राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने की बजट की सराहना,बोली-यह बजट खुशहाल किसान और राष्ट्र के समग्र विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है

वाराणसी।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025-2026 की सराहना करते हुए राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने कहा कि भारत का यह 78 वाँ और मोदी सरकार का यह 12 वाँ बजट है। 50.65 लाख करोड़ का यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि यह हमारी सरकार की नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर युवा, खुशहाल किसान और राष्ट्र के समग्र विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने हमेशा महिलाओं को भारत की विकास यात्रा का केंद्र बिंदु बनाया है। यह बजट इस विश्वास को और मज़बूत करता है कि नारी का उद्धार स्वर्णिम युग का द्वार है।इस बजट में पहली बार उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अगले पाँच वर्षों में दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन की एक नई योजना शुरू की गई है। हमारी सरकार में जल जीवन मिशन ने पहले 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किया है।जिससे महिलाओं पर पानी लाने का बोझ कम हुआ है।राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने कहा कि प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के गतिशील नेतृत्व में हम सिर्फ महिला सशक्तिकरण पर चर्चा नहीं कर रहे है बल्कि इसे वास्तविकता में बदल रहे हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का बजट 3624.80 करोड़ से बढ़कर 4482.90 करोड़ कर दिया गया है जिससे लाखों महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का बजट 1500 करोड़ से 3500 करोड़ कर दिया गया और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का बजट 32500 करोड़ से 54832 करोड़ कर दिया गया है।
किसानो के लिए किसान क्रेडिट कार्डों से 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋणों की सुविधा मिलती है। किसानों के क्रेडिट कार्ड की लिमिट अब 3 लाख रुपए से बढ़कर 5 लाख कर दी गई है।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना चलाई जाएगी। योजना से देश के करीब 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी। इसके तहत 100 ऐसे जिलों को कवर किया जाएगा जहां उत्पादन कम है। तुअर, उड़द, मसूर आदि दालों के लिए 6 साल का स्पेशल मिशन चलाया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्डों से 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋणों की सुविधा मिलती है। किसानों के क्रेडिट कार्ड की लिमिट अब 3 लाख रुपए से बढ़कर 5 लाख कर दी गई है।
विकसित भारत के युग में युवा ही हमको लेकर जाएंगे। इसलिए हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा ऐलान युवाओं को लेकर किया है। जब तक युवा तैयार नहीं होंगे तब तक भारत कभी विकसित नहीं बन पाएगा, सुपर पावर नहीं बन पाएगा। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दस हजार करोड रुपए का नया फंड जारी की है। जिससे नौकरियों के नए अवसर खुलेंगे। “
जिज्ञासा, नवाचार और युवा मस्तिष्कों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए आगामी 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिकरिग लैब की स्थापना की जाएगी।
23 आईआईटी में विद्यार्थियों की कुल संख्या में 100% की वृद्धि हुई है, जो विगत 10 वर्षों में 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। वर्ष 2014 के पश्चात शुरू की गई पांच आईआईटी में अतिरिक्त अवसंरचना का सृजन किया जाएगा। ताकि 6,500 और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को सुविधाजनक बनाया जा सके।
अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड रुपए का वेंचर कैपिटल फंड शुरू किया गया है।

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