मातृशक्ति की प्रेरणा का स्रोत रही महारानी अहिल्याबाई होल्कर

मातृशक्ति की प्रेरणा का स्रोत रही महारानी अहिल्याबाई होल्कर


गाजीपुर। राष्ट्र सेविका समिति का सात दिवसीय प्रारम्भिक वर्ग का शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह विभाग प्रचारक दीपक ने अपने समापन सत्र में बताया कि मातृ शक्ति की समाज में अहम भुमिका होती है जिसके निमार्ण के राष्ट्र सेविका समिति का गठन किया गया है। भारत की समाजिक व सास्कृतिक उददेश्य व परम्पराओ को निरन्तर चलायेमान रखने के लिए प्रारम्भिक वर्ग का आयोजन किया गया। मातृशक्ति जागरण के उददेश्य से चलाया जाना वाला अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। महारानी अहिल्याबाई होल्कर हमारे भारतीय जीवन मुल्यो का जिता जागता उदाहरण है, अहिल्या बाई होल्कर अपने परिवारिक, राजनैतिक, सामाजिक व धार्मिक कार्यो में जो सामनजस्य बैठाकर पर चलती उसका वो अदभूत उदाहरण है। उनकी न्यायप्रियता पूरे भारत मे प्रसिद्ध थी।

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 में हुआ था, इनका विवाह बाजीराव पेशवा के सेनापति मल्हार राव होल्कर के पुत्र खोड़ेराव होल्कर के साथ हुआ। उन्होने शस्त्र विद्या व शास्त्र विद्या, राजनीतिक कौशल अपने ससुराल में सिखा। न्याय के लिए उन्होने अपने पति, अपने सांस व अपने पुत्र को भी आड़े नही आने दिया और उनकी न्यायप्रियता पूरे भारत में विख्यात हो गया। अन्त में धार्मिक उत्थान के लिए बारह ज्योर्तिलिग मे सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, उज्जेैन मंदिर के जिर्णोद्वार का कार्य किया जो आजतक अपना वजुद कायम रखे हुए है। उन्होने विधवा प्रथा व सती प्रथा का पूरजोर विरोध किया। इनकी मृत्यु 1775 में हो गयी। भारत में मातृशक्ति हमेशा पूजी जाती रही है। जो हमारी माताओ बहनो के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है। इस सात दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला कार्यवाहिका नीलम ने बताया कि
4 जनवरी को दोपहर 1 बजे से 10 जनवरी 2025 दोपहर 1 बजे तक राष्ट्र सेविका समिति का प्रारम्भिक वर्ग सत्यदेव डिग्री कॉलेज बोरसीया में किया गया। राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्रीय चिंतन को दृष्टिगत रखते हुए शारीरिक ,बौद्धिक, मानसिक विकास के लिए 1936 से सतत कार्यरत है।

समिति शिक्षा वर्गाे से बहने अपने पारिवारिक ,सामाजिक राष्ट्रीय दायित्व के प्रति और अधिक सजग व सक्रिय होकर कार्य करती रहें। इसी अभिप्राय से यह प्रारंभिक शिक्षा वर्ग आयोजित कर के सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से दण्ड, एसटी, नियुद्ध, योग और स्वदेशी खेल सिखाया जाता है और गीतों और कहानी, बौद्धिक के माध्य्म से राष्ट्र भक्ति की भावना बहनो को सिखाया जाता है। इसमे दिनचर्या की समय सारिणी पहले ही तय कर लिया जाता है जिससे बहनो को बहुत आसानी से हर विषय की जानकारी दी जाती है। इस वर्ग में शिक्षार्थीयो की संख्या 60 है और शिक्षिकाओ की सँख्या 15 है। इस वर्ग को संगठन के दृष्टिकोण से संचालित करने में जौनपुर विभाग के मछली शहर जिला, जौनपुर जिला ,गाजीपुर जिला व सैदपुर जिला व नगर ,खंड की सभी दायित्ववान बहनो की सराहनीय भूमिका रही है।

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