शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                

दस दिन के अंदर कराया गया सैकड़ों मामलों का निस्तारण:डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के अध्यक्षता में कलेक्टेªट कक्ष में गुरुवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता मे जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद मे 12 मई 2026 अबतक  राजस्व विभागो के निस्तारण, राजस्व न्यायालयो ने जो फैसले दिये है उसका जमीन स्तर पर इम्प्रिमेंटेशन का कार्य किये जा रहे है। उन्होने बताया कि जनपद मे 700 से अधिक प्रकरणो का निस्तारण 8 से 9 दिनो मे कराया गया है। इसमे 140 हेक्टेयर भूमि खाली करायी गयी है। जिसमे विभिन्न तहसीलो, राजस्व , पुलिस ,ब्लाको की टीमें लगी रही है। इसमे धारा 24 जो पैमाईश के मामले है, धारा 116 जो बटवारा के मामले है तथा धारा 67 जो सरकारी भूमि कब्जा का मामला है उसका भी निस्तारण कराया गया हैं । उन्होने बताया कि इस मामलो मे जब राजस्व कर्मचारी  फिल्ड मे जाते है तो वे किसी न किसी आदेश के क्रम मे जाते है अगर जनता को कोई शिकायत है तो वे उनके उच्च अधिकारी से सम्पर्क स्थापित कर उन्हे बात कह सकते है और यदि न्यायालय का आदेश है तो वे अपील दायर कर सकते है। उन्होने कहा कि यदि अपील लम्बे समय से दायर है तो वे न्यायालय मे स्टे भी प्राप्त कर सकते है, ये उनका अधिकार है। उन्होने कहा कि मौके पर राजस्व कर्मचारी को कार्य न करने देने ,  राजस्व अधिकारी के साथ गुंडागर्दी करना अपराध की श्रेणी मे आते है। उन्होने कहा कि इस तरह का कृत्य कही पर किया जाता है तो उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी । जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया कि इस तरह के कृत्य मे न पड़े और यदि इस तरह की शिकायत प्राप्त होती है तो उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही के साथ एन एस ए या गुंडा एक्ट या गैंगेस्टर के तहत कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे मे कहा कि अराजक तत्व इस तरह कृत्य मे मन पड़े, जिससे शासकीय कार्य मे बाधा उत्पन्न हो। उन्होने कहा कि कोर्ट के प्रक्रिया का मिस्यूज करने का प्रयास न करे, न्याय का पालन करें, सही का साथ दें, जो व्यक्ति गलत का साथ देगा उसके विरूद्ध प्रशासन अपना पूरा तंत्र लगाकर दण्डात्मक कार्यवाही हेतु तैयार रहेगा, इसलिए सतर्क रहे, गुमराह न हो, क्योकि कुछ लोग अपने फायदे के लिए लोगो को गुमराह करने का प्रयास करते है। उन्होने कहा कि जनता दर्शन मे प्रतिदिन पीड़ितो को जनसुनवाई के माध्यम से न्याय दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर पालिका की नागरिक सेवाएं सहित अन्य योजनाए होगी आनलाईन

नवयुग पालिका योजना के 8 सदस्यी समिति का गठन, नगर पालिका की नागरिक सेवाएं सहित अन्य योजनाए होगी आनलाईन


गाजीपुर। नवयुग पालिका योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। राज्य सरकार ने पहली बार नगर निगमों से बाहर के नगरीय निकायों, विशेषकर जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषदों को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई रूपरेखा तैयार की है। योजना के अंतर्गत 55 नगर पालिका परिषदों को शामिल किया गया है। प्रत्येक वर्ष 583.20 करोड़ रूपये खर्च किये जायेगे। पांच वर्ष में इस योजना को सन् 2030 तक पूर्ण किया जाना है। नवयुग पालिका योजना के माध्यम से स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नागरिक सेवाएं अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेंगी। इसके तहत सड़कों, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। जिला मुख्यालयों को विकसित करने से विभिन्न मंडलों के बीच विकास असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी। इससे नगर निगमों से बाहर के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित होगा। परियोजनाओं के चयन के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 8 सदस्यी समितियों का गठन किया गया है, जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय सचिव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद गाजीपुर समन्वय सदस्य, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग गाजीपुर सदस्य, वरिष्ठ कोषाधिकारी गाजीपुर सदस्य, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय गाजीपुर सदस्य व निर्गुण दास केशरी उद्योग व्यापार मण्डल, विजय शंकर वर्मा उद्योग व्यापार मण्डल, निशान्त सिह सामाजिक कार्यकर्ता को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। नगर पालिका में स्मार्ट सिटी योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। “नवयुग पालिका योजना” के अंतर्गत उत्सव भवन, ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी केंद्र, पार्कों का विकास तथा विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे।

अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित कराने का किया जाए प्रयास:डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अन्तर्गत जिला कार्यकारी समिति की बैठक गुरुवार को सम्पन्न हुई। बैठक में जिला सेवायोजन अधिकारी सहित जिला कार्यकारी समिति के सभी सम्मानित अधिकारी/जिले के प्रमुख उद्योग संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहें। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे रोजगार सृजन कार्यक्रमों का आयोजन तथा जनपद स्तर पर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार/स्व-रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किये जाने का निर्णय लिया गया।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि रोजगार संगम पोर्टल-https://rojgaarsangam.up-gov.in  पर जनपद के नियोजकों एवं युवाओं का पंजीकरण कराने का प्रयास करते हुए रोजगार मेला एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित कराने का प्रयास किये जॉय। साथ ही जर्मनी, जापान, सऊदी अरब और इजराइल देश में रोजगार के अवसरों के लिए विशेष अभियान एवं कार्यशाला के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लाभान्वित कराया जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डिप्टी कलेक्टर/प्रभारी अधिकारी डूडा विनोद जोसी, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, जिला सेवायोजन अधिकारी विवेकानन्द सिंह एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

भारत रत्न स्व: राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि

गाजीपुर। भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर कैंप कार्यालय सकलेनाबाद में गुरुवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि “राजीव गांधी जी ने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का ऐतिहासिक सपना देखा था। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था तथा युवाओं को राजनीति में भागीदारी देने की दिशा में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित रहा।” शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि “राजीव गांधी जी ने आधुनिक सोच एवं नई तकनीक के माध्यम से भारत को नई दिशा देने का कार्य किया। आज देश जिस डिजिटल और तकनीकी भारत की बात करता है, उसकी मजबूत नींव राजीव गांधी जी ने ही रखी थी। कांग्रेस कार्यकर्ता उनके आदर्शों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करते रहेंगे।”पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह एवं पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे ने संयुक्त रुप से कहा कि “राजीव गांधी जी दूरदर्शी एवं विकासवादी नेता थे। उन्होंने युवाओं, किसानों, गरीबों एवं आम जनता के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी शहादत देश के लिए अपूरणीय क्षति थी।”एआईसीसी सदस्य रविकांत राय एवं पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ मार्कंडेय सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि “राजीव गांधी जी का व्यक्तित्व सरल, सौम्य एवं प्रगतिशील सोच का प्रतीक था। उन्होंने विज्ञान, संचार एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत को नई दिशा प्रदान की। कांग्रेस पार्टी उनके विचारों और सिद्धांतों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से जनक कुशवाहा अजय कुमार श्रीवास्तव ज्ञान प्रकाश सिंह राघवेंद्र जी चंद्रिका सिंह राजीव सिंह हामिद अली सतीश उपाध्याय मोहम्मद अयूब शबाना बेगम राघवेंद्र चतुर्वेदी देवेंद्र कुमार सिंह दीनानाथ पारस उपाध्यक्ष चंद्रशेखर आर्य अजय कुमार दुबे बृजेश कुमार गौतम महेंद्र कुशवाहा अरविंद कुमार मौर्य कामता सिंह सतीश सिंह मुस्ताक अली अखिलेश कुमार यादव राजेश कुमार विश्वकर्मा मनोज कुमार विश्वकर्मा साहिल अंसारी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने धोबिया घाट व खिड़की घाट के पक्कीकरण और सुंदरीकरण के लिए जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र

गाजीपुर। जनपद  के नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत स्थित धोबिया घाट एवं खिड़की घाट के पक्कीकरण और सुंदरीकरण को लेकर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। सांसद द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को क्षेत्रीय जनता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नगर पालिका गाजीपुर के अंतर्गत आने वाले धोबिया घाट और खिड़की घाट धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान हैं। इन घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्नान, पूजा-पाठ तथा दाह संस्कार के लिए पहुंचते हैं। दाह संस्कार के उपरांत हजारों श्रद्धालु यहां स्नान करते हैं, जिससे इन घाटों की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।

सांसद ने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में इन घाटों की स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात एवं अन्य मौसमों में घाटों पर फिसलन, गंदगी और अव्यवस्था जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में घाटों का पक्कीकरण एवं सुंदरीकरण कराया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने जल शक्ति मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि जनहित एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए धोबिया घाट और खिड़की घाट के विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए। सांसद ने कहा कि घाटों के सुंदरीकरण से न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नगर क्षेत्र की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।

राज्यसभा सांसद की इस पहल को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घाटों का पक्कीकरण और सुंदरीकरण होता है तो इससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी तथा क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी और अधिक बढ़ेगा।

सांसद डॉ. संगीता बलवंत द्वारा उठाया गया यह मुद्दा अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।

गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने आस्तीन चढ़ाते हुए कड़ा विरोध जताया है। जिले के प्रमुख समाजसेवी, व्यापारी एवं संगठन के जिलाध्यक्ष असित सेठ के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर राज्यपाल को संबोधित निंदा प्रस्ताव सौंपा।
संगठन द्वारा दिए गए निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन नारी सशक्तिकरण, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति अपनी अटूट आस्था रखता है। महिलाओं ने लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अनेक असमानताओं और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में नारी वंदन शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को न्याय और अधिकार दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक सार्थक पहल है, जिसका संसद में विरोध गलत कदम था।
संगठन ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा इस अधिनियम का विरोध करना देश की आधी आबादी का विरोध करने जैसा है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह किसी राजनीतिक दल की विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं को लंबे समय से लंबित अधिकार दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम है।
जिलाध्यक्ष असित सेठ ने कहा, सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। हमारा संगठन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के समर्थन में सदैव खड़ा रहेगा। उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन अग्रवाल द्वारा दिए गए नारे “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” की भावना के साथ व्यापारियों ने जिलाधिकारी को निंदा प्रस्ताव सौंपते हुए उसे नियमानुसार राज्यपाल तक भेजने का आग्रह किया। संगठन ने शैक्षणिक, सामाजिक और अन्य संगठनों से भी महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में सकारात्मक पहल करने की अपील की।

परीक्षा केंद्रों का डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, दिया निर्देश

गाजीपुर। जनपद में 21 मई 2026 को आयोजित होने वाली लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 को सकुशल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डॅा ईरज राजा द्वारा संयुक्त रूप से बुधवार को ब्लाक रेवतीपुर के नेहरू वि0पी0ई0का0 रेवतीपुर, श्रीकृष्णा इण्टर कालेज, डेढ़गांवा, तहसील जमानियॉ के ग्राम सुहवल में शिवपूजन ई0क0 मलसा, महात्मा गॉधी सती स्मारक महाविद्यालय गरूवामक्सूदपुर एवं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों एवं अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर समय से पूर्व सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह अथवा अनुचित गतिविधि को तत्काल रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्रों के कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, प्रवेश एवं निकास द्वारों सहित संवेदनशील बिंदुओं का भी निरीक्षण किया गया।

केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया कि परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सघन जांच के उपरांत ही प्रवेश दिया जाए तथा प्रतिबंधित सामग्री को परीक्षा केंद्र में किसी भी दशा में ले जाने की अनुमति न दी जाए। जनपद में लेखपाल मुख्य परीक्षा (प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2025 हेतु 21 परीक्षा केन्द्रों पर लिखित परीक्षा सकुशल एवं शान्तिपूर्ण वातारण मे सम्पन्न हुआ। परीक्षा में कुल लगभग 8760 हजार परीक्षार्थियो भाग लेगे। परीक्षा का समय पूर्वान्ह 10.00 बजे से मध्याह्न 12.00 बजे तक अविध 120 मिनट चलेगा, जिसमें  परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 21 सेक्टर  मजिस्ट्रेट, तथा  21 स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं 21 केन्द्र व्यवस्थापक की तैनाती तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, लगाये गये है।

 जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

किसान दिवस में अधिशासी अभियंता विद्युत से सीडीओ ने मांगा स्पष्टीकरण

किसान दिवस में अनुपस्थित रहने के कारण अधिशासी अभियंता विद्युत को स्पष्टीकरण जारी: सी0डी0ओ

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर किसानो द्वारा शिकायत किए जाने के कारण अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी ने दिया है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान किया जाए। उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 87 प्रतिशत किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, बचे हुए कृषकों में अंश निर्धारण व नेम मिसमैच के कारण फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अवशेष है। मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी व तहसीलदार को निर्देशित किया है कि अंश निर्धारण व नेम मिस्मैच का कार्य तत्काल पूर्ण करा लिया जाए। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि खरीफ मौसम में डिजिटल क्रॉप सर्वे में 2200 हंजं का सर्वेक्षण पूर्ण कर लिया गया है जो विगत वर्ष से अधिक है।  

उनके द्वारा उपस्थित कृषक प्रतिनिधियों से अपील की गई कि किसान क्रेडिट कार्ड से बचे हुए किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बनवा दिया जाए। इसके लिए एक विशेष अभियान 15 मई से 31 मई तक ग्राम पंचायतवार, चलाया जा रहा है सभी किसान भाइयों को सूचित किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड बनवा लिया जाए। जनपद में अब तक चार करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान 6106 कृषकों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई है। पहली बार जनपद में इतनी बड़ी संख्या में किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया गया है। उनके द्वारा किसानों से निवेदन किया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत अधिक से अधिक किसानों को सम्मिलित किया जाए। जिला कृषि अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में खरीफ सीजन के लिए ढैंचा, धान, उर्वरक व अन्य कृषि निवेश केंद्र की व्यवस्था कर ली गई है।  जनपद के सभी कृषि निवेश केन्द्र पर उपलब्ध करा दी गई है। सभी किसान भाइयों से निवेदन किया गया कि समय से अपना बुकिंग करवा ले बुकिंग के बाद ई लॉटरी के माध्यम से किसानों को पास मशीन की सहायता से बीज वितरित किया जाएगा।  

इस वर्ष जनपद में 1000 कुंतल ढैचा की उपलब्धता कराई गई है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा बताया गया है कि धान की आगे की नर्सरी व जनपद में प्रचलित सांडा के लिए उर्वरकों की व्यवस्था कर उर्वरक सभी समितियां पर उपलब्ध  करा दी जाएगी जिसमें किसान के खेत के रकबा के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण किए गए कृषकों को वितरित किया जाएगा ।उनके द्वारा यह भी निवेदन किया गया कि अनायास अधिक उर्वरक स्टॉक में ना रखें जरूरत के हिसाब से ही उर्वरक क्रय करें। उर्वरक के स्थान पर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के बढ़ावा देने पर उन्होंने जोर दिया। कृषक कृष्णानंद राय द्वारा ताड़ीघाट नहर के सफाई न होने का मुद्दा उठाया। कृषक शिवकुमार राय द्वारा फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल की क्षति होने के बावजूद क्षतिपूर्ति न मिलने का मुद्दा उठाया। कृषक पवन यादव द्वारा बताया गया कि टेबल नंबर 21 ताडी घाट जमानिया विगत कई महीनो से खराब है समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कृषक विद्यनाथ चौबे बिरनु द्वारा शिकायत की गई की देवकली पंप नहर की शाखा मलेठी माइनर की देखरेख मरम्मत और सफाई इत्यादि न होने के कारण नहर में पानी नहीं पहुंच रहा है।

कृषक शिवकुमार राय  भावर कोल द्वारा शिकायत की गई की जीरो टिल सीड ड्रिल लेना चाह रहे हैं लेकिन लक्ष्य न होने कारण मिलने में सुविधा हो रही है, यंत्र दिलवाया जाए। इसके अलावा जिला उद्यान अधिकारी, जिला मत्स्य अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी आरएमओ, जिला अग्रणी प्रबंधक यूनियन बैंक गाज़ीपुर एक्सीडेंट विद्युत व एक्शन नाहर द्वारा किसानों को अपनी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। समस्त तहसीलों से किसानों से समस्याएं ले गई। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किसानों से अपील की गई कि वह अपने शिकायतों को लिखित में दे ताकि उसे पर त्वरित कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान किया जा सके।

उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में मोबिलाइजेशन ड्रिल आयोजित

एनडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता जांचने हेतु उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में मोबिलाइजेशन ड्रिल आयोजित

गाजीपुर। जनपद के बॉर्डर स्थान कैंथी धाम घाट पर मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया, देश के किसी भी भाग में उत्पन्न होने वाली प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदाओं एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी रूप से निपटने हेतु एनडीआरएफ टीमों ने आज उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाज़ीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, लखनऊ, गोरखपुर एवं प्रतापगढ़ तथा मध्य प्रदेश के विदिशा एवं भोपाल जैसे संवेदनशील स्थलों पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों एवं अन्य एजेंसियों के समन्वय से मोबिलाइजेशन ड्रिल एवं मॉक अभ्यास आयोजित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ राहत कार्यों में टीमों के रिस्पॉन्स टाइम, तैयारी एवं राहत-बचाव कार्यों में तत्परता का आकलन करना था।

विभिन्न परिदृश्यों पर आधारित मॉक अभ्यासों के अंतर्गत नदी में नाव डूबने की घटनाएं, रासायनिक एवं जैविक आपदाएं, भूकंप तथा भवन ध्वस्त होने जैसी प्रमुख आपदाओं से प्रभावित जनसामान्य के लिए प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों हेतु जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया। इस मॉक अभ्यास में एनडीआरएफ की विशेषीकृत टीमों कृ फ्लड वाटर रेस्क्यू, कॉलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू तथा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर प्रतिक्रिया टीमों ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में संभावित आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया, जिनमें नदी में डूबने की घटनाएं, यात्री नाव पलटना, नावों का आपस में टकराना तथा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर आपात स्थितियां शामिल थीं।

आपातकालीन प्रतिक्रिया हेतु एनडीआरएफ टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। घटनास्थल पर पहुंचते ही टीमों ने प्रारंभिक आकलन कर अपना ऑपरेशन बेस स्थापित किया तथा राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया। एनडीआरएफ टीमों ने विभिन्न आधुनिक तकनीकों एवं उपकरणों का उपयोग करते हुए गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। चिकित्सा टीम द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान कर घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं हेतु अस्पताल भेजा गया। पूरे अभ्यास के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया। अभ्यास उपरांत नागरिक पुलिस, जल पुलिस, यातायात पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ एवं चिकित्सा विभाग सहित सभी हितधारकों ने संयुक्त समीक्षा कर भविष्य में बेहतर समन्वय एवं आपदा तैयारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में जोखिम न्यूनीकरण सुनिश्चित करना एनडीआरएफ की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस मोबिलाइजेशन ड्रिल एवं मॉक अभ्यास में एनडीआरएफ की 12 टीमों को तैनात किया गया था। एनडीआरएफ अत्याधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों से सुसज्जित है तथा किसी भी प्रकार की आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने में पूर्णतः सक्षम है। जनपद गाजीपुर की तरफ से तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह, आपदा विशेषज्ञ अशोक राय द्वारा प्रतिभाग़ किया गया।

मशरुम में पाए जाते है प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज लवण एवं औषधीय गुण

मशरुम में अत्यधिक मात्रा में पाए जाते है प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज लवण एवं औषधीय गुण : सुभम कुमार गुप्ता

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के अन्तर्गत वनस्पति विज्ञान विषय के शोधार्थी सुभम कुमार गुप्ता ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “स्टडीज ऑन प्रॉपर्टीज ऑफ एडिबल (अग्रिकस ब्योसपोर्स ) एंड वाइल्ड मशरुम ऑफ ईस्टर्न उत्तर प्रदेश इंडिया” नामक विषय पर शोध प्रबंध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि मशरूम पोषण एवं औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ हैं। इसमें (बटन मशरूम) सबसे अधिक उगाया जाने वाला खाद्य मशरूम है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक प्रकार के जंगली मशरूम प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। इस अध्ययन में खाद्य एवं जंगली मशरूमों के पोषण, जैव-रासायनिक तथा औषधीय गुणों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। परिणाम बताते हैं कि दोनों प्रकार के मशरूम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन एवं खनिजों से भरपूर होते हैं, जबकि जंगली मशरूमों में एंटीऑक्सीडेंट गुण अधिक पाए जाते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के खाद्य (Agaricus bisporus) एवं जंगली मशरूम पोषण और औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जहां Agaricus bisporus व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण है, वहीं जंगली मशरूम उच्च जैव सक्रिय गुणों के कारण अधिक संभावनाशील हैं। उचित अनुसंधान, जागरूकता एवं वैज्ञानिक खेती से मशरूम क्षेत्र में व्यापक विकास संभव है। मशरूम को कृषि प्रणाली में जोड़कर टिकाऊ खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है। सावधानी रखते हुए इसका प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि खाद्य और विषैले मशरूम में अंतर करना कठिन होता है। मशरूम को “फंक्शनल फूड” कहा जाता है क्योंकि ये पोषण के साथ स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं। अनुसंधान में पाया गया है कि मशरूम विभिन्न रोगों जैसे हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर एवं प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी में बहुत ही कारगर सिद्ध हुए है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति व अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा प्राध्यापकों व शोध छात्र – छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी ने संतुष्टि पूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात महाविद्यालय की विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्यों तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, प्रोफे० (डॉ०)सुनील कुमार, डॉ० रामदुलारे, शोध निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ० जे० के० राव, डॉ० अमरजीत सिंह, डॉ० इन्दीवर रत्न पाठक, प्रोफे० (डॉ०) रविशंकर सिंह, डॉ० गौतमी जैसवारा, प्रोफे० (डॉ०) सुनील कुमार, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० अंजनी कुमार गौतम, डॉ० लव जी सिंह, डॉ० कमलेश,अमितेश सिंह शोध छात्रा सना अंसारी, अंकिता साहू, विवेक गुप्ता एवं अन्य प्राध्यापक गण व शोध छात्र छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ० जे० के० राव ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ० जी० सिंह ने किया।

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