स्पष्टीकरण मांगते हुए डीएम ने रोका वेतन


गाजीपुर। जिलाधिकारी एम पी  सिंह  की अध्यक्षता में  (37) बिन्दु मुख्यमंत्री की सर्वाेच्च प्राथमिकता, विकास कार्यक्रमो की समीक्षा बैठक बुधवार को जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के तीन विभाग जो अपने धीमी प्रगति एंव राज्य स्तर पर खराब रैकिंग के कारण जनपद की छवि को घूमिल कर रहे है। उनको फटकार लगाते हुए स्पष्टिकरण मांगा तथा वेतन काटने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने  चिकित्सा ,उद्यान एंव सहकारिता विभाग द्वारा धीमी प्रगति तथा प्रदेश स्तरीय रैकिंग में फिसड्डी रहने तथा बी श्रेणी से सी श्रेणी आने पर फटकार लगाते हुए जिलाधिकारी ने मुुख्य चिकित्साधिकारी से स्पष्टिकरण मांगा.,तथा ए0आर0 को-आपरेटिव का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्राप मोर क्राप, माइक्रो एरिगेशन में लगातार दो माह से कम प्रगति (58 प्रतिशत) प्राप्त होने पर फटकार लगाई तथा चिकित्सा विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान गोल्डेन कार्ड) योजना में माह अक्टूबर 2021 में ‘डी‘ श्रेणी, नवम्बर 2021 में ‘डी‘ श्रेणी तथा माह दिसम्बर से जुलाई 2022 तक  ‘बी‘ श्रेणी तथा माह अगस्त 2022 में ‘सी‘ श्रेणी प्राप्त होने एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम में पिछलें चार माह से ‘डी‘ श्रेणी तथा वर्तमान में माह अगस्त 2022 तक ‘सी‘ श्रेणी में होने तथा हेल्थ वेलनेस सेन्टर में पिछले एक वर्ष से ‘ए‘ श्रेणी मे रहने के बाद माह अगस्त 2022 में ‘बी‘ श्रेणी प्राप्त होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से स्पष्टिकरण मांगा। इसी क्रम में सहकारी देयो एवं एन पी ए की वसूली के अन्तर्गत अल्पकालीन ऋण में माह जून तक ‘ए‘ श्रेणी एंव जुलाइर्, अगस्त 2022 में ‘बी‘ श्रेणी प्राप्त  होने तथा दीर्घ कालीन ऋण में पिछले एक वर्ष से ‘बी‘ श्रेणी प्राप्त होने से राज्य स्तर पर जनपद की रैकिग खराब होने के कारण नाराजगी व्यक्त करते हुए  ए0आर0 को-आपरेटिव का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में विभागीय विकास परक योजनाओं एवं को समय से पूरा करने के सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र आम जनमानस को त्वरित गति से लाभ पहुचाया जाये। इसमे  किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहने पाए। उन्होने आई जी आर एस  की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिया कि यदि किसी भी विभाग के शिकायत पत्र का निस्तारण निर्धारित समयांतराल मे नही किया जाता और वह डिफाल्टर होता है तो इसका उत्तरदायित्व सम्बन्धित अधिकारी का होगा। उन्होने समस्त अधिकारियो को प्राप्त शिकायतो का निस्तारण निर्धारित समयांतराल मे गुणदोष के आधार पर करने का निर्देश दिया।  
बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना में सुधार, पेयजल की व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, खाद्य रसद, राज्य औद्योगिक मिशन,, पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, आंगनबाड़ियों का कार्य, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, स्वच्छ भारत मिशन, पोषाहार का वितरण, कौशल विकास मिशन आदि बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, परियोजना निदेशक राजेश यादव, एवं सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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