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एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के थीम के साथ पीजी कॉलेज में हुआ योगाभ्यास

योग जीवन जीने की कला है: अजीत कुमार सिंह

गाजीपुर। गोराबाजार स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 11 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थी। यह थीम पर्यावरण संरक्षण और शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षा एवं शोध संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अपर महाधिवक्ता व पीजी कॉलेज के सचिव अजीत कुमार सिंह थे। प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बुके, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर उनका स्वागत किया। योग प्रशिक्षक  प्रेम नाथ उपाध्याय ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान सिखाया। अजीत कुमार सिंह ने कहा कि “योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ता है।” उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन सुबह योगाभ्यास करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि “योग से युवा संतुलित जीवन जी सकते हैं। यह उन्हें अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करने में मदद करता है। सुबह जल्दी उठने से समय का बेहतर उपयोग होता है, जिससे कार्यों में दक्षता और स्फूर्ति आती है।” उन्होंने सभी को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।


प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि “योग भारतीय संस्कृति एवं परम्परा का गौरव है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। 21 जून को योग दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन है। यह ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा, “स्वास्थ्य विभाग स्वस्थ राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाता है। योग के जरिए हम मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने सभी को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी और एनएसएस के कैडेट्स ने योग का शानदार प्रदर्शन किया। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने सामूहिक योग किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य योग का महत्व जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समरेंद्र नाथ मिश्र ने किया। डॉ० रविशंकर सिंह, डॉ. एस.एन. सिंह, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. रविशेखर सिंह, डॉ. मनोज कुमार मिश्र, डॉ. त्रिनाथ मिश्र, विजय सिंह, विवेक कुमार सिंह,  अरुण कुमार सिंह और  अमितेश सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. अजीत प्रताप सिंह, डॉ. अमित प्रताप आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ और सभी ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग उत्सव का हुआ आयोजन

“माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल  में 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अंतर्गत योग उत्सव का आयोजन”

गाज़ीपुर। 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर पूरे विद्यालय में सकारात्मक एवं योगमय वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया और तनावमुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कारकुन  ने योग के महत्व और इसके आधुनिक जीवन में प्रासंगिकता  पर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्म-अनुशासन एवं सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा तथा योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के प्रति प्रेरित करना रहा।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों पर उतरा खरा

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों पर उतरा खरा

गाज़ीपुर।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के अंतर्गत चलने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए वर्चुअल असेसमेंट राष्ट्रीय असेसर डॉ संतोष कार्यालय एवं डॉ आरती सोनी के द्वारा किया गया। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के सभी मानकों पर खरा पाया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार राव ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे के निर्देशानुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों को ध्यान में रखकर पूरा करने का प्रयास किया गया है। इसी के तहत वर्चुअल रूप से इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर का अधिकारी द्वय के द्वारा किया गया। सभी मानकों में उक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर खरा पाया गया।

बता दे की एनक्वास का अर्थ है राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक। यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है. यह कार्यक्रम सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को पहचानने में मदद करता है।

एनक्वास कार्यक्रम में, स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन किया जाता है और उनकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए जाते हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से, मरीजों को बेहतर इलाज, देखभाल और एक अच्छा माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है. 

एनक्वास प्रमाणीकरण, किसी भी स्वास्थ्य संस्थान के लिए एक सम्मान और भरोसे की मुहर होती है. यह दर्शाता है कि संस्थान में मरीजों को इलाज, देखभाल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मिल रही हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार , डिविजनल क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ प्रवीण सोलंकी ,जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ,जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर अनिल कुमार वर्मा, ग्राम प्रधान बनगांवा , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के कर्मचारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने सात सूत्रीय मांगों का सौपा ज्ञापन

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ गाजीपुर ने जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर : उतर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के आह्वान पर एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ जनपद गाजीपुर के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में सात सूत्रीय मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर को सौंपा ।
ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों को नही मानती है तो हम सभी संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान अगर किसी कार्य ने बढ़ा आती है या मरीजों को कोई दिक्कत आती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन में उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि हमारी सात सूत्रीय लंबित मांगों में से सरकार ने कोई भी मांग पूरी नहीं की है हम लोगों को बार बार झूठा आश्वासन दिया जाता है। हमारी विशेष मांग
1- म्युचुअल स्थानांतरण तत्काल लागू किया जाए।
2- संविदा कर्मचारियों हेतु ईपीएफ०, ग्रेड पे व DA का निर्धारण करना ।
3- एन०एच०एम० में 7 , 10 ,15 व 20 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस दिया जाना ।
4- आरसीएच ( एमसीटीएस० ) ( एचएमआईएस०) कंप्यूटर ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन करना ।
5-एच०आर०ए० का लाभ दिया जाए।
6- स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाए।
7- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का चार वर्ष से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए।
संगठन ने अवगत कराया हैं कि यदि 5 जून 2025 तक मांगे नहीं मानी गई तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा ।
इस अवसर पर संगठन के मिथिलेश कुमार सिंह, अनिल शर्मा ,मिथिलेश कुमार ,कविता भारद्वाज ,अमरदीप पाल, राधेश्याम यादव, मोहम्मद अजहर खान ,डॉक्टर शाहबाज, डॉक्टर प्रीति चौबे, दुर्गा प्रसाद कनौजिया, सुनील कुमार, रवि प्रकाश चौरसिया, अमित कुमार, संतोष कुमार, अरुण कुमार सिंह, सोमारू कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

पायलट दिवस पर हुए सम्मानित

पायलट दिवस पर बेहतर कार्य करने वाले एम्बुलेंस पायलट हुए सम्मानित

गाजीपुर। 26 अप्रैल को पूरे देश में पायलट दिवस मनाया जाता है ऐसे में गाजीपुर के स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो 102 और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज को उनके लोकेशन से स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र से उनके लोकेशन तक छोड़ने का काम एंबुलेंस के पायलट के द्वारा लगातार किया जाता है।और इन्हीं पायलटो मैं कई ऐसे पायलट भी है जिन्होंने अपनी ड्यूटी को अब कर्तव्य समझ कर काम किया जिससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचा। ऐसे ही पायलटो को सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने अपने कार्यालय में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के साथ ही उनकी हौसला अफजाई किया। प्रशस्ति पत्र पाने वालों में पूजा यादव ,फरजाना बानो, अंकित मौर्य, प्रदीप यादव ,प्रमोद एवं उमाशंकर कुशवाहा शामिल रहे। जिन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों की सेवा करते हुए उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाया था। इस मौके पर प्रोग्राम मैनेजर संदीप कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर अखंड प्रताप सिंह ,अरविंद कुमार ,रमेश चंद यादव, राजेश चौहान, शिव कुमार ,रामसहाय ,पद्मावती राय ,सरिता, दयाशंकर, वंदना यादव ,सोना, मुन्ना यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ सभा कर लोगों को किया जागरूक

महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों ने किया नुक्कड़ सभा का आयोजन

गाजीपुर। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (WORLD Hypertension Day) के अवसर पर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य शिक्षा महाविद्यालय की ओर से एक माहव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 17 मई 2025 से 16 जून 2025 तक चलाया जा रहा है़। इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप के खतरों, कारणों, लक्षणों और रोकथाम के तरीकों के बारे में जानकारी देना है।

अभियान के प्रथम दिन महाविद्यालय के एमबीबीएस के छात्रों द्वारा नगर के महुआबाग में शनिवार को एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही। इस नुक्कड़ सभा में छात्रों ने जन-सामान्य की भाषा में उच्च रक्तचाप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह एक मौन हत्यारा (Silent killer) है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

कार्यक्रम में छात्रों ने अभिनय, संवाद और पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश दिया कि हाइपरटेंशन से बचने के लिए नियमित रक्तचाप जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय पर इलाज अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो0 डॉ. आनंद मिश्रा ,शहर कोतवाल दीनदयाल पांडे , साकेत सिंह एवं बायोकेमेट्री के सह-आचार्य प्रो0 डॉ. अमित जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य प्रो0 डॉ. आनंद मिश्रा ने अपने संबोधन में छात्रों की पहल की सराहना की और कहा कि, इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

युवाओं में सुनने की क्षमता हो रही है कम

ईयर फोन और ईयर प्लग से युवाओं में सुनने की क्षमता हो रही है कम

गाजीपुर। आज का युवा ईयरफोन और ईयर प्लग को अधिक समय तक उपयोग कर रहे हैं। जिसके कारण उनके सुनने की क्षमता के साथ ही टिटनेस की भी संभावनाएं बढ़ रही हैं।इसी को लेकर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश पार्थ सारथी सेन शर्मा के द्वारा समस्त मंडल आयुक्त एवं जिला अधिकारी को इस संबंध में एक पत्र जारी करते हुए आम जनमानस में बचाव के लिए जन जागरूकता करने का निर्देश दिया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने बताया कि प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का एक पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है। जिसमें मोबाइल के इयरफोन तथा हेडफोन के संबंध में जारी किया गया और बताया गया है कि इसके उपयोग से लोगों को सुनने की क्षमता में लगातार कमी आ रही है। और यह युवा वर्ग को ज्यादा प्रभावित कर रहा है यह अनदेखा किया जाने वाला स्वास्थ्य से संबंधित प्रकरण है । उन्होंने बताया कि आज का युवा व्यक्तिगत ऑडियो उपकरणों के माध्यम से तेज संगीत एवं अन्य ध्वनियों के लंबे समय तक सुनने की लगातार क्षति हो रही है।

उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए कई तरह के उपाय भी बताए गए हैं। इससे बचने के लिए हेडफोन के अनावश्यक उपयोग से बचे। यदि बहुत आवश्यक हो तो 50 डेसीबल से अधिक ध्वनि वाले ईयर फोन हेडफोन का उपयोग करें। हेडफोनअथवा ब्लूटूथ इयर प्लग का प्रतिदिन 2 घंटे से ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल न करें और बीच-बीच में ब्रेक भी ले । यदि संभव हो तो कम आवाज में ऑडियो सुनने के लिए अच्छी तरह से शोर कम करने वाले हेडफोन का ही उपयोग करें । बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग से दूर रखें ताकि वह तेज आवाजों के संपर्क में ना आए। जिनका इस्तेमाल अक्सर गेम डिजाइन में किया जाता है। सोशल मीडिया का उपयोग कम करें परिवार और सामाजिक मेलजोल पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक साथ समय बिताने का कार्य करें । सार्वजनिक स्थलों पर अधिकतम औसत ध्वनि 100 डेसीबल से अधिक ना हो।

उन्होंने बताया कि इन उपायों को यदि अमल में लाया जाए तो इस तरह के कम सुनने वाले मामले में कमी लाई जा सकता है । उन्होंने बताया कि एक बार यदि सुनने की क्षमता स्थाई रूप से खत्म हो जाने पर श्रवण यंत्र से सामान्य श्रवण क्षमता बहाल नहीं की जा सकती। इसके अलावा कम उम्र से ही लगातार टिटनेस होने से अवसाद सहित कई तरह के मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

सावधान रहें, यहां पनपता है डेंगू का मच्छर: सीएमओ डॉ सुनील पाण्डेय

सावधान रहें, रुके और साफ़ पानी में ही पनपता है डेंगू का मच्छर – सीएमओ डॉ सुनील पाण्डेय
• राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सीएमओ कार्यालय समेत सीएचसी – पीएचसी पर आयोजित हुए कार्यक्रम एवं नाइट ब्लड सर्वे अभियान से पूर्व एलटी एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को जनपद मुख्यालय पर किया गया प्रशिक्षित
• डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जानकारी एवं जागरूकता भी बेहद जरूरी


गाज़ीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में बोल रहे थे।


सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘’देखें, साफ करें, ढके : डेंगू को हराने के उपाय करें” रखी गई है। इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने बताया कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।


कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही जनपद मुख्यालय पर सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एलटी एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को दिनांक 19 से 24 में 2025 तक मनाए जाने वाले नाइट ब्लड सर्वे अभियान हेतु कार्यक्रम संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया । इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने किया रक्तदान

गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में , “रेड क्रॉस दिवस पर अनूठी मिसाल: जिलाधिकारी ने किया रक्तदान”

गाजीपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी गाजीपुर के तत्वावधान में महर्षि विश्वामित्र ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय गोरा बाज़ार ग़ाज़ीपुर के ब्लड बैंक में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवागत जिलाधिकारी अविनाश कुमार रहे।जिन्होंने फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने स्वयं रक्तदान कर लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “रक्तदान महादान है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए, जिससे अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।”

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के आईसीयू व इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील पांडे, उप प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. नीरज पांडे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. के.के. सिंह आईएमएस के प्रेसिडेंट डॉ बावन दास एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शाह फैज स्कूल के विद्यार्थियों का किया गया टीकाकरण

गाजीपुर। विश्व टीकाकरण दिवस, जो हर साल 24 अप्रैल से 30  अप्रैल के मध्य मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव और स्वास्थय की रक्षा में टीकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश शासन द्वारा यह अभियान 24 अप्रैल से 10 मई तक चलाया जाएगा जिसमें  टिटनस एवं डिप्थीरिआ से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा। शासन के इस अभियान के तहत आज वृहस्पतिवार को शाह फैज़ विद्यालय के प्रांगण में कक्षा 5 व कक्षा 10 के लगभग 120 विद्यार्थियों को उपरोक्त टीका लगाया गया। 

इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से एनम किरन, सुनीता, दीपाली, संध्या, अर्चना, माया, डिंपल, कंचन, निर्मला, उर्मिला, कोल्ड चेन हैंडलर राजेश सिंह, को-ऑर्डिनेटर अशोक कुमार, डब्लू.एच.ओ. मॉनिटर विवेक राय एवं एवीडी प्रेम राय उपस्थित थे। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) डॉ प्रीति उपाध्याय , उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) हनीफ़ अहमद उपस्थित थे।