राज राजतिलक की तैयारी,मंथरा कैकेई संवाद तथा कोप भवन लीला का मंचन हुआ





गाजीपुर । अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में नगर के मोहल्ला हरिशंकरी स्थित श्री राम चबूतरा पर लीला के चौथे दिन 20 सितंबर को राजतिलक की तैयारी मंथरा कैकैयी संवाद, कोपभवन लीला का मंचन हुआ। इसके पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी,मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने श्री राम सिंहासन पर विराजमान श्री राम लक्ष्मण सीता भरत शत्रुघ्न की आरती पूजा की। इसके बाद वंदे वाणी विनायकौ आदर्श रामलीला के कलाकारों द्वारा लीला के क्रम में राजतिलक की तैयारी बड़े ही सुंदर ढंग से किया। लीला में दर्शाया गया कि महाराजरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठके आश्रम में जाकर गुरुदेव से निवेदन करते हैं कि मै अयोध्या का राजतिलकअपने बड़े पुत्र श्री राम को सौंपना चाहता हूं। कुलगुरु वशिष्ठ उनके इच्छाओं का आदर करते हुए कहते हैं कि महाराज इसमें कोई इसमें कोई संदेह नहीं है। आपने बहुत ही अच्छा सोचा है। अयोध्या का राज्य श्री राम को ही मिलना चाहिए। गुरु की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ अपने दरबार में आकर मंत्री सुमंत को आदेश देते हैं। महाराज दशरथ के आदेश के अनुसार सुमंत ने पूरे नगर को आकर्षक ढंग से सजवा देते नगर में है। पूरे अयोध्या में चहल-पहल हो गया। इसी बीच दासी मंथरा नगर में भ्रमण के दौरान देखा कि पूरा नगर ध्वज पताकाओं से सुसज्जित है और चहल-पहल हैं। वह पुरवासियों से अयोध्या सजने का कारण पूछती है पूर- वासियों ने बताया कि कल सुबह महाराज दशरथ द्वारा अयोध्या का राज तिलक अपने बड़े पुत्रश्री राम को सौंपने का निर्णय लिया है। इतना सुनते ही वह दौड़ी हुई महारानी कैकेई के कक्ष में जाकर राम के राजतिलक होने का संदेश सुनाती है। और महारानी कैकेई से कहती है कि महारानी जी आपके पुत्र कुमार भरत को महाराज दशरथ ने उसके ननिहाल कैकेय देश मे भेज दिया। इधर राम के राज तिलक की तैयारियां जोरों से हो रही है। मैं आपको एक परामर्श देना चाहती हूं कि आप अपने स्वर्ण भूषण तथा राजश्री वस्त्र को उतार कर धरती पर बिखेर दो। कोप भवन में जाकर फटे पुराने वस्र धारण करके जमीन पर लेट जाएं। महारानी कैकई दासी के बहकावे में आकर वह अपने गहने तथा सोने के आभूषणो को जमीन पर बिखरते हुए कोप भवन में चली जाती हैं।
इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, राम सिंह यादव कुश कुमार त्रिवेदी राजकुमार शर्मा कृष्णांश त्रिवेदी आदि रहे।