छात्रों ने फूंक दिया कुलपति का पुतला

गाजीपुर। स्वामी सहजानंद के छात्रनेता अभिषेक गौण के नेतृत्व में छात्रनेताओं ने पीजी कॉलेज के धरनारत् छात्रों का समर्थन करते हुए स्वामी सहजानंद के मुख्य द्वार पर जौनपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निर्मला मौर्य का पुतला फूंक विरोध दर्ज कराया और मुर्दाबाद का नारे लगाए। छात्रों ने मांग किया कि अतिरिक्त शुल्क वापस करें। बता दें कि पीजी कॉलेज के छात्र नेता धरनारत् है वहीं अन्य महाविद्यालयों के छात्रों में रोष व्याप्त है। जिसको लेकर लगातार धरना को समर्थन में मिलने से जिला प्रशासन सहमा हुआ है। धरना स्थल के आस-पास दर्जनों की संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं। मालूम हो कि पीजी कॉलेज के छात्रसंघ भवन पर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय के नेतृत्व में छात्र नेताओं का पांचवें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी है। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जौनपुर विश्वविद्यालय खिलवाड़ कर रहा है और मनमाने फैसले लेकर छात्रों का शोषण कर रहा है। कहा कि छात्रों के धैर्य की परीक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन न ले, शीघ्र अतिशीघ्र अतिरिक्त शुल्क वापसी की मांग को पूर्ण करें नहीं तो छात्रनेता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन व जिला प्रशासन की होगी। धरना प्रदर्शन में नैतिक रूप से धरना स्थल पर आकर प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुशवाह, वरिष्ठ नेता फरहान अंसारी व छात्र संघ उपाध्यक्ष अतुल यादव ने समर्थन किया। कहा कि छात्रों कि मांग जायज है, विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी जिद छोड़ते हुए छात्रों की मांग पूर्ण करना चाहिए, यदि छात्रों की मांग कि अनदेखी कि गयी तो जन आंदोलन बनाकर छात्रों को न्याय दिलाने तक संघर्ष किया जाएगा। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में वरिष्ठ छात्र नेता समीर सिंह, दीपक उपाध्याय, प्रवीण कुमार पांडे, धनंजय सिंह कुशवाह, विनय सिंह, आकाश चौधरी, ओमप्रकाश यादव, अवनीश यादव, अभिषेक यादव रिशु, दुर्गेश यादव, मुकेश, अरुण कुमार, विवेक आर्या मोखन, राजेश भारती, धर्म देव भारती, विकास यादव बिट्टू, रविकांत यादव, जितेंद्र राय जीतू, किशन यादव, कमलेश यादव, रोशन सिंह, आकाश सिंह, रोहन यादव, विशाल दुबे, निखिल राज भारती, कुनाल मौर्य, दीपक कुमार, राजीव यादव रिशु, ओम दुबे, रणविजय प्रताप, सिकंदर भारती रोहन यादव, यादवेंद्र यादव व शैलेश यादव इत्यादि छात्र मौजूद थे।

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