लापरवाही पर दो अधिकारी नपे, डीएम ने किया…….


गाजीपुर। राज्य पोषण मिशन कार्यो के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी एवं अनुश्रवण के लिए जिला पोषण समीति/कन्वर्जेस विभाग की बैठक गुरूवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में रायफल क्लब सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक में बच्चों, गर्भवती, धात्री, किशोरियों, महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने एवं उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर जिलाधिकारी ने समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होनेे सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो आंगनवाडी कार्यकत्री कार्य नही करेगी। उनके उपर कड़ी कार्यवाही की जाय तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ब्लाकवार सुपोषण बच्चो की रिपोर्ट का अवलोकन किया जाय। सुपोषण बच्चो का गलत वजन लेने पर आंगनवाडी के उपर कार्यवाही की जाय, साथ ही आंगवाड़ी द्वारा भरे गये डेटा का नियमित निरीक्षण किया जाय। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान प्रभारी सदर सी0डी0पी0ओ के कार्यो में असंतोष व्यक्त करते हुए भॉवरकोल स्थानातरित करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार अखिलेश चौहान सी0डी0पी0ओ0 रेवतीपुर को हटाकर किसी अन्य ब्लाक पर स्थानान्तरित करने का निदेश दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि सरकार बच्चों, गर्भवती, धात्री, किशोरियों, महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कहा कि गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी की जाए एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता रखने के लिए जागरूक करें। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन आदि जो भी उपकरण दिए गए हैं, उन्हें क्रियाशील रखे। आशा, आंगनबाडी कार्यकत्री आपस में समन्वय बनाकर महिलाओं को जागरुक करके उन्हें स्वास्थ्य लाभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे। उन्होंने कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार देकर कुपोषण मुक्त जिला बनाए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने हर गर्भवती महिला के खानपान पर विशेष ध्यान देने एवं बच्चा पैदा होने पर उसका वजन कराने का निर्देश दिया गया। आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को हरी साग सब्जी अधिक मात्रा में सेवन के लिए प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी ने सैम-मैम चिंहित बच्चों के पोषण श्रेणी में सुधार एवं उनकी स्वास्थ्य जांच एवं प्रबंधन, राष्ट्रीय पोषण माह के क्रियांवयन, आधार सत्यापन एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनुपूरक पुष्टाहार ड्राई राशन के वितरण आदि की बिंदुवार समीक्षा की। जिलाधिकारी ने गोद भराई एवं अन्नप्रासन की धनराशि का अपव्यय न हो, इसका नियमित निरीक्षण किया जाय। उन्होने सेन्टर पर वी एच एन डी कार्यक्रम नियमित रूप से करने, मेडिकल कैम्प लगाकर बच्चो का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ सैम-मैम बच्चो को चिन्हित करते हुए उन्हे ए एन एम के माध्यम से दवाए उपलब्ध करायी जाये, बच्चो के स्वास्थ्य मे निरंतर प्रगति न होने पर उन्हे एन आर सी सेन्टर मे एडमिट कराने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डी पी ओ, समस्त सी डी पी ओ एंव अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.