पोस्टर प्रदर्शित कर किया गया अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जागरूक

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को प्रज्ञा रेंजर टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन करते हुए रेंजर प्रभारी डॉ शिवकुमार ने कहा कि प्रत्येक मानव को मानव होने के कारण कुछ विशेष मौलिक अधिकार प्राप्त है जिसे मानवाधिकारों के रूप में जाना जाता है। इन अधिकारों का संरक्षण एवं क्रियान्वयन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर डॉ सारिका सिंह ने बालिकाओं एवं महिलाओं के मानवाधिकारों को आधी आबादी के संरक्षण एवं शोषण से मुक्ति के कानून के रूप में उद्धृत किया। प्राचीन इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ विकास सिंह ने मानवाधिकारों को उसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में समझाते हुए बताया कि यूरोप में पुनर्जागरण काल के पूर्व ईश्वर एवं धर्म की सत्ता प्रबल थी तथा राजतंत्र में मानवाधिकारों पर बात करना बेमानी था। लेकिन पुनर्जागरण एवं उसके पश्चात अमेरिका एवं फ्रांस की क्रांति के पश्चात मानव अधिकारों के संरक्षण एवं क्रियान्वयन को प्राथमिकता के रूप में लिया जाने लगा। युद्ध एवं अन्य परिस्थितियों में मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन ने वैश्विक संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रयास करने के तहत 1950 में 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस घोषित किया गया। प्रत्येक समय एवं क्षेत्र में विशिष्ट पीड़ित लोगों के मानवाधिकारों के संरक्षण की वकालत की जाती रही। आतंकवाद की घटना में रंगे हाथ पकड़े गए अजमल कसाब पर मुकदमा चलाकर सजा देना भारत में मानव अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ सविता भारद्वाज ने रेंजर बच्चों से मानव अधिकारों के प्रति जागरूक होने तथा मानव अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने ज्ञानपुर, भदोही कारागार के क्रियाकलापों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार पढ़े लिखे एवं जागरूक व्यक्ति दूसरों के मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य कर सकते हैं। इस दिवस की प्रासंगिकता इसी में है कि हम धरती पर कहीं भी शोषण एवं अत्याचार के विरुद्ध आवाज को अपना समर्थन दें। यही दिवस की सच्ची सार्थकता होगी।
इस अवसर पर डॉ अकबर आजम ने सड़क सुरक्षा की बात करते हुए कहा कि जब हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा तभी हम अपने अधिकारों की बात कर पाएंगे। इस दौरान उपस्थित सभी प्राध्यापकों और प्रज्ञा रेंजर छात्राओं को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ सविता भारद्वाज का प्रज्ञा रेंजर कलर पार्टी द्वारा स्वागत किया गया। टीम लीडर सविता रावत ने प्राचार्य एवं उपस्थित अध्यापकों का स्कार्फ लगाकर स्वागत किया। रेंजर खुशी मौर्य, समीना एवं जोया ने मानवाधिकार पर अपने विचार व्यक्त किए। दीक्षा सिंह, सुरेखा बिंद खुशी गुप्ता ने मानव अधिकारों पर अपने आकर्षक पोस्टर प्रदर्शित किए। कार्यक्रम का संचालन- संयोजन रेंजर प्रभारी डॉ शिवकुमार, आभार ज्ञापन रेंजर लीडर सविता रावत ने किया। इस अवसर पर डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ शिखा सिंह डॉ इकलाख खान आदि प्राध्यापक गण एव, हुमैरा, आमना, खुशी, नेहा, अनूपमा, ज्योति, नीलम, दामिनी आदि रेंजर्स उपस्थित रहे।

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