गाजीपुर। श्रावण मास 14 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है। जिसमें प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु ( कावडिये ) गंगा घाट से जल भरकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। इस अवसर पर जगह – जगह पर शिवालयों पर मेले का आयोजन भी होता है, जिसमें काफी भीड़ – भाड़ होती है। इसके साथ ही 9 अगस्त को मुस्लिम सम्प्रदाय का प्रमुख पर्व मुहर्रम, 12 अगस्त को रक्षाबंधन, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 18 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जायेगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार के अवसर पर जगह – जगह भगवान श्रीकृष्ण की झाकिया सजाकर पूजा – अर्चना की जाती है। कहीं – कहीं पर मेले आदि का आयोजन भी होता है, जिसमें काफी भीड़- भाड़ होती है। मुहर्रम 31 जुलाई से प्रारम्भ होकर 9 अगस्त तक मनाया जायेगा। उपरोक्त त्यौहारों को सकुशल एवं शान्ति पूर्वक सम्पन्न कराने और कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत जनपद में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा लागू करना आवश्यक है। जिसको लेकर तात्काल प्रभाव से उक्त आदेश पारित किया जा रहा है। आदेश के किसी अंश का उल्लंघन भा०द०वि० की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। अतः मैं अरूण कुमार सिंह, अपर जिला मजिस्ट्रेट गाजीपुर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये उपरोक्त त्योहारों को शान्तिपूर्ण, भयमुक्त तथा निजी/लोक सम्पत्ति की हानि एवं दंगा, बलवा के निवारण के उद्देश्य से जनपद के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा जो 17 अप्रैल से 17 जुलाई तक के लिए निर्गत की गयी है, जिसको अवक्रमित करते हुए निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी कि जाती है। किसी सार्वजनिक स्थान पर पांच या पाच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे और न ही गैर कानूनी सभा करेंगे तथा न ही ऐसे स्थान पर प्रदर्शन व अनशन आदि का आयोजन करेंगे। कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे सम्प्रदाय के धार्मिक स्थल के समीप ऐसी कोई गतिविधि जारी नहीं रखेगा, जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे और शान्ति व्यवस्था प्रभावित हो। कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रकार का आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, विस्फोटक पदार्थ, तेजाब या लाठी एवं बल्लम आदि और आक्रमण होने वाले अस्त्र लेकर नहीं चलेगा और न कोई ऐसा अस्त्र, किसी सार्वजनिक स्थान पर एकत्र करेगा और न प्रदर्शित करेगा। ऐसे वृद्ध अथवा अपंग जो बिना छड़ी/लाठी के नहीं चल सकते हैं तथा जो सरकारी कर्मचारी ड्यूटी आदि पर तैनात होंगे, वे इस प्रतिबन्ध से मुक्त होंगे। कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह जुलूस या गिरोह बनाकर किसी सार्वजनिक वाहन या मार्ग पर सामान्य आवागमन में कोई अवरोध नहीं करेगा और न ही समूह या जुलूस बनाकर सार्वजनिक मार्गों पर चलने वाले वाहनों या अन्य सरकारी जन सम्पत्तियों की कोई तोड़ – फोड़ करेगा या न उन्हें अन्य प्रकार से हानि पहुंचायेगा। दो पहिया वाहनों पर एक साथ अधिकतम दो व्यक्ति ही चल सकेंगे। कोई भी व्यक्ति गलत खबरें या अफवाहें, जिससे शान्ति भंग होने की आशंका हो सकती है, नहीं फैलायेगा और न किसी प्रकार के ऐसी अफवाहों को किसी अन्य माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति के पास भेजेगा। कोई भी व्यक्ति अपने मकान के छत पर या सार्वजनिक स्थान पर ईंट, ककड़, पत्थर अथवा किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ एकत्र नहीं करेगा और न ही किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई ऐसा नारा लगायेगा और न ही कोई ऐसा भाषण करेगा और न कोई ऐसा पोस्टर लगायेगा जिससे विभिन्न सम्प्रदायों, धर्मों या वर्गों के बीच द्वेष की भावना फैले या शान्ति भंग होने की आशंका हो। कोई भी व्यक्ति/किसी भी समुदाय के द्वारा दूसरे समुदाय के विरूद्ध/विपरीत किसी प्रकार का कोई ऐसा कार्यक्रम नहीं आयोजित किया जायेगा, जिससे शान्ति व्यवस्था भंग होने की आशंका हो। श्रावण मास में शिव मंदिरों या अन्य मंदिरों में काफी भीड़ होती है।कोविड -19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए एक समय में 5 व्यक्ति से अधिक का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति डी०जे० लेकर न तो चलेगा और न ही डी०जे० का स्वामी किराये पर इसे देगा। उपरोक्त त्यौहारों के अवसर पर जनपद के समस्त ढाबे, जो सार्वजनिक मार्ग पर स्थित हैं, उन पर समस्त खाद्य सामग्रियों की रेट सूची न लगाना दण्डनीय होगा। मुहर्रम त्यौहार के दिन पशुओं ( सुअर ) का विचरण प्रतिबंधित रहेगा । उक्त आदेश धार्मिक जुलूसों एवं परम्परागत त्यौहार, शवयात्रा, परम्परागत तथा सार्वजनिक रास्ते से गुजरने वाले उक्त जुलूसों पर प्रभावी नहीं होगा। उक्त आदेश जनपद गाजीपुर सीमा क्षेत्र में 13 जुलाई से दो माह तक अथवा इसके पूर्व जब तक इस आदेश को वापस न ले लिया जाय, प्रभावी रहेगा। मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय की मुद्रा से मुद्रांकित होकर वर्ष 2022 की माह जुलाई की 12 तारीख को जारी किया गया।