प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

फुटबॉल के 10 खिलाड़ियों का चयन, जूनियर बास्केटबॉल टीम के ट्रायल

गाजीपुर में फुटबॉल के 10 खिलाड़ियों का चयन, जूनियर बास्केटबॉल टीम के ट्रायल आज

फुटबॉल खिलाड़ियों ने नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में दिखाया दमखम, बास्केटबॉल खिलाड़ियों को 16 अक्टूबर को मिलेगा चयन का मौका

गाजीपुर। प्रदेश स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में जनपद के खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला खेल कार्यालय की ओर से चयन प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम, गोराबाजार में प्रदेश स्तरीय समन्वय सीनियर पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय चयन एवं ट्रायल आयोजित किया गया। इसमें 45 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया।

प्रदेश स्तरीय समन्वय सीनियर पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 23 से 30 अक्टूबर 2026 तक वाराणसी में होना है। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी 18 अक्टूबर को प्रातः नौ बजे डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में आयोजित वाराणसी मंडल के चयन में प्रतिभाग करेंगे। चयन एवं ट्रायल के दौरान फुटबॉल कोच श्रीमती संगीता यादव, जिला फुटबॉल संघ के संयुक्त सचिव मो. मोईन, संघ में कार्यरत इंतजार शेख, राष्ट्रीय खिलाड़ी मो. अजीम तथा क्रीड़ा अधिकारी देवी प्रसाद उपस्थित रहे। सभी की देखरेख एवं मार्गदर्शन में चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

जूनियर बास्केटबॉल खिलाड़ियों के ट्रायल 16 अक्टूबर को

प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक बास्केटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय चयन एवं ट्रायल शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:30 बजे नेहरू स्टेडियम, गोराबाजार, गाजीपुर में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता 28 से 31 अक्टूबर तक जनपद अलीगढ़ में प्रस्तावित है। इच्छुक खिलाड़ी 16 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रविष्टि दे सकते हैं। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को 18 अक्टूबर को डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सिगरा में वाराणसी मंडल के चयन में प्रतिभाग करना होगा।

ये दस्तावेज लाना अनिवार्य

ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को फोटोयुक्त पात्रता प्रमाण पत्र, प्रधानाचार्य से प्रमाणित आयु प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। प्रतियोगिता में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। जूनियर बालक बास्केटबॉल वर्ग में भाग लेने के लिए खिलाड़ी की जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 या उसके बाद की होनी चाहिए। जिला खेल कार्यालय ने इच्छुक खिलाड़ियों से निर्धारित समय पर पहुंचकर चयन प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की अपील की है।

डीएम ने धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

गाजीपुर में 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, किसानों को फार्मर आईडी और पंजीकरण कराना अनिवार्य

डीएम अनुपम शुक्ला ने धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा कर केंद्र प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

गाजीपुर। जिले में आगामी धान खरीद को पारदर्शी, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सभी क्रय संस्थाओं के प्रभारी और केंद्र प्रभारियों को खरीद से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। केंद्रों पर अव्यवस्था, बोरे की कमी, किसानों से दुर्व्यवहार या अनावश्यक रूप से वापस करने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 1 नवंबर 2026 से धान क्रय केंद्र संचालित होंगे। खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण शुरू हो चुका है। प्रशासन ने किसानों से समय रहते पंजीकरण कराने और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है।

केंद्रों पर उपकरण, कांटे और बोरों की व्यवस्था अनिवार्य

कार्यशाला में निर्देश दिया गया कि मंडी समिति सभी धान क्रय केंद्रों पर आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था तत्काल पूरी कराए। क्रय संस्थाएं केंद्रों पर खरीद से संबंधित अभिलेख समय से उपलब्ध कराएं। बाट-माप विभाग द्वारा सभी केंद्रों के तौल कांटों का सत्यापन कराया जाएगा।

संबंधित एजेंसियों को पर्याप्त संख्या में बोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी केंद्र पर बोरे के अभाव में खरीद बाधित होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी क्रय संस्थाओं को अपने अनुमोदित केंद्रों पर खरीद संबंधी व्यवस्थाएं पूरी कर जिला खाद्य विपणन अधिकारी को रिपोर्ट देने को कहा गया है।

जंगीपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव द्वारा धान खरीद के लिए तौल कांटों की उपलब्धता और आवश्यकता के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण जारी किया।

ई-पॉप मशीन से होगी उपस्थिति, आधार से पहचान

धान खरीद के दौरान केंद्र प्रभारियों को प्रतिदिन पूर्वाह्न नौ से दस बजे के बीच ई-पॉप मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। केंद्रों पर श्रमिकों की उपस्थिति भी इसी मशीन से दर्ज की जाएगी। किसानों की बायोमेट्रिक पुष्टि के बाद ही धान की खरीद की जाएगी।

केंद्र पर धान बेचने आने वाले किसान की पहचान आधार कार्ड से होगी। यदि किसान के स्थान पर उसका कोई सदस्य धान बेचने आता है, तो केंद्र प्रभारी को मूल किसान और संबंधित सदस्य, दोनों के आधार कार्ड की छायाप्रति सुरक्षित रखनी होगी।

धान की उतराई और सफाई के लिए किसान से श्रमिकों को अधिकतम 20 रुपये देने का प्रावधान बताया गया है।

गीले या गंदे धान को तुरंत नहीं किया जाएगा अस्वीकृत

प्रशासन ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि गीला या गंदा धान लाने वाले किसानों की उपज तत्काल अस्वीकृत न की जाए। पहले किसान को केंद्र पर धान की सफाई और सुखाने का अवसर दिया जाए। इसके बाद भी धान निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो नियमानुसार उसे अस्वीकृत किया जा सकता है।

अस्वीकृति की स्थिति में रिजेक्शन रजिस्टर में किसान का नाम, पता, पंजीकरण संख्या, मोबाइल नंबर, धान की मात्रा और अस्वीकृति का कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही किसान को अपीलीय अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वह अपनी शिकायत या अपील दर्ज करा सके। अपीलीय समिति में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, मंडी सचिव, केंद्र प्रभारी और दो प्रगतिशील किसान शामिल होंगे।

किसानों से दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से क्रय केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा। सभी केंद्र प्रभारी किसानों के साथ शिष्टाचारपूर्वक व्यवहार करेंगे। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि खरीद अवधि के दौरान बैनर पर अंकित अपना मोबाइल नंबर चालू रखें। जिला और तहसील मुख्यालय से रैंडम आधार पर मोबाइल नंबरों का सत्यापन कराया जाएगा। नंबर बंद मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित क्रय केंद्रों के लिए संबंधित तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी (एडीसीओ) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें नियमित निरीक्षण कर केंद्रों का संचालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी अप्रिय स्थिति में केंद्र प्रभारी और एजेंसी प्रभारी के साथ संबंधित एडीसीओ की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

किसानों को 48 घंटे में भुगतान का निर्देश

सभी क्रय एजेंसियों को किसानों से खरीदे गए धान का भुगतान यथासंभव 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। भुगतान भारत सरकार के पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से बैंक खाते के सत्यापन के बाद किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।

फार्मर आईडी के बिना भी पुराने तरीके से होगा सत्यापन

इस सत्र में खाद्य विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण दो तरीकों से किया जा रहा है। जिन किसानों के पास कृषि विभाग द्वारा जारी फार्मर आईडी है, उनका विवरण आधार नंबर दर्ज करने पर पोर्टल पर स्वतः उपलब्ध हो जाएगा। किसानों को प्राप्त विवरण में अपनी श्रेणी एससी, एसटी, ओबीसी या सामान्य दर्ज कर उसे सुरक्षित करना होगा।

यदि फार्मर आईडी में दर्ज किसी विवरण को लेकर आपत्ति है, तो किसान एग्रीस्टैक पोर्टल, डीसीएस पोर्टल या संबंधित सर्वेयर से संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है। फार्मर आईडी से प्राप्त विवरण का दोबारा सत्यापन नहीं किया जाएगा।

जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, उनका पंजीकरण पूर्व वर्षों की भांति सत्यापन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। धान, मक्का, ज्वार और बाजरा के लिए एक ही पंजीकरण व्यवस्था लागू है। किसान पंजीकरण के दौरान इन फसलों से संबंधित अपनी भूमि का विवरण जोड़ सकेंगे।

ऐसे प्राप्त करें फार्मर आईडी और कराएं पंजीकरण

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान बेचने से पहले किसान पहचान-पत्र यानी फार्मर आईडी की छायाप्रति सहित सभी आवश्यक दस्तावेज केंद्र प्रभारी को उपलब्ध कराएं।

यदि किसी किसान के पास फार्मर आईडी नहीं है, तो वह अपने मोबाइल फोन या साइबर कैफे के माध्यम से नीचे दिए गए पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है।

भोजपुरी के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ को श्रद्धांजलि, 16 अक्टूबर को होगी सभा

भोजपुरी के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ को श्रद्धांजलि, 16 अक्टूबर को होगी सभा

‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ कविता ने ग्रामीण जीवन की तस्वीर को शब्दों में उतारा, 300 से अधिक कविताओं में सहेजी गांव-समाज की स्मृतियां

गाजीपुर। भोजपुरी साहित्य जगत के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी कविताएं आज भी लोगों के हृदय में जीवंत हैं। गांव की मिट्टी, ग्रामीण जीवन की परंपराओं, लोक संस्कृति और बदलते सामाजिक परिवेश का सजीव चित्रण करने वाली उनकी रचनाएं उन्हें साहित्य जगत में अमर बनाती हैं। उनकी स्मृति में 16 अक्टूबर को गाजीपुर नगर के स्टीमरघाट स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी उनके इकलौते पुत्र गोपाल पाण्डेय ‘गौरव’ ने दी।

पैतृक गांव पचोखर के रहने वाले कवि अनन्तदेव पाण्डेय ने अपने सेवाकाल की शुरुआत रेलवे से की थी। इसके बाद उन्होंने खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग में सेवा प्रदान की। नौकरी के दौरान भी उनका जुड़ाव जनसरोकारों से बना रहा। उन्होंने अपने समय की सामाजिक समस्याओं, ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं और अपनी पीढ़ी की स्मृतियों को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

सेवानिवृत्ति के बाद उनकी डायरी और पुस्तकों में संकलित लगभग 300 कविताएं उनके साहित्यिक अवदान की समृद्ध विरासत हैं। उनकी रचनाओं में तत्कालीन सामाजिक समस्याओं, कुरीतियों, ग्रामीण परिवेश, प्रकृति तथा हास्य-व्यंग्य की प्रभावशाली झलक मिलती है।

‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ ने दिलाई खास पहचान

कवि अनन्त की सबसे चर्चित भोजपुरी रचनाओं में वर्ष 2000 में लिखी गई कविता ‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ विशेष स्थान रखती है। लगभग 50 पंक्तियों की इस कविता में उन्होंने गांव की बदलती तस्वीर, पारंपरिक रहन-सहन और धीरे-धीरे विलुप्त होती ग्रामीण संस्कृति को बेहद सहज और प्रभावशाली भाषा में उकेरा है।

कविता में ओखर-मूसर, कोठिला, कुंडा, हांड़ी-परई, कठवत, बटुली, गगरा और लोटा जैसे पारंपरिक घरेलू सामानों के साथ गुल्ली-डंडा, आंखमुदवल, ओल्हा-पाती और कौड़ी-गोटी जैसे परंपरागत खेलों का उल्लेख मिलता है। तीज-त्योहार और गांव की पुरानी जीवनशैली का चित्रण इस रचना को भोजपुरी लोकजीवन का जीवंत दस्तावेज बनाता है।

कविता की पंक्तियां—

“गँउवों गाँव बुझाते नइखे,
अब कतहीं ऊ बाते नइखे।”

गांवों में तेजी से बदलते परिवेश और लुप्त होती परंपराओं के प्रति कवि की चिंता को अभिव्यक्त करती हैं। कविता में पुराने घरों, पारंपरिक निर्माण शैली और ग्रामीण जीवन की सहजता के धीरे-धीरे गायब होने का दर्द भी दिखाई देता है।

2021 में प्रकाशित हुई कविता पुस्तक

इस चर्चित कविता पर साहित्य जगत के अनेक विद्वानों और साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। वर्ष 2021 में इस कविता पुस्तक का प्रकाशन हुआ। पुस्तक में हिंदी और भोजपुरी साहित्य से जुड़े 26 प्रख्यात साहित्यकारों एवं विद्वानों के अभिमत शामिल हैं।

इनमें डॉ. जितेन्द्रनाथ पाठक, डॉ. विवेकी राय, डॉ. पी.एन. सिंह, प्रो. अवधेश प्रधान, प्रो. हरिकेश सिंह, डॉ. मान्धाता राय, प्रो. सदानन्द शाही, हरिनारायण हरिश, राजेन्द्र सिंह, ओम धीरज, कामेश्वर द्विवेदी, डॉ. अक्षय पाण्डेय, वंश नारायण ‘मनज’, डॉ. गजाधर शर्मा गंगेश, सुभाष चंद्र यादव, डॉ. हैदर अली खां, डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, कुमार शैलेन्द्र, डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय, शेख जैनुल आब्दीन, उबैदुर्रहमान सिद्दीकी, डॉ. व्यास मुनि राय, डॉ. रामनारायण तिवारी, डॉ. बालेश्वर विक्रम, डॉ. ऋचा राय और माधव कृष्ण जैसे साहित्यकारों के नाम उल्लेखनीय हैं।

3 अक्टूबर को हुआ निधन

वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ का 3 अक्टूबर 2026 को गाजीपुर नगर के स्टीमरघाट स्थित आवास पर लगभग 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भोजपुरी साहित्य जगत और उन्हें जानने वाले लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

उनके अंतिम संस्कार में साहित्यकारों, जनसेवकों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। इनमें डॉ. मान्धाता राय, गोपाल राय, व्यापार मंडल से विजय शंकर वर्मा, नगर प्रचारक विक्रम, बृजकिशन जायसवाल, डीजीसी कृपाशंकर राय, दीनदयाल, आदित्य, हृदयप्रकाश, संजय जायसवाल, पत्रकार चन्द्र कुमार तिवारी, हिमांशु राय, अजय पाण्डेय, प्रदीप रावत और दिनेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ की रचनाएं भोजपुरी भाषा, ग्रामीण संस्कृति और लोकजीवन की उस विरासत को संजोए हुए हैं, जिसे समय के साथ भुलाया जा रहा है। उनकी कविता और साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, अपनी भाषा और अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का काम करते रहेंगे। 16 अक्टूबर को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साहित्यप्रेमी और शुभचिंतक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने किया उद्घाटन

गाजीपुर में मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने किया उद्घाटन

शास्त्री नगर चौराहे पर अब एक ही छत के नीचे मिलेंगे शेरवानी, कुर्ता-पायजामा और इंडो-वेस्टर्न परिधानों के आकर्षक कलेक्शन

गाजीपुर। शहर के शास्त्री नगर चौराहे पर गुरुवार को देश के चर्चित एथनिक वियर ब्रांड मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय के साथ फीता काटकर शोरूम का उद्घाटन किया। नए शोरूम के खुलने से अब गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को शादी-विवाह, मांगलिक समारोहों और अन्य विशेष अवसरों के लिए आकर्षक पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

शोरूम में पुरुषों के लिए भारतीय परंपरा और आधुनिक फैशन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। यहां आकर्षक एथनिक वियर, शाही अंदाज वाली शेरवानी, कुर्ता-पायजामा तथा स्टाइलिश इंडो-वेस्टर्न परिधानों की विभिन्न डिजाइन और रेंज उपलब्ध हैं। खास तौर पर शादी-विवाह और अन्य उत्सवों में अपने पहनावे को खास बनाने की चाह रखने वाले ग्राहकों के लिए यह शोरूम एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है।

मान्यवर के इस भव्य शोरूम के खुलने से स्थानीय ग्राहकों को मनपसंद डिजाइन और फैशन के अनुरूप परिधानों के चयन के लिए एक नया ठिकाना मिला है। पारंपरिक भारतीय परिधानों की खूबसूरती और आधुनिक स्टाइल को एक साथ प्रस्तुत करने की पहल से शहर के फैशन बाजार को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले क्षेत्रीय नागरिकों एवं गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि शोरूम के माध्यम से ग्राहकों को पारंपरिक भारतीय परिधानों के साथ आधुनिक फैशन का आकर्षक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

कार्यक्रम का आयोजन राजकुमार सिंह एवं सुजीत सिंह (सोनू) के सौजन्य से किया गया। शास्त्री नगर चौराहे पर मान्यवर के नए शोरूम की शुरुआत को शहर में फैशन और परिधानों की उपलब्धता के लिहाज से एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।


भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, शशिपाल सिंह उर्फ घूरा सिंह, रामलाल प्रजापति, अमित सिंह, पुष्कर सिंह, सुमित सिंह, सुजीत सिंह, नन्हे सिंह, कर्मवीर सिंह, शुभम सिंह, दीपक सिंह, वीर बहादुर सिंह, अभिषेक सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

गाजीपुर में बीसी सखियों की समस्याओं पर DM सख्त, लंबित मानदेय से लेकर आईडी कार्ड तक के समाधान के दिए निर्देश

गाज़ीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार विकास भवन सभागार में बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान के संबंध में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष बीसी सखियों के अधिकृत आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाने, नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के अनुपालन में हो रहे विलंब, लंबित मानदेय तथा मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराए जाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीसी सखियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने बीसी सखियों के पंचायत भवन में बैठने हेतु पुनः व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आईडी कार्ड बनवाने हेतु फोटो एवं आवश्यक विवरण संबंधित ब्लॉक पर जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही, एलडीएम को नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के शीघ्र अनुपालन के निर्देश दिए, ताकि बीसी सखियों को संबंधित बैंकों से जोड़ते हुए उनकी ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके। बीसी सखियों को मनरेगा मजदूरों के भुगतान करने के लिए डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया गया कि इसके संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जनपद में कुल 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत है जिसमें 705 बीसी सखियों को पूरे छह माह का मानदेय प्राप्त है तथा अन्य को कुछ माह का अभी अप्राप्त है, जबकि 104 बीसी सखियों के छः माह का मानदेय अभी लंबित है।

शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, बीसी सखियों को मानदेय की सुविधा प्राप्त करने के लिए प्रतिमाह न्यूनतम 15 ट्रांजेक्शन पूर्ण करना आवश्यक है इसके पश्चात उन्हें स्वतः ही मानदेय प्राप्त हो जाएगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डीसी एनआरएलएम वी. के. यादव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारीगण और बीसी सखियां उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण, चुनावी प्रक्रिया की दी गई जानकारी

वाराणसी खंड शिक्षक-स्नातक निर्वाचन को लेकर मतदान कार्मिकों को दिया गया प्रशिक्षण

17 अक्टूबर को फिर होगा प्रशिक्षण, मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से कराया गया अवगत

गाजीपुर। वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन-2026 को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में क्षेत्रीय ग्राम्य विकास आरटीआई सभागार, गाजीपुर में मतदान कार्मिकों एवं पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर एवं लैपटॉप के माध्यम से पीपीटी प्रस्तुतिकरण के जरिए मतदान प्रक्रिया से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्मिकों को निर्वाचन के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को अपने दायित्वों एवं निर्वाचन संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए, जिससे मतदान के दिन किसी प्रकार का भ्रम न रहे और पूरी प्रक्रिया सुचारु, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत मतदान कार्मिकों का रैंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद 17 अक्टूबर को पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य में लगे सभी कार्मिकों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा की।

डीएम अनुपम शुक्ला का आदेश,अंधऊ हवाई पट्टी के 10 किमी दायरे में उड़ान गतिविधियों पर रोक

डीएम अनुपम शुक्ला का आदेश, अंधऊ हवाई पट्टी के 10 किमी दायरे में उड़ान गतिविधियों पर रोक

गाजीपुर में 10 किमी के दायरे में नो-फ्लाइंग जोन घोषित, ड्रोन उड़ाने पर रहेगा प्रतिबंध

गाजीपर।भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर होने वाले भव्य हवाई प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। हवाई प्रदर्शन की सुरक्षा और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बड़ा फैसला लिया है। गाजीपुर के अंधऊ हवाई पट्टी और उसके चारों ओर 10 किलोमीटर की परिधि को 14 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है।

दरअसल, वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को हवाई प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसमें करीब 100 विमानों के शामिल होने की संभावना है। इस आयोजन के लिए विभिन्न जिलों से विमान उड़ान भरेंगे। वहीं, एएफडीएडीए-2026 में भाग लेने के लिए चिनूक, अपाचे और एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों को 15 से 27 अक्टूबर तक गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर तैनात किया जाना निर्धारित है।

इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अंधऊ हवाई पट्टी के आसपास किसी भी तरह की अनधिकृत उड़ान गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जारी आदेश के मुताबिक, निर्धारित अवधि में प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर ड्रोन, मानव रहित विमान यानी यूएवी, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट और अन्य हल्के या मानव रहित उड़ान यंत्रों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से अधिकृत एजेंसियों को छूट दी जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अंधऊ हवाई पट्टी के आसपास रहने वाले लोगों और ड्रोन संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

फिलहाल, हवाई प्रदर्शन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।

भाजपा कॉल सेंटर का हुआ शुभारंभ

भाजपा कॉल सेंटर का हुआ शुभारंभ

गाजीपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय, छावनी लाइन पर स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में बुधवार को कॉल सेंटर का शुभारंभ जिला प्रभारी अजीत चौबे एवं जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने जिला कार्यालय पर फीता काटकर किया। इस अवसर पर कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी अजीत चौबे ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी देश का ऐसा प्रमुख राजनीतिक दल है, जो राष्ट्र की उन्नति, उत्थान एवं जनकल्याण के संकल्प के साथ निष्ठापूर्वक कार्य कर रहा है। वहीं, लंबे समय तक भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद को प्रश्रय देने वाले राजनीतिक दल आज भी समाज में विभाजनकारी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देकर सत्ता प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक दलों की नीतियों एवं कार्यशैली का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। इस दिशा में पार्टी के आईटी, सोशल मीडिया एवं मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन की नीतियों, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वावलंबन के मूल सिद्धांतों को केंद्र में रखकर केंद्र और प्रदेश की सरकारें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता समाज के प्रत्येक वर्ग का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विपक्षी राजनीतिक दलों की भूमिका एवं उनकी गतिविधियां देश के प्रति गैर-जिम्मेदाराना दृष्टिकोण को उजागर करती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने तथा विधान परिषद चुनाव के दृष्टिगत प्रभावी जनसंपर्क स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री अवधेश राजभर, विष्णु प्रताप सिंह, अविनाश सिंह, कार्तिक गुप्ता, सनी चौरसिया, प्रमोद राय, शशांक राय, शिवम प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा ने कसी कमर, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर

स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा, जिला कार्यालय पर हुई बैठक

गाजीपुर। स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन में प्रत्याशियों डॉ. केदारनाथ सिंह और डॉ. प्रमोद मिश्रा की चुनावी तैयारियों को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, छावनी लाइन पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और निर्वाचन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य अतिथि एवं जिला प्रभारी अजीत चौबे ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन के मद्देनजर संगठन की सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध तरीके से चुनावी तैयारियां पूरी करने तथा संगठन की गतिविधियों को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया।

जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पूरी जिम्मेदारी एवं सक्रियता के साथ जुटना होगा। उन्होंने चुनाव संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा करने, आपसी समन्वय बनाए रखने और संगठन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जिला उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह, सुमित तिवारी, विष्णु प्रताप सिंह, रामनरेश कुशवाहा, डॉ. प्रदीप पाठक, श्यामराज तिवारी, किरन सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मिशन शक्ति 6.0: साहसी महिलाओं, मेधावी छात्राओं और खिलाड़ियों का सम्मान

पुलिस लाइन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति किया गया जागरूक

डॉ सुरभि राय को सम्मानित करते एसपी विनय कुमार सिंह

गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज 6.0 के तहत मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को लेकर भव्य सम्मान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, बालिकाओं, महिला पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों और मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं और बालिकाओं ने प्रतिभाग किया।

साहस और उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विषम परिस्थितियों में साहस का परिचय देने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं, खेल जगत में जनपद का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्कृष्ट कार्यों को भी सराहा गया। सम्मानित होने वालों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर उनके योगदान की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसी पहल महिलाओं और बालिकाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

महिला पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों के कार्यों की सराहना

मिशन शक्ति अभियान के तहत सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों में थाना नंदगंज की महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी, थाना कासिमाबाद की महिला रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी हेमलता पटेल, थाना दुल्लहपुर की महिला कांस्टेबल नेहा अग्रहरि तथा थाना नगसर हाल्ट की महिला आरक्षी सरिता को सम्मानित किए जाने के लिए शामिल किया गया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि राय और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहा सिंह के कार्यों को भी सराहा गया।

तीरंदाजी और ताइक्वांडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी सम्मानित

खेल के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिला खिलाड़ियों में जमानिया क्षेत्र की तीरंदाज खुशी श्रीवास्तव, धृति कृष्ण त्रिपाठी और भावना सिंह के साथ खानपुर क्षेत्र के सेहमलपुर गांव की ताइक्वांडो खिलाड़ी एकता भारद्वाज को सम्मान के लिए शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त ओम एचओआईसी, परमेठ सदर की अनामिका गुप्ता तथा लूर्दस कॉन्वेंट बालिका इंटर कॉलेज, गाजीपुर की छात्रा अंशिका मिश्रा को भी उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित किए जाने वालों में शामिल किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं एवं बालिकाओं ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाटक और गीतों के माध्यम से महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।

महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं, जिनमें 1090, 112 और 181 शामिल हैं, की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने की निरंतर पहल है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता मजबूत करना रहा।

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