दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अलख कुमार की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या के मामले में पति को 7 साल की कड़ी कैद के साथ 7 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया। अभियोजन के अनुसार थाना मोहम्दाबाद गांव के तिवारीपुर निवासी धीरज पाल ने अपनी पुत्री संगीता पाल की शादी 5 मई 2017 को कोतवाली गांव बाबेड़ी निवासी राजू पाल के साथ किया था। अपने सामर्थ अनुसार दान दहेज दिया था। उसके ससुराल वाले दहेज में अपाची मोटसाइकिल की मांग करते थे। न देने पर उसकी सास चन्द्रावती देवी, ससुर जयराम पाल और पति राजू पाल उसको प्रताडित करते थे। उसके लिए पंचायत भी हुआ था। पंचायत में उसके ससुरालीजन बोले थे कि अपनी लड़की को जिंदा देखना चाहते हो तो अपाची मोटसाइकिल दे दो। 17 अगस्त 2018 समय करीब 1 बजकर 30 मिनट पर सूचना मिली कि उसकी लड़की की मौत हो गई। सूचना पर वादी महाराष्ट्र से अपने लड़की के ससुराल गया और वही थाने तहरीर दिया। कोई कार्यवाही न होने पर पुलिस अधीक्षक को पत्र दिया। उसके बाद कोई कार्यवाही नही हुई तब वादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर थाना कोतवाली में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरान्त आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल 9 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया।
शुक्रवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय संदेह का लाभ देते हुए सास चन्दावती देवी व ससुर जयराम पाल को दोषमुक्त करते हुए पति को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाते हुए पति को जेल भेज दिया।