Category Archives: Crime

मानकों के विरुद्ध चल रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ हुई कार्रवाई

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 01 से 15 जुलाई 2026 तक स्कूली वाहनों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ फ्यूचर” के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई की। अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहनों में निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू कराना है। आज की कार्रवाई:अभियान के दूसरे चरण के तहत आज 08 जुलाई को थाना कोतवाली के महराजगंज, थाना नंदगंज एवं थाना जंगीपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग की गई। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 08 स्कूली वाहन सीज किए गए तथा 40 वाहनों का चालान किया गया। इस सम्बंध में एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।यातायात निरीक्षक बलेन्द्र कुमार ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि उनके वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि अभियान का पहला चरण 1 से 7 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम एवं नोटिस जारी कर संचालित किया गया था। दूसरा चरण 8 से 15 जुलाई तक चलाया जा रहा है।

बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़, हुआ गिरफ्तार

गाजीपुर। गहमर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे एक शातिर अंतरराज्यीय असलहा तस्कर व लुटेरे को पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लग गई, जबकि उसके साथी को पीछा कर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी और उपनिरीक्षक रोहित कुमार द्विवेदी अपनी टीम के साथ भटपुरवा मारूफ की बाग-बारा रेवतीपुर मार्ग पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। बाइक फिसलकर गिरने के बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ सिंह (20) वर्ष निवासी गहमर पट्टी खेलूराय के बाएं पैर में गोली लग गई। उसके साथी मुकेश कुशवाहा (22) निवासी गहमर पट्टी सम्भल राय को भी कुछ दूरी पर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के पास से एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस .315 बोर, बिना नंबर की काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल, 700 रुपये नकद, एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ।

चर्चित विनीत राय हत्याकांड:दो भाई गिरफ्तार

गाजीपुर। जनपद के चर्चित विनीत राय हत्याकांड जो 29 मई को हुई थी । पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपी एक लाख रुपये के इनामी बदमाश शंकर पांडे के सगे भाई बताए जा रहे हैं। इस गिरफ्तारी को पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंदू होटल के मालिक के पुत्र विनीत राय की हत्या के संबंध में दर्ज मुकदमा संख्या 365/2026 (धारा 103(1), 191(2), 3(5), 61(2) बीएनएस) में प्रकाश में आए दोनों आरोपियों को सोमवार को कोतवाली प्रभारी और उपनिरीक्षक शिवकांत मिश्रा द्वारा गाजीपुर घाट रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित पांडे (23 वर्ष) और सत्यप्रकाश पांडे उर्फ मुनि (20 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों गौसाबाद, थाना कोतवाली के निवासी हैं तथा रविशंकर पांडे उर्फ रवि शेखर पांडे के पुत्र हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक लाख रुपये के इनामी शंकर पांडे के सगे भाई हैं।

गौरतलब है कि विनीत राय हत्याकांड के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। अब उनसे पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश, घटना में अन्य लोगों की भूमिका तथा पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी ऐसे परिवार से जुड़े हैं, जिसका नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। उनके भाई शंकर पांडे पर पुलिस द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। ऐसे में इस गिरफ्तारी को पुलिस की अपराधियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना को आगे बढ़ाते हुए अन्य संभावित आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

विनीत राय हत्याकांड में हुआ गिरफ्तार

विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी के पिता गिरफ्तार
हत्या की साजिश में नाम आने के बाद रेलवे स्टेशन से दबोचा, एनडीपीएस एक्ट में 15 साल की सजा काट चुका है आरोपी

गाजीपुर। बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के मामले में प्रकाश में आए आरोपी रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मुख्य अभियुक्त शंकर पाण्डेय का पिता है और उसका आपराधिक इतिहास भी गंभीर रहा है।

पुलिस के मुताबिक, 29 मई 2026 को अष्टभुजी कॉलोनी, गोड़ा शहरी निवासी विनीत राय की हत्या के मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या-0365/2026 धारा 103(1), 191(2), 3(5) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान हत्या की साजिश में रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह और उनकी टीम ने गुरुवार को गाजीपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर से रविशंकर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय पश्चिम बंगाल की दमदम जेल में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में 15 वर्ष की सजा काट चुका है। वह जनवरी 2024 में जेल से रिहा हुआ था। ऐसे में विनीत राय हत्याकांड में उसकी गिरफ्तारी ने पूरे प्रकरण को और अधिक गंभीर बना दिया है।
विनीत राय हत्याकांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि पुलिस अब केवल वारदात के निष्पादकों ही नहीं, बल्कि हत्या की साजिश रचने वाले हर किरदार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

जीआरपी पुलिस ने शराब के साथ किया गिरफ्तार

गाजीपुर। जीआरपी थाना पुलिस सिटी द्वारा अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के पास से 25 अदद अवैध देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली बरामद किया गया। अवैध शराब की तस्करी के रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के तहत जीआरपी थानाध्यक्ष सिटी ने  मुखबिर की सूचना पर रविवार की शाम को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 01 से अभियुक्त विनोद सदा पुत्र शंभु सदा निवासी शेर पोस्ट शेर विजुलिया थाना वहेरी जिला दरभंगा राज्य बिहार उम्र 40 वर्ष को 25 अदद देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली सहित गिरफ्तार किया। बरामदशुदा शराब के संबंध मे थाना जीआरपी पर मु0अ0स0 07/26 धारा 60(1) EX. ACT पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।  गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ करने पर बताया कि बिहार मे शराब बन्दी है। यह शराब ट्रेन से बिहार मे ले जाकर उँचे दामो पर बेच कर अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता हुँ लेकिन आप लोगो द्वारा आज पकड़ लिया गया।गिरफ्तार करने वाले जीआरपी पुलिस टीम में थानाध्यक्ष पवन कुमार, उ0नि0 सच्चिदानन्द यादव, हे0का0 नूर आलम व हे0का0 धर्मेन्द्र कुमार यादव शामिल रहे।

                                                           

                                                

                          

अंतरराज्यीय साइबर गिरफ्तार, 67 करोड़ के फ्रॉड का पर्दाफाश

साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 67 करोड़ के लेनदेन का मामला आया सामने

गाजीपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 3 अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार

67 करोड़ की साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, 700 से ज्यादा फर्जी खाते का इस्तेमाल

“Crown Pay” गैंग का भंडाफोड़, टेलीग्राम के जरिए चल रहा था ठगी का नेटवर्क

म्यूल खातों से करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को दबोचा

गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

गाजीपुर। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल पुलिस टीम ने देशभर में फर्जी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह टेलीग्राम पर चल रही एक कथित कंपनी “Crown Pay” से जुड़ा हुआ था। शनिवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे मंगवाते थे। इसके बाद ये रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की जांच में देशभर में 25 राज्यो में दर्ज 75 से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास 700 से ज्यादा म्यूल खाते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि इन 75 खातों कि अगर जांच किया जाए तो इनके घोटाले का मामला और लंबी हो सकती है और यह सभी लोग इन फ्रॉड किए गए पैसों को डॉलर और क्रिप्टो ई में कन्वर्ट कर पैसे को अन्य खातों या फिर विदेश तक भेजा करते थे।

पुलिस ने ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य जुटाकर यह कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान, निरीक्षक सुरेश कुमार यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी रोहित मिश्र, उप निरीक्षक सुमित बालियान सर्विलांस, उप निरीक्षक विवेक कुमार पाठक साइबर सेल सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।

हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास

हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास
गाजीपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय अली रजा की अदालत ने सदोष मानव वध के प्रकरण आज शनिवार को दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी। जिसकी जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा सिराजुददीन अंसारी ग्राम सिंहानी थाना दिलदारनगर मंे अपने तहरीर में बताया कि बालू रखने के विवाद को लेकर मेरे भाई सरफुददीन को कलामुददीन और फारूख ने गाली गुप्ता देते हुए लाठी डन्डा से मारकर घायल कर दिया जिससे सरफुददीन के सिर पर शरीर पर काफी चोट आायी है। दिलदारनगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए धारा 323, 504 आईपीसी मेे 5 जून 2012 की घटना का एनसीआर दर्ज किया गया। सरफददीन को इलाज के लिए बीएचयू ले जाते समय रास्ते मे मृत्यु हो गया, मामले में धारा 304 आईपीसी की ब़ढोत्तरी कर विवेचना प्रारम्भ की गयी, आरोप पत्र 10 जुलाई 2012 को न्यायालय में पेश किया गया। जिसपर न्यायालय एडीजे तृतीय अली रजा के न्यायालय के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश ंिसह ने कुल नौ गवाहो को परीक्षित कराया। साक्ष्योपरान्त न्यायालय ने गुणदोष का परीक्षण करके अभियुक्त कलामुददीन व फारूख जो आपस में पिता पुत्र है। प्रत्येक को 323/34 आईपीसी में एक वर्ष कठोर कारावास तथा एक हजार जुर्माना व 504 आईपीसी में दो वर्ष का कठोर कारावास तथा दो हजार रूपये का जुर्माना, 304/34 मंे दस वर्ष का कठोर कारावास तथा दस हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया और जुर्माना की आधी धनराशि मृतक की पत्नी खैरूनीशा को देने का आदेश दिया गया।

लड़की और गहनों को जीआरपी पुलिस ने परिजनों को सौंपा

गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग गोरखपुर, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया के निर्देशन में तथा हेल्पलाइन नं0 139 से प्राप्त सुचना के आधार पर जीआरपी थानाध्यक्ष पवन कुमार ने अपने पुलिस कर्मियों के साथ मंगलवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठी एक संदिग्ध लड़की को देखा। लड़की से पुछताछ किया गया तो बताया की मेरा नाम सोनम बिन्द पुत्री सत्येन्द्र कुमार है ग्राम डुमरी थाना बासडीह जिला बलिया की रहने वाली हूँ । मेरे माता जी के डाटने के वजह से नाराज होकर घर से भागकर रेलवे स्टेशन बलिया से कामायनी एक्स0 से जा रहीं थी। उसके बाद उक्त लड़की के हाथ में लिए लेडिज पर्स को चेक किया गया तो उसमें 05 जोड़े पायल सफेद धातु, 02 जोड़े बिछिया सफेद धातु , एक नथिया बेसर पीली धातु , 04 जोड़े कान का झाला पीली धातु, 02 नाक कि कील पीली धातु, 01 सिकड़ी पीली धातु, 02 जोड़े जौ पीली धातु , माथे का टिका पीली धातु और 17 रुपये मात्र मिला। जिसके बाद लड़की को जीआरपी थाना लाया गया।

कुछ ही देर बाद उर्मिला देवी पत्नी सतेन्द्र कुमार निवासी ग्राम डुमरी थाना बासडीह जिला बलिया मो0 7392856757 अपनी लड़की को खोजते हुए जीआरपी थाना पहुंचे। इसके बाद उक्त लड़की व लेडिज पर्स को दिखाया गया तो उन्होंने अपना बताया। तत्पश्चात नियमानुसार उक्त लड़की व समान सहित लेडिज पर्स को उर्मिला देवी पत्नी सतेन्द्र कुमार उपरोक्त को सुपुर्द किया गया । अपनी लड़की व समान सहित लेडिज पर्स सकुशल पा कर काफी भाउक एवं खुश हुये लड़की के परिजनों ने थाना जी0आर0पी0 गाजीपुर सिटी की भूरी-भूरी प्रसंसा की। इस दौरान का0 योगेन्द्र यादव, का0 शिवकुमार तिवारी, म0का0 सुमित्रा पटेल मौजूद रहे।

जीआरपी पुलिस ने शराब के साथ युवक को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। जीआरपी थाना सिटी द्वारा शुक्रवार को एक लड़के के पास से देशी शराब पकड़ा गया। जिसमें 37 पीस ट्रेट्रा देशी शराब विन्डसर मात्रा प्रत्येक पाउच में 200 मिली था। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के कुशल निर्देशन मे रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनो मे अपराध नियंत्रण एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व अवैध शराब की तस्करी के रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सविरत्न गौतम के पर्यवेक्षण में जीआरपी थानाध्यक्ष सिटी न मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन सिटी के प्लेटफार्म नं0 01 के पूर्वी छोर पर बने लोको शेड के बगल मे बिजली के पोल के चबूतरा के पास से 01 अभियुक्त मनीष कुमार महतो पुत्र लालो महतो निवासी वार्ड नं0 04 मनियारपुर थाना वारिस नगर जिला समस्तीपुर राज्य बिहार उम्र 23 वर्ष को 37 अदद देशी शराब विन्डसर मात्रा प्रत्येक 200 मिली सहित गिरफ्तार किया गया ।

बरामदशुदा शराब के संबंध मे थाना स्थानीय पर मु0अ0स0 05/26 धारा 60(1) EX. ACT पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है । पूछताछ का विवरण- पूछने पर अभियुक्त ने कहा कि बिहार मे शराब बन्दी है ट्रेन से बिहार मे ले जाकर उँचे दामो पर बेच कर अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता हुँ। लेकिन आज आप लोगो द्वारा पकड़ लिया गया। पकड़े गए शराब की कीमत- कुल 2775 रूपए है। अभियुक्त के अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है । गिरफ्तार करने वाले टीम में थानाध्यक्ष पवन कुमार, कांस्टेबल शिव कुमार तिवारी और का. शैलेन्द्र कुमार यादव शामिल रहे।

ई रिक्शा चालक के पैर के नीचे फटा बम, हुआ घायल

गाजीपुर। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह उस वक्त एक धमाका हो गया जब बांद्रा ट्रेन आने वाली थी। ट्रेन के यात्रियों के लिए टेंपो और ई रिक्शा चालक रेलवे स्टेशन गेट के पास अपने-अपने वाहन लेकर पहुंच गए थे और अपने-अपने वाहनों की सफाई करने में लगे हुए थे। इसी दौरान एक ई रिक्शा चालक अपने ई रिक्शा का सफाई करने के बाद खड़ा हुआ। जैसे ही उसने अपना एक पैर आगे बढ़ाया तभी एक धमाका हुआ और पूरा धुआं धुआं हो गया। लोगों को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या है और जब धूआ खत्म हुआ तब उस ई रिक्शा चालक के पैरों में गंभीर चोटें लग चुकी थी। इसके बाद आनन फानन में घायल ई रिक्शा चालक के साथी मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।

वहीं इस धमाके की जानकारी होने पर जीआरपी के साथ ही यूपी पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और पूरी जानकारी लेने के बाद जब रेलवे स्टेशन पहुंचकर जांच किया तो पता चला कि कुछ अराजक तत्वों ने वहां पर पटाखा फेंका हुआ था और इस एक पटाखे के ऊपर रिक्शा चालक का पैर पड़ गया था और वह तेज धमाके के साथ फट गया था जिससे यह घटना हुई है। इस दौरान सीओ सिटी शेखर सिंगर, सदर कोतवाल महेंद्र सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।