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जीआरपी पुलिस ने शराब के साथ किया गिरफ्तार

गाजीपुर। जीआरपी थाना पुलिस सिटी द्वारा अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के पास से 25 अदद अवैध देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली बरामद किया गया। अवैध शराब की तस्करी के रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के तहत जीआरपी थानाध्यक्ष सिटी ने  मुखबिर की सूचना पर रविवार की शाम को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 01 से अभियुक्त विनोद सदा पुत्र शंभु सदा निवासी शेर पोस्ट शेर विजुलिया थाना वहेरी जिला दरभंगा राज्य बिहार उम्र 40 वर्ष को 25 अदद देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली सहित गिरफ्तार किया। बरामदशुदा शराब के संबंध मे थाना जीआरपी पर मु0अ0स0 07/26 धारा 60(1) EX. ACT पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।  गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ करने पर बताया कि बिहार मे शराब बन्दी है। यह शराब ट्रेन से बिहार मे ले जाकर उँचे दामो पर बेच कर अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता हुँ लेकिन आप लोगो द्वारा आज पकड़ लिया गया।गिरफ्तार करने वाले जीआरपी पुलिस टीम में थानाध्यक्ष पवन कुमार, उ0नि0 सच्चिदानन्द यादव, हे0का0 नूर आलम व हे0का0 धर्मेन्द्र कुमार यादव शामिल रहे।

                                                           

                                                

                          

अंतरराज्यीय साइबर गिरफ्तार, 67 करोड़ के फ्रॉड का पर्दाफाश

साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 67 करोड़ के लेनदेन का मामला आया सामने

गाजीपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 3 अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार

67 करोड़ की साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, 700 से ज्यादा फर्जी खाते का इस्तेमाल

“Crown Pay” गैंग का भंडाफोड़, टेलीग्राम के जरिए चल रहा था ठगी का नेटवर्क

म्यूल खातों से करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को दबोचा

गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

गाजीपुर। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल पुलिस टीम ने देशभर में फर्जी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह टेलीग्राम पर चल रही एक कथित कंपनी “Crown Pay” से जुड़ा हुआ था। शनिवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे मंगवाते थे। इसके बाद ये रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की जांच में देशभर में 25 राज्यो में दर्ज 75 से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास 700 से ज्यादा म्यूल खाते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि इन 75 खातों कि अगर जांच किया जाए तो इनके घोटाले का मामला और लंबी हो सकती है और यह सभी लोग इन फ्रॉड किए गए पैसों को डॉलर और क्रिप्टो ई में कन्वर्ट कर पैसे को अन्य खातों या फिर विदेश तक भेजा करते थे।

पुलिस ने ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य जुटाकर यह कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान, निरीक्षक सुरेश कुमार यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी रोहित मिश्र, उप निरीक्षक सुमित बालियान सर्विलांस, उप निरीक्षक विवेक कुमार पाठक साइबर सेल सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।

हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास

हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास
गाजीपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय अली रजा की अदालत ने सदोष मानव वध के प्रकरण आज शनिवार को दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी। जिसकी जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा सिराजुददीन अंसारी ग्राम सिंहानी थाना दिलदारनगर मंे अपने तहरीर में बताया कि बालू रखने के विवाद को लेकर मेरे भाई सरफुददीन को कलामुददीन और फारूख ने गाली गुप्ता देते हुए लाठी डन्डा से मारकर घायल कर दिया जिससे सरफुददीन के सिर पर शरीर पर काफी चोट आायी है। दिलदारनगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए धारा 323, 504 आईपीसी मेे 5 जून 2012 की घटना का एनसीआर दर्ज किया गया। सरफददीन को इलाज के लिए बीएचयू ले जाते समय रास्ते मे मृत्यु हो गया, मामले में धारा 304 आईपीसी की ब़ढोत्तरी कर विवेचना प्रारम्भ की गयी, आरोप पत्र 10 जुलाई 2012 को न्यायालय में पेश किया गया। जिसपर न्यायालय एडीजे तृतीय अली रजा के न्यायालय के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश ंिसह ने कुल नौ गवाहो को परीक्षित कराया। साक्ष्योपरान्त न्यायालय ने गुणदोष का परीक्षण करके अभियुक्त कलामुददीन व फारूख जो आपस में पिता पुत्र है। प्रत्येक को 323/34 आईपीसी में एक वर्ष कठोर कारावास तथा एक हजार जुर्माना व 504 आईपीसी में दो वर्ष का कठोर कारावास तथा दो हजार रूपये का जुर्माना, 304/34 मंे दस वर्ष का कठोर कारावास तथा दस हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया और जुर्माना की आधी धनराशि मृतक की पत्नी खैरूनीशा को देने का आदेश दिया गया।

लड़की और गहनों को जीआरपी पुलिस ने परिजनों को सौंपा

गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग गोरखपुर, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया के निर्देशन में तथा हेल्पलाइन नं0 139 से प्राप्त सुचना के आधार पर जीआरपी थानाध्यक्ष पवन कुमार ने अपने पुलिस कर्मियों के साथ मंगलवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठी एक संदिग्ध लड़की को देखा। लड़की से पुछताछ किया गया तो बताया की मेरा नाम सोनम बिन्द पुत्री सत्येन्द्र कुमार है ग्राम डुमरी थाना बासडीह जिला बलिया की रहने वाली हूँ । मेरे माता जी के डाटने के वजह से नाराज होकर घर से भागकर रेलवे स्टेशन बलिया से कामायनी एक्स0 से जा रहीं थी। उसके बाद उक्त लड़की के हाथ में लिए लेडिज पर्स को चेक किया गया तो उसमें 05 जोड़े पायल सफेद धातु, 02 जोड़े बिछिया सफेद धातु , एक नथिया बेसर पीली धातु , 04 जोड़े कान का झाला पीली धातु, 02 नाक कि कील पीली धातु, 01 सिकड़ी पीली धातु, 02 जोड़े जौ पीली धातु , माथे का टिका पीली धातु और 17 रुपये मात्र मिला। जिसके बाद लड़की को जीआरपी थाना लाया गया।

कुछ ही देर बाद उर्मिला देवी पत्नी सतेन्द्र कुमार निवासी ग्राम डुमरी थाना बासडीह जिला बलिया मो0 7392856757 अपनी लड़की को खोजते हुए जीआरपी थाना पहुंचे। इसके बाद उक्त लड़की व लेडिज पर्स को दिखाया गया तो उन्होंने अपना बताया। तत्पश्चात नियमानुसार उक्त लड़की व समान सहित लेडिज पर्स को उर्मिला देवी पत्नी सतेन्द्र कुमार उपरोक्त को सुपुर्द किया गया । अपनी लड़की व समान सहित लेडिज पर्स सकुशल पा कर काफी भाउक एवं खुश हुये लड़की के परिजनों ने थाना जी0आर0पी0 गाजीपुर सिटी की भूरी-भूरी प्रसंसा की। इस दौरान का0 योगेन्द्र यादव, का0 शिवकुमार तिवारी, म0का0 सुमित्रा पटेल मौजूद रहे।

जीआरपी पुलिस ने शराब के साथ युवक को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। जीआरपी थाना सिटी द्वारा शुक्रवार को एक लड़के के पास से देशी शराब पकड़ा गया। जिसमें 37 पीस ट्रेट्रा देशी शराब विन्डसर मात्रा प्रत्येक पाउच में 200 मिली था। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के कुशल निर्देशन मे रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया एवं ट्रेनो मे अपराध नियंत्रण एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व अवैध शराब की तस्करी के रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सविरत्न गौतम के पर्यवेक्षण में जीआरपी थानाध्यक्ष सिटी न मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन सिटी के प्लेटफार्म नं0 01 के पूर्वी छोर पर बने लोको शेड के बगल मे बिजली के पोल के चबूतरा के पास से 01 अभियुक्त मनीष कुमार महतो पुत्र लालो महतो निवासी वार्ड नं0 04 मनियारपुर थाना वारिस नगर जिला समस्तीपुर राज्य बिहार उम्र 23 वर्ष को 37 अदद देशी शराब विन्डसर मात्रा प्रत्येक 200 मिली सहित गिरफ्तार किया गया ।

बरामदशुदा शराब के संबंध मे थाना स्थानीय पर मु0अ0स0 05/26 धारा 60(1) EX. ACT पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है । पूछताछ का विवरण- पूछने पर अभियुक्त ने कहा कि बिहार मे शराब बन्दी है ट्रेन से बिहार मे ले जाकर उँचे दामो पर बेच कर अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता हुँ। लेकिन आज आप लोगो द्वारा पकड़ लिया गया। पकड़े गए शराब की कीमत- कुल 2775 रूपए है। अभियुक्त के अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है । गिरफ्तार करने वाले टीम में थानाध्यक्ष पवन कुमार, कांस्टेबल शिव कुमार तिवारी और का. शैलेन्द्र कुमार यादव शामिल रहे।

ई रिक्शा चालक के पैर के नीचे फटा बम, हुआ घायल

गाजीपुर। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह उस वक्त एक धमाका हो गया जब बांद्रा ट्रेन आने वाली थी। ट्रेन के यात्रियों के लिए टेंपो और ई रिक्शा चालक रेलवे स्टेशन गेट के पास अपने-अपने वाहन लेकर पहुंच गए थे और अपने-अपने वाहनों की सफाई करने में लगे हुए थे। इसी दौरान एक ई रिक्शा चालक अपने ई रिक्शा का सफाई करने के बाद खड़ा हुआ। जैसे ही उसने अपना एक पैर आगे बढ़ाया तभी एक धमाका हुआ और पूरा धुआं धुआं हो गया। लोगों को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या है और जब धूआ खत्म हुआ तब उस ई रिक्शा चालक के पैरों में गंभीर चोटें लग चुकी थी। इसके बाद आनन फानन में घायल ई रिक्शा चालक के साथी मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।

वहीं इस धमाके की जानकारी होने पर जीआरपी के साथ ही यूपी पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और पूरी जानकारी लेने के बाद जब रेलवे स्टेशन पहुंचकर जांच किया तो पता चला कि कुछ अराजक तत्वों ने वहां पर पटाखा फेंका हुआ था और इस एक पटाखे के ऊपर रिक्शा चालक का पैर पड़ गया था और वह तेज धमाके के साथ फट गया था जिससे यह घटना हुई है। इस दौरान सीओ सिटी शेखर सिंगर, सदर कोतवाल महेंद्र सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

यूपी बोर्ड के परीक्षा में पकड़ा गया मुन्ना भाई

गाजीपुर। पैसे के लिए विद्यालय के जिम्मेदार प्रबंधक और प्रिंसिपल कैसे कानून व्यवस्था को तार तार कर डालते हैं इसकी पोल एसटीएफ ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में उस वक्त खोल दिया जब दूसरे परीक्षार्थी की जगह पर एक परीक्षार्थी को परीक्षा देते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि पकड़े गए मुन्ना भाई को मोटी रकम लेकर विद्यालय के प्रिंसिपल के द्वारा बगैर बायोमेट्रिक जांच के ही परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंचा दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले भी दो दिन इसी छात्र के द्वारा दूसरे छात्र का परीक्षा दिया गया था। पूरा मामला यूपी बोर्ड के द्वारा संचालित हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का है जिसको लेकर जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा पूरी तैयारी करने का दावा किया गया था। इतना ही नहीं परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या फिर प्रॉक्सी छात्रों का एंट्री ना हो इसके लिए भी विद्यालय के प्रबंधकों प्रधानाचार्ययों और शिक्षकों के साथ जिलाधिकारी ने बैठक कर सबको कड़े निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले में जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश को ताक पर रखकर सोमवार को अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए सालवर विद्यालय के अंदर पहुंच गया और परीक्षा भी दे रहा था। इस बात की जानकारी वाराणसी एसटीएफ की टीम को हो चुकी थी और एसटीएफ की टीम ने अचानक से दुल्लहपुर के बहलोलपुर गांव में चलने वाले भगेलु दास इंटर कॉलेज पर छापेमारी किया। छापेमारी में शिवम नाम का युवक दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। एसटीएफ ने जब जांच किया तो पता चला कि विद्यालय में बगैर बायोमेट्रिक एंट्री के छात्र को विद्यालय में एंट्री दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले के भी दो विषयों में वह परीक्षा दे चुका था। STF अपने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि साल्वर शिवम यादव और प्रधानाचार्य विंध्याचल यादव के पास से दो मोबाइल एक आधार कार्ड एक ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका बरामद हुई है। यही नहीं एक हाई स्कूल अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र एक प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ है। साल्वर के गिरफ्तार होने के बाद टीम परीक्षा केंद्र को लेकर सक्रिय हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़ा गया युवक अपने परिवार के ही किसी सदस्य के नाम पर परीक्षा दे रहा था। इस तरह के मामले अब सामने आने के बाद अब आगामी परीक्षाओं के लिए कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं और सभी कक्ष निरीक्षकों और ड्यूटी में लगे हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि आगे से इस तरह का कोई भी मामला आता है तो उन्हें परीक्षा देने से वंचित न किया जाए बल्कि परीक्षा के उपरांत इनकी जांच किया जाए और जांच में कोई भी कमी पाए जाने पर ऊपर के अधिकारियों को जानकारी देते हुए करवाई किया जाए। बता दे की जनपद का दुल्लहपुर जखनिया इलाका नकल करने के साथ ही साथ फर्जी छात्रों के माध्यम से दूसरों की परीक्षा संपन्न कराए जाने के भी मामले आते रहे हैं। अभी पिछले साल भी इसी इलाके से भारी मात्रा में नकल की सामग्री के साथ मुन्ना भाई भी पकड़े गए थे जिस पर पुलिस ने परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई किया था। इन्हीं सब को देखते हुए परीक्षा से पूर्व जिलाधिकारी बैठक कर खड़े निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके इस तरह का मामला सामने आया है।

लड़की ने अपने भाई के साथ मिलकर की थी मनोहर की हत्या

कॉलेज के सहपाठी से लिया था पैसे उधार और फिर वापस करने के नाम पर आनाकानी करने और महिला सहपाठी के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से करने लगा था परेशान

पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का मुकदमा, पुलिस ने जब जांच किया और गंगा नदी में सर्च कराया तब लापता युवक का मिला शव

गाजीपुर। सदर कोतवाली इलाके के बारह बंगला के रहने वाले मनोहर सिंह यादव जो जिले के ही एक महाविद्यालय में कर्मचारी था। 11 फरवरी को अचानक से वह गायब हो गया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने मनोहर के अपहरण को लेकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब इस मामले में तफ्तीश करना शुरू किया तो इसमें मामला पुरानी दोस्ती में पैसे का लेनदेन और फिर पैसे को वापस न करने और पैसा लेने वाले युवक मनोहर ने अपने ही महिला सहपाठी जिसने पैसा दिया था उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना आरंभ कर दिया, जिससे परेशान होकर महिला सहपाठी और उसके भाई ने कड़ा कदम उठाते हुए पहले उसका गला घोटा और फिर उसे गंगा नदी में फेंक दिया था। जिसे गोताखोरों की मदद से शव मिलने के बाद मामला का खुलासा हुआ। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा इस मामले का खुलासा किया गया। पुलिस के चंगुल में युवक परीक्षित सिंह और उसकी बहन जो सुहवल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। मृतक मनोहर अपनी कॉलेज के दिनों की सहपाठी से करीब 1 साल पहले ढाई लाख रूपए उधार लिए थे और उसे पैसे को वापस नहीं कर रहा था। उसकी सहपाठी मऊ जनपद में एसबीआई बैंक में कर्मचारी थी और इसी बात को लेकर दोनों मनोहर और महिला में काफी विवाद हुआ करता था। मनोहर बार-बार महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान भी किया करता था जिससे महिला काफी परेशान रहती थी और उसकी परेशानी को देखकर उसके भाई ने उसे सच्चाई जानने का प्रयास किया तो महिला ने पहले तो बताने से इनकार किया लेकिन बाद में उसने बताया कि मनोहर ने उसे ढाई लाख रूपए उधार लिए हैं और मांगने पर पैसा भी वापस नहीं कर रहा है और हमारी इज्जत के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है और बदनाम करने की धमकी दे रहा है। उसने यह भी बताया कि मनोहर का कई अन्य लड़कियों से भी संबंध है जिससे उसकी बातचीत होती रहती है। उसके बाद युवक ने अपनी बहन से कहा कि अब तुम परेशान ना हो अब आगे जब भी तुम्हें मनोहर मिलने के लिए बुलाए तो मुझे बताना। फिर मनोहर ने महिला को फोन किया और मिलने के लिए गाजीपुर के रौज़ा इलाके में बुलाया। इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को दिया। महिला और मनोहर दोनों गाजीपुर के गंगा नदी पर बने रेलवे पुल के नीचे जो सुहवल थाना क्षेत्र में आता है वहां पहुंचे। वहां पर पैसे के वापसी को लेकर बात होने लगी लेकिन मनोहर दोनों भाई-बहन को ही दोषी बताने लगा और यह भी कहा कि पैसा वापस नहीं करूंगा और तुम्हारी बहन की बदनामी होगी मेरा कुछ नहीं होने वाला। इन्हीं बातों से गुस्से में आकर दोनों भाई-बहन ने उसके स्कोर्फ़ से गला दबाकर मार डाला और फिर गंगा नदी में फेंक दिया। उसकी मोटरसाइकिल पर गंगा घाट पर से ही मिट्टी लगाकर उसकी बाइक को हमिद सेतु पर लाकर छोड़ दिया था ताकि लोगों को यह समझ में आए कि उसने किसी कारण से गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या कर लिया है। वहीं परिवार के द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद जब इस मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सर्च करना शुरू किया तब मामला कुछ और ही निकला। उसके बाद इस मामले में दोनों भाई-बहन संदिग्ध पाए गए। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ आरंभ किया तो महिला ने कई बार अपने बयान बदले और जब एक दिन पूर्व मनोहर का शव गंगा नदी में मिला तब पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ किया तब यह मामला पूरी तरह से सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। तब जाकर गला दबाकर मारने का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया। उसके बाद आज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों भाई-बहन को जेल भेज दिया।

लखनऊ-काशी समेत कई कोर्ट को उड़ाने की धमकी, जिले में हुई कोर्ट की जांच

गाजीपुर। वाराणसी में एक सरकारी ईमेल के जरिए बनारस सहित प्रदेश के कई जनपदों के कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दिया गया। वाराणसी समेत कुल 18 कचहरियों में ब्लास्ट की धमकी में अयोध्या, मथुरा, प्रायगराज सहित कई शहर हैं। वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल जिला जज को मिला है।

इस धमकी के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और उसके बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसी को लेकर गाजीपुर में भी कोर्ट सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस के साथ ही अन्य पुलिसकर्मी के लोग शुक्रवार को कोर्ट की सुरक्षा को जांच करने के लिए कोर्ट पर पहुंचे और सभी लोगों ने गहनता से पूरे कोर्ट परिसर की जांच किया।

साथ ही आने-जाने वाले लोगों के साथ ही आए हुए वादकारियों के द्वारा अपने साथ ले गए सामानों की भी खोलकर गहनता से जांच किया। इसको लेकर क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि कोर्ट परिसर के नियमित जांच कराई जाती है। उसी क्रम में आज की भी जांच है लेकिन जिस हिसाब से आज वाराणसी कोर्ट सहित अन्य कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई अगर उसको देखा जाए तो आज की कोर्ट परिसर की जांच काफी आम हो गई है।

पिता, भाई और भाभी को आजीवन कारावास

रमजान माह में जघन्य हत्या पर पिता व भाई, भाभी को आजीवन कारावास
गाजीपुर। औरंगजेब के इतिहास पर नजर डाले तो जहा उसने अपने पिता शंहनशाह शाहजहां का तख्तापलट कर उन्हे कैद खाने मे डाल बंदी बना लिया व शहंनशाह के तख्त को हथिया कर अपने कु्ररता के नये नये खिताब कायम किये। ऐसे ही वाकया मंे पिता व भाईयो ने सम्पत्ति विवाद में अपने सगे भाई की रमजान पाक माह में सहरी के वक्त अमजद खां की कु्ररता व दरिंदगी के साथ निमर्म हत्या कर दी। अपने शौहर की हत्या की खबर सुन शहनाज अख्तर ने अपने पिता को लेकर दिलदारनगर स्थित अपने घर पहंुची। मृतक के परिजन घर छोड़ फरार थे, जो घटना को आत्महत्या करार दे रहे थे। घटना से परेशान तीन बच्चो की मां शहनाज ने अपने पति के हत्या की तहरीर घटना वाले दिन 8 अप्रैल 2023 को थाना दिलदारनगर मे दी और तहरीर के माध्यम से बताया कि रमजान माह में सुबह 4 बजे पति अमजद खांन की हत्या सम्पत्ति के विवाद में मृतक के पिता एनामुददीन खां व मृतक के भाई नौशाद खां, इरफान खा, मृतक की भाभी मेहरून नीशा पत्नी नौशाद सभी ने मिलकर मेरे पति की गला रेत कर जघन्य हत्या कर दी। थाना दिलदारनगर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के उपरान्त आरोप पत्र न्यायालय में पेश की गयी जिसमें सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश धमेन्द्र पाण्डेय की अदालत ने शनिवार को हत्या मे शामिल अभियुक्तो को आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनायी।

अभियोजन के जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने बताया कि इस घटना से संबंधित सभी 7 गवाह परिक्षित कराये गये। हत्या की घटना को आत्महत्या बताने के लिए गवाहो पर नाजायज दबाब बनाने का प्रयास किया गया था और विद्वान जनपद न्यायधीश ने गुण दोष व कु्ररतम हत्या के आधार पर चारो अभियुक्तो को आजीवन कारावास व 20, 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।