

राम रावण युद्ध, रावण वध, रावण दहन
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से दशहरा का पर्व परम्परागत रूप से मनाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वन्दे वाणी विनायकौ रामलीला मण्डल द्वारा लंका मैदान में 24 अक्टूबर मंगलवार को शाम 7 बजे श्रीराम रावण युद्ध, और रावण वध का मंचन किया गया। दशहरे के मौके पर रामलीला मैदान लोगों की भीड़ से खचाखच भरा रहा। लीला का शुभारम्भ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी द्वारा मुख्य अतिथि को माला पहनाकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को बुके देकर तथा पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को माला पहनाकर शुरू किया गया। लीला में दर्शाया गया कि श्रीराम लक्ष्मण द्वारा खरदूषण, मेघनाद, कुंभकर्ण को मारे जाने पर अपने राजदबार से उठकर अपने राजमहल रावण जाता है और शस्त्र लेकर ज्यौ ही युद्ध भूमि पर जाने को तैयार होता है तो नाना माल्यवंत, स्त्री मन्दोदरी, भाई विभिषण ने समझाने की कोशिश की परन्तु रावण अहंकार में चूर किसी की बात नही सुनता है वही विभिषण को भरी राजबदार में रावण लात मारकर राज्य से निष्कासित कर देता है विभिषण रामदल में जाकर श्रीराम के शरण में चले जातेे है। उधर रावण आसुरी सेनाओं के साथा रथ पर सवार होकर युद्ध के लिए चल देता है और श्रीराम लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकाराता है। उसकी ललकार सुनकर वानरों के झुण्ड के साथ श्रीराम युद्ध में आ जातेे है और राम के लाख समझाने के बाद भी रावण नही मानता है।


अंत में श्रीराम रावण का युद्ध शुरू होता है, राम द्वारा 30 बाणों की बौछार के बाद भी रावण जिन्दा रहता है, अंत में विभिषण ने इशारा किया कि इसके नाभि में अमृत है, श्रीराम विभिषण के इशारे पर अग्नि बाण से उसके नाभि में प्रहार किये। अंत में रावण धराशायी हो जाता है, श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण को लेकर रावण के पास राजनीतिक उपदेश ग्रहण करने के लिए जातेे है। रावण ने लक्ष्मण को राजनीति शिक्षा का उपदेश देने के बाद श्रीराम का दर्शन करके श्रीराम उद्घोषण करके शरीर का त्याग कर देात है। रावण के पुतले को डीएम, एसपी द्वारा इलेक्ट्रिक बटन दबाकर दहन किया गया। रावण के धाराशायी होने पर हर हर महादेव जय श्रीराम के नारों से लीला स्थल गंूज उठा।
इस मौके पर सुरक्षा के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक नगर, एडीएम, क्षेत्राधिकारी, नगर एसडीएम तथा अन्य अधिकारी के साथ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक वीरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।