उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी मांगों का पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी मांगों का पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा

शासन के निर्देश पर ऑनलाइन उपस्थिति की गई है लेकिन शिक्षक अपने संगठनों के माध्यम से लगातार विरोध कर रहे हैं: बीएसए

ग़ाज़ीपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा आज गुरुवार को अपनी मांगों का पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष जय प्रकाश पांडे ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत काम करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की लंबित समस्याओं का निराकरण किये जाने की मांग की गई है। साथ ही दोहरा मापदंड अपनाते हुए विद्यालय की पंजिकाओ का डिजिटलाइजेशन व डिजिटल उपस्थिति कराया जाने पर आपत्ति जताई है।

विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे। कहा कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षिकाओं को 15 सी०एल० की सुविधा तथा ऑफ सी०एल० की सुविधा प्रदान किया जाए। 30 ई०एल० की सुविधा भी प्रदान किया जाए। कहा कि परिषदीय शिक्षक, शिक्षिकाओं को कैशलेश चिकित्सा सुविधा (बिना प्रीमियम) दिया जाए। परिषदीय शिक्षक/शिक्षिकाओं का ससमय स्थानानतंरण, पदोन्निति किया जाए और वेतन विसंगति समस्या का निराकरण किया जाए। परिषदीय विद्यालयों में लिपिक की नियुक्ति किया जाए।

संघ ने शिक्षक/शिक्षिकाओं के साथ समान व्यवहार किए जाने व विभाग व विभागीय उचाकारियों द्वारा दोहरा माप दण्ड अपनाते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन शिक्षक/शिक्षिकाओं से विद्यालय पंजीकाओं का डिजिटलीकरण किया जाना व डिजिटल उपस्थिति (डिजिटल फेस छायांकन) कराए जाने सम्बधी निर्देश को समाप्त किए जाने एंव उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा प्रेषित किए जा रहे पत्र में परिषदीय शिक्षक/शिक्षिकाओं की विभिन्न समस्याओ का निराकरण किए जाने तथा पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति का शासन के द्वारा यह निर्देश दिया गया है लेकिन शिक्षक अपने संगठनों के माध्यम से लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे जनपद में लगभग 11000 शिक्षक कार्यरत है जिसमें से प्रतिदिन ढाई सौ से 400 शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। अन्य शिक्षक ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं इसके लिए विभिन्न संगठनों के माध्यम से लगातार बात किया जा रहा है ताकि ऑनलाइन उपस्थिति को सुनिश्चित किया जा सके।

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