किसान पहुचे भारतीय बीज विज्ञानं संस्थान

जैविक खेती भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत किसान पहुचे भारतीय बीज विज्ञानं संस्थान

गाजीपुर। नमामि गंगे योजना अन्तर्गत जनपद मे संचालित जैविक खेती कार्यक्रम मे चयनित कृषको के प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के क्रम मे विकास खंड रेवतीपुर एवं सदर के 50 कृषकों को एक्सपोजर विजिट हेतु भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, कुशमौर, मऊ उ0 प्र में प्रशिक्षण एवं जैविक खेती की नवीनतम तकनीकी की जानकारी के लिए डॉ वीरेंद्र कुमार राव जिला परियोजना समन्वयक यूपीडास्प ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं भारत सरकार किसानों के समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं चला रही हमें उनका लाभ लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर ईश एग्रीटेक इंदौर श्री कुलदीप सिंह ने बताया कि जनपद के 6 विकास खंडो में 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर 3249 किसको के सहयोग से जैविक खेती की जा रही है ,योजना मे चयनित कृषकों को यूपीडास्प द्वारा नामित सहयोगी संस्था द्बारा समय समय पर समुहो मे जाकर प्रशिक्षित किया जाता है, परंतु भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, कुशमौर, मऊ में जाकर वहां के वैज्ञानिकों से कृषि संबंधित नवीनतम जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा।

वर्तमान मे खरीफ प्रथम वर्ष के फसलों की बुवाई की जा रही है, इसी क्रम में चयनित कृषकों को समय-समय पर कृषि के नवीनतम तकनीकी ज्ञान से अवगत कराने हेतु एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान पर आयोजित तकनीकी प्रशिक्षण मे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हर्ष वर्धन सिंह एवं डॉ अंजनी सिंह ने बताया कि गंगा नदी के जल को प्रदूषण मुक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ बनाने एवं सर्व समाज को रसायन मुक्त शुद्ध भोज्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जैविक खेती ही मात्र एक विकल्प है। प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिक डाँ आदर्श सिंह एवं डॉ कल्याणी कुमारी ने जैविक खेती के विभिन्न घटकों जैसे जैविक बीज प्रबंधन, नाशी जीव प्रबंधन, जैव उर्वरक, वर्मी कंपोस्ट,नाडेप एवं जैव उत्पादों के मूल्य वर्धन एवं विपणन पर आए हुए किसकों को विस्तार से प्रशिक्षित किया गया तथा प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। जैविक खेती कार्यक्रम हेतु यूपी डास्प द्वारा नामित सहयोगी संस्था ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह ने फ्लैग ऑफ़ कार्यक्रम में सम्मिलित सभी अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कृषको का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.