसे चिन्हित करके सर्जरी कराई गई बच्चा अब पूर्णतः स्वस्थ है। कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘4डी‘ यानी जन्मजात दोष (Defect), रोग (Disease), कमियां (Deficiency)तथा विकास में देरी (Developmental Delay) जैसी 32 सामान्य स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाया जाता है। इसी प्रकार क्लब फुट (टेढ़े पंजे) के बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में भी चल रहा है।

गाजीपुर में रेलवे क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज,सांसद डा.संगीता बलवंत की पहल रंग लाई

गाजीपुर में रेलवे क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज, सांसद डा.संगीता बलवंत की पहल रंग लाई

गाजीपुर। जनपद गाजीपुर में लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंगों पर लगने वाले जाम की समस्या को लेकर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत द्वारा सदन में उठाई गई जोरदार मांग पर अब रेल मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
डा.संगीता बलवंत ने 18 दिसंबर 2025 को राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान गाजीपुर जनपद के विभिन्न रेलवे क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण की मांग उठाई थी। इस संबंध में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि मामले की जांच कराते हुए कई स्थानों पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार जनपद के विभिन्न रेलवे क्रॉसिंगों पर निम्नलिखित कार्यवाही की जा रही है

जमानिया रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज/अंडरपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
दिलदारनगर रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज/अंडरपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
भदौरा रेलवे क्रॉसिंग – यहां लगभग 57.66 करोड़ रुपये की लागत से रोड ओवरब्रिज (ROB) निर्माण को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) का कार्य भी पूरा हो चुका है।
महाराजगंज रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे, उत्तर प्रदेश सेतु निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया है।
सहेड़ी रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज/अंडरपास निर्माण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) कराकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज/अंडरपास निर्माण के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
सैदपुर रेलवे क्रॉसिंग – यहां ओवरब्रिज/अंडरपास निर्माण के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि गाजीपुर के विभिन्न रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से आम लोगों को भारी परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संसद में आवाज उठाई थी और अब रेल मंत्रालय द्वारा कार्रवाई शुरू होने से जनपदवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाकर उनके समाधान के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

कार्य में लापरवाही पाए जाने पर डीएम नाराज,दिए निर्देश

गाजीपुर । जिलाधिकारी अविनाश कुमार, की अध्यक्षता में गोआश्रय स्थलों के संबंध में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक राईफल क्लब सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी सदर को कार्य में लापरवाही पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संतोषजनक स्पष्ट्रीकरण का जबाब देने तक वेतन वाधित करने का  संबंधित को निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण के लिए चारागाह की भूमि पर हरे चारे की बुवाई की गहन समीक्षा की गई। जिसमे जनपद की प्रगति अत्यंत कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को अभियान चलाकर आगामी एक सप्ताह में चारागाह की भूमि पर नेपियर घास लगाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित कर गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा एवं चोकर आदि की व्यवस्था मानक के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए तथा जिन गोआश्रय स्थलों पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल साईलेज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गाजीपुर को विकास भवन में कन्ट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन गोआश्रय स्थलों की सत्त निगरानी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सन्तोष कुमार वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी, दीन दयाल वर्मा, परियोजना निदेशक, डा० अरविन्द कुमार शाही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डा० राकेश कुमार गौतम, नोडल अधिकारी, गोशाला, जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी एवं गोआश्रय स्थलों के समस्त जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थिति रहे।

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