लूर्द्स इण्टर कॉलेज में हुआ सेमिनार का आयोजन

लूर्द्स कॉनवेन्ट बालिका इण्टर कॉलेज में हुआ शैक्षिक उन्नयन हेतु सेमिनार का आयोजन


गाजीपुर। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सोमवार को लूर्द्स कॉनवेन्ट बालिका इण्टर कॉलेज में नये शैक्षिक सत्र 2024-25 में छात्राओं के शैक्षिक उन्नयन हेतु विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं का सेमिनार आयोजित हुआ। जिसका शुभारम्भ ईश वन्दना से हुआ। शिक्षिका मीरा चतुर्वेदी द्वारा वर्षा ताली बजाकर फादर का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। सेमिनार के मुख्य वक्ता  फादर प्रनोई आई0एम0एस रहे, जो एक बहुधार्मिक संस्था के निदेशक पद पर आसीन है। अपने उद्बोधन में उन्होंने वर्तमान परिवेश में शिक्षा में आध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला तथा शिक्षा को एक ऐसी प्रक्रिया बताया जिसमें शिक्षक अपने छात्र के अन्दर के सद्गुणों का खींचकर बाहर लाता है। शिक्षक के गुणों की व्याख्या करते हुए बताया कि शिक्षक अपने शिष्यों के लिए मिट्टी से जिस प्रकार विविध वर्तन बनाये जा सकते है उसी प्रकार अपने शिष्य के गुणों को तराशता है एवं माली की तरह अपने पौधे की देखभाल करता है ताकि उसका सर्वागीण विकास हो सके जो अपने समाज और देश के लिए एक सुयोग्य नागरिक बन सके।

शिक्षक को सदैव समय के साथ अपने आप को परिमार्जित करते रहना चाहिए। शिक्षा जीवनपर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति स्वयं से, घटनाओं से एवं वातावरण से सदैव शिक्षित होता रहता है। आध्यात्मिकता अनेक स्तर की शिक्षा को पहचानता है जिसमें शारीरिक शिक्षा की प्रवृत्ति को संचालित करना एवं बनाये रखना, अनुशासन, नैतिक अनुशासन तथा आध्यात्मिक अनुशासन का संचार करती है। एक शिक्षक के लिए आध्यात्मिक होना अतिआवश्यक है। इससे शिक्षक के अन्दर विनम्रता, दया, नेनृत्व क्षमता, निर्णय क्षमता, तत्परता आदि गुणों का विकास होता रहता है जो उसके शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाता है। शिक्षिका रीता सिंह द्वारा मुख्य वक्ता फादर को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर विद्यालय की प्रधानाचार्या ने शिक्षक के कर्तव्य एवं दायित्व की व्याख्या करते हुए छात्राओं का प्ररेणास्रोत बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय की सभी सिस्टर्स, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने सहकार किया और शिक्षार्थी-शिक्षक के विविध आयामों पर अपने विचार रखे।

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