महिला जागरूकता कार्यक्रम में महिला आयोग की सदस्य ने छात्राओं को किया जागरूक

गाजीपुर। ‘मंजिलें मिल ही जाएगी भटकते ही सही, गुमराह तो वह होते हैं जो निकले ही नहीं’। अब महिलाओं की पहचान पति से नहीं बल्कि उनके स्वयं के कर्म एवं व्यक्तित्व से होती है। महिला सृष्टि एवं सृजन कर्ता है। वह सुबह से शाम तक, उषा से निशा तक क्रियाशील रहती है। वह सृष्टि की सबसे सहनशील प्राणी है। इसीलिए वह नर नहीं नारी है, नर से भी ज्यादा जिम्मेदारी है। उक्त बातें गुरुवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने कहा।

उन्होंने उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मां-बाप पौधों की तरह बेटियों को भी सींचते हैं। इसलिए आप लोग पढ़ें, बढ़े और जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। जमाना बदल गया है। पहले लोग अच्छा दामाद ढूंढते थे। आज लोग अच्छी बहु ढूंढते हैं। क्योंकि वे जानते हैं कि उनके परिवार की कमान एक सुशील एवं सक्षम बेटी ही संभाल सकती हैं। इसलिए बेटियों का उच्च शिक्षित होना और आत्मनिर्भर होना अति आवश्यक है।

राजकीय महिला महाविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ एवं जिला प्रोबेशन कार्यालय के संयुक्त तत्वाधान में छात्राओं को महिला कल्याण से संबंधित योजनाओं से परिचय कराने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से आज महाविद्यालय में आयोजित हुआ। जिसमें उपस्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी ने छात्राओं को महिला कल्याण से संबंधित विविध योजनाओं और हेल्पलाइनो के बारे में विस्तार से बताया तथा उन्हें आश्वस्त किया कि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की सहायता पडने पर वह उनसे व्यक्तिगत रूप से या उनके कार्यालय से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इसके पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी ने मुख्य अतिथि सुनीता श्रीवास्तव एवं संजय सोनी का को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं महाविद्यालय की पत्रिका ‘कीर्ति’ देकर सम्मानित किया।

महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ सारिका सिंह ने उपस्थित मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ की गतिविधियों से उपस्थितजनों को परिचित कराया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी ने महाविद्यालय की क्षमता और विशेषता से परिचय कराते हुए बताया कि यह महाविद्यालय पूर्वांचल का एक समृद्ध एवं गौरवशाली राजकीय महाविद्यालय हैं। जहां पर बेटियों के लिए शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर स्तर पर अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित हैं। महाविद्यालय अपनी सभी छात्राओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कंप्यूटर, ब्यूटीशियन, योग से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है तथा उनके जीवन में आने वाली समस्याओं के लिए भी वह समय-समय पर गोष्ठी और संगोष्ठियों के माध्यम से उन्हें जागरुक एवं सशक्त करता रहता है।

इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने अपने सवालों के माध्यम से अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस दौरान सदस्य छात्राओं के सवालों से अत्यधिक प्रभावित एवं प्रफुल्लित हुई। कार्यक्रम कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य शास्ता डॉ संगीता सिंह, आभार ज्ञापन एवं संयोजन महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार ने किया। कार्यक्रम में छात्राओं की भागीदारी उत्साहजनक रही। कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन के जनपद समन्वयक संतोष सिंह, वन स्टाप केंद्र की मैनेजर प्रियंका प्रजापति, महिला थाना प्रभारी नीतू मिश्रा, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ मनीष सोनकर, डॉ नेहा कुमारी, डॉ हरेंद्र यादव, डॉ गजनफर सईद, डॉ शिखा सिंह, डॉ ओम शिवानी एवं प्रज्ञा रेंजर छात्राएं तथा नव प्रवेशी छात्राएं विशेष रूप से उपस्थित रही।

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