मौसम विभाग का अलर्ट,अधिक तापमान बढ़ने की संभावना

मौसम विभाग का अलर्ट,अधिक तापमान बढ़ने की संभावना

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी द्वारा अवगत कराया गया है कि मौसम विभाग लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार माह अप्रैल से जून तक अधिक तापमान बढ़ने की सम्भावना है हीटवेव से बचाव हेतु शासन एव जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। 12 से 3 के बीच घर से बाहर न निकले। अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 दिनेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि गर्मी के दिनांे में उच्च प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थो का सेवन नही करना चाहिए। गर्मी के दिनांेे में शरीर में पानी एवं नमक की कमी होने के कारण लू लगने की सम्भावना से इनकार नही किया जा सकता हेै।
आपदा विशेषज्ञ ने सुझाव दिया कि पानी ,छाछ, लस्सी, नीबू पानी, आम का पन्ना, फलों के जूस, बेल का सर्बत, एवं नारियल के पानी का सेवन अवश्य करें। साथ ही मौसमी फल जैसे-तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, सन्तरा, आदि खटटे फलों का अधिक से अधिक सेवन करें।
हीटवेव (लू) के दौरान ‘‘क्या करें क्या न करें‘‘¼Do’s & Don’sduring Heat Wave)
क्या करे के बारे में बताया कि कड़ी धूप में बाहर न निकले, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के बीच, गरम हवा के स्थिति जानने के लिये रेडियो सुने, टी0वी देखे, समाचार पत्र पर स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहे, जितने बार हो सके पानी पीये,प्यास न लगा हो तभी पानी पीये ताकि शरीर मे पानी की कमी से होने वाली बीमारी से बचा जा सके, हल्के रगं के ढीले ढाले सूती वस्त्र पहने ताकि शरीर तक हवा पहुचे और पसीने को सोख कर शरीर को ठंडा रखे, धूप में बाहर जाने से बचे, अगर बहुत जरुरी हो तो गमछा, चश्में, छाता, टोपी एवं जूते या चप्पल पहनकर ही घर से बाहर निकले, शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थो का इस्तमाल न करे, यह शरीर को निर्जलित कर सकते है, यात्रा करते समय अपने साथ बोतल में पानी जरुर रखें। गीले कपड़े को अपने चेहरे, सिर और गर्दन पर रखेें, गर्मी के दिनों में ओ0आर0एस0 का घोल पिये। अन्य घरेलू पेय जैसे, नीबू पानी, कच्चे आम का बना लस्सी आदि का प्रयोग करे, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो, अगर आपकी तबीयत ठीक न लगे, तो गर्मी से उत्पन्न हाने वाले विकारों, बीमारियों को पहचाने। तकलीफ होने पर तुरन्त चिकित्सकीय परामर्श ले, जानवरों को छायादार स्थान में रखें, उन्हे पीने के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी दें, अपने घर को ठंडा रखें, घर को पर्दे से ढक कर या पेन्ट लगाकर 3-4 डिग्री तक ठंडा रखा जा सकता है, रात में अपने घरो की खिड़िकियो को अवश्य खुली रखें, कार्यस्थल पर पानी की समुचित व्यवस्था रखें, फैन, ढीले कपडे़ का उपयोग करे। ठंडे पानी से बार-बार नहाएं।
क्या न करें- की जानाकरी देते हुए बताया कि धूप मे, खडें वाहने में बच्चे एवं पालतू जानवरों को न छोडें। खिड़की की रिफलेक्अर जैसे एल्युमुनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढककर रखे, ताकि बाहर की गर्मी का अन्दर आने से रोका जा सके, उन खिड़कियो दरवाजे पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएॅ आती है, काले कपडे़/पर्दे लगाकर रखना चाहिए, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण/स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सूनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सर्तक रहें, आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें, जहॉ तक सम्भव हो घर में ही रहे , सूर्य के सर्म्पक से बचें, सूर्य की तापमान से बचने के लिए जहॉ तक सम्भव हो घर की निचली मंजिल में ही रहें, सबसे उपरी मंजिल में कदापि न रहें, ताप के प्रभाव से लू (हीट-वेव) का शिकार होने की सम्भावना प्रायः बनी रहती है।, संतुलित हल्का व नियमित भोजन करें, दिन के 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर न निकले, गहरे रंग के भारी एवं तंग वस्त्र पहनने से बचें, खाना बनातें समय कमरे के खिड़की एवं दरवाजे खुले रखे, जिससे हवा का आना जाना बना रहे, नशीले पदार्थ, शराब तथा अल्कोहल के सेवन से बचें, उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें। बासी भोजन न करें।

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.