बालको मे होता है राष्ट्र चेतना का प्रवाह:सच्चिदानन्द

बालको मे होता है राष्ट्र चेतना का प्रवाह:सच्चिदानन्द


गाजीपुर। बालको के विकास की दृष्टि से चलाए जाने वाले एक दिवसीय बाल शिविर का आयोजन 20 अक्टुबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में माधव सरस्वती विघालय प्रकाशनगर में किया गया। इस बाल शिविर में का 19 अक्टुबर सांय 3 बजे शुभारम्भ किया गया जो 20 अक्टुबर को सांय 4 बजे विभाग संघचालक सच्चिदानन्द के उदबोधन व पुरस्कार  वितरण के बाद सम्पन्न हुआ। इस बाल शिविर में जनपद के सभी खण्डो से 10 वर्ष से उपर बाल व तरूण ने प्रतिभाग किया। शिविर के माध्यम से बच्चो में नये नये उपक्रम सिखाकर उनके में राष्ट्रीय भावना का विकास के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, वायू प्रदूषण जैसे विभिन्न विषयो पर चित्रकला व निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गयां। प्रतियोगिता के पुरस्कार का वितरण किया गया। इस अवसर पर सघसंचालक सच्चिदानन्द ने बताया कि हमारे बाल स्वयंसेवक एक कोरा कागज होते है इनमे नवचेतना के साथ साथ राष्ट्र चेतना का प्रवाह होता है। राष्ट्र प्रेम व राष्ट्रीय भावना से प्रेरित होकर बच्चो कां विकास सही अर्थो में होना चाहिए, बच्चो के विकास पर ही हमारे देश का भविष्य है और इन्ही बच्चो के हाथो मे ही हमारे देश का विकास सम्भव है। जो आगे चल कर हमारे मजबूत व सुदृढ भारत का निर्माण करेगा। आज हम 100 वें वर्ष में प्रवेश कर चुके है हमे मजबूत व शसक्त भारत का निर्माण करना है जिसके लिए इन बच्चो को मजबूत होना होगां, जिससे आने वाला देश का भविष्य मजबूत हो सके, बाल शिविर में कुल 130 बाल प्रतिभाग किये । इस अवसर पर जिला संघचालक जयप्रकाश, सह विभाग प्रचारक दीपक, जिला प्रचारक सूरज, जिला कार्यवाह अमित, सह कार्यवाही विपिन, विनोद, चन्द्र कुमार, अवधेश, बृजकिशन, अशोक, नगर संघचालक दीनदयाल, नगर कार्यवाह अंजनी, सह नगर कार्यवाही अभिषेक, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, अधिवक्ता विश्वनाथ पाण्डेय, संजय, दिनेश, रितेश, रोहित, श्यामजी, रंजन आदि उपस्थित रहे। 

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