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फाइलेरिया रोगियों को दिया गया किट, बताया गया देखभाल का तरीका

गाजीपुर। फाइलेरिया एक गंभीर लाइलाज बीमारी है । यह जमीन की ओर लटक रहे जुड़वा अंगों जैसे -महिलाओं के स्तन, महिला पुरुष के हाथ पैर व पुरुषों के अंडकोश में सूजन पैदा कर देती है । प्रभावित अंगों की ठीक से देखभाल न की जाय तो बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है । इसके लिए जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो में फाइलेरिया रोगियों को (रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम) एमएमडीपी किट प्रदान कर मरीजों को प्रभावित अंगों की देखभाल के तरीके बताए गए। बाराचवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर’जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार’ ने 10 फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट प्रदान की। इस दौरान डीएमओ और महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की टीम  ने फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही सदर ब्लॉक के अन्धऊ और बिरनो के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक पर क्रमशः 9 और 24 रोगियों को एमएमडीपी किट प्रदान की गई। इस दौरान टीम  ने रोगियों को फाइलेरिया के लक्षण, जांच, उपचार व परामर्श के बारे में जानकारी दी।

 
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया रोग का कोई इलाज नहीं है लेकिन उचित देखभाल से इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर एमएमडीपी कैंप आयोजित कर प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए मरीजों को कुछ व्यायाम का अभ्यास कराया गया और दी गयी किट के माध्यम से प्रभावित अंगों की साफ सफाई के तरीके सिखाये गए । जिससे प्रभावित अंगों में किसी प्रकार के संक्रमण न हो।
क्या है फाइलेरिया -डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज मच्छर जनित रोग है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसे लिम्फोडिमा (हाथी पांव) भी कहा जाता है। यह बीमारी न सिर्फ व्यक्ति को दिव्यांग बना देती है बल्कि इस वजह से मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। यह बीमारी न हो इसके लिए साल में एक बार दो वर्ष से अधिक आयु के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया जाता है। इसके अलावा इस रोग से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग व घर के आस-पास व अंदर साफ-सफाई, इक्कठा हुए पानी को नष्ट कर मच्छरों से बचा जा सकता है । सीएचओ भी निभा रहे अहम भूमिका – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील पाण्डेय ने बताया कि फाइलेरिया प्रभावित रोगियों के घर के नजदीक ही एमएमडीपी किट के साथ देखभाल व परामर्श मिलता रहे, इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सभी सीएचओ को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिये गए हैं हैं। सीएचओ के माध्यम से स्क्रीनिंग, देखभाल, परामर्श के साथ ही आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही गंभीर रोगियों को टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सक/विशेषज्ञ से परामर्श की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा आवश्यक जांच व उपचार के लिए उच्च इकाइयों में रेफर किया जा रहा है।

16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड मरीजों का इलाज हुआ शुरू

जिलाधिकारी के निर्देशन में जिले के सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का इलाज होना शुरू हुआ

जिले में 70 वर्ष उपर के लोगों का 36315 आयुष्मान कार्ड बना स्टेट रैंकिंग में एक 11 वें स्थान पर

गाजीपुर। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जनपद में जिला अस्पताल महिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान गोल्डन कार्ड से फ्री में इलाज होने लगा है। मौजूदा समय में जनपद में 19 सरकारी चिकित्सालयों सहित 16 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध हैं। जनपद में इस योजना से 223148 परिवारो का 852919 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाकर जनपद स्टेट रैंकिंग में 14 में स्थान पर है। तथा आयुष्मान वय वंदना के अंतर्गत 70 वर्ष से ऊपर के 36315 लोगों का आयुष्मान कार्ड बना कर जनपद स्टेट रैंकिंग में 11 वें पायदान पर है। अब तक इस योजना के अंतर्गत जनपद के 79658 लोग आयुष्मान कार्ड से अपना इलाज भी करवा चुके हैं।इसमें हृदय रोग, कैंसर रोग, हड्डी रोग,नेत्र तथा प्रसव के लाभार्थी अधिक हैं। इस समय जनपद में कुल 35 चिकित्सालय जिसमें 19 सरकारी चिकित्सालयों सहित 16 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध हैं। शासन द्वारा आयुष्मान योजना की पात्रता हेतु निर्धारित की गई है। जिसमें 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना की सूची में शामिल,राशन कार्ड में परिवार के 6 या अधिक सदस्य, अंत्योदय कार्डधारक, 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। पंजीकृत श्रमिक होना चाहिए।


अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे आयुष्मान कार्ड बन सकता है इसके लिए उसे सर्वप्रथम प्ले स्टोर पर आयुष्मान एप डाउनलोड कर लें। आयुष्मान कार्ड बनाना हुआ और भी आसान लिखा आएगा, इस पेज को डाउनलोड कर लें। इसके बाद इसमें मांगी गई जानकारी को चरणबद्ध दर्ज करते जाएं और कार्ड अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय और पंजीकृत अस्पताल में भी बनवा सकते हैं।

घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी

घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी
                                                     
गाजीपुर। त्योहारों का सीजन आ रहा है। यही मौका है कि घर, छत व आसपास के स्थानों की अच्छे से साफ-सफाई कर ली जाए। छत पर पड़े निष्प्रयोज्य बर्तनों, बोतलों, गमलों, टायरों, कूलर आदि में एकत्रित पानी को अलग कर सफाई कर ली जाए। घर के बाहर लगी झाड़ियों की कटाई कर ली जाए। जमा हुई गंदगी, कचरा आदि को भी दूर कर लिया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का ने कही।
उन्होंने कहा कि घर व आसपास कहीं भी जल जमाव या गंदगी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जिन स्थानों पर पानी ठहरेगा या जल जमाव की स्थिति पैदा होगी, वहाँ मच्छरों का लार्वा पनपेगा। इसकी वजह से वेक्टर (मच्छर, मक्खी आदि) जनित विभिन्न संक्रामक व संचारी रोग उत्पन्न होंगे। त्योहार के समय में सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो, खुशहाल हो, इसके लिए हमें जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। सीएमओ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य समेत 10 विभागों के सहयोग से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी संचालित किया जा रहा है। संचारी रोगों विशेषकर डेंगू पर प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण के लिए निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि जनपद में डेंगू, मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है जिससे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जन-जागरूकता के माध्यम से बदलते मौसम, संचारी रोगों से बचाव और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र के लिए गठित की गयी नगर पालिका की टीम वार्ड और मोहल्लों में जाकर जन-जागरूकता के साथ ही फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव का कार्य कर रही हैं, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित अधिकतर बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें तथा जल का भराव न होने दें। झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें, आसपास रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालकर लार्वा को नष्ट करें, घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधी जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, फ्रिज आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करें। छत पर निष्प्रयोज्य बर्तन, पाइप, टायर, नारियल के खोल आदि न डालें। गमलों और फूलदानों को भी साफ रखें। डीएमओ ने बताया कि इस साल अब तक डेंगू के 30 मरीज मिले हैं। डेंगू से अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है। वर्ष 2024 में 112, वर्ष 2023 में 283, वर्ष 2022 में 190 और 2021 में 112 डेंगू के एलाइजा पुष्ट मरीज पाये गए थे। वहीं कालाजार का मरीज पिछले 2 वर्षों से सूचित नही हुआ है। गैर प्रान्तों और जनपदों से ग्रसित होकर अब तक 11 मलेरिया धनात्मक आए हैं जो उपचार के उपरांत स्वस्थ हो चुके हैं। आगामी त्योहारों के अवसर पर और ग्रसितों की आशंका के मद्देनजर सभी  चिकित्सालयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खानपान पर दें ध्यान दृ सीएमओ ने बताया कि बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, दूध-छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए। तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।
डेंगू, मलेरिया व बुखार में अंतर समझना जरूरी दृ सीएमओ ने बताया कि आम लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि उन्हें मलेरिया हुआ है या डेंगू या सामान्य बुखार है। मलेरिया का बुखार ठंड देकर आता है तो डेंगू में लगातार बुखार के साथ हड्डियों-जोड़ों में दर्द रहता है। इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श लेकर मलेरिया और डेंगू की जाँच करानी चाहिए। जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया व डेंगू के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

डीएम ने की जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक,किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त एम0ओ0वाई0सी0 को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार का भुगतान पेण्डिंग न रहें, तत्काल भुगतान करें। उन्होने कहा कि टी0बी0 मरीजो को सरकारी दवा ही दी जाए एवं जॉच कराने के लिए जागरूक करें किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित को निर्देशित किया कि आशा का भुगतान समय से किया जाए,समस्त एम0ओ0वाई0सी0 तहसीलों पर बी0एच0एन0डी0 की बैठक करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे, ओ0पी0डी0 का संचालन तथा नियमित रूप से सी0एच0ओ0 एवं एन0एम0 की उपस्थिति का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के संबंध मे जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिए।बैठक मे जिलाधिकारी ने ओ पी डी एवं आई पी डी की समीक्षा, एफ आर यू0 , आर बी एस के कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाए, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आई डी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा,परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, अन्य बिन्दुओ पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होने कहा कि जो भी शासन की योजनाए संचालित है, उसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, कोई भी पात्र योजना से वंचित न रहे। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी सुनिल पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एन एच एम), समस्त एम ओ वाई सी एंव अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से कर सकते हैं हृदय की सुरक्षा

संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से कर सकते हैं हृदय की सुरक्षा

गाज़ीपुर।हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाने के लिए है कि हमारा दिल हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। आजकल की तेज़-तर्रार जिंदगी, गलत खान-पान, तनाव और बैठने की आदतें हृदय के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं। कई लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक या दिल की बीमारियाँ केवल बड़े लोगों को होती हैं, लेकिन अब युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। इस दिन का मकसद है लोगों को हृदय रोगों के लक्षण पहचानना, समय पर जांच कराना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। इसी को लेकर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन अधीक्षक डॉ आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया जिसमें विश्व हृदय दिवस मनाया जाने की प्रासंगिकता और इससे होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा की गई। वही आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तैनात सीएचओ के द्वारा आए हुए मरीजों का जांच भी किया गया।

अधीक्षक डॉ आशीष राय द्वारा हृदय संबंधी रोगों को बढ़ावा देने वाले कारकों जैसे उच्च रक्तचाप, अधिक वजन और मोटापा, तनाव, मधुमेह, तम्बाकू का उपयोग , शारीरिक निष्क्रियता इत्यादि से बचने के साथ ही अगर हृदय रोग से ग्रसित है तो समय समय चिकित्सक के द्वारा दिए जाने वाले परामर्श एवं दवा के साथ साथ अपनी नियमित दिनचर्या को नियमित एवं नियंत्रित करने की सलाह दी गई। साथ ही इसको स्वस्थ रखने के आसान उपाय पोषण युक्त आहार का सेवन और नियमित व्यायाम के साथ अच्छी नींद लेने के बारे में बताया।उन्होंने बताया की सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तनाव को के द्वारा आए हुए मरीजों की जांच भी कराई गई और उन्हें अपने दिनचर्या में छोटा सा बदलाव जैसे संतुलित भोजन, रोजाना हल्का व्यायान, शराब-धूम्रपान से दूर रहना आपके दिल की रक्षा कर सकता है के बारे में जानकारी दी गई। विश्व हृदय दिवस हमें यह समझाता है कि दिल की देखभाल करना किसी भी उम्र में जरूरी है।

सीएमओ ने की अपील:घर व आसपास रखें साफ-सफाई,न होने दें जलजमाव

सीएमओ ने की अपील घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

गाजीपुर।जनपद में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील पांडेय  के निर्देशन में अप्रैल माह से ही चलाए गए संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब जिले में मच्छरों के लार्वा को खोजने के लिए डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) यानि घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर-घर भ्रमण कर रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करवा रहे हैं।
सीएमओ ने बताया कि निदेशक संचारी रोग उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगो की रोकथाम और घर-घर लार्वा जांच के लिए 11 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षित कर जुलाई माह में तैनात किया गया है। यह सभी घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर या बाहर जमा पानी के स्रोतों पर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। लार्वा प्रजनन स्रोत पाए जाने पर उनका विनष्टीकरण का कार्य भी कर रहे हैं। कूलर, टायर, टंकी आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करा रहे हैं और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री की सहायता से समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ और ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्त जांचकर्ता नगर के सभी वार्डों खासकर मलिन बस्तियों और उच्च जोखिम वाले इलाकों में भ्रमण कर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। एक दिन में कम से कम 50 घरों का भ्रमण कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में करीब 523 घरों का भ्रमण कर गहन निरीक्षण किया था। कुछ घरों में लार्वा के स्रोतों को खाली कराकर साफ कराया। लोगों को जागरूक किया कि कूलर, टंकी, टायर, फ्रिज की ट्रे आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक पानी न जमा होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस कार्य में समुदाय का सहयोग मिल रहा है।      
सीएमओ डॉ सुनील पांडेय ने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए आगामी त्योहारों के अवसर पर अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव की स्थिति पैदा नही होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर का पानी निकालकर सुखा दे, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं। बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया। उन्होने आगे बताया कि इस वर्ष डेंगू के केस विगत वर्षों की तुलना में  कम सूचित हुए हैं। जिले में इस वर्ष अभी तक 19 केस सत्यापित हुए हैं जबकि वर्ष 2023 में इस तारीख तक 89 और 2024 में 16 मरीज सत्यापित हुए थे।गाजीपुर नगर पालिका में जहाँ विगत वर्षों मे काफी केस सूचित होते थे इस वर्ष अभी तक कोई भी मरीज सूचित नही हुआ है। जिले के सूचित मरीजों में से भी अधिकांश मरीज गैर जनपदों और प्रान्तों से ग्रसित होकर आए है।  ये सभी मरीजों उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में मात्र दो सम्भावित मरीज ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती है। जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों,प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा मेडिकल कॉलेज  अस्पताल में जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। सीएमओ ने जनपद वासियों से अपील की है कि बुखार आने पर तत्काल अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच तथा उपचार कराए स्वयं अपना उपचार बिल्कुल न करे।

गाजीपुर में 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन,डॉक्टरों ने 933 मरीजों को देखा, किया दवा वितरित

गाजीपुर।नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन काशी प्रांत की दसवीं भारत भूषण मदन मोहन मालवीय स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत रविवार को काशी प्रांत के सभी 12 जिलों में एक साथ मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। जिसको लेकर गाजीपुर जनपद में कुल 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया जिसमें कुल 933 मरीजों को डॉक्टरों की टीमों के द्वारा देखा गया।

यूनिट 1 जो डॉ. स्वतंत्र देव सिंह की देखरेख में हँसराजपुर में आयोजित किया गया था।उनके साथ डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सत्यम राय ,डॉ स्वप्निल वर्मा के साथ ही प्रमिला यादव और लालजी सिंह मौजूद रहे।इस कैंप में कई तरह के मरीज पहुंचे।अपने-अपने समस्या के अनुसार डॉक्टरों से परामर्श लिया और इस दौरान मरीजों को परामर्श के साथ ही दवा भी वितरित किया गया।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगाए गए कुल 8 यूनिट में 933 मरीज देखे गए और सबसे अधिक हंसराजपुर में लगाई गई यूनिट वन जिसमें 228 मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई।

एनीमिया को लेकर छात्राओं को किया गया जागरूक, दी गई जानकारी

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में गुरुवार को गृह विज्ञान विभाग प्रभारी नेहा कुमारी द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत “साइलेंट किलर एनीमिया : कारण लक्षण और बचाव ” विषय पर विशेष व्याख्यान और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी प्रदान करना था। नेहा कुमारी ने एनीमिया को “साइलेंट किलर” बताते हुए बताया कि यह रोग मुख्यतः आयरन की कमी से होता है और बच्चों, किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं में अधिक पाया जाता है।


उन्होंने एनीमिया से बचाव हेतु संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, अंकुरित अनाज, गुड़, दालें एवं आयरन-युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर विशेष बल दिया। साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की गोलियाँ नियमित रूप से लेने और समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जाँच करवाने की भी सलाह दी।

बी ए द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा “आयरन से भरपूर भोजन एनीमिया से दूर ” विषय पर नुक्कड़ नाटक करके महाविद्यालय की छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित स्नातक और स्नातकोत्तर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और व्याख्यान से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

28 कन्याओं का मनाया गया जन्मोत्सव

28 कन्याओं का महिला कल्याण विभाग की तरफ से मनाया गया जन्मोत्सव

गाजीपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत कन्या जन्मोत्सव का आयोजन बुधवार को महिला चिकित्सालय में सीएमएस केएन चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। जहां पर उपस्थित लोगों को विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गिरते हुए लिंगानुपात में सुधार करना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देना तथा बालिकाओं के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना और पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संदेश का प्रसार तथा महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। इस अवसर पर 28 नवजात कन्याओं को महिला कल्याण विभाग की तरफ से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया एवं गिफ्ट भी दिया गया।

महिला चिकित्सालय के अधीक्षक के.एन चौधरी ने PCPNDT Act के प्रावधानों की जानकारी दी। बताया कि गर्भधारण से पूर्व एवं गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का लिंग बताना और इस आधार पर गर्भपात कराना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस दौरान कन्या जन्मोत्सव के अवसर पर वहां पर उपस्थित 28 सभी लाभार्थी को तौलिया हिमालया बेबी किट ,मिष्ठान केक देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्या श्रीवास्तव ने समाज में बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नेहा राय द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जननी सुरक्षा योजना, पोषण अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 महिला हेल्पलाइन 181 बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्या श्रीवास्तव वरिष्ठ सहायक, मयंक यादव असिस्टेंट अकाउंटेंट, अजीत कुमार ,एमटीएस ममता सिंह एवं महिला चिकित्सालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। अंत में यह संदेश दिया गया कि – “बेटी है तो भविष्य है, उसका सम्मान और सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।”

डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक,रोका वेतन

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान सी एच सी गोड़उर के बी0पी0एम0 तथा सी एच सी भदौरा, एवं गोड़उर के बी0ए0एम0 के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
उन्होने समस्त एम ओ वाई सी को निर्देश दिया कि अपने- अपने क्षेत्रो के मरीजो की जानकारी अवश्य रखे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने  समस्त एम0ओ0वाई0सी0 को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार का भुगतान पेण्डिंग न रहें तत्काल भुगतान करें। उन्होने कहा कि टी0बी0 मरीजो को सरकारी दवा ही दी जाए एवं जॉच कराने के लिए जागरूक करें किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित को निर्देशित किया कि आशा का भुगतान समय से किया जाए,समस्त एम0ओ0वाई0सी0 तहसीलों पर बी0एच0एन0डी0 की बैठक करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे, ओ0पी0डी0 का संचालन तथा नियमित रूप से सी0एच0ओ0 एवं एन0एम0 की उपस्थिति का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के संबंध मे जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिए।  
बैठक मे जिलाधिकारी ने ओ पी डी एवं आई पी डी की समीक्षा, एफ आर यू0, आर बी एस के कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाए, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आई डी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, अन्य बिन्दुओ पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की।  उन्होने कहा कि जो भी शासन की योजनाए संचालित है उसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, कोई भी पात्र योजना से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनिल पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एन एच एम), समस्त एम ओ वाई सी एंव अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।