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महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट का विस्तार,अब 25 बेड पर मिलेगी सुविधा

महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट का विस्तार, अब 25 बेड पर मिलेगी सुविधा

गाजीपुर।महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, गाजीपुर में डायलिसिस सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों का शुभारंभ राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.एन. चौधरी सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत जुलाई 2022 में 10 बेडों के साथ की गई थी। क्षेत्र में किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बाद में 5 अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था सीएसआर (CSR) के माध्यम से की गई, जिससे यूनिट की क्षमता 15 बेड हो गई। इसके बावजूद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही और डायलिसिस के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची बन गई। जिन्हें नियमित डायलिसिस सुविधा प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा द्वारा शासन स्तर पर लगातार पत्राचार एवं प्रयास किए गए, जिसके फलस्वरूप 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों की स्वीकृति प्राप्त हुई। आज इनके शुभारंभ के साथ डायलिसिस यूनिट की कुल क्षमता बढ़कर 25 बेड हो गई है।
वर्तमान में चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 45 मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। 25 बेड होने के बाद प्रतिदिन लगभग 75 मरीजों को डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी तथा समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
डायलिसिस यूनिट के विस्तार से न केवल गाजीपुर जनपद बल्कि आसपास के जनपदों से आने वाले किडनी रोगियों को भी लाभ मिलेगा। अब मरीजों को डायलिसिस के लिए लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर एवं सुलभ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

अभियान में लापरवाही हुई तो संबंधित विभाग पर होगी कार्यवाही:डीएम

गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई एवं दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनपद में चलाया जाएगा, जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु अन्तर्विभागीय बैठक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चलाये जाने वाले अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो एवं संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही करें, जिससे संचारी रोग नियंत्रण अभियान व दस्तक अभियान का उद्देश्य सार्थक हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को माइक्रोप्लान के हिसाब से अपने कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि किसी विभाग के द्वारा अभियान में लापरवाही की जाती है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जायेगी, समस्त अधिकारियों को अपने विभाग से सम्बन्धित करायें जाने वाले कार्याे की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये।

उन्होंने जिला पंचायतराज विभाग  को कार्ययोजना के अनुरूप प्रत्येक गांव में साफ सफाई, झाड़ियों की कटाई, एन्टी लार्वा छिड़काव, नालों की सफाई कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकरी ने नगरीय क्षेत्रों में साफ सफाई, नालियों की सफाई, फागिंग, झाड़ियों की कटाई करायें जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दस्तक अभियान के अन्तर्गत शासन के द्वारा प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप गतिविधि संचालित करायें जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर जलभराव न होने पाए, जहां पर भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो वहां एंटीलार्वा का छिड़काव किया जाए, संचारी रोग से संबंधित समस्त गतिविधियों के लिए एक ग्रुप बनाकर उसमें दिन प्रतिदिन होने वाले क्रियाकलापों की फोटोग्राफ्स डाली जाए। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी ने संचारी रोग के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। बैठक में  मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त अधिशासी अभियन्ता नगर पालिका/नगर पंचायत, एवं सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी, उपस्थित रहे।

टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब में लॉर्ड्स डिस्टलरी लिमिटेड के सहयोग से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत 50 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाजीपुर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी के सहयोग से सभी टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान चल रहा है, जनपद में हैंडल एक्सेल मशीन प्राप्त मात्रा में उपलब्ध है जिससे की गांव गांव जाकर मेडिकल मोबाइल बैन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की चेष्ट एक्स-रे  हैंडल एक्सरे मशीन द्वारा प्रतिदिन 600 से 700 कराया जा रहा है और प्रतिदिन 20000 बलगम का जांच कराने का लक्ष्य  रखा गया है। सभी ब्लॉक में ट्र नैट मशीन उपलब्ध है जिससे बलगम जांच कराया जा रहा है जनपद में 19 ट्र नैट मशीन एवं दो सी बी नैट मशीन उपलब्ध है जिससे सभी संभावित टीवी मरीजों का बलगम जांच एवं चेस्ट एक्सरे कराया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रत्येक माह के 15 तारीख को सभी ब्लॉक में टीवी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया जा रहा है। सभी को निक्षय मित्र बनकर टीवी मरीजों को गोद लेने के लिए अपील किया गया। उक्त कार्यक्रम में लॉर्ड्स डिस्टलरी की तरफ से आनंद राय (एच आर, एडमिन), जिला क्षयरोग विभाग कि तरफ से डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह (डीपीसी), विवेक सिंह, वेंकटेश शर्मा, सुनील वर्मा, शशि सिंह, सौरभ सिंह उपस्थित रहे।

महिला अस्पताल पहुंचे डीएम, किया मरीजों से बात, दिया निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मंगलवार को जिला महिला अस्पताल, मिश्रबाजर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, चिकित्सीय व्यवस्थाओं, दवा वितरण, प्रसूति वार्ड, शिशुवार्ड, आई0सी0यू0, इमरेजसी वार्ड, आपरेशन वार्ड, अल्ट्रा साउंड, जन्म प्रमाण पत्र कक्ष, मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष ओपीडी तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया।


      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कुछ मरीजों द्वारा दवाओं की समय से उपलब्धता एवं चिकित्सकीय व्यवहार को संतोषजनक बताया गया। जिलाधिकारी ने प्रसूति वार्ड एवं नवजात शिशु कक्ष का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के उपचार में किसी प्रकार की कठीनाई न हो। उन्होंने अस्पताल में आने वाली महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल में संचालित दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा उपलब्ध दवाओं की सूची की जांच की। उन्होंने निर्देशित किया कि मरीजों को निर्धारित सभी आवश्यक दवाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए।


        अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था एवं कोई कमी नही पायी गयी जिसपर जिलाधिकारी ने महिला अस्पताल का सराहना करते हुए मेडिकल कालेज के प्राचार्य आनंद मिश्रा को बधाई देते हुए और भी मेडिकल को अच्छे से अच्छा बेहतर बनाने की अपील की।  उन्होने निरीक्षण के दौरान कहा कि मौसम को देखते हुए बडे़ बड़े ऐजास्ट फैन लगायी जायी जिससे मरीजो को गर्मी का सामना न करना पडे़। उन्होने महिला अस्पताल में एक केन्ट्रीन खोलने के लिए प्राचार्य को आह्वाहन किया जिससे की महिलाओं को खाने पीने की अच्छी सुविधा मिल सके।

उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर स्वच्छ एवं व्यवस्थित होना चाहिए ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा वार्डों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की भी जांच की। उन्होने कहा कि हमारी कोशिश हमेशा से स्वास्थ्य के लिए रहा है। हम ज्याद से ज्याद सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर अच्छी सुविधा एवं मरीजो से अच्छे से व्यवहार रखते हुए उनके स्वास्थ्य सेवा और दवा का विशेष ध्यान दिया जाय।

इस अवसर पर निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रधानाचार्य महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कालेज डा0 आनन्द मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एव अन्य डाक्टर/वार्डो के नर्स उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

डेंगू से बचना है तो करें यह उपाय

गाजीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में कह रहे थे।
सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘’देखें, साफ करें, ढके रू डेंगू को हराने के उपाय करें। इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जे एन सिंह ने कहा कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।    
कार्यक्रम का संचालन कर रहे सहायक मलेरिया अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

डीएम के निर्देश पर टीबी रोगियों में वितरित किया गया पोषण पोटली

गाजीपुर। शुक्रवार को निक्षय दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग केंद्र में एक विशेष एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिलाधिकारी के द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति के बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में प्रत्येक टी बी रोगीयो को गोद लेकर पोषण पोटली दिया जाएगा। जिसका शुभारंभ आज कर दिया गया है।


इस अवसर पर समाजसेवी निशात सिंह के सहयोग से टीबी (क्षय रोग) से ग्रसित मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मरीजों के पोषण स्तर में सुधार करना तथा उनके उपचार को अधिक प्रभावी एवं सफल बनाना रहा।


इस दौरान उपस्थित सभी टीबी मरीजों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। चिकित्सकों द्वारा यह भी समझाया गया कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य रोग है, बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें, समय पर जांच कराएं तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। साथ ही मरीजों को किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने और स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।


इस कार्यक्रम में जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ रवि रंजन,डॉ. राजेश सिंह, डॉ. रवि रंजन द्वितीय, डाक्टर मिथिलेश सिंह, मोहम्मद फिरोज, विवेक सिंह, संजय सिंह यादव, वेंकटेश्वर प्रसाद शर्मा एवं सुनील कुमार वर्मा उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया तथा “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।

सौंपा ज्ञापन, 21 मई से ‘नो पे-नो वर्क’ की चेतावनी

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने लंबित मानदेय हेतु सौंपा ज्ञापन; 21 मई से ‘नो पे-नो वर्क’ की चेतावनी

​गाजीपुर। प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर शुक्रवार को जनपद स्तरीय एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन ने विगत तीन माह से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर मिशन निदेशक (NHM) को संबोधित एक ज्ञापन प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को सौंपा।

​संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक समस्याओं को साझा करते हुए शासन-प्रशासन के विरुद्ध रोष प्रकट किया। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि संविदा कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पिछले तीन महीनों से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

​अल्टीमेटम और कार्य बहिष्कार की घोषणा:

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन को 20 मई तक का समय दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो आगामी 21 मई से “नो पे-नो वर्क” (No Pay-No Work) की नीति के तहत जनपद के समस्त संविदा कर्मचारी पूर्णतः कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इस आंदोलन और इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थिति की समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

​प्रतिनिधिमंडल में सम्मिलित सदस्य:

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के साथ अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद अजहर खान, अरुण कुमार सिंह, राधेश्याम यादव, मिथिलेश कुमार, संदीप कुमार पाल, मोहम्मद अरशद जमाल, अरविंद कुमार यादव, आनंद किशोर, अशोक कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में डीएम नाराज, मांगा स्पष्टीकरण

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय व राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अर्न्तविभागीय समन्वयक की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
  समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डा0 संजय कुमार अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यो की जानकारी न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मागा गया। भविष्य में सचेट किया गया कि बैठक में पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहेगे।

जिलाधिकारी ने सम्बंधित को निर्देशित किया कि आशा का भुगतान समय से किया जाय, तथा समस्त एम0ओ0वाई0सी0 तहसीलों पर बी0एच0एन0डी0 की बैठक करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे, ओ0पी0डी0 का संचालन तथा नियमित रूप से सी0एच0ओ0 एवं एन0एम0 की उपस्थिति का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के सम्बन्ध मे जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिये।

 बैठक मे जिलाधिकारी ने ओ0 पी0 डी0 एवं आई0 पी0 डी0 की समीक्षा, एफ0 आर0 यू0, आर0 बी0 एस0 के0 कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाए, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आई डी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, अन्य बिन्दुओ पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होने कहा कि जो भी शासन की योजनाए संचालित है उसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, कोई भी पात्र योजना से वंचित न रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनिल पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एन0एच0एम), समस्त एम0ओ0वाई0सी0 एंव अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

100 क्षय रोगियों को वितरित की गई पोषण पोटली

गाजीपुर। बुधवार को 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत, National Tuberculosis Elimination Programme के तहत जनपद में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला क्षय रोग अधिकारी, गाजीपुर डॉ. रवि रंजन की अध्यक्षता में सीएमओ ट्रेनिंग हॉल में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान Lords Distillery Limited के सहयोग से 100 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों को आवश्यक पोषण सहयोग प्रदान करना, उनके उपचार की प्रभावशीलता को बढ़ाना तथा उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करना है।

अपने संबोधन में जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि उचित पोषण, नियमित दवा सेवन एवं समय पर जांच से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर लॉर्ड्स डिस्टिलरी लिमिटेड के प्रतिनिधि आनंद राय (एचआर एवं एडमिन) ने कहा कि उनकी संस्था सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में भागीदारी करती रहेगी।

कार्यक्रम में डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह (डीपीसी), विवेक सिंह (डीपीपीएमसी), संजय सिंह यादव (डीईओ), सुनील कुमार एवं योगेन्द्र सिंह (एसटीएस/एसटीएलएस), राधेश्याम (बीसीजी टीम लीडर) तथा HLFPPT के कोऑर्डिनेटर सौरभ सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित जनों ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों, जनजागरूकता एवं निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जाएगा।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हुई शुरुआत,दिलाई शपथ  

गाजीपुर।संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 30  अप्रैल तक चलेगा। इसी बीच 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।

30 अप्रैल  तक चलेगा अभियान, टीमें घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम के लिए करेंगी जागरूक
स्वास्थ्य, नगर निगम, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों के आपसी समन्वय से सफल होगा अभियान

गाजीपुर।संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 30  अप्रैल तक चलेगा। इसी बीच 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।