सरदार पटेल की जयंती पर विद्यार्थियों और अध्यापकों ने लिया शपथ

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज, मुख्य शास्ता डॉ अमित यादव, प्रज्ञा रेंजर्स एवं प्रभारी डॉ शिव कुमार, प्रोफेसर अनिता कुमारी आदि ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया। डॉ राजेश यादव ने सरदार पटेल की राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय राजनीति में भूमिका को याद किया। डॉ निरंजन कुमार ने छात्राओं को आज के दिवस की महत्ता बताई। प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज ने उपस्थित हजारों विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को राष्ट्रीय एकता की सामूहिक शपथ दिलाई। इससे पूर्व महाविद्यालय के क्रीड़ा प्रांगण में छात्राओं-अध्यापकों के बीच संवाद के तहत एक प्रेरिकी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर उन्हें महाविद्यालय की विविध गतिविधियों से अवगत कराया गया। उपशास्ता डॉ संगीता ने छात्राओं को परिधान एवं गणवेश में आने का आग्रह किया जबकि डॉ अकबरे आज़म ने छात्रवृत्ति के बारे में विस्तार से बताया।

महाविद्यालय के परीक्षा प्रभारी डॉ उमाशंकर प्रसाद ने छात्राओं को अपनी परीक्षा फॉर्म में भरने में होने वाली असुविधाओं को देखते हुए परीक्षा फॉर्म भरने में विभिन्न सावधानियां जैसे प्रवेश के समय के ही विषय को फॉर्म में भरने तथा उसे फाइनल करने के पूर्व एक बार पुनः देखने की अपेक्षा छात्राओं से की। डॉ विकास सिंह ने छात्राओं को- करिकुल एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के तहत बताया कि सबको कंप्यूटर कोर्स पढ़ना अनिवार्य है तथा उनके कक्ष में उपस्थित भी आवश्यक है। रेंजर प्रभारी डॉ शिवकुमार ने प्रज्ञा रेंजर टीम, लेफ्टिनेंट शशि कला जायसवाल ने एनसीसी और डॉ अमित यादव ने राष्ट्रीय सेवा योजना की विभिन्न इकाइयों पर चर्चा की। इस अवसर पर महाविद्यालय के लिपिक शिवम सिंह ने छात्राओं को विस्तार से परीक्षा फॉर्म भरने, फीस जमा करने, प्रवेश संबंधी नियमों- परिनियमो सेअवगत कराया तथा उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया। प्राचार्य डॉ सविता भारद्वाज ने सभी विद्यार्थियों को अनुशासित ढंग से पूर्ण परिधान में महाविद्यालय आने, नियमित रूप से कक्षाओं में बैठने तथा अपने प्राध्यापकों के सभी निर्देशों का पालन करने की अपील किया। नियमों की अवहेलना करने पर विद्यार्थियों के अविभावको से बात की जाएगी तथा उपस्थित कम होने पर उन्हें महाविद्यालय की परीक्षा में बैठने एवं छात्रवृत्ति से वंचित भी किया जा सकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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