प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण -प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में डी. लिट्. उपाधि हेतु पूर्व शोध प्रबन्ध मौखिकी सम्पन्न हुई, जिसमें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक उपस्थित रहे। डी.लिट्. (D.Litt.) के शोधार्थी प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार ने अपने शोध शीर्षक “भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, भारत की आंतरिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन जैसे अनेक आयामों से जुड़ी हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभेद्य सुरक्षा प्रयास निरंतर जारी है।प्रो० पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर समय-समय पर व्यापक चर्चा होती रही है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में यह संगठन अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से सामाजिक सेवा, आपदा राहत, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास तथा नागरिक जागरूकता जैसे कार्यों में योगदान देता है। प्राकृतिक आपदाओं, महामारी तथा अन्य संकटों के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी को सामाजिक सहयोग और सामुदायिक क्षमता निर्माण का उदाहरण माना जाता है। अनुशासन, संगठन क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का प्रसार भी इसके सकारात्मक पक्षों में गिना जाता है। दूसरी ओर, संघ की भूमिका को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक विमर्श में विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और शोधकर्ता पूर्वाग्रह के आधार पर यह तर्क देते हैं कि संघ की विचारधारा और गतिविधियों के कुछ पहलुओं का सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किंतु शोध में यह तर्क असत्य पाया गया। संघ भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का मूल्यांकन संतुलित, तथ्यपरक और शोध-आधारित दृष्टिकोण से किया गया है। प्रोफेसर पाण्डेय द्वारा इस विषय पर विभिन्न विचारों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण व्यापक एवं विश्वसनीय स्तर पर किया है। प्रस्तुतिकरण के पश्चात विषय से सम्बन्धीय बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका प्रोफे. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अत्यंत सारगर्भित और तर्कपूर्ण उत्तर दिया। विभागीय समिति द्वारा मौखिकी को शोध प्रबंध को उत्कृष्ट माना और शोध प्रबंध को विश्विद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया । इस अवसर पर प्रोफेसर पाण्डेय ने कुलपति प्रो० आनन्द कुमार त्यागी से शिष्टाचार भेंट की। उक्त अवसर पर कुलपति जी ने कहा कि अपनी स्थापना काल से ही आर एस एस भारत की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है।इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर शोध के शोध-परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ.) के. के. सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी सहित समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वन्दना सिन्हा, प्रोफेसर बंशीधर पाण्डेय, प्रोफेसर भावना वर्मा, प्रोफेसर चन्द्रशेखर सिंह, प्रोफेसर निमिषा गुप्ता, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० सतीश कुमार, डॉ० अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। संचालन परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ०) के० के० सिंह एवं धन्यवाद विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना सिन्हा व्यक्त किया।

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

गाजीपुर।बरसात के मौसम के दृष्टिगत रखते हुए जनपद में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और जनसामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । प्रेस वार्ता जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया कि वे बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम मे आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। उन्होंने बताया कि जनपद में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है  जिस पर 24ग्7 शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी  अनुपम शुक्ला ने जनपद वासियों से अपील करते हुए विद्युत दुर्घटना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा की विद्युत पोल और तारों से दूरी बनाएं रखें’ । विद्युत पोल चाहे वो लोहे के हों या सीमेंट से निर्मित हों, और उनसे लटक रहे तारों के सम्पर्क में न आएं और न ही उन्हें छुएं, क्योंकि बरसात के मौसम में रिटर्निंग करंट उतरने की प्रबल संभावना बनी रहती है। कई बार नमी के कारण पोल में करंट उतर आता है और अनजाने में छूने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए बच्चों को भी इस संबंध में विशेष रूप से समझाया जाए कि वे पोल के पास खेलने न जाएं।  टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत सूचना दें। यदि किसी भी प्रकार के नंगे तार व केबल जो जमीन पर गिरे हों अथवा लटक रहे हों, तो उसे न छुएं तथा जनहित में इसकी सूचना तुरंत जनपद में स्थापित विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाईल नम्बर-9453047253 पर शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संभावित विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा टूटे तार को स्वयं ठीक करने का प्रयास न किया जाए। पानी भरे स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। ऐसे स्थापित पोल चाहे लोहे के हों या सीमेंट के एवं वितरण परिवर्तक यानी ट्रांसफार्मर जिनके आस-पास पानी भरा हुआ है, वहां से न गुजरें। बरसात का पानी बिजली का सुचालक होता है। पानी में उतरे करंट से कई मीटर दूर तक करंट फैल सकता है। इसलिए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के किसी भी नागरिक की विभागीय कारणों से विद्युत दुर्घटना से मृत्यु होती है तो उसके आश्रित को विद्युत विभाग के नियमानुसार रू 5.00 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता तभी देय होगी जब दुर्घटना विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों में खराबी के कारण हुई हो। वहीं यदि किसी नागरिक/उपभोक्ता की अपने घर के अन्दर विद्युत स्पर्शाघात से मृत्यु होती है तो विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी। घरेलू वायरिंग, घर के अंदर लगे उपकरणों और व्यक्तिगत लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं की होगी। इसलिए घर की वायरिंग समय-समय पर किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जरूर जांचवाएं।
प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा की विद्युत विभाग का कंट्रोल रूम  24ग्7 जनपद स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के नं0 9453047253 पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति टूटे तार, पोल में करंट, स्पार्किंग या ट्रांसफार्मर में समस्या की सूचना दे सकता है। जिन क्षेत्रों में तार जर्जर हैं या पोल झुके हुए हैं, उन्हें चिन्हित कर बदला जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने सिंचाई के समय किसानों को नलकूप के पास लगे तारों से सावधान रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी, तब तक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया के बंधुओं से भी अनुरोध किया कि वे इस सूचना को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि बरसात में कोई अनहोनी न हो। जिलाधिकारी ने अंत में कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी गिनाईं। कहा की गीले हाथों से स्विच, प्लग और उपकरणों को न छुएं। घर में डब्ठ और म्स्ब्ठ जरूर लगवाएं। छत पर लगे सोलर पैनल और इन्वर्टर की वायरिंग की जांच कराएं। पेड़ों की टहनियां अगर तारों को छू रही हैं तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। बच्चों को पतंग उड़ाते समय बिजली के तारों से दूर रखने की हिदायत दें। प्रेस वार्ता के दौरान  अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड विवेक खन्ना , जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

वृहद वृक्षारोपण अभियान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली (गाजीपुर) में वृहद वृक्षारोपण अभियान : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

देवकली (गाजीपुर)। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा जनसहभागिता के माध्यम से हरित भारत के निर्माण के उद्देश्य से संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शनिवार को राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली में उत्साह, जागरूकता और जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने किया।

विद्यालय परिसर में छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ईको क्लब की नोडल अधिकारी निरूपमा व्यास ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ पर्यावरण का अमूल्य उपहार है।” उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने, उसकी नियमित देखभाल करने तथा अपने परिवार और समाज को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सहायक अध्यापिकाएँ सुमन सागर, सीमा यादव, अर्चना यादव एवं अर्चना गुप्ता ने भी छात्र-छात्राओं के साथ पौधरोपण कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लेते हुए विद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया।

प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार का यह वृहद वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक बनेगा। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें।”

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने, प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।

महिला पीजी कॉलेज का प्रदेश में पांचवा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल स्थान

प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में महिला महाविद्यालय का प्रदेश में पांचवा स्थान, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल!

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रमाण पोर्टल पर टॉप 20 महाविद्यालयो में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में पांचवा एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जून 2026 माह की समीक्षा के आधार पर महाविद्यालय ने सभी श्रेणियां में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 62.96 अंकों के साथ प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ है। 68.34 अंकों के साथ पी पी एन कॉलेज, कानपुर प्रथम स्थान पर है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी के अनुसार यह पोर्टल योजना एवं नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी उत्तरदाई एवं परिणामोन्मुखी बनाना है। इसके आधार पर प्रत्येक माह में इन संस्थाओं की समीक्षा की जाती है।यूपी प्रमाण पोर्टल पर प्रदेश के महाविद्यालयों का मूल्यांकन 44 विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है।

महाविद्यालय के यू पी प्रमाण पोर्टल के प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के अनुसार इन मानकों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितैषी सेवाएं, शोध एवं नवाचार, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा एवं मूल्यांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत उपलब्धियां तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अनुपालन सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाता है।
महाविद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने समस्त प्राध्यापको, कर्मचारियो एवं छात्राओं तथा अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। आपने सभी से भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए महाविद्यालय को प्रदेश के शीर्ष संस्थान में बने रहने और इससे भी ऊंचा स्थान प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। विदित हो कि महाविद्यालय ने अपने नैक द्वितीय चक्र में सत्र 2016 में 2.89 अंकों एवं बी प्लस प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयो में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था तथा यहां पर वर्तमान में लगभग 2700 छात्राएं अध्यनरत हैं। बी ए में कुल 18 विषय तथा बीएससी में 4 विषयों के साथ यहां पर 7 विषयों में एम ए एवं एक विषय में एमएससी के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार महाविद्यालय की भौतिक सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यहां 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बालिकाओं के लिए 200 की क्षमता का छात्रावास एवं 400 की क्षमता का एक आधुनिक सुसज्जित ऑडिटोरियम निर्माणधीन है। डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत का कंप्यूटर बिल्डिंग के निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा छात्राओं के लिए पृथक कामन हाल का निर्माण भी शुरू हो गया है। एनसीसी, रेंजर, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद, संगीत, चित्रकला, कार्यशालाओ, सबके लिए अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं विभागीय परिषदों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय वर्ष भर अपनी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव के साथ-साथ व्यापक शिक्षणेतर अवसर भी उपलब्ध कराता है। छात्राओं में बहुमुखी व्यक्तित्व, नेतृत्व, एवं कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के कारण महाविद्यालय जनपद में बालिकाओं की उच्च शिक्षा का पसंदीदा स्थान है।

230 छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण, बची छात्राएं तीन दिन के अंदर लें सकती हैं प्रवेश

गाजीपुर। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को तीसरे दिन भी बीए बीएससी प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेश हेतु काउंसलिंग जारी रही। बीए में आज कुल 70 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन और विषय आवंटन कराया ।इस प्रकार अब तक कुल 230 छात्राओं ने बीए प्रथम वर्ष में अपना प्रवेश काउंसलिंग करा लिया है। इसी प्रकार बीएससी प्रथम सेमेस्टर में आज कुल 30 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन कराते हुए विषय आवंटन कर लिया है। इस प्रकार बीएससी में अब तक कुल 130 छात्राओं ने अपना प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण कर लिया है। विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन के पश्चात छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य आगे भी निरंतर होता रहेगा। महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार 11 जुलाई को प्रवेश काउंसलिंग के प्रथम चरण से छूटी सभी छात्राओं को तथा जिनके समर्थ पोर्टल पर अभी पंजीकरण नहीं हुआ है, उन सभी छात्राओं को बुलाया गया है। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के पश्चात छात्राएं तीन दिन के अंदर अपना फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कर लें। अब तक पंजीकरण कराने वाली वे सभी छात्राएं जिनका काउंसलिंग लिस्ट में नाम नहीं है, वे भी कल 11 जुलाई को महाविद्यालय में सुबह 10:00 बजे आकर अपना प्रवेश काउंसलिंग करा सकती हैं।

सीडीओ ने किया जिला गंगा समिति की बैठक, दिए विभागों को निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में गंगा नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए निर्धारित कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का अनुपचारित सीवेज, ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक पदार्थ नदी में प्रवाहित न होने पाए। नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में वृक्षारोपण अभियान, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी, डी0एफ0ओ एवं गंगा समिति के सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

गाजीपुर।जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल संसाधनों के सतत एवं प्रभावी प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जनपद में भूजल सप्ताह का आयोजन 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि भूजल का स्तर लगातार गिरना चिंता का विषय है। इसे संरक्षित करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण विषयक गोष्ठियों, रैलियों, शपथ ग्रहण कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
बैठक में वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्थिति, सार्वजनिक भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं पंचायत भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूर्व में स्थापित संरचनाओं का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के रखरखाव, पौधारोपण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों को किसानों के बीच सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों तथा जल बचत तकनीकों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि भूजल सप्ताह के दौरान जनपदभर में विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाएगा। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिकाधिक जनसहभागिता प्राप्त की जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के उपरान्त भूगर्भ जल सप्ताह के अवसर पर सभी अधिकारियो एवं कर्मचारियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजन राय के साथ अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जनपदवासियों को ट्रामा सेंटर में मिलेगी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं:विजय मिश्र

गाजीपुर। मेरे राजनीति में आने का कारण समाजसेवा के साथ- साथ गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को बदलना प्रमुख उद्देश्य था और प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं से वादा भी किया था आपके आशीर्वाद से गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ कर दूंगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। श्री मिश्र ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो मेरा लक्ष्य था उसे अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में, 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार, ट्रामा सेंटर आदि बनवाकर गाजीपुर का चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया। यह बात कहते हुए मेरे सहित पूरे गाजीपुर के लिए आनंद का विषय है कि तत्कालीन रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार ने गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज देकर जनपद की सबसे बड़ी आवश्यकता को पूर्ण करने का काम किया। आज गाजीपुर मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 5 से 6 हजार लोगों की ओपीडी होती है जिससे उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए आस-पास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। विजय मिश्रा ने कहा कि गाजीपुर में ट्रामा सेंटर निर्मित होने के पश्चात शुरू नही हो पा रहा था जिसको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार बातकर ट्रामा सेंटर शुरू कराने का काम किया गया। ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गयी है परंतु अभी पूर्ण क्षमता से कार्य नही कर रहा हैं, इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता कर पूर्ण क्षमता युक्त ट्रॉमा सेंटर का संचालन कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैशलेस ट्रीटमेंट, ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रॉमा केयर नेटवर्क पूरे देश के हर जनपद में बनाने की योजना लागू की। इसके तहत विभिन्न चरणों में देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने एवं मौजूदा अस्पतालों को ट्रॉमा सुविधाओं से सुसज्जित करने का काम केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है । उन्होंने कहा कि मैं जनपदवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि शीघ्र अतिशीघ्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर सभी आवश्यक मानकों जैसे डॉक्टर्स – डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो एवं ऑर्थो, पैरामेडिकल – नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक उपकरण – ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और ह्यूमिडिफायर, दवा और फ्लूड कंट्रोल, ABG Analyzer, Portable ECG Machine, Portable X-Ray Access, Ultrasound Machine, CT Sacan इत्यादि से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रामा सेंटर की सुविधा जनपदवासियों को प्राप्त होगी। गाजीपुर के ट्रामा सेंटर को इतने उच्च स्तर पर बनाया जायेगा कि गाजीपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों को सेवा देकर जनपद की जरूरत को पूरा करने के साथ ही बीएचयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त बोझ को बांट सके।

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में प्रशासन द्वारा सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित किया गया है।
    स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रवेश आवेदन हेतु पहले से निर्धारित अंतिम तिथि 08 जुलाई 2026 को बढ़ाकर अब 14 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं तथा ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर सकते हैं।
    प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि महाविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा दिनांक 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। बी.एस-सी. (कृषि) एवं एम.एस-सी. कृषि जीपीबी पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा एम.एस-सी. बॉटनी, एम.एस-सी. कृषि (उद्यान) एवं एम.कॉम की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक निर्धारित है। समस्त परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा में समय से उपस्थित हों। अनुपस्थिति की स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को अलग से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय की वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर अवलोकन करें या महाविद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।

    डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने किया गौशालाओं का निरीक्षण

    गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशानुसार जनपद में संचालित समस्त अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं का व्यापक निरीक्षण गुरुवार को विभिन्न अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य गौवंशों के संरक्षण, उनके समुचित भरण-पोषण, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का प्रभावी सत्यापन करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक बिंदु का तथ्यात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कोई कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण आख्या में करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित प्रारूप में विस्तृत निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर आवश्यक निर्णय लेते हुए गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
    इसी क्रम में आज जनपद में जिला विकास अधिकारी राजन राय द्वारा बिरनो गौ-आश्रय स्थल, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला समन्वयक (मनरेगा), जिला पंचायत राज अधिकारी, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से गौशाला परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता तथा कीचड़ की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारीयों ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशालाओं में नियमित रूप से सफाई हो  तथा परिसर में जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति न रहे, जिससे गौवंशों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त गौवंशों के लिए हरे चारे की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता तथा पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहें। अधिकारियों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं में निराश्रित गोवंशों के लिए पौष्टिक एवं पर्याप्त चारे की व्यवस्था निरंतर बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की कमी न हो। गौशालाओं में प्रकाश की समुचित व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा रात्रिकालीन सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गये। साथ ही गौसेवकों के मानदेय के भुगतान की स्थिति, उनकी उपस्थिति तथा गौशालाओं के संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विस्तृत सत्यापन किया गया।

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