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100 क्षय रोगियों को वितरित की गई पोषण पोटली

गाजीपुर। बुधवार को 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत, National Tuberculosis Elimination Programme के तहत जनपद में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला क्षय रोग अधिकारी, गाजीपुर डॉ. रवि रंजन की अध्यक्षता में सीएमओ ट्रेनिंग हॉल में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान Lords Distillery Limited के सहयोग से 100 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों को आवश्यक पोषण सहयोग प्रदान करना, उनके उपचार की प्रभावशीलता को बढ़ाना तथा उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करना है।

अपने संबोधन में जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि उचित पोषण, नियमित दवा सेवन एवं समय पर जांच से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर लॉर्ड्स डिस्टिलरी लिमिटेड के प्रतिनिधि आनंद राय (एचआर एवं एडमिन) ने कहा कि उनकी संस्था सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में भागीदारी करती रहेगी।

कार्यक्रम में डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह (डीपीसी), विवेक सिंह (डीपीपीएमसी), संजय सिंह यादव (डीईओ), सुनील कुमार एवं योगेन्द्र सिंह (एसटीएस/एसटीएलएस), राधेश्याम (बीसीजी टीम लीडर) तथा HLFPPT के कोऑर्डिनेटर सौरभ सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित जनों ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों, जनजागरूकता एवं निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जाएगा।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हुई शुरुआत,दिलाई शपथ  

गाजीपुर।संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 30  अप्रैल तक चलेगा। इसी बीच 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।

30 अप्रैल  तक चलेगा अभियान, टीमें घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम के लिए करेंगी जागरूक
स्वास्थ्य, नगर निगम, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों के आपसी समन्वय से सफल होगा अभियान

गाजीपुर।संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 30  अप्रैल तक चलेगा। इसी बीच 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।

170 ग्राम प्रधानों को एमएलसी चंचल ने किया सम्मानित

गाजीपुर। शहर के आडोटोरियम हाल में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी विशाल सिंह चंचल, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, सीएमओ डा.सुनील पांडेय तथा नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस मौके पर अतिथियों ने टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया। इस मौके पर एमएलसी चंचल ने कहा कि टीबी मुक्त भारत बनाने का जो सपना पीएम मोदी ने देखा है वह साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होने ग्राम प्रधानों से अपील किया कि आप सभी अपने ग्राम पंचायत टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रयास करें।

अतिथियों ने इसके बाद 170 टीबी मुक्त हुए ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों को प्रमाण पत्र एवं गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया ।जिसमें आठ गोल्ड,पचास सिल्वर एवं 112 कांस्य गांधीजी की प्रतिमा शामिल थी। रसूलपुर टी शेखपुर की प्रधान कल्पना यादव को सिल्वर गांधी जी की प्रतिमा से सम्मानित किया गया।

इसके बाद निक्षय मित्रों निशांत सिंह तथा राहूल उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटों देकर सम्मानित किया गया। एमएलसी चंचल एवं जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने विभाग में कार्य कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृस्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र व मोमेंटोंदेकर सम्मानित किया ।

जिसमें .डीटीओ डा.रविरंजन,डा.मिथिलेश कुमार सिंह,मणिद्रनाथ, राघवेंद्र शेखर सिह,मुहम्मदाबद की काउंसलर नीरा,संजय यादव,सुनील कुमार वर्मा,बैकटेश्वर शर्मा, डीएमओ डा. मनोज सिंह,विवेक सिंह आदि कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर दो टीबी चैंपियन को भी सम्मानित किये गये।

प्रशिक्षण देकर टीबी चैंपियन बनाने वाले शशिशेखर को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर उप सीएमओ डा. मनोज सिंह ने सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक डा.मिथिलेश कुमार सिंह ने किया।

1 से 30 अप्रैल तक चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 से 30 अप्रैल 2026 तक व दस्तक अभियान 10 से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधितों की होगी अहम भागीदारी: मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य

संचारी व दस्तक अभियान के दृष्टिगत मुख्य विकास अधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में राइफल क्लब सभागार में 01 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के मध्य दस्तक अभियान को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पूरी तैयारी समयबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया, दिमागी बुखार ,स्क्रब टाइफस,लेप्टोस्पोरोसिस आदि संचारी रोगों से जुडे़ मामलों की आशंका को देखते हुए जनपद में अन्तर्विभागीय समन्वय से युद्धस्तर पर अभियान को आगे बढ़ाया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में 01 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 01 अप्रैल से पहले संचारी रोग नियंत्रण के संबंध में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। इस  दौरान स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग का विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाए। तालाबों, नालों व नालियों में एण्टी लार्वा का छिड़काव तथा कूड़े का निस्तारण ठीक ढंग से किया जाए।  महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीण स्तर पर संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु तालाबों/नालों व नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने नगर पंचायतों में हैण्डपम्पों की पानी टेस्टिंग कराने के साथ-साथ ओवर हेड टैंको की सफाई कराए। हीट वेव के दृष्टिगत सभी चिकित्सालयों में त्वरित उपचार की व्यवस्था सुदृढ की जाए। सभी नगर निकायों में तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में शेल्टर की व्यवस्था की जाए तथा प्याऊ संचालित किए जाए। सभी अधिकारियों को यह भी हिदायत दी, कि पिछले वर्ष से बेहतर कार्य कराए जाने हेतु जनपद स्तर से लेकर ग्राम स्तर  तक पर्यवेक्षण कराया जाए। अभियान के कृत कार्यवाही की सूचना व्हाट्एप्प ग्रुप में भेजें। मुख्य विकास  अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह में माईक्रोप्लान जिला मलेरिया अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराए। मुख्य विकास  अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि 28 अप्रैल तक सभी कार्ययोजना स्वास्थ्य कार्यालय में भेजना सुनिश्चित कराए।
 मुख्य विकास अधिकारी  ने संबंधित विभागों से संचारी रोगों के नियंत्रण व रोकथाम के संबंध में किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर विकास, पंचायतीराज, आई0सी0डी0एस0, ग्राम्य विकास, चिकित्सा शिक्षा, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि, पशुपालन तथा अन्य सभी संबंधित विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर संचारी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण  के संबंध में कार्यवाही करें।
बैठक मे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.सुनील पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार,संबंधित चिकित्साधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा एमओआईसी मौजूद रहे।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) प्रशिक्षण का सफल समापन

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) प्रशिक्षण का सफल समापन

ग़ाज़ीपुर:सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली में ए.एन.एम. का दो दिवसीय ‘हाई रिस्क प्रेग्नेंसी’ प्रशिक्षण संपन्न


गाजीपुर(देवकली)। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली पर आयोजित ए.एन.एम. (ANM) का दो दिवसीय प्रशिक्षण आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण ‘हाई रिस्क प्रेग्नेंसी’ (उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था) की पहचान और प्रबंधन पर केंद्रित था।

​मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुनील पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजन
​ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) प्रदीप सिंह ने जानकारी दी कि इस विशेष प्रशिक्षण का आयोजन मुख्य चिकित्साधिकारी के तत्वाधान में International Institute of Health Management Research (IIHMR), दिल्ली के तकनीकी सहयोग से किया गया। इसका प्राथमिक लक्ष्य गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम के लक्षणों की समय पर पहचान करना और उनका उचित उपचार सुनिश्चित करना है।

​मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना प्राथमिकता

​कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एस. के. सरोज ने संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान होने वाले जोखिम मातृ मृत्यु का एक बड़ा कारण होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाने के लिए समय रहते जोखिम की पहचान अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य ही क्षेत्र में मातृ और शिशु मृत्यु दर (MMR & IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाना है।

​डॉ. शैलेन्द्र ने प्रशिक्षण में आए हुए प्रतिभागियों को एच.आर.पी. (HRP) की बुनियादी अवधारणा और उसके गंभीरता के बारे में विस्तार से समझाया। ​डॉ. इकनूर (IIHMR टीम) ने टीम की ओर से आई डॉ. इकनूर ने प्रतिभागियों को एच.आर.पी. के विशिष्ट लक्षणों और उनसे होने वाले संभावित खतरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ​डॉ. विशाल यादव प्रशिक्षक के रूप में डॉ. विशाल ने ए.एन.एम. को एच.आर.पी. की सही और सटीक पहचान के व्यावहारिक तरीके बताए।

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महेंद्र, अभिषेक, बबीता, शशिकला, उर्मिला सहित क्षेत्र की कई ए.एन.एम. और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी बताया और अपनी कार्यकुशलता में सुधार की प्रतिबद्धता जताई।

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर सीएमओ ने किया समीक्षा बैठक

आगामी राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया समीक्षा बैठक

ग़ाज़ीपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 30 जनवरी को राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस एवं स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान जो 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पांडे की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम से संबंधित सभी एनएमए,एनएमएस वह सभी चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए।

एसीएमओ और जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ रामकुमार ने बताया कि जनपद गाजीपुर में 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस एवं स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसको लेकर बैठक किया गया है इस बैठक में भारत सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश को लेकर समीक्षा किया गया। इस समीक्षा बैठक में पूर्व में किए गए कार्य और आगामी किए जाने वाले कार्यों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने गहनता से समीक्षा किया और सभी लोगों को इस अभियान में पूरे मनोयोग से जुड़ने के निर्देश दिए।

बता दे कि कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग है जो माइक्रोबैक्टेरियम लेपरा नामक जीवाणु से होता है। जो हाथों, पैरों की तंत्रिका त्वचा और ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग का समय से उपचार न किया जाए तो शारीरिक विकलांगता भी हो सकती है।

बता दे कि कुष्ठ रोग से जुड़े कलंक एवं भेदभाव की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 30 जनवरी 2017 को राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस की पूर्व संध्या पर स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान अभियान जो राष्ट्रव्यापी अभियान है शुरू किया गया था। और तब से लेकर अब तक इस अभियान के रूप में आयोजित किया जाता है साल 2026 के लिए निर्धारित थीम भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें ।

बता दे की राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम साल 1983- 84 में हुआ था। तब से विभिन्न उपलब्धियों के माध्यम से इस कार्यक्रम ने विभिन्न उपलब्धियां भी प्राप्त की है ।जैसे 2005 में राष्ट्रीय स्तर पर कुष्ठ रोग के लिए उन्मूलन का स्तर प्राप्त किया गया ।और 2016-17 में शुरू की गई रणनीति जिसमें कुष्ठ रोगी खोजी अभियान दुर्गम क्षेत्र के लिए विशेष खोजी अभियान एवं आशा द्वारा संदिग्ध कुष्ठ रोगियों की निगरानी योजना शामिल है।

आज के बैठक में डॉ जे एन सिंह, एसीएमओ डॉ मनोज कुमार सिंह, एसीएमओ एवं सभी एसीएमओ, उप मुख्य चिकित्साधिकारी , चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही कुष्ठ रोग विभाग के श्याम बिहारी, अभय कुमार ,अखिलेश कुमार, रविन्द्र कुमार मिश्रा, गिरीश चंद्र एवं समस्त एनएमए एनएमएस शामिल रहे।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गाजीपुर परिसर में स्वास्थ्य जाँच शिविर का हुआ आयोजन

गाज़ीपुर।परियोजना निदेशक, उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी, लखनऊ के निर्देश पर 22 दिसम्बर को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, गाजीपुर परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम जनमानस के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सामान्य स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, सामान्य रोगों की समय रहते पहचान करना तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा सेवाएँ प्रदान की गईं।
शिविर के दौरान नेत्र जाँच, टीबी, एचआईवी, हेपेटाइटिस, सिफलिस जाँच, रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), रक्त शर्करा (शुगर), वजन, बीएमआई, हृदय जाँच एवं सामान्य शारीरिक परीक्षण किए गए। इसके अतिरिक्त जाँच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ, चिकित्सकीय परामर्श तथा स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान किए गए।
इस स्वास्थ्य शिविर में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अधिकारी, चालक, परिचालक, अन्य कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कर्मचारियों की व्यस्त दिनचर्या को देखते हुए कार्यस्थल पर आयोजित यह शिविर अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें समय की बचत के साथ समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हो सकीं।
चिकित्सकों द्वारा उपस्थित लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, स्वच्छता, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन के साथ-साथ टीबी एवं एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के विषय में विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष जानकारी दी गई।
इस अवसर पर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों का स्वस्थ रहना संस्था की कार्यक्षमता, उत्पादकता एवं सेवा गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।
डॉक्टर रविरंजन, जिला क्षयरोग अधिकारी ने कहा कि यह सामान्य स्वास्थ्य जाँच शिविर एक सकारात्मक एवं सराहनीय पहल है, जिससे लोगों को न केवल अपने स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी मिली, बल्कि स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला क्षयरोग केन्द्र, गाजीपुर द्वारा टीबी एवं एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षण, रोकथाम, समय पर जाँच एवं नियमित उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस स्वास्थ्य शिविर में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, गाजीपुर के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सक, आईसीटीसी काउंसलर, एलटी, एसटीआई के कर्मचारी तथा टीबी विभाग से राधेश्याम यादव (टीम लीडर), वेंकटेश्वर प्रसाद शर्मा (एसटीएलएस), नरेन्द्र कुमार राय (टीबीएचवी), तथा टीआई, गाजीपुर की टीम (प्रतिभा, अजय, मेंहदी, शकीला) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मेडिकल कॉलेज गाजीपुर का आईसीयू विभाग गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी हो रहा है साबित

महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्यकीय मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर का आईसीयू विभाग गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है

ग़ाज़ीपुर।पिछले साल से संचालित से संचालित 6 बेड के आईसीयू में 20 दिसंबर को रेवतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक मरीज को पॉइजन सेवन के बाद अत्यंत गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया। जिसका नाम गोपनीय रखा गया है। इमरजेंसी डॉक्टर डॉ. स्वतंत्र सिंह और आईसीयू इंचार्ज डॉ. विनीत मिश्रा की तत्परता से मरीज को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और मेडिसिन विभाग के अंतर्गत भर्ती युवा मरीज के मामले में डॉ. मनोज कुमार यादव से भी परामर्श लिया गया। जिसके बाद मरीज की स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। वर्तमान में मरीज बातचीत करने की स्थिति में है और अगले 1–2 दिनों में पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जाने की संभावना है।

डॉ. विनीत मिश्रा ने बताया कि प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा के प्रयासों से आईसीयू की स्थापना हुई, जहां अब तक 50 से अधिक गंभीर मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 18 मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। आईसीयू में इलाज पूर्णतः निःशुल्क है।

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आईसीयू में मरीज को भर्ती करने के बाद इलाज के नाम पर कोई भी खर्च मेडिकल कॉलेज प्रशासन के द्वारा नहीं लिया जाता है। जबकि मरिज पर प्रतिदिन 20 से 25 हजार रुपए का खर्च आता है। जो मेडिकल कॉलेज प्रशासन वहन करता है और अब तक 18 से ऊपर मरीज स्वस्थ होकर अपने घर को जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके पहले इस क्रिटिकल मरीजों को आईसीयू की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें वाराणसी या अन्य जनपदों में रेफर किया जाता था। जिससे उन्हें हरासमेंट के साथ ही साथ उन्हें मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी लेकिन अब मेडिकल कॉलेज में इस सुविधा के हो जाने से लोगों का निशुल्क आईसीयू में भी इलाज हो रहा है।

आईसीयू का संचालन एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. उदय सिंह, डॉ. हिमांशु पांडे, डॉ. चैतन्य सोनी, डॉ. आशीष कुमार यादव सहित समर्पित नर्सिंग स्टाफ और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. के.एन. चौधरी के निर्देशन में किया जा रहा है।

एसपी ने किया वार्षिक खेलकूद दिवस का शुभारंभ

गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक डॉ इरज राजा द्वारा केंद्रीय विद्यालय में वार्षिक खेलकूद दिवस का भव्य आयोजन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। शुक्रवार को केंद्रीय विद्यालय के प्रांगण में ‘वार्षिक खेलकूद दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर जनपद के पुलिस अधीक्षक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण और गुब्बारे उड़ाकर किया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने पुलिस अधीक्षक का हरित स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके पश्चात, विद्यालय के चारों सदनों के छात्रों ने कदम से कदम मिलाते हुए शानदार मार्च पास्ट की प्रस्तुति दी और मुख्य अतिथि को सलामी दी।


पुलिस अधीक्षक ने छात्रों को संबोधित करते हुए खेल और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में सफलता पाने के लिए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस और खेल भावना अत्यंत आवश्यक है। खेल हमें न केवल जीतना सिखाते हैं, बल्कि हार को गरिमा के साथ स्वीकार करना और दोबारा प्रयास करना भी सिखाते हैं। अनुशासन ही वह नींव है जिस पर एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है।

उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त रहने और मोबाइल गेम्स की दुनिया से बाहर निकलकर मैदानी खेलों में पसीना बहाने के लिए प्रेरित किया।

विजय मिश्र ने नौनिहालों को दो बूंद पल्स पोलियों पिलाकर कार्यक्रम किया शुभारम्भ

गाजीपुर। आदर्श गांव हाथी खाना स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० सुनील पांडेय एवं अन्य कई चिकित्साधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर नौनिहालों को दो बूंद पल्स पोलियों पिलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर श्री मिश्र ने वहाँ उपस्थित सभी बच्चों में फल, बिस्किट, चिप्स आदि का उपहार भेंट किया जिसे पाकर बच्चें बहुत प्रसन्न दिखे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश के साथ-साथ पूर्वांचल में विशेषकर गाज़ीपुर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है।

टाटा कैंसर इंस्टिट्यूट एवं शंकर नेत्रालय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में लाकर एक बड़ी सौगात पूर्वांचल को दी है एवं गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज देकर जिले की स्वास्थ्य के क्षेत्र में अति जरूरत को पूरा करने का काम किया। कहा कि पहले गाजीपुर में छोटी-छोटी बीमारियों में भी मरीजों को अन्य जनपदों में जाना पड़ता था। आज गाजीपुर में बड़ी-बड़ी बीमारियों के इलाज के साथ-साथ गाजीपुर में एम.आर.आई. एवं सीटी स्कैन जैसी सुविधा भी उपलब्ध हो रही है जिससे गाजीपुर की जनता को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सुविधा प्राप्त हो रही है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० सुनील पांडेय ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया और उनके प्रति आभार प्रकट की। इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० रवि रंजन, डॉ संजय कुमार, डॉ० मुंशीलाल ACMO, डॉ०प्रभुनाथ DPM, डॉ० रवि प्रकाश WHO, डॉ० प्रदीप विश्वकर्मा, डॉ० प्रवीण उपाध्याय एवं डॉ० ईशानी वर्धन प्रभारी हाथी खाना आदि उपस्थित रहे।