स्वामी विवेकानंद जयंती पर सहजानन्द महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस
सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत थे स्वामी विवेकानंद : प्रो. वी के राय

गाजीपुर। शहर स्थित स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती शुक्रवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इसी कड़ी में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें शिक्षकों ने स्वामी जी के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। प्राचार्य प्रो. वी के राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत के राष्ट्रीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत थे। विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी जी ने भारतीय धर्म-साधना,आध्यात्मिकता और उदात्त राष्ट्रीय-सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक पटल पर रखकर देश की गरिमा बढ़ाई।
विश्वविद्यालय कला संकाय के डीन प्रो.अवधेश नारायण राय ने कहा कि स्वामी जी के दृष्टिकोण में दर्शन,अध्यात्म और विज्ञान का मणिकांचन संयोग था जो देश की समृद्धि और सर्वांगीण प्रगति व अभिनव भारत निर्माण में सदैव से ही मार्गदर्शक रहा है। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. अजय राय ने अपने वक्तव्य में स्वामी जी को युवा हृदय की धड़कन, उत्कट कर्मयोगी और सुधारवादी चेतना के असीम प्रेरणापुंज के रूप में व्यक्त किया। कार्यक्रम संचालन कृष्णानन्द चतुर्वेदी ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. विलोक सिंह, डॉ. कंचन सिंह, डॉ. निवेदिता सिंह, सन्ने सिंह डॉ. विशाल सिंह, संजय कुमार, डॉ. सतीश राय, अवधेश कुमार पांडेय, डॉ. राकेश पांडेय, तूलिका श्रीवास्तव, डॉ. सुजीत कुमार, सुरेश प्रजापति, कुशलपाल यादव आदि उपस्थित रहे।
