प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम की अपील…..

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर डीएम अलर्ट, बोले- घबराएं नहीं, प्रशासन आपके साथ; सुरक्षित स्थानों पर जाएं

बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक


बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक

गाजीपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन के साथ खड़ा है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोग आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखें तथा उन्हें पानी में नहाने या जाने की अनुमति न दें। उन्होंने नाव संचालकों को निर्देशित किया कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी दशा में नाव का संचालन न करें। उन्होंने आमजन से तेजी से बहते पानी के पास जाकर सेल्फी न लेने और तैरने का प्रयास न करने की भी अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही बाढ़ के दौरान सबसे बड़ा बचाव है।

जनपदवासी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं

  • पुलिस कंट्रोल रूम: 112
  • जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0548-2224041
  • तहसील सदर: 0548-2221334
  • तहसील सैदपुर: 05495-222050
  • तहसील जमानिया: 05497-252074
  • तहसील जखनियां: 9454417089, 8739057296
  • तहसील मुहम्मदाबाद: 05493-242006
  • तहसील कासिमाबाद: 05493-252015
  • तहसील सेवराई: 05497-297597

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की किया कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बाढ़ से संबंधित जानकारी के लिए प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करे

रामावतार शर्मा की लेखनी में दिखता था प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र की वैचारिक दृढ़ता

जयंती पर ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ पुस्तक का विमोचन, साहित्यकारों ने याद किया योगदान

गाजीपुर। प्रख्यात कथाकार जैनेंद्र कुमार की साहित्यिक अभिरक्षा में साहित्य के संस्कार प्राप्त करने वाले प्रसिद्ध पत्रकार, कथाकार, उपन्यासकार एवं गाजीपुर टाइम्स के संपादक रहे रामावतार शर्मा की जयंती पर मंगलवार को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित पुस्तक ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ का विमोचन किया गया। तथागत कैलाश जानकी इंटर कॉलेज, सुखदेवपुर में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा एवं राज्य सभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का संपादन डॉ. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’ ने किया है, जबकि लाल बिहारी शर्मा ‘अनन्त’ ने रामावतार शर्मा से जुड़ी स्मृतियों एवं संस्मरणों को संकलित कर इसे पुस्तक का स्वरूप प्रदान किया है। पुस्तक में रामावतार शर्मा के साहित्यिक जीवन, पत्रकारिता, व्यक्तित्व तथा रचनात्मक योगदान को स्मृतियों के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया गया है। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि रामावतार शर्मा की पहचान केवल पत्रकार या कथाकार के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे साहित्यकार के रूप में रही, जिन्होंने अपनी लेखनी को समाज और मानवीय संवेदनाओं से जोड़े रखा। साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान गाजीपुर की साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि किसी साहित्यकार की स्मृतियों को पुस्तक के रूप में संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों को अपनी साहित्यिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य है।

सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि रामावतार शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के विभिन्न पक्षों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्ति दी। साहित्य और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यकारों के जीवन और रचनात्मक यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ पुस्तक उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक अवदान को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। प्रसिद्ध साहित्यकार ऋचा राय ने रामावतार शर्मा के जीवन और रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी लेखनी में मुंशी प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र कुमार की वैचारिक दृढ़ता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनके लेखन में जीवन का यथार्थ, मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार एक साथ दिखाई देते हैं। उनकी भाषा सहज होने के बावजूद पाठक के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। रामावतार शर्मा की रचनाएं अपने समय के समाज और मनुष्य की आंतरिक संवेदनाओं का दस्तावेज हैं।

समकालीन सोच के संपादक एवं पत्रकार राम नगीना कुशवाहा ने कहा कि रामावतार शर्मा का व्यक्तित्व साहित्य और पत्रकारिता के बीच एक मजबूत सेतु के समान था। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक समस्याओं और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया। उनकी रचनात्मक दृष्टि व्यापक और संवेदनशील थी। उनके साहित्यिक योगदान का मूल्यांकन करने तथा उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ रामावतार शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। वक्ताओं ने रामावतार शर्मा के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को स्मरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के अंत में रामावतार शर्मा के पौत्र सत्यम शर्मा ने अतिथियों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं उपस्थित गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, श्रीकांत पांडेय, प्रो. संतोष कुमार सिंह, प्राचार्य राम अवतार शर्मा, शशिकांत शर्मा, डॉ. वी.के. शर्मा, संतोष कुमार, जनार्दन शर्मा, विजय कुमार राय, संतोष जायसवाल, हरिशंकर शर्मा, विजय कुमार, मदन मोहन शर्मा, विनोद सोनकर, मोती लाल शर्मा, प्रवीण विश्वकर्मा, किशन शर्मा, भरत, चंदन सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रामबदन राय ने तथा संचालन सुदामा राम विश्वकर्मा ने किया।

गंगा में नहाते समय दो किशोरियां डूबीं, तलाश जारी

चोचकपुर घाट पर बड़ा हादसा: गंगा में नहाते समय दो किशोरियां डूबीं, तलाश जारी

करंडा। थाना क्षेत्र के चोचकपुर घाट पर मंगलवार को गंगा नदी में नहाते समय दो किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। हादसे की खबर मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों की तलाश शुरू करते हुए पुलिस को सूचना दी।

जानकारी के अनुसार, बसंतपट्टी निवासी माही सिंह (16) और महिमा सिंह (14) गंगा में स्नान कर रही थीं। इसी दौरान दोनों अचानक गहरे पानी में चली गईं और देखते ही देखते लापता हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू कराई।

घाट पर परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में गोताखोर लगातार गंगा नदी में खोजबीन कर रहे हैं। परिजन दोनों किशोरियों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक दोनों किशोरियों का कोई पता नहीं चल सका था। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

“गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क, डीएम ने संभाली कमान; राहत-बचाव के लिए अधिकारी अलर्ट”

बढ़ते गंगा जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए राहत-बचाव के पुख्ता इंतजाम के निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, एनडीआरएफ व बचाव दल सक्रिय; डीएम ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की

गाजीपुर। गंगा नदी समेत जनपद की अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और बाढ़ प्रभावित अथवा संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को जलस्तर, प्रभावित गांवों, आवागमन की स्थिति और राहत कार्यों की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने एनडीआरएफ एवं अन्य बचाव दलों को सक्रिय और चक्रमणशील रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं राहत कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर लगातार पहुंचाई जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ की स्थिति में पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। संबंधित अधिकारियों को पशुपालकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने तथा पशुओं के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस तथा प्रशासनिक टीमों को लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा लोगों को नदी और बाढ़ के पानी के नजदीक जाने से रोकने को कहा गया है।जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं द्वारा बाढ़ के पानी अथवा नदी में नहाने के प्रयास पर चिंता जताई। उन्होंने ऐसे स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग/वेरीकेटिंग कराने और पुलिस व स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लोगों को नदी एवं बाढ़ के पानी से दूर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बढ़ते जलस्तर के दौरान बच्चों को नदी, नहर, तालाब अथवा बाढ़ के पानी के आसपास न जाने दें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से अपील की कि बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे राहत एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एनडीआरएफ एवं संबंधित विभागों की टीमें पूरी तत्परता से कार्य कर रही हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने, नियमित भ्रमण करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

गाजीपुर।राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के शुभ अवसर पर हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यांनचन्द के जन्म दिवस (29 अगस्त) के उपलक्ष्य में जूनियर बालिकाओ की खो-खो प्रतियोगिता एवं सब-जूनियर बालको की कुश्ती एवं सन्डे आन साईकिल दौड़ प्रतियोगिता नेहरु स्टेडियम के प्रांगण में किया गया। तीनो प्रतियोगिता के उद्घाटन के मुख्य अतिथि  विनोद जोशी उप जिलाधिकारी सदर के कर कमलो द्वारा एवं पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत के कर कमलो द्वारा किया गया। देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा मुख्य अतिथि को बुके देकर स्वागत किया गया। खो-खो प्रतियोगिता में कुल 08 टीमों ने प्रतिभांग किया, जिसका पहला सेमीफाइनल मैच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम नेहरु स्टेडियम (बी) के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) 04-00 से विजयी रही, दुसरा सेमीफाइनल मैच बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर बनाम मॉ भगवती पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मघ्य खेला गया। जिसमें बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर 06-00 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता का फाइनल मैंच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) गाजीपुर 06-04 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता निर्णायक के रुप में  राधेश्याम सिंह यादव खो-खो प्रशिक्षक, लालबहादुर यादव, प्रिन्स यादव, रितेश राय, प्रमोद यादव, शिवानी राय, नैनिका राय मनोज कुमार, राजेश कुमार, सुनिल सिंह रहें। इसी प्रकार कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 62 खिलाड़ियो ने अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिभाग किया,विजेता खिलाड़ियो की सूची निम्नवत् है। निर्णायक की भूमिका मे  प्रेमचन्द यादव कुश्ती प्रशिक्षक, कमलेश यादव, अंकूर यादव, अजय कुमार बिन्द़, राम अशीष यादव़  संजय यादव, छोटेलाल यादव, योगेन्द्र यादव उपस्तिथ रहें। इस अवसर पर विजय खेलो इण्डिया एथलेटिक्स प्रशिक्षक, संगीता यादव, प्रदीप कुमार राय, जैनेन्द्र कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहें। अन्त में देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा सभी आगन्तुओ एवं खिलाड़ियो के प्रति आभार व्यक्त किया।

डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

गाजीपुर।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को जिला निर्वाचन कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम गोदाम में सुरक्षा एवं संरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिलाधिकारी द्वारा गोदाम में स्थापित अग्निशमन यंत्रों की वैधता एवं कार्यशीलता, तैनात सुरक्षा गार्ड, निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सभी उपकरण एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सही एवं संतोषजनक पाई गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय राजन राय, जिला विकास अधिकारी/प्रभारी अधिकारी ईवीएम, सहायक निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जर्जर विद्यालय भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 87 भवन ध्वस्त

गाजीपुर में जर्जर विद्यालय भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 87 भवन ध्वस्त

196 जर्जर भवन किए गए थे चिन्हित, शेष भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी

गाजीपुर। जनपद में जर्जर एवं असुरक्षित परिषदीय विद्यालय भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर चिन्हित जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जनपद में कुल 196 जर्जर विद्यालय भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 30 अगस्त 2026 तक 87 भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। शेष जर्जर भवनों को भी जल्द से जल्द ध्वस्त कराने की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय परिसरों को सुरक्षित बनाना और जर्जर भवनों के कारण छात्र-छात्राओं पर मंडरा रहे खतरे को समाप्त करना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्य के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर निरंतर निगरानी रखने और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर भवनों के हटने से विद्यालय परिसरों को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ कायाकल्प, मरम्मत एवं अवस्थापना विकास के कार्यों को भी गति मिलेगी। प्रशासन द्वारा विद्यालयों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

570 नन्हे कलाकार बने राधा-कृष्ण,भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा मंच;मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

570 नन्हे कलाकार बने राधा-कृष्ण,भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा मंच;मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

570 बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में बिखेरा भक्ति और संस्कृति का रंग

नन्हें कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक

गाजीपुर। वेलफेयर क्लब के तत्वावधान में सिटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल, शास्त्रीनगर के सौजन्य से आयोजित कजरी महोत्सव के तहत रविवार को लंका मैदान स्थित मैरिज हाल में जनपद स्तरीय राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे 285 जोड़ों यानी कुल 570 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

एलकेजी से कक्षा तीन तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का मनोहारी रूप धारण कर अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में बच्चों की सजीव प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण बना दिया, मानो गाजीपुर की धरती पर वृंदावन की झलक उतर आई हो। रंग-बिरंगे परिधानों, आकर्षक मुकुट, बांसुरी और पारंपरिक श्रृंगार में सजे राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों ने मनमोहक नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों की मासूम अदाओं और शानदार मंचन ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया और पूरा परिसर तालियों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल रहे। विशिष्ट अतिथि अपर उप जिला मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह तथा रामलीला कमेटी के महामंत्री ओम प्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा रहे।

अध्यक्षता अजय शंकर लाल श्रीवास्तव ने की।

मुख्य अतिथि ने राधा-कृष्ण के रूप में उपस्थित बच्चों की आरती उतारी और सभी प्रतिभागियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बच्चों के लिए केक एवं नमकीन की भी व्यवस्था की गई।

मुख्य अतिथि विनोद अग्रवाल ने कहा कि वेलफेयर क्लब जनपद की ऐसी संस्था है, जो नौनिहालों से लेकर विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के बहुमुखी विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चों का पहुंचना क्लब के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए क्लब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बिलकिस जहां, बिंदू देवी एवं कीर्ति श्रीवास्तव शामिल रहीं।

निर्णायक मंडल द्वारा चयनित प्रतिभागियों में प्रथम स्थान के लिए सेंट मेरिज कान्वेंट स्कूल की यशस्वी एवं आकृत तुलस्यान, अग्रसेन पब्लिक स्कूल के शिवांश श्रीवास्तव एवं अनन्या जारा, सिटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल की आस्था वर्मा एवं प्रतीक साहू, रामदूत इंटरनेशनल स्कूल की अक्षिता एवं शौर्य जायसवाल, चंदनी पब्लिक स्कूल सुरतापुर की जाह्नवी एवं शिवांश राय, शाह फैज पब्लिक स्कूल की आरवी एवं गौरांग पांडेय, मार्टर मेमोरियल स्कूल की आराध्या एवं वैष्णवी, एंजेआरपी पब्लिक स्कूल की सुरम्या एवं वानी सिंह, केएल इंटरनेशनल की अक्षिता एवं अद्विक तथा बैजनाथ इंटर कॉलेज की पीहू एवं अरिनव शामिल रहे।
द्वितीय स्थान के लिए श्रीराम स्कूल की सूफिया एवं प्रिंस, अभिनव सरस्वती विद्या मंदिर के वामिक एवं इब्राहिम, डिवाइन हर्ट पब्लिक स्कूल की आरोही एवं आयुष कुमार बिंद, केजेडएन पब्लिक स्कूल की ताहिरा आजम तथा डिफेंस पब्लिक स्कूल की इफत खान एवं शिवा सिंह कुशवाहा का चयन किया गया। वहीं तीसरे स्थान के लिए ग्रेट बुद्धा पब्लिक स्कूल की रागिनी एवं अंकित का चयन हुआ।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत सत्य प्रकाश तिवारी एवं सोनी यादव ने किया। क्लब सचिव रामनाथ कुशवाहा तथा जनपद गवर्नर पवन पांडेय ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अग्रवाल रोहित, अजय कुशवाहा, संतोष, शोभा श्रीवास्तव, सत्यदेव दूबे, अंकित सिंह, राम कुमार विश्वकर्मा, संजय वर्मा, शिवाजी श्रीवास्तव, अजय यादव सहित बड़ी संख्या में क्लब पदाधिकारी, अभिभावक एवं दर्शक मौजूद रहे।

अंत में क्लब ऑडिटर डॉ. जितेंद्र कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सीएम योगी के दरबार में गाजीपुर की आवाज, विजय मिश्र ने उठाए विकास के अहम मुद्दे

मुख्यमंत्री योगी से मिले पूर्व मंत्री विजय मिश्र, गाजीपुर के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा

गाजीपुर। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर जनपद की विकास के आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जिले में बेहतर जनसुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं नालियों के निर्माण तथा आवास से वंचित गरीब एवं पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने सहित कई विषयों पर मुख्यमंत्री से सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। श्री मिश्र ने मुख्यमंत्री का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। भेंट के दौरान विजय मिश्र ने गाजीपुर ट्रामा सेंटर को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने का मुद्दा प्रमुखता से रखा। इसके साथ ही नगर की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण, नालियों एवं फुटपाथों के सुधार तथा पात्र गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की आवश्यकता से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद से आवश्यक प्रस्ताव मंगाकर गाजीपुर की प्रमुख आवश्यकताओं को पूरा कराने का आश्वासन दिया।

ट्रामा सेंटर के उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा

पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से हुई वार्ता के अनुसार गाजीपुर में निर्मित ट्रामा सेंटर को लेवल-3 से लेवल-2 में उच्चीकृत कर पूर्ण क्षमता से संचालित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। ट्रामा सेंटर को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर के पूरी क्षमता से संचालित होने से गाजीपुर के साथ आसपास के जनपदों के गंभीर मरीजों को भी बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। इससे गंभीर मरीजों को उपचार के लिए वाराणसी अथवा अन्य जनपदों में रेफर किए जाने की आवश्यकता में कमी आएगी।

आवास से वंचित पात्र परिवारों की तैयार होगी सूची

गरीब एवं पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के संबंध में श्री मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी श्री अनुपम शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। पात्रता सूची तैयार होने के बाद नियमानुसार पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाकर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इससे आवास से वंचित गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़कों, नालियों और फुटपाथों के सुधार को लेकर भी पहल

विजय मिश्र ने बताया कि नगर की प्रमुख सड़कों, नालियों एवं फुटपाथों के निर्माण और सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आगणन तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ प्रस्ताव स्वीकृत भी हो चुके हैं, जिन पर बरसात समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शेष सड़कों, नालियों एवं फुटपाथों के लिए भी आगणन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। उद्देश्य है कि नगर की प्रमुख सड़कों और जनसुविधाओं से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने कहा कि गाजीपुर का समग्र विकास, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों का कल्याण तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से जनपद के विकास को और गति देने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण एवं विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण एवं विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

गाजीपुर, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में आज जनपद के परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं एवं विद्यालय भवनों की स्थिति के संबंध में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं ग्राम प्रधानों सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में चिन्हित 196 जर्जर विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण अगले तीन दिवस के भीतर सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में शासन के निर्देशों के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। जिलाधिकारी ने ए०डी०ओ० पंचायत व ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्थित परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।
विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित एवं शिक्षण-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। अतः संबंधित अधिकारी एवं ग्राम पंचायतें आपसी समन्वय से कार्य करते हुए विद्यालयों में लंबित कायाकल्प कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रगति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालयों की स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए कायाकल्प कार्यों तथा जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रगति सुनिश्चित करें।

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