गाजीपुर। मठ मंदिर के साथ साथ विद्यालयों में बुद्धवार को वसंत पंचमी पर्व मनाया गया। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। शास्त्रत्तें के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। मठ मंदिर से लेकर स्कूलों तक में वीणावदिनी की पूजा की जाएगी। इस पर्व पर नदियों में स्नान दान की भी परम्परा है।बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर जनपद गाजीपुर में शिक्षण संस्थान, विद्यालय, कोचिंग संस्थान के साथ ही साथ डिजिटल लाइब्रेरी में भी मां सरस्वती का पूजा किया गया। जहां पर साइलेंट स्टडी डिजिटल लाइब्रेरी उर्दुबाजार में पढ़ने वाले छात्र मा सरस्वती के तस्वीर पर फूल माला अर्पित कर उन्हें लड्डू का भोग भी लगाया और उन्हें अपने जीवन में सफल होने की आशीर्वाद मांगा।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर मां सरस्वती हाथों में पुस्तक, वीणा और माला लिए श्वेत कमल पर विराजमान हो कर प्रकट हुई थीं। इसलिए इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। वसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। सनातन धर्म में मां सरस्वती की उपासना का विशेष महत्व है, क्योंकि ये ज्ञान की देवी हैं।