दहेज लोभी पति को दस साल की सजा
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अलख कुमार की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या के मामले में पत्नी हन्ता पति को सुनाई 10 साल की कड़ी कैद। साथ ही अन्य धाराओ में लगाया 22 हजार रुपये का अर्थदंड। अभियोजन के अनुसार जनपद जौनपुर थाना केराकत गांव बॉस बारी निवासी मंगल राजभर ने अपनी बहन अमृता राजभर की शादी 19 मई 2014 को थाना खानपुर गांव सिंगारपुर विनोद राजभर के साथ किया था और शादी के 3 साल बाद 2017 को उसकी बहन का गौना हुआ। अपने सामर्थ अनुसार दान दहेज दिया था। गौना के बाद से ही दहेज कम मिलने का ताना उसके ससुराल के लोग सास तीजा देवी, ससुर हरिराम राजभर व पति विनोद दहेज में मोटसाइकिल व सोने की सिकड़ी की माँग करते थे। 22 सितंबर 2020 को उसके ससुरालीजन ने उसकी बहन की गला दबा कर हत्या कर दी। इसकी सूचना उसी गांव के लोगो से मिली थी। सूचना पर वादी अपनी बहन के ससुराल गया तो वहाँ पर उसके ससुरालीजन उसकी बहन का शव छोड़ कर भाग गए। वादी की सूचना पर थाना खानपुर में दहेज लोभियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने दौरान विवेचना सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दी और विवेचना उपरान्त सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल 8 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया।
शुक्रवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने सास तीजा देवी व ससुर हरिराम राजभर को संदेह का लाभ देते हए दोषमुक्त कर दिया। वही पति विनोद राजभर को दोषी पाते हुए दहेज हत्या में 10 साल की सजा सुनाते हुए अन्य धाराओ में 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित करते हुए अभियुक्त विनोद राजभर को जेल भेज दिया।