योग भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की एक अमूल्य देन है:चंचल


गाजीपुर।बुधवार को जनपद के विभिन्न भागों में नवम् अन्तर्राष्ट्रीय विश्व योग दिवस ‘‘हर घर आंगन योग‘‘ भव्य रूप से मनाया गया । जनपद  में उत्साह, उल्लास, एवं उमंग के साथ नवम् अंन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2023 का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुए। जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में बड़ी तादात में लोग शामिल हुए। इसी के साथ तहसील, ब्लाक, समस्त ग्राम पंचायतो व विभिन्न सरकारी व निजी संस्थानों में भी योग दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का सफल संयोजन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. जयंत कुमार ने किया।

जिला प्रशासन द्वारा पुलिस लाइन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने दीप प्रज्ज्वलित एंव धन्वतरि के चित्र पर माल्यापर्ण कर किया। मौके पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह,, समस्त जनपद स्तरीय विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारी, के अलावा कुल लगभग चार हजार लोगो ने अंन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रतिभाग किया।  

इस अवसर पर एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की एक अमूल्य देन है। योग भारत मे सदियो पुरानी परम्परा रही है। जिसे हमे हमारे ऋषि मुनियों ने आर्शिवाद के रूप में दिया है। उन्होने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय परंपरा एवं संस्कृति में छिपे इस अद्भुत दर्शन को न केवल वैश्विक रूप दिया अपितु जन-जन के जीवन के अभिन्न अंग के रूप में स्थापित करने में भी मदद की, इस दिवस की महत्ता की सार्थकता को सिद्ध करने के लिए पूरे विश्व में योग दिवस का आयोजन किया गया।
 

उन्होने कहा कि उपभोक्तावादी समाज में जब व्यक्ति ने अपने आपको प्रतियोगी के बजाय प्रतिस्पर्धी बना लिया हो और अपने जीवन को यन्त्रवत ढाल लिया हो ऐसी स्थिति में उसके जीवन में निराशा, अवसाद और बीमारियां लगातार घर करती जा रही है, उन्होने कहा कि आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है, इसका श्रेय हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है, हमारे प्रधानमंत्री की सोच का दायरा इतना विस्तृत है कि उन्होंने मानवीय पहलू पर विचार करने के उपरान्त ही योग दिवस की शुरूआत की, उन्होंने बताया है कि योग से मानव किस तरह से अपने जीवन को सुरक्षित रख सकता है, आज के विषम परिस्थितियों में जब आदमी की सोच बदल गयी है, खान-पान बदल गया है, रहन-सहन बदल गया है, इस भौतिकता के युग में हम पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते जा रहे हैं, जो जीवन के लिए अत्यन्त घातक है, योग दिवस हमे बतलाता है कि व्यक्ति को सूर्यादय के पूर्व उठना चाहिए, नियम, संयम को अपने जीवन में अत्यधिक महत्व देना चाहिए तभी व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता है।

जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि जनपद मे आज नवम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। उन्होने जनपद मे योग दिवस के अवसर पर अपील की कि योग को अपने दैनिक जीवन चर्या का हिस्सा बनाते हुए प्रतिदिन योगाभ्यास करे। करे योग रहे निरोग।
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस यह एक ऐसा मौका था, जब जनप्रतिनिधि, जिले भर के अधिकारी और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इसमें जनपद के कुशल योग प्रशिक्षक रूद्र तिवारी, नम्रता तिवारी, एवं अन्य प्रशिक्षक ने कॉमन योग प्रोटोकॉल की ग्रीवा शक्ति, शक्ति एवं घुटना शक्ति विकासक क्रियाओं, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन एवं सवासन सहित कपालभाति नाड़ी शोधन प्राणायाम शीतली प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराते हुए प्रतिदिन योगाभ्यास का संकल्प दिलाया। साथ ही इन योगासनों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों और निरोगीकाया के लिए इनके महत्व को बताया। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र विश्वकर्मा जिला दिब्यांगजन संशक्तिकरण अधिकारी एवं नेहरू युवा केन्द्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चन्द्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को प्रातः 6 बजे से नेहरू युवा केन्द्र प्रशिक्षको के द्वारा विभिन्न विकास खण्डो पर योगाभ्यास कर विभिन्न जानकारी दी गई।

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