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निःशुल्क नेत्र शिविर, 97 मरीजों की हुई जांच; 9 मरीज ऑपरेशन के लिए रवाना

निःशुल्क नेत्र शिविर में 97 मरीजों का परीक्षण, 9 मोतियाबिंद मरीज ऑपरेशन के लिए बनारस रवाना

जखनियां (गाजीपुर)। डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में रविवार को साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की ओर से निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ समाजसेवी निजामुद्दीन ने फीता काटकर किया।

शिविर में आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल से आए चिकित्सकों डॉ. सोनाली, डॉ. चन्दन, डॉ. किरण, डॉ. नेहा तथा हरिशंकर ने कुल 97 मरीजों की आंखों की जांच की और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जांच के दौरान 9 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। सभी मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की बस से बनारस रवाना किया गया। अस्पताल में मरीजों के रहने, खाने और ऑपरेशन की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की जाएगी।

इस अवसर पर साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर आमिर अली ने आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं सहयोगियों को मोमेंटो, शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया। डायरेक्टर आमिर अली ने कहा कि जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है।ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया। लोगों ने ट्रस्ट एवं आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंदों के लिए सराहनीय प्रयास बताया।

बाढ़ की आहट पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में उतरीं मेडिकल टीमें; 583 मरीजों का हुआ इलाज

बाढ़ की आहट पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में उतरीं मेडिकल टीमें; 583 मरीजों का हुआ इलाज

बाढ़ की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सेमरा-शेरपुर में पहुंची मेडिकल टीमें, 583 मरीजों का उपचार

गाजीपुर(मुहम्मदाबाद)। गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद की स्वास्थ्य टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अधीक्षक डॉ. आशीष राय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने सेमरा एवं शेरपुर सहित संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देने के साथ उपचार और आवश्यक दवाओं का वितरण किया।

स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान होने वाली मौसमी बीमारियों, बुखार, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी समस्याओं और संक्रमण से बचाव के उपाय बताए। लोगों को साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए दो मोबाइल टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं, जबकि तीन टीमें स्टेटिक रूप से तैनात रहकर मरीजों की जांच और उपचार में जुटी हैं। विभाग का प्रयास है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर भी ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच के साथ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद से जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आज कुल 583 मरीजों का चिकित्सकीय उपचार किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों की यह सक्रियता बाढ़ की संभावित चुनौती के बीच ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का संदेश दे रही है।

अभियान में डॉ. असगर अली, जितेंद्र यादव (फार्मासिस्ट), वैभव कुमार (एआरओ), राजकुमार, एएनएम अर्चना बाला, सुनीता, सरोज, आशा संगिनी निर्मला राय, नंदनी राय एवं आशा पूनम सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मोतियाबिंद मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

डालिम्स सनबीम स्कूल में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा शिविर, जांच के बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए किया जाएगा रेफर

जखनिया, गाजीपुर। क्षेत्रवासियों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की ओर से 6 सितंबर 2026, रविवार को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनिया, गाजीपुर में आयोजित होगा।शिविर में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा। मोतियाबिंद का ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण विधि से किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, ऑपरेशन के लिए रेफर किए गए मरीजों को निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा, पौष्टिक भोजन, ठहरने की सुविधा, आवश्यक दवाइयां और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

यह शिविर साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। इच्छुक मरीज अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की फोटो कॉपी उपलब्ध कराकर पंजीकरण करा सकते हैं।

स्कूल मेंटल हेल्थ कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य व नशे के दुष्प्रभावों की दी गई जानकारी

स्कूल मेंटल हेल्थ कार्यक्रम में छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य व नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी

गाजीपुर। जनपद में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्कूल मेंटल हेल्थ कार्यक्रम के तहत 18 अगस्त को करंडा ब्लॉक के इंटर कॉलेज गोसंदपुर में जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम एवं जिला तंबाकू नियंत्रण टीम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य एवं मानसिक विकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम में उदासी, घबराहट, चिंता, पढ़ाई में मन न लगना तथा आत्महत्या के विचार जैसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों के प्रति जागरूक किया गया। छात्रों को तनाव प्रबंधन, कॉपिंग स्किल और लाइफ स्किल के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान नशीली दवाओं एवं तंबाकू के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान बताए गए। छात्रों को नशे की लत छोड़ने के लिए जिला अस्पताल में उपलब्ध काउंसलिंग सुविधा की जानकारी दी गई। साथ ही निकोटिन कंट्रोल प्रोग्राम और कोटपा एक्ट-2003 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। तंबाकू नियंत्रण हेल्पलाइन नंबर 1800112356 साझा किया गया।

कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 (24×7) की जानकारी भी दी गई। विद्यालय के शिक्षकों को मानसिक मंदता से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।

बताया गया कि जनपद में मानसिक विकारों की जांच एवं काउंसलिंग की सुविधा ट्रॉमा सेंटर, गोरा बाजार में प्रत्येक सोमवार को उपलब्ध रहती है।

डीएम के निर्देश पर गांवों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों ग्रामीणों की हुई जांच

तीन गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 359 ग्रामीणों की हुई जांच

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनो की ओर से बघोल, शेखपुर और नखतपुर गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविर में चिकित्सकों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाएं वितरित कीं। शिविर में रक्तचाप, शुगर समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई और मरीजों को उचित चिकित्सा परामर्श दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और विभिन्न बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया।

बघोल में 46 महिलाओं और 39 पुरुषों समेत कुल 85, शेखपुर में 43 महिलाओं और 40 पुरुषों समेत कुल 83 तथा नखतपुर में 35 महिलाओं और 38 पुरुषों समेत कुल 73 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस प्रकार तीनों शिविरों में कुल 241 ग्रामीणों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ऐसे शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शिविर का आयोजन क्रमशः सीएचओ अर्चना यादव, वंदना मिश्रा व जिज्ञासा चित्रांशी तथा एएनएम निर्मला यादव और रेखा यादव द्वारा किया गया।

बारिश के बीच पुनः लगा निःशुल्क नेत्र शिविर,सैकड़ों मरीजों ने कराई जांच

बारिश के बीच पुनः लगा निःशुल्क नेत्र शिविर, सैकड़ों मरीजों ने कराई जांच, 24 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए वाराणसी रवाना

गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी, “हरिशंकरी” गाजीपुर के तत्वावधान में तथा आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, वाराणसी के सहयोग से 18 अगस्त को लंका स्थित सभागार में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन चयन शिविर का लगातार दूसरी बार आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपनी आंखों की निःशुल्क जांच कराई।
शिविर में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की टीम ने आंखों की जांच के साथ शुगर, ब्लड प्रेशर तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी किए। जांच के बाद कुल 24 मरीजों को निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। सभी चयनित मरीजों को आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की बस से वाराणसी भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन, लेंस प्रत्यारोपण (चीरा विधि) एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा और पुनः उन्हें बस द्वारा रामलीला मैदान लंका गाजीपुर पंहुचा दिया जाएगा। इस दौरान अति प्राचीन रामलीला कमेटी के पदाधिकारी गण और वालेंटियर्स मौजूद रहे।
आर जे० शंकरा अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीजों को लगभग 18 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें काला चश्मा, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। निःशुल्क शिविर के आयोजक और
अतिप्राचीन रामलीला कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि कमेटी द्वारा रामलीला मंचन के कार्य के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना समिति का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि आज 96 मरीजों ने अपना निशुल्क जांच परीक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 24 मरीजो को चयनित कर निःशुल्क ऑपरेशन के लिए वाराणसी भेजा गया है, उन्होंने बताया कि पूर्व में भी दर्जन भर से ज्यादा लोगों का सफल ऑपरेशन आर जे शंकरा नेत्रालय द्वारा किया गया था और वहां निःशुल्क ऑपरेशन, लेंस प्रत्यारोपण से लेकर रहने खाने और दवाओं आदि सभी कुछ निशुल्क व्यवस्था है, उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

माउंट लिटेरा जी स्कूल में हुआ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का शुभारंभ

गाजीपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ एम०के०सिंह ने सोमवार को माउंट लिटेरा जी स्कूल में बच्चों को पेट के कीड़े (कृमि) निकालने की दवा एल्बेंडाज़ोल खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया ।
एसीएमओ ने बताया कि जिले में करीब 17 लाख बच्चों और किशोरों को कृमि मुक्ति की दवा यानि पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ है। इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों और पंजीकृत स्कूलों, ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों और घुमन्तू लोगों को दवा खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी कारण दिवस पर बच्चे दवा नहीं खा पाए हैं उनको मॉपअप राउंड (14 अगस्त) को दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह दवा खाली पेट नहीं खानी है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली व दो से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को पूरी गोली खिलाई जानी है। छोटे बच्चों को गोली पीसकर देनी है जबकि बड़े बच्चे इसे चबाकर खा सकेंगे।
एसीएमओ ने बताया कि पेट से कीड़े निकलने की दवा एल्बेन्डाजॉल बहुत ही स्वादिष्ट बनाने की कोशिश की जाती है। इससे बच्चे आसानी से खा लेते हैं। कृमि के चक्र को खत्म करने के लिए बेहद जरूरी है कि बच्चे को यह दवा समय समय पर दी जाती है। ऐसा न करने पर बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को दवा जरूर खिलवाएं।
क्यों खाएं यह दवा – एसीएमओ ने बताया कि बच्चे अक्सर कुछ भी उठाकर मुंह में डाल लेते हैं या फिर नंगे पांव ही स्थानों पर चले जाते हैं। इससे उनके पेट में कीड़े विकसित हो जाते हैं। इसलिए एल्बेंडाज़ोल खाने से यह कीड़े पेट से बाहर हो जाते हैं। अगर यह कीड़े पेट में मौजूद हैं तो बच्चे के आहार का पूरा पोषण कृमि हजम कर जाते हैं। इससे बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है। बच्चा धीरे-धीरे खून की कमी (एनीमिया) समेत अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। कृमि से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए यह दवा एक बेहतर उपाय है। जिन बच्चों के पेट में पहले से कृमि होते हैं उन्हें कई बार कुछ हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं। जैसे हल्का चक्कर, थोड़ी घबराहट, सिर दर्द, दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, मितली, उल्टी या भूख लगना। इससे घबराना नहीं है। दो से चार घंटे में स्वतः ही समाप्त हो जाती है। आवश्यकता पड़ने पर आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि कृमि मुक्ति दवा बच्चे को कुपोषण, खून की कमी समेत कई प्रकार की दिक्कतों से बचाती है।
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार,जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ,जिला सामुदायिक प्रबंधक अनिल वर्मा,अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार व एविडेन्स एक्शन के संतोष कुमार सिंह मौजूद रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राजेश के० ने किया ।

चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान

विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सीएचसी मोहम्मदाबाद में चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान

गाजीपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 अगस्त से 7 अगस्त) के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोहम्मदाबाद में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व, सही तरीके और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य माताओं को जागरूक कर नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे उत्तम और संपूर्ण आहार है। इसमें ऐसे सभी आवश्यक पोषक तत्व, एंटीबॉडी और प्रतिरक्षा शक्ति होती है, जो बच्चे को विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से बचाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि मां के दूध की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि यह शिशु के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अमूल्य है।

महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमारी इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम “स्वस्थ शिशु, स्वस्थ मन, सशक्त परिवार और समृद्ध राष्ट्र” रखी गई है, जो स्वस्थ समाज के निर्माण में स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करा देना चाहिए। जीवन के पहले छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए और इस दौरान पानी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती। छह माह पूर्ण होने के बाद उपयुक्त पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्तनपान से न केवल शिशु को पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलती है, बल्कि मां को भी कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने समाज, परिवार और कार्यस्थलों से अपील की कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सहयोग और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रत्येक शिशु को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिल सके। विश्व स्थापना सप्ताह का आयोजन ग्राम स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं प्राथमिक स्वास्थय केन्द से जन जागरुकता करते हुए हुऐ व्यवहारों को अपनाने में स्थानिय सीएचओ, एएनएम एवं आशा के सहयोग से किया जा रहा है।

मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सुरक्षित परिवार और सशक्त समाज की दिशा में मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार मिल सके और मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। इस बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत आने वाली समस्त एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया की बैठक में अधिकारियों ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में भर्ती प्रसव पश्चात महिला मरीज और उनके परिजनों को प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जलपान भी उपलब्ध कराया जाता है।

बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा

गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करना।

हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर विशेष निगरानी रखना।

सभी प्रसव संस्थागत (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में) कराने पर जोर।

प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, संक्रमण आदि की समय पर पहचान और उपचार।

आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को उच्च स्तरीय अस्पताल में शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था मजबूत करना।

एम्बुलेंस सेवाओं (102 एवं 108) की उपलब्धता और त्वरित संचालन सुनिश्चित करना।

आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

प्रत्येक मातृ मृत्यु की गोपनीय समीक्षा (Maternal Death Review) कर वास्तविक कारणों की पहचान करना।

परिवारों को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करना।

जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना।

मातृ मृत्यु रोकने के लिए विशेष निर्देश

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जाए। जिन महिलाओं में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, रक्त की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाएं हर समय तैयार रहें।

सुरक्षित मातृत्व का संदेश

समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव से अधिकांश मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है।

127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीएचसी मुहम्मदाबाद में 127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

गाज़ीपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. नीरज कुमारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कुल 127 गर्भवती महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, आवश्यक प्रयोगशाला जांच एवं भ्रूण के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं का सेवन, प्रसव पूर्व सावधानियां तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से परामर्श दिया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह 9 तारीख को आयोजित किया जाता है। वहीं, अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह 1, 16 और 24 तारीख को भी विशेष पीएमएसएमए क्लीनिक संचालित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व (ANC) सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान कर उनका उचित उपचार सुनिश्चित करना है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके और मां एवं शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रखा जा सके।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भकाल के दौरान कम से कम एक बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिवस पर अवश्य जांच करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए तीन अतिरिक्त एएनसी (ANC) जांच का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

महिलाओं कि काउंसलिंग नीरा राय काउसलर तथा स्टाफ नर्स किरण लाल एवं डेजी द्वारा आवश्यक सेवाओं प्रदान की जाती है । सभी महिलाओं को फालोअप समुदाय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों उपकेन्द्रो पर स्थानिय एमएचसी पी स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सी० एच० ओ०), ए० एन० एम० एवं आशा द्वारा निरंतर कि जाती है।