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साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को राहत, साइबर सेल ने लौटाए 5.57 लाख रुपये

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को गाजीपुर साइबर सेल ने दिलाई राहत, 5.57 लाख रुपये कराए वापस

बैंकों और डिजिटल पेमेंट संस्थानों से समन्वय कर ठगी की रकम कराई होल्ड, विधिक प्रक्रिया के बाद पीड़ितों के खातों में लौटाई धनराशि

गाजीपुर। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों, एटीएम/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गाजीपुर साइबर सेल ने 92 पीड़ितों को राहत दिलाते हुए कुल 5 लाख 57 हजार 44 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराकर वापस उनके बैंक खातों में पहुंचाई है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी साइबर के मार्गदर्शन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल को गृह मंत्रालय के अधीन I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के MRM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर सेल की टीम ने शिकायतें प्राप्त होते ही संबंधित बैंकों, डिजिटल पेमेंट गेटवे और अन्य वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों से समन्वय स्थापित किया। साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर की गई धनराशि को समय रहते होल्ड और लीन कराया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर कुल 5,57,044 रुपये की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई गई।

92 पीड़ितों को मिली राहत

साइबर सेल की इस कार्रवाई से जनपद के 92 आवेदक/पीड़ित लाभान्वित हुए। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत धनराशि को सुरक्षित कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस की अपील

गाजीपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer अथवा अन्य स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचें।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, ठगी की घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर सेल की टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक विवेक पाठक (प्रभारी, साइबर क्राइम सेल), आरक्षी शिवम सिंह, आरक्षी शुभम सिंह एवं आरक्षी प्रेमशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विनीत राय हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, पकड़ा गया बाल अपचारी

विनीत राय हत्याकांड में पुलिस की एक और बड़ी कार्रवाई, बाल अपचारी पुलिस गिरफ्त में

गाजीपुर। बिंदू होटल के मालिक के पुत्र विनीत राय हत्याकांड की जांच में कोतवाली पुलिस ने एक और अहम कार्रवाई की है। पुलिस ने हत्याकांड से जुड़े एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। उसकी गिरफ्तारी/अभिरक्षा के बाद मामले की जांच में नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए बाल अपचारी को मैरी सिटी स्कूल, बद्रीचंद के पोखरा के पास से बुधवार को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। कार्रवाई कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। जिसमें कोतवाली प्रभारी, उपनिरीक्षक शिवाकांत मिश्रा के साथ अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।

बताया जा रहा है कि विनीत राय हत्याकांड को लेकर पुलिस लगातार आरोपियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ और आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे और खुलासे होने की उम्मीद है।

बिजली चोरी पर सख्ती, दर्जनों बाईपास कनेक्शन पकड़े गए

टाउनहाल-सराय गली में बिजली चोरी पर सख्ती, दर्जनों बाईपास कनेक्शन पकड़े

गाजीपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्युत विभाग ने नगर क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। टाउनहाल और सराय गली में अधिशाषी अभियंता नगर गोपाल सिंह एवं नायब तहसीलदार पवन उपाध्याय के नेतृत्व में हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कई घरों और दुकानों में मीटर बाईपास कर सीधे बिजली का उपभोग किए जाने के मामले पकड़े गए। टीम ने बाईपास केबल काटकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कराया।



विद्युत उपकेंद्र पीरनगर से निकलने वाला टाउनहाल फीडर लंबे समय से हाई लाइन लॉस फीडर की श्रेणी में है। लगातार बढ़ रहे लाइन लॉस को देखते हुए नगर एक्सईएन गोपाल सिंह ने जिलाधिकारी की अनुमति से विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न परिसरों में विद्युत मीटरों की जांच की गई, जिसमें मीटर बाईपास कर बिजली का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए।



मोहम्मदाबाद नगर में भी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

वहीं, मोहम्मदाबाद नगर में भी विद्युत चोरी के खिलाफ अभियान चलाया गया। यहां बिजली चोरी के आरोप में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जबकि आठ बड़े बकायेदारों के कनेक्शन पोल से डिस्कनेक्ट कर दिए गए।



अभियान के दौरान विद्युत चोरी के मामले सामने आने पर एक्सईएन ने संबंधित अधिकारियों को नगर क्षेत्र में तीन और मोहम्मदाबाद में चार, कुल सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदारों ने शटर गिरा दिए, जबकि कुछ लोग अपने परिसरों में ताला लगाकर मौके से चले गए।



विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टाउनहाल फीडर रेड जोन में शामिल है और यहां लाइन लॉस काफी अधिक है। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी के कारण राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और चोरी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



चेकिंग अभियान में नगर एसडीओ मुन्नीलाल गुप्ता, अवर अभियंता मनोज सिंह समेत विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि बिजली का उपयोग केवल वैध कनेक्शन और निर्धारित नियमों के तहत ही करें। बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इनामी बदमाश मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

किडनैपिंग केस का 25 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

गाजीपुर। जिले में पुलिस और बदमाश के बीच रविवार की देर रात मुठभेड़ हो गई। मोहम्मदाबाद के चर्चित किडनैपिंग केस में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश विजयी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश को उपचार के लिए सीएचसी मोहम्मदाबाद में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, मोहम्मदाबाद और नोनहरा थाने की संयुक्त टीम देर रात गौसपुर हवाई पट्टी के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान तिवारीपुर मोड़ की तरफ से बाइक सवार दो युवक आते दिखाई दिए।

पुलिस टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों बाइक लेकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया और गौसपुर हवाई पट्टी के पास उन्हें घेर लिया। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश विजयी पुत्र छोटेलाल, निवासी बढ़ईपुरा, मोहम्मदाबाद के दाहिने पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और अपाचे बाइक बरामद की गई है।

वहीं, मुठभेड़ के दौरान बदमाश का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार विजयी मोहम्मदाबाद के चर्चित किडनैपिंग मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक मोहम्मदाबाद विजय प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष नोनहरा विवेक कुमार तिवारी के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने की। पुलिस ने मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मानकों के विरुद्ध चल रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ हुई कार्रवाई

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 01 से 15 जुलाई 2026 तक स्कूली वाहनों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ फ्यूचर” के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई की। अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहनों में निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू कराना है। आज की कार्रवाई:अभियान के दूसरे चरण के तहत आज 08 जुलाई को थाना कोतवाली के महराजगंज, थाना नंदगंज एवं थाना जंगीपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग की गई। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 08 स्कूली वाहन सीज किए गए तथा 40 वाहनों का चालान किया गया। इस सम्बंध में एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।यातायात निरीक्षक बलेन्द्र कुमार ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि उनके वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि अभियान का पहला चरण 1 से 7 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम एवं नोटिस जारी कर संचालित किया गया था। दूसरा चरण 8 से 15 जुलाई तक चलाया जा रहा है।

बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़, हुआ गिरफ्तार

गाजीपुर। गहमर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे एक शातिर अंतरराज्यीय असलहा तस्कर व लुटेरे को पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लग गई, जबकि उसके साथी को पीछा कर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी और उपनिरीक्षक रोहित कुमार द्विवेदी अपनी टीम के साथ भटपुरवा मारूफ की बाग-बारा रेवतीपुर मार्ग पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। बाइक फिसलकर गिरने के बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ सिंह (20) वर्ष निवासी गहमर पट्टी खेलूराय के बाएं पैर में गोली लग गई। उसके साथी मुकेश कुशवाहा (22) निवासी गहमर पट्टी सम्भल राय को भी कुछ दूरी पर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त के पास से एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस .315 बोर, बिना नंबर की काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल, 700 रुपये नकद, एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ।

चर्चित विनीत राय हत्याकांड:दो भाई गिरफ्तार

गाजीपुर। जनपद के चर्चित विनीत राय हत्याकांड जो 29 मई को हुई थी । पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपी एक लाख रुपये के इनामी बदमाश शंकर पांडे के सगे भाई बताए जा रहे हैं। इस गिरफ्तारी को पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंदू होटल के मालिक के पुत्र विनीत राय की हत्या के संबंध में दर्ज मुकदमा संख्या 365/2026 (धारा 103(1), 191(2), 3(5), 61(2) बीएनएस) में प्रकाश में आए दोनों आरोपियों को सोमवार को कोतवाली प्रभारी और उपनिरीक्षक शिवकांत मिश्रा द्वारा गाजीपुर घाट रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित पांडे (23 वर्ष) और सत्यप्रकाश पांडे उर्फ मुनि (20 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों गौसाबाद, थाना कोतवाली के निवासी हैं तथा रविशंकर पांडे उर्फ रवि शेखर पांडे के पुत्र हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक लाख रुपये के इनामी शंकर पांडे के सगे भाई हैं।

गौरतलब है कि विनीत राय हत्याकांड के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। अब उनसे पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश, घटना में अन्य लोगों की भूमिका तथा पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी ऐसे परिवार से जुड़े हैं, जिसका नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। उनके भाई शंकर पांडे पर पुलिस द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। ऐसे में इस गिरफ्तारी को पुलिस की अपराधियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना को आगे बढ़ाते हुए अन्य संभावित आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

विनीत राय हत्याकांड में हुआ गिरफ्तार

विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी के पिता गिरफ्तार
हत्या की साजिश में नाम आने के बाद रेलवे स्टेशन से दबोचा, एनडीपीएस एक्ट में 15 साल की सजा काट चुका है आरोपी

गाजीपुर। बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के मामले में प्रकाश में आए आरोपी रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मुख्य अभियुक्त शंकर पाण्डेय का पिता है और उसका आपराधिक इतिहास भी गंभीर रहा है।

पुलिस के मुताबिक, 29 मई 2026 को अष्टभुजी कॉलोनी, गोड़ा शहरी निवासी विनीत राय की हत्या के मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या-0365/2026 धारा 103(1), 191(2), 3(5) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान हत्या की साजिश में रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह और उनकी टीम ने गुरुवार को गाजीपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर से रविशंकर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, रविशंकर उर्फ रविशेखर पाण्डेय पश्चिम बंगाल की दमदम जेल में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में 15 वर्ष की सजा काट चुका है। वह जनवरी 2024 में जेल से रिहा हुआ था। ऐसे में विनीत राय हत्याकांड में उसकी गिरफ्तारी ने पूरे प्रकरण को और अधिक गंभीर बना दिया है।
विनीत राय हत्याकांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि पुलिस अब केवल वारदात के निष्पादकों ही नहीं, बल्कि हत्या की साजिश रचने वाले हर किरदार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

जीआरपी पुलिस ने शराब के साथ किया गिरफ्तार

गाजीपुर। जीआरपी थाना पुलिस सिटी द्वारा अवैध शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के पास से 25 अदद अवैध देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली बरामद किया गया। अवैध शराब की तस्करी के रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के तहत जीआरपी थानाध्यक्ष सिटी ने  मुखबिर की सूचना पर रविवार की शाम को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 01 से अभियुक्त विनोद सदा पुत्र शंभु सदा निवासी शेर पोस्ट शेर विजुलिया थाना वहेरी जिला दरभंगा राज्य बिहार उम्र 40 वर्ष को 25 अदद देशी शराब बन्टी जीरा मसाला मात्रा प्रत्येक 200 मिली सहित गिरफ्तार किया। बरामदशुदा शराब के संबंध मे थाना जीआरपी पर मु0अ0स0 07/26 धारा 60(1) EX. ACT पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।  गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ करने पर बताया कि बिहार मे शराब बन्दी है। यह शराब ट्रेन से बिहार मे ले जाकर उँचे दामो पर बेच कर अपना व अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता हुँ लेकिन आप लोगो द्वारा आज पकड़ लिया गया।गिरफ्तार करने वाले जीआरपी पुलिस टीम में थानाध्यक्ष पवन कुमार, उ0नि0 सच्चिदानन्द यादव, हे0का0 नूर आलम व हे0का0 धर्मेन्द्र कुमार यादव शामिल रहे।

                                                           

                                                

                          

अंतरराज्यीय साइबर गिरफ्तार, 67 करोड़ के फ्रॉड का पर्दाफाश

साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 67 करोड़ के लेनदेन का मामला आया सामने

गाजीपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 3 अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार

67 करोड़ की साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, 700 से ज्यादा फर्जी खाते का इस्तेमाल

“Crown Pay” गैंग का भंडाफोड़, टेलीग्राम के जरिए चल रहा था ठगी का नेटवर्क

म्यूल खातों से करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को दबोचा

गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

गाजीपुर। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल पुलिस टीम ने देशभर में फर्जी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह टेलीग्राम पर चल रही एक कथित कंपनी “Crown Pay” से जुड़ा हुआ था। शनिवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे मंगवाते थे। इसके बाद ये रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की जांच में देशभर में 25 राज्यो में दर्ज 75 से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास 700 से ज्यादा म्यूल खाते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि इन 75 खातों कि अगर जांच किया जाए तो इनके घोटाले का मामला और लंबी हो सकती है और यह सभी लोग इन फ्रॉड किए गए पैसों को डॉलर और क्रिप्टो ई में कन्वर्ट कर पैसे को अन्य खातों या फिर विदेश तक भेजा करते थे।

पुलिस ने ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य जुटाकर यह कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान, निरीक्षक सुरेश कुमार यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी रोहित मिश्र, उप निरीक्षक सुमित बालियान सर्विलांस, उप निरीक्षक विवेक कुमार पाठक साइबर सेल सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।