भोजपुरी के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ को श्रद्धांजलि, 16 अक्टूबर को होगी सभा

भोजपुरी के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ को श्रद्धांजलि, 16 अक्टूबर को होगी सभा

‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ कविता ने ग्रामीण जीवन की तस्वीर को शब्दों में उतारा, 300 से अधिक कविताओं में सहेजी गांव-समाज की स्मृतियां

गाजीपुर। भोजपुरी साहित्य जगत के सशक्त हस्ताक्षर कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी कविताएं आज भी लोगों के हृदय में जीवंत हैं। गांव की मिट्टी, ग्रामीण जीवन की परंपराओं, लोक संस्कृति और बदलते सामाजिक परिवेश का सजीव चित्रण करने वाली उनकी रचनाएं उन्हें साहित्य जगत में अमर बनाती हैं। उनकी स्मृति में 16 अक्टूबर को गाजीपुर नगर के स्टीमरघाट स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी उनके इकलौते पुत्र गोपाल पाण्डेय ‘गौरव’ ने दी।

पैतृक गांव पचोखर के रहने वाले कवि अनन्तदेव पाण्डेय ने अपने सेवाकाल की शुरुआत रेलवे से की थी। इसके बाद उन्होंने खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग में सेवा प्रदान की। नौकरी के दौरान भी उनका जुड़ाव जनसरोकारों से बना रहा। उन्होंने अपने समय की सामाजिक समस्याओं, ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं और अपनी पीढ़ी की स्मृतियों को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

सेवानिवृत्ति के बाद उनकी डायरी और पुस्तकों में संकलित लगभग 300 कविताएं उनके साहित्यिक अवदान की समृद्ध विरासत हैं। उनकी रचनाओं में तत्कालीन सामाजिक समस्याओं, कुरीतियों, ग्रामीण परिवेश, प्रकृति तथा हास्य-व्यंग्य की प्रभावशाली झलक मिलती है।

‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ ने दिलाई खास पहचान

कवि अनन्त की सबसे चर्चित भोजपुरी रचनाओं में वर्ष 2000 में लिखी गई कविता ‘गँउवों गाँव बुझाते नइखे’ विशेष स्थान रखती है। लगभग 50 पंक्तियों की इस कविता में उन्होंने गांव की बदलती तस्वीर, पारंपरिक रहन-सहन और धीरे-धीरे विलुप्त होती ग्रामीण संस्कृति को बेहद सहज और प्रभावशाली भाषा में उकेरा है।

कविता में ओखर-मूसर, कोठिला, कुंडा, हांड़ी-परई, कठवत, बटुली, गगरा और लोटा जैसे पारंपरिक घरेलू सामानों के साथ गुल्ली-डंडा, आंखमुदवल, ओल्हा-पाती और कौड़ी-गोटी जैसे परंपरागत खेलों का उल्लेख मिलता है। तीज-त्योहार और गांव की पुरानी जीवनशैली का चित्रण इस रचना को भोजपुरी लोकजीवन का जीवंत दस्तावेज बनाता है।

कविता की पंक्तियां—

“गँउवों गाँव बुझाते नइखे,
अब कतहीं ऊ बाते नइखे।”

गांवों में तेजी से बदलते परिवेश और लुप्त होती परंपराओं के प्रति कवि की चिंता को अभिव्यक्त करती हैं। कविता में पुराने घरों, पारंपरिक निर्माण शैली और ग्रामीण जीवन की सहजता के धीरे-धीरे गायब होने का दर्द भी दिखाई देता है।

2021 में प्रकाशित हुई कविता पुस्तक

इस चर्चित कविता पर साहित्य जगत के अनेक विद्वानों और साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। वर्ष 2021 में इस कविता पुस्तक का प्रकाशन हुआ। पुस्तक में हिंदी और भोजपुरी साहित्य से जुड़े 26 प्रख्यात साहित्यकारों एवं विद्वानों के अभिमत शामिल हैं।

इनमें डॉ. जितेन्द्रनाथ पाठक, डॉ. विवेकी राय, डॉ. पी.एन. सिंह, प्रो. अवधेश प्रधान, प्रो. हरिकेश सिंह, डॉ. मान्धाता राय, प्रो. सदानन्द शाही, हरिनारायण हरिश, राजेन्द्र सिंह, ओम धीरज, कामेश्वर द्विवेदी, डॉ. अक्षय पाण्डेय, वंश नारायण ‘मनज’, डॉ. गजाधर शर्मा गंगेश, सुभाष चंद्र यादव, डॉ. हैदर अली खां, डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, कुमार शैलेन्द्र, डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय, शेख जैनुल आब्दीन, उबैदुर्रहमान सिद्दीकी, डॉ. व्यास मुनि राय, डॉ. रामनारायण तिवारी, डॉ. बालेश्वर विक्रम, डॉ. ऋचा राय और माधव कृष्ण जैसे साहित्यकारों के नाम उल्लेखनीय हैं।

3 अक्टूबर को हुआ निधन

वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ का 3 अक्टूबर 2026 को गाजीपुर नगर के स्टीमरघाट स्थित आवास पर लगभग 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भोजपुरी साहित्य जगत और उन्हें जानने वाले लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

उनके अंतिम संस्कार में साहित्यकारों, जनसेवकों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। इनमें डॉ. मान्धाता राय, गोपाल राय, व्यापार मंडल से विजय शंकर वर्मा, नगर प्रचारक विक्रम, बृजकिशन जायसवाल, डीजीसी कृपाशंकर राय, दीनदयाल, आदित्य, हृदयप्रकाश, संजय जायसवाल, पत्रकार चन्द्र कुमार तिवारी, हिमांशु राय, अजय पाण्डेय, प्रदीप रावत और दिनेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कवि अनन्तदेव पाण्डेय ‘अनन्त’ की रचनाएं भोजपुरी भाषा, ग्रामीण संस्कृति और लोकजीवन की उस विरासत को संजोए हुए हैं, जिसे समय के साथ भुलाया जा रहा है। उनकी कविता और साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, अपनी भाषा और अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का काम करते रहेंगे। 16 अक्टूबर को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साहित्यप्रेमी और शुभचिंतक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने किया उद्घाटन

गाजीपुर में मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने किया उद्घाटन

शास्त्री नगर चौराहे पर अब एक ही छत के नीचे मिलेंगे शेरवानी, कुर्ता-पायजामा और इंडो-वेस्टर्न परिधानों के आकर्षक कलेक्शन

गाजीपुर। शहर के शास्त्री नगर चौराहे पर गुरुवार को देश के चर्चित एथनिक वियर ब्रांड मान्यवर के भव्य शोरूम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय के साथ फीता काटकर शोरूम का उद्घाटन किया। नए शोरूम के खुलने से अब गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को शादी-विवाह, मांगलिक समारोहों और अन्य विशेष अवसरों के लिए आकर्षक पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

शोरूम में पुरुषों के लिए भारतीय परंपरा और आधुनिक फैशन का शानदार संगम देखने को मिलेगा। यहां आकर्षक एथनिक वियर, शाही अंदाज वाली शेरवानी, कुर्ता-पायजामा तथा स्टाइलिश इंडो-वेस्टर्न परिधानों की विभिन्न डिजाइन और रेंज उपलब्ध हैं। खास तौर पर शादी-विवाह और अन्य उत्सवों में अपने पहनावे को खास बनाने की चाह रखने वाले ग्राहकों के लिए यह शोरूम एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है।

मान्यवर के इस भव्य शोरूम के खुलने से स्थानीय ग्राहकों को मनपसंद डिजाइन और फैशन के अनुरूप परिधानों के चयन के लिए एक नया ठिकाना मिला है। पारंपरिक भारतीय परिधानों की खूबसूरती और आधुनिक स्टाइल को एक साथ प्रस्तुत करने की पहल से शहर के फैशन बाजार को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले क्षेत्रीय नागरिकों एवं गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि शोरूम के माध्यम से ग्राहकों को पारंपरिक भारतीय परिधानों के साथ आधुनिक फैशन का आकर्षक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

कार्यक्रम का आयोजन राजकुमार सिंह एवं सुजीत सिंह (सोनू) के सौजन्य से किया गया। शास्त्री नगर चौराहे पर मान्यवर के नए शोरूम की शुरुआत को शहर में फैशन और परिधानों की उपलब्धता के लिहाज से एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।


भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, शशिपाल सिंह उर्फ घूरा सिंह, रामलाल प्रजापति, अमित सिंह, पुष्कर सिंह, सुमित सिंह, सुजीत सिंह, नन्हे सिंह, कर्मवीर सिंह, शुभम सिंह, दीपक सिंह, वीर बहादुर सिंह, अभिषेक सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

गाजीपुर में बीसी सखियों की समस्याओं पर DM सख्त, लंबित मानदेय से लेकर आईडी कार्ड तक के समाधान के दिए निर्देश

गाज़ीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार विकास भवन सभागार में बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान के संबंध में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष बीसी सखियों के अधिकृत आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाने, नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के अनुपालन में हो रहे विलंब, लंबित मानदेय तथा मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराए जाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीसी सखियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने बीसी सखियों के पंचायत भवन में बैठने हेतु पुनः व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आईडी कार्ड बनवाने हेतु फोटो एवं आवश्यक विवरण संबंधित ब्लॉक पर जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही, एलडीएम को नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के शीघ्र अनुपालन के निर्देश दिए, ताकि बीसी सखियों को संबंधित बैंकों से जोड़ते हुए उनकी ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके। बीसी सखियों को मनरेगा मजदूरों के भुगतान करने के लिए डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया गया कि इसके संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जनपद में कुल 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत है जिसमें 705 बीसी सखियों को पूरे छह माह का मानदेय प्राप्त है तथा अन्य को कुछ माह का अभी अप्राप्त है, जबकि 104 बीसी सखियों के छः माह का मानदेय अभी लंबित है।

शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, बीसी सखियों को मानदेय की सुविधा प्राप्त करने के लिए प्रतिमाह न्यूनतम 15 ट्रांजेक्शन पूर्ण करना आवश्यक है इसके पश्चात उन्हें स्वतः ही मानदेय प्राप्त हो जाएगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डीसी एनआरएलएम वी. के. यादव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारीगण और बीसी सखियां उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण, चुनावी प्रक्रिया की दी गई जानकारी

वाराणसी खंड शिक्षक-स्नातक निर्वाचन को लेकर मतदान कार्मिकों को दिया गया प्रशिक्षण

17 अक्टूबर को फिर होगा प्रशिक्षण, मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से कराया गया अवगत

गाजीपुर। वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन-2026 को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में क्षेत्रीय ग्राम्य विकास आरटीआई सभागार, गाजीपुर में मतदान कार्मिकों एवं पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर एवं लैपटॉप के माध्यम से पीपीटी प्रस्तुतिकरण के जरिए मतदान प्रक्रिया से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्मिकों को निर्वाचन के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को अपने दायित्वों एवं निर्वाचन संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए, जिससे मतदान के दिन किसी प्रकार का भ्रम न रहे और पूरी प्रक्रिया सुचारु, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत मतदान कार्मिकों का रैंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद 17 अक्टूबर को पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य में लगे सभी कार्मिकों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा की।

डीएम अनुपम शुक्ला का आदेश,अंधऊ हवाई पट्टी के 10 किमी दायरे में उड़ान गतिविधियों पर रोक

डीएम अनुपम शुक्ला का आदेश, अंधऊ हवाई पट्टी के 10 किमी दायरे में उड़ान गतिविधियों पर रोक

गाजीपुर में 10 किमी के दायरे में नो-फ्लाइंग जोन घोषित, ड्रोन उड़ाने पर रहेगा प्रतिबंध

गाजीपर।भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर होने वाले भव्य हवाई प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। हवाई प्रदर्शन की सुरक्षा और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बड़ा फैसला लिया है। गाजीपुर के अंधऊ हवाई पट्टी और उसके चारों ओर 10 किलोमीटर की परिधि को 14 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है।

दरअसल, वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को हवाई प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसमें करीब 100 विमानों के शामिल होने की संभावना है। इस आयोजन के लिए विभिन्न जिलों से विमान उड़ान भरेंगे। वहीं, एएफडीएडीए-2026 में भाग लेने के लिए चिनूक, अपाचे और एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों को 15 से 27 अक्टूबर तक गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर तैनात किया जाना निर्धारित है।

इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अंधऊ हवाई पट्टी के आसपास किसी भी तरह की अनधिकृत उड़ान गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जारी आदेश के मुताबिक, निर्धारित अवधि में प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर ड्रोन, मानव रहित विमान यानी यूएवी, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट और अन्य हल्के या मानव रहित उड़ान यंत्रों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से अधिकृत एजेंसियों को छूट दी जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अंधऊ हवाई पट्टी के आसपास रहने वाले लोगों और ड्रोन संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

फिलहाल, हवाई प्रदर्शन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।

भाजपा कॉल सेंटर का हुआ शुभारंभ

भाजपा कॉल सेंटर का हुआ शुभारंभ

गाजीपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय, छावनी लाइन पर स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में बुधवार को कॉल सेंटर का शुभारंभ जिला प्रभारी अजीत चौबे एवं जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने जिला कार्यालय पर फीता काटकर किया। इस अवसर पर कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी अजीत चौबे ने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी देश का ऐसा प्रमुख राजनीतिक दल है, जो राष्ट्र की उन्नति, उत्थान एवं जनकल्याण के संकल्प के साथ निष्ठापूर्वक कार्य कर रहा है। वहीं, लंबे समय तक भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद को प्रश्रय देने वाले राजनीतिक दल आज भी समाज में विभाजनकारी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देकर सत्ता प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक दलों की नीतियों एवं कार्यशैली का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। इस दिशा में पार्टी के आईटी, सोशल मीडिया एवं मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन की नीतियों, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वावलंबन के मूल सिद्धांतों को केंद्र में रखकर केंद्र और प्रदेश की सरकारें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता समाज के प्रत्येक वर्ग का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विपक्षी राजनीतिक दलों की भूमिका एवं उनकी गतिविधियां देश के प्रति गैर-जिम्मेदाराना दृष्टिकोण को उजागर करती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने तथा विधान परिषद चुनाव के दृष्टिगत प्रभावी जनसंपर्क स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री अवधेश राजभर, विष्णु प्रताप सिंह, अविनाश सिंह, कार्तिक गुप्ता, सनी चौरसिया, प्रमोद राय, शशांक राय, शिवम प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एमएलसी चुनाव को लेकर भाजपा ने कसी कमर, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर

स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा, जिला कार्यालय पर हुई बैठक

गाजीपुर। स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन में प्रत्याशियों डॉ. केदारनाथ सिंह और डॉ. प्रमोद मिश्रा की चुनावी तैयारियों को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, छावनी लाइन पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और निर्वाचन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य अतिथि एवं जिला प्रभारी अजीत चौबे ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन के मद्देनजर संगठन की सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध तरीके से चुनावी तैयारियां पूरी करने तथा संगठन की गतिविधियों को बूथ स्तर तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया।

जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पूरी जिम्मेदारी एवं सक्रियता के साथ जुटना होगा। उन्होंने चुनाव संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा करने, आपसी समन्वय बनाए रखने और संगठन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जिला उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह, सुमित तिवारी, विष्णु प्रताप सिंह, रामनरेश कुशवाहा, डॉ. प्रदीप पाठक, श्यामराज तिवारी, किरन सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मिशन शक्ति 6.0: साहसी महिलाओं, मेधावी छात्राओं और खिलाड़ियों का सम्मान

पुलिस लाइन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति किया गया जागरूक

डॉ सुरभि राय को सम्मानित करते एसपी विनय कुमार सिंह

गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज 6.0 के तहत मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को लेकर भव्य सम्मान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, बालिकाओं, महिला पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों और मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं और बालिकाओं ने प्रतिभाग किया।

साहस और उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विषम परिस्थितियों में साहस का परिचय देने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं, खेल जगत में जनपद का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं के उत्कृष्ट कार्यों को भी सराहा गया। सम्मानित होने वालों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर उनके योगदान की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसी पहल महिलाओं और बालिकाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

महिला पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों के कार्यों की सराहना

मिशन शक्ति अभियान के तहत सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों में थाना नंदगंज की महिला उपनिरीक्षक श्वेता कुमारी, थाना कासिमाबाद की महिला रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी हेमलता पटेल, थाना दुल्लहपुर की महिला कांस्टेबल नेहा अग्रहरि तथा थाना नगसर हाल्ट की महिला आरक्षी सरिता को सम्मानित किए जाने के लिए शामिल किया गया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि राय और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. स्नेहा सिंह के कार्यों को भी सराहा गया।

तीरंदाजी और ताइक्वांडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी सम्मानित

खेल के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिला खिलाड़ियों में जमानिया क्षेत्र की तीरंदाज खुशी श्रीवास्तव, धृति कृष्ण त्रिपाठी और भावना सिंह के साथ खानपुर क्षेत्र के सेहमलपुर गांव की ताइक्वांडो खिलाड़ी एकता भारद्वाज को सम्मान के लिए शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त ओम एचओआईसी, परमेठ सदर की अनामिका गुप्ता तथा लूर्दस कॉन्वेंट बालिका इंटर कॉलेज, गाजीपुर की छात्रा अंशिका मिश्रा को भी उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित किए जाने वालों में शामिल किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं एवं बालिकाओं ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाटक और गीतों के माध्यम से महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।

महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं, जिनमें 1090, 112 और 181 शामिल हैं, की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने की निरंतर पहल है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता मजबूत करना रहा।

ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि, 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा

ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि, 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा

गाजीपुर पुलिस लाइन सभागार में मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह का हुआ सजीव प्रसारण, डीएम-एसपी ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को सराहा

गाजीपुर। बरेली में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के सम्मान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार, गाजीपुर में किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्राम प्रहरियों एवं अन्य लोगों ने कार्यक्रम का प्रसारण देखा और मुख्यमंत्री के उद्बोधन को सुना।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि शासन ग्राम प्रहरियों के प्रति संवेदनशील है। इसी क्रम में उनके मानदेय में वृद्धि की गई है। साथ ही आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उन्हें पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रहरियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पुलिस और ग्रामीण जनता के बीच एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में होने वाली महत्वपूर्ण गतिविधियों और घटनाओं की सूचना नियमित रूप से संबंधित थाना प्रभारी को दें। उनकी सतर्कता और सक्रिय सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

वहीं, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि ग्राम प्रहरियों के सम्मान के लिए आयोजित यह कार्यक्रम उनके लिए गौरव का अवसर है। शासन द्वारा मानदेय में वृद्धि के साथ आयुष्मान कार्ड के तहत पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों की रोकथाम में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी ग्राम प्रहरी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ करें और समय रहते महत्वपूर्ण सूचनाएं पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

मिशन शक्ति की अनूठी पहल, छात्राओं ने संभाली प्रशासनिक जिम्मेदारी

गाजीपुर में मिशन शक्ति की अनूठी पहल, छात्राओं ने संभाली प्रशासनिक जिम्मेदारी

एक दिन की अधिकारी बनकर जानीं सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली, नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

गाजीपुर। शासन के निर्देश पर संचालित मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं के सशक्तिकरण, आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से जनपद में प्रेरणादायी पहल की गई। इसके अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों एवं परिषदीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं ने प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए विभिन्न प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभाली।

इस दौरान छात्राओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदों पर बैठकर विभागीय कार्यप्रणाली को करीब से समझा। उन्होंने कार्यालय की दैनिक गतिविधियों, विभागीय पत्रावलियों तथा मध्याह्न भोजन योजना, निपुण भारत मिशन और बालिका शिक्षा से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रतीकात्मक रूप से प्रशासनिक पदों का दायित्व संभालने वाली छात्राओं का स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था, निर्णय लेने की प्रक्रिया और समाज के विकास में प्रशासनिक सेवाओं की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की झिझक दूर करना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इस तरह के आयोजनों से छात्राओं को भविष्य में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा प्रशासनिक एवं अन्य उच्च क्षेत्रों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम में संबंधित विद्यालयों की वार्डन, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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