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निःशुल्क लेंस प्रत्यारोपण से मिली नई रोशनी,18 अगस्त को पुनः लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर

निःशुल्क लेंस प्रत्यारोपण से मिली नई रोशनी,ऑपरेशन कराकर लौटे मरीजों ने रामलीला कमेटी और आर जे शंकरा की सेवा भावना को सराहा

कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने कहा-18 अगस्त को पुनः लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, जनसेवा का अभियान रहेगा जारी

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर के बाद मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए वाराणसी स्थित आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल भेजे गए मरीजों का सफल उपचार होने के बाद वे बुधवार को सकुशल गाजीपुर लौट आए।
कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह एवं मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने लंका मैदान परिसर में अस्पताल की बस से लौटे सभी मरीजों और उनके तीमारदारों का स्वागत कर उनका हालचाल जाना। मरीजों ने सफल ऑपरेशन, बेहतर चिकित्सा व्यवस्था एवं आत्मीय सहयोग के लिए कमेटी और आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की टीम का आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 17 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया था। इनमें से 16 मरीजों को उसी दिन अस्पताल की बस से वाराणसी भेजा गया, जहां सभी का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया गया। एक मरीज का ब्लड प्रेशर अधिक होने के कारण चिकित्सकों ने ऑपरेशन स्थगित कर उपचार के बाद अगली तिथि पर पुनः जांच कराने की सलाह दी।
ऑपरेशन कराकर लौटे मरीजों ने बताया कि अस्पताल में उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर देखभाल मिली। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे आगामी 18 अगस्त को आयोजित होने वाले निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का लाभ उठाकर समय रहते अपनी आंखों की जांच एवं आवश्यक उपचार कराएं।
इस अवसर पर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने कहा, अति प्राचीन रामलीला कमेटी केवल रामलीला मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा को भी अपना दायित्व मानती है। आगामी 18 अगस्त को पुनः निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी और सेवा कार्य निरंतर चलते रहें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।

गाजीपुर में लगा निःशुल्क नेत्र शिविर,सैकड़ों मरीजों ने कराई जांच, 17 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए वाराणसी रवाना

गाजीपुर में लगा निःशुल्क नेत्र शिविर,सैकड़ों मरीजों ने कराई जांच, 17 मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए वाराणसी रवाना

गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी, “हरिशंकरी” गाजीपुर के तत्वावधान में तथा आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, वाराणसी के सहयोग से सोमवार को लंका स्थित सभागार में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन चयन शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई झमाझम बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपनी आंखों की निःशुल्क जांच कराई।
शिविर में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की टीम ने आंखों की जांच के साथ शुगर, ब्लड प्रेशर तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी किए। जांच के बाद कुल 17 मरीजों को निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। सभी चयनित मरीजों को आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की बस से वाराणसी भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन, लेंस प्रत्यारोपण (चीरा विधि) एवं आवश्यक उपचार किया जाएगा। इस दौरान अति प्राचीन रामलीला कमेटी के पदाधिकारी गण और वालेंटियर्स मौजूद रहे।
आर जे शंकरा अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीजों को लगभग 18 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें काला चश्मा, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर अस्पताल की बस से सुरक्षित गाजीपुर वापस लाया जाएगा और ये अगले महीने 18 अगस्त को भी ऐसा ही निःशुल्क शिविर कमेटी के साथ निःशुल्क लगाया जाएगा।
अतिप्राचीन रामलीला कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि कमेटी द्वारा रामलीला मंचन के कार्य के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना समिति का उद्देश्य है। भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
कमेटी के कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा कि सुबह से लगातार बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह बताता है कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की समाज में कितनी आवश्यकता है। समिति आगे भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।
आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल के अधिकृत प्रतिनिधि संदीप सिंह ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराना है। चयनित सभी मरीजों का ऑपरेशन, लेंस प्रत्यारोपण, दवाइयां, भोजन, आवास तथा आने-जाने की पूरी व्यवस्था अस्पताल द्वारा निःशुल्क की जा रही है।

दस्तक अभियान तेज, T3 मॉडल से होगी संचारी रोगों पर प्रभावी रोकथाम

मुहम्मदाबाद में दस्तक अभियान तेज, T3 मॉडल से होगी संचारी रोगों पर प्रभावी रोकथाम

आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कर रहीं जागरूकता, बुखार व दस्त के मरीजों की पहचान कर उपलब्ध करा रहीं उपचार

गाजीपुर। जनपद में 1 जुलाई से संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ अब स्वास्थ्य विभाग ने दस्तक अभियान भी तेज कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद क्षेत्र में यह अभियान T3 मॉडल (टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक) के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि मलेरिया, डेंगू, टीबी सहित अन्य संचारी रोगों की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

चिकित्सा अध्यक्ष डॉ आशीष राय ने बताया कि अभियान के तहत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई और संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही बुखार एवं अन्य लक्षणों से ग्रसित मरीजों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलोअप भी किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवारों को शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। दस्त से पीड़ित बच्चों का उपचार सुनिश्चित करते हुए ओआरएस एवं जिंक का वितरण किया जा रहा है। साथ ही परिजनों को ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि भी बताई जा रही है। अभियान के दौरान एकत्रित सभी जानकारियों का अंकन ई-कवच पोर्टल पर आशा एवं एएनएम के माध्यम से किया जा रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद की चिकित्सकीय टीम भी नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही है। सीएचसी मुहम्मदाबाद में टाइफाइड जांच,मलेरिया जांच,सीबीसी जांच,डेंगू जांच,बलगम जांच,सीबी-नाट (CBNAAT) जांच एक्स-रे सुविधा उपलब्ध है।

अधीक्षक ने बताया T3 मॉडल का महत्व

सीएचसी मुहम्मदाबाद के अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि T3 मॉडल (Test, Treat and Track) संचारी रोगों की रोकथाम की एक प्रभावी रणनीति है।

टेस्ट (Test): संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच कर संक्रमण की पुष्टि की जाती है।

ट्रीट (Treat): संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को तत्काल उचित दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

ट्रैक (Track): मरीज का फॉलोअप किया जाता है तथा उसके संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी एवं जांच की जाती है।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि इस रणनीति से बीमारी की समय पर पहचान होती है, गलत दवाओं के उपयोग से बचाव होता है, संक्रमण की श्रृंखला टूटती है तथा संचारी रोगों को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ मरीजों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित कर रही हैं।

RJ शंकरा अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे आँखों का निःशुल्क जांच और ऑपरेशन

रामलीला मैरेज हाल, लंका मैदान में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, RJ शंकरा आंख अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे निशुल्क जांच।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी, हरिशंकरी के तत्वावधान में तथा आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल (वाराणसी) के सहयोग से 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन पंजीकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का आयोजन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रामलीला मैरेज हॉल, लंका मैदान में होगा।
शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा आंखों की व्यापक जांच एवं परामर्श निःशुल्क दिया जाएगा। जिन मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि होगी, उनका आधुनिक लेंस प्रत्यारोपण तकनीक से निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। ऑपरेशन के लिए आवश्यक पंजीकरण भी शिविर स्थल पर किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार मरीजों को निःशुल्क दवाइयां, अस्पताल तक आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा, रहने तथा पौष्टिक भोजन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। मरीजों से आधार कार्ड की फोटो कॉपी, मोबाइल नंबर तथा यदि पहले से कोई दवा चल रही हो तो उसकी जानकारी और दवाइयां साथ लाने की अपील की गई है।
शिविर के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। इच्छुक मरीज अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की प्रति व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पहले से पंजीकरण करा सकते हैं। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए 9511150899 (संदीप सिंह ‘शंकरा’) पर संपर्क किया जा सकता है।
आयोजकों ने जनपदवासियों से अपील की है कि जिन लोगों को आंखों की समस्या या मोतियाबिंद की शिकायत है, वे इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को भी इसकी जानकारी दें।

जनपदवासियों को ट्रामा सेंटर में मिलेगी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं:विजय मिश्र

गाजीपुर। मेरे राजनीति में आने का कारण समाजसेवा के साथ- साथ गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को बदलना प्रमुख उद्देश्य था और प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं से वादा भी किया था आपके आशीर्वाद से गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ कर दूंगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। श्री मिश्र ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो मेरा लक्ष्य था उसे अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में, 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार, ट्रामा सेंटर आदि बनवाकर गाजीपुर का चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया। यह बात कहते हुए मेरे सहित पूरे गाजीपुर के लिए आनंद का विषय है कि तत्कालीन रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार ने गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज देकर जनपद की सबसे बड़ी आवश्यकता को पूर्ण करने का काम किया। आज गाजीपुर मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 5 से 6 हजार लोगों की ओपीडी होती है जिससे उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए आस-पास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। विजय मिश्रा ने कहा कि गाजीपुर में ट्रामा सेंटर निर्मित होने के पश्चात शुरू नही हो पा रहा था जिसको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार बातकर ट्रामा सेंटर शुरू कराने का काम किया गया। ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गयी है परंतु अभी पूर्ण क्षमता से कार्य नही कर रहा हैं, इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता कर पूर्ण क्षमता युक्त ट्रॉमा सेंटर का संचालन कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैशलेस ट्रीटमेंट, ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रॉमा केयर नेटवर्क पूरे देश के हर जनपद में बनाने की योजना लागू की। इसके तहत विभिन्न चरणों में देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने एवं मौजूदा अस्पतालों को ट्रॉमा सुविधाओं से सुसज्जित करने का काम केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है । उन्होंने कहा कि मैं जनपदवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि शीघ्र अतिशीघ्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर सभी आवश्यक मानकों जैसे डॉक्टर्स – डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो एवं ऑर्थो, पैरामेडिकल – नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक उपकरण – ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और ह्यूमिडिफायर, दवा और फ्लूड कंट्रोल, ABG Analyzer, Portable ECG Machine, Portable X-Ray Access, Ultrasound Machine, CT Sacan इत्यादि से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रामा सेंटर की सुविधा जनपदवासियों को प्राप्त होगी। गाजीपुर के ट्रामा सेंटर को इतने उच्च स्तर पर बनाया जायेगा कि गाजीपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों को सेवा देकर जनपद की जरूरत को पूरा करने के साथ ही बीएचयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त बोझ को बांट सके।

    31 जुलाई  तक चलेगा अभियान, टीमें घर-घर जाकर करेंगी जागरूक

    31 जुलाई  तक चलेगा अभियान, टीमें घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम के लिए करेंगी जागरूक

    स्वास्थ्य, नगर निगम, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों के आपसी समन्वय से सफल होगा अभियान

    गाजीपुर। संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा० मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया।
    मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31  जुलाई तक चलेगा। इसी बीच 11से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।


    प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
    सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।

    डीएम ने विभागों को माइक्रोप्लान के अनुसार अभियान को सफल बनाने के दिए निर्देश

    गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट कक्ष (निर्वतन कक्ष) में विशेष में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों के लिए जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी  ने एक जुलाई से शुरू होने वाले अभियान की तैयारियों और अब तक की गई गतिविधियों की गहन समीक्षा की।  


    बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों को माइक्रोप्लान के अनुसार अभियान की शत-प्रतिशत मॉनिटरिंग करने और अभियान को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने समस्त विभागों को निर्देशित किया कि अभियान में किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नही होनी होगी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों खासकर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई, एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, नालियों की साफ-सफाई, जल जमाव की स्थिति व गंदगी पैदा न होने देना आदि जनमानस से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण पर विशेष रूप से ज़ोर दिया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल होना बहुत जरूरी है।


    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद,  डाक्टर ए के शाही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गाजीपुर, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस विभाग, कृषि विभाग, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

    महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट का विस्तार,अब 25 बेड पर मिलेगी सुविधा

    महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट का विस्तार, अब 25 बेड पर मिलेगी सुविधा

    गाजीपुर।महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, गाजीपुर में डायलिसिस सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों का शुभारंभ राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.एन. चौधरी सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत जुलाई 2022 में 10 बेडों के साथ की गई थी। क्षेत्र में किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बाद में 5 अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था सीएसआर (CSR) के माध्यम से की गई, जिससे यूनिट की क्षमता 15 बेड हो गई। इसके बावजूद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही और डायलिसिस के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची बन गई। जिन्हें नियमित डायलिसिस सुविधा प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
    प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा द्वारा शासन स्तर पर लगातार पत्राचार एवं प्रयास किए गए, जिसके फलस्वरूप 10 अतिरिक्त डायलिसिस बेडों की स्वीकृति प्राप्त हुई। आज इनके शुभारंभ के साथ डायलिसिस यूनिट की कुल क्षमता बढ़कर 25 बेड हो गई है।
    वर्तमान में चिकित्सालय में प्रतिदिन लगभग 45 मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। 25 बेड होने के बाद प्रतिदिन लगभग 75 मरीजों को डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी तथा समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
    डायलिसिस यूनिट के विस्तार से न केवल गाजीपुर जनपद बल्कि आसपास के जनपदों से आने वाले किडनी रोगियों को भी लाभ मिलेगा। अब मरीजों को डायलिसिस के लिए लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर एवं सुलभ उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

    अभियान में लापरवाही हुई तो संबंधित विभाग पर होगी कार्यवाही:डीएम

    गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई एवं दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनपद में चलाया जाएगा, जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु अन्तर्विभागीय बैठक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चलाये जाने वाले अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो एवं संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही करें, जिससे संचारी रोग नियंत्रण अभियान व दस्तक अभियान का उद्देश्य सार्थक हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को माइक्रोप्लान के हिसाब से अपने कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि किसी विभाग के द्वारा अभियान में लापरवाही की जाती है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जायेगी, समस्त अधिकारियों को अपने विभाग से सम्बन्धित करायें जाने वाले कार्याे की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये।

    उन्होंने जिला पंचायतराज विभाग  को कार्ययोजना के अनुरूप प्रत्येक गांव में साफ सफाई, झाड़ियों की कटाई, एन्टी लार्वा छिड़काव, नालों की सफाई कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकरी ने नगरीय क्षेत्रों में साफ सफाई, नालियों की सफाई, फागिंग, झाड़ियों की कटाई करायें जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दस्तक अभियान के अन्तर्गत शासन के द्वारा प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप गतिविधि संचालित करायें जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर जलभराव न होने पाए, जहां पर भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो वहां एंटीलार्वा का छिड़काव किया जाए, संचारी रोग से संबंधित समस्त गतिविधियों के लिए एक ग्रुप बनाकर उसमें दिन प्रतिदिन होने वाले क्रियाकलापों की फोटोग्राफ्स डाली जाए। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी ने संचारी रोग के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। बैठक में  मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त अधिशासी अभियन्ता नगर पालिका/नगर पंचायत, एवं सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी, उपस्थित रहे।

    टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया

    गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब में लॉर्ड्स डिस्टलरी लिमिटेड के सहयोग से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत 50 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाजीपुर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी के सहयोग से सभी टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान चल रहा है, जनपद में हैंडल एक्सेल मशीन प्राप्त मात्रा में उपलब्ध है जिससे की गांव गांव जाकर मेडिकल मोबाइल बैन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की चेष्ट एक्स-रे  हैंडल एक्सरे मशीन द्वारा प्रतिदिन 600 से 700 कराया जा रहा है और प्रतिदिन 20000 बलगम का जांच कराने का लक्ष्य  रखा गया है। सभी ब्लॉक में ट्र नैट मशीन उपलब्ध है जिससे बलगम जांच कराया जा रहा है जनपद में 19 ट्र नैट मशीन एवं दो सी बी नैट मशीन उपलब्ध है जिससे सभी संभावित टीवी मरीजों का बलगम जांच एवं चेस्ट एक्सरे कराया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रत्येक माह के 15 तारीख को सभी ब्लॉक में टीवी मरीजों को पोषण पोटली वितरित किया जा रहा है। सभी को निक्षय मित्र बनकर टीवी मरीजों को गोद लेने के लिए अपील किया गया। उक्त कार्यक्रम में लॉर्ड्स डिस्टलरी की तरफ से आनंद राय (एच आर, एडमिन), जिला क्षयरोग विभाग कि तरफ से डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह (डीपीसी), विवेक सिंह, वेंकटेश शर्मा, सुनील वर्मा, शशि सिंह, सौरभ सिंह उपस्थित रहे।