पकड़े गए 24 नकलची

बी० एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षा प्रारम्भ, पहले ही दिन पकड़े गए 24 नकलची

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर बी० एड० विषम सेमेस्टर व की परीक्षा सोमवार को प्रारम्भ हुई। परीक्षा के पहले ही दिन बी.एड. प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में कुल 24 नकलची पकड़े गए। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीस बी.एड. महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सोमवार को सुबह 10 बजे से अपराह्न 01 बजे की पाली में बी.एड. प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा संपन्न हुई। बी० एड० परीक्षा के पहले दिन पंजीकृत 1596 परीक्षार्थियों में 1550 उपस्थित एवं 46 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षाओं की सूचिता एवं पारदर्शिता को लेकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए परीक्षा विभाग, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के सदैव संपर्क बना हुआ है।

सूचिता एवं पारदर्शिता पूर्वक परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। परीक्षा देने के लिए महाविद्यालय परिसर के गेट से घुसते समय ही सीओ सिटी सुधाकर पाण्डेय की उपस्थिति में भारी पुलिस बल और पीएससी के साथ सघन तलाशी की गई। इसके साथ ही परीक्षार्थियों को मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स, अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एवं किसी भी प्रकार का अनुचित साधन सम्बन्धित सामग्री का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी गयी। नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के दिशा निर्देश के क्रम में आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। प्राचार्य की अगुवाई में सभी परीक्षा कक्षों की सघन जांच की गई। इस दौरान एक दिन का सर्वाधिक रिकार्ड बनाते हुए कुल 24 परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़े गए।

आंतरिक उड़का दल के सदस्य के रूप में मुख्य कुलानुशासक प्रोफे० (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, प्रोफे० (डॉ०)एस० एन० सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉक्टर रामदुलारे, डॉ० योगेश, डॉ० गोपाल यादव, डॉ० शिप्रा श्रीवास्तव आदि सघन तलाशी में शामिल रहे। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने यह भी बताया कि परीक्षा के पहले ही दिन 24 नकलची पकड़े गए हैं। उन्होंने परीक्षार्थियों से अपील की कि वह परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के अनुचित साधन का प्रयोग ना करें। नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों में ज्यादातर बिहार के मूल निवासी हैं।

बिहार में बी० एड० के आधार पर गत वर्ष भारी संख्या में शिक्षकों की भर्ती हुई है और आगामी दिनों में शिक्षा विभाग में निकलने वाली वैकेंसी की सम्भावनाओं को लेकर बिहार के विभिन्न जनपदों के ढेरों छात्र-छात्राओं ने उत्तर प्रदेश के कई स्ववित्त पोषित कॉलेजों में बी० एड० पाठ्यक्रम में दाखिला ले रखा है और नकल के भरोसे बी० एड० डिग्री करना चाहते हैं।

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