साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 67 करोड़ के लेनदेन का मामला आया सामने
गाजीपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 3 अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार
67 करोड़ की साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, 700 से ज्यादा फर्जी खाते का इस्तेमाल
“Crown Pay” गैंग का भंडाफोड़, टेलीग्राम के जरिए चल रहा था ठगी का नेटवर्क
म्यूल खातों से करोड़ों की ठगी, पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को दबोचा
गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

गाजीपुर। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल पुलिस टीम ने देशभर में फर्जी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह टेलीग्राम पर चल रही एक कथित कंपनी “Crown Pay” से जुड़ा हुआ था। शनिवार को इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और उन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे मंगवाते थे। इसके बाद ये रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की जांच में देशभर में 25 राज्यो में दर्ज 75 से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास 700 से ज्यादा म्यूल खाते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि इन 75 खातों कि अगर जांच किया जाए तो इनके घोटाले का मामला और लंबी हो सकती है और यह सभी लोग इन फ्रॉड किए गए पैसों को डॉलर और क्रिप्टो ई में कन्वर्ट कर पैसे को अन्य खातों या फिर विदेश तक भेजा करते थे।

पुलिस ने ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य जुटाकर यह कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान, निरीक्षक सुरेश कुमार यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी रोहित मिश्र, उप निरीक्षक सुमित बालियान सर्विलांस, उप निरीक्षक विवेक कुमार पाठक साइबर सेल सहित अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।