गाजीपुर। सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत मंगलवार को विकसित भारत 2047 थीम पर सीनियर वर्ग स्नातक/ परास्नातक विद्यार्थियों के लिए जनपद स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन महुआबाग स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न हुआ। यह आयोजन उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में विद्यार्थियों को 2047 तक विकसित राष्ट्र की संकल्पना से जुड़े विभिन्न मुद्दों से परिचय कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक श्री प्रकाश सिंह एवं सह नोडल राजकीय महिला पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग के प्रभारी डॉ राजेश कुमार यादव रहे । कार्यक्रम में जन भारती महाविद्यालय पलवल, राजकीय महाविद्यालय गहमर, पंडित दीनदयाल राजकीय महाविद्यालय सैदपुर एवं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की 70 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसके अंतर्गत छात्राओं ने 2047 तक बदलते भारत के विविध स्वरूप यथा डिजिटल क्षेत्र, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि, राजनीति, अंतरिक्ष, कृषि आदि क्षेत्रों में भावी भारत की कल्पना को चित्रों एवं रंगों के माध्यम से उकेरने का प्रयास किया।

छात्राओं ने भविष्य के भारत में डिजिटल एवं तकनीकी उन्नति, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में अतिशय सकारात्मकता प्रकट किया । छात्रों के इन पोस्टरो का मूल्यांकन निर्णायक मंडल के सदस्यों डॉ सूर्यनाथ पांडे, सतीश कुमार सिंह एवं अशरफ अली द्वारा किया गया। निर्णायकों द्वारा रागिनी एम ए प्रथम सेमेस्टर, दीपांशी कुमारी बी ए प्रथम सेमेस्टर एवं पायल कुमारी बी ए तृतीय सेमेस्टर को क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चुना गया।

कार्यक्रम के दौरान सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अरविंद कुमार, प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनिता कुमारी, कुश राय जिला समन्वयक समग्र शिक्षा, आदि ने प्रतियोगिता का निरीक्षण करते हुए छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के संयोजन एवं समन्वय के रूप में डॉ राजेश कुमार यादव, एवं प्रबंधन में डॉ शिव कुमार, डॉ आनंद चौधरी, डॉ पीयूष सिंह की प्रमुख भूमिका रही जबकि पंजीकरण का दायित्व डॉ शैलेंद्र यादव, डॉ संगीता, डॉ नेहा, डॉ हरेंद्र यादव ने निर्वहन किया।

डॉ मनीष सोनकर, डॉ हसीन अहमद, डॉ शिल्पी राय, डॉ ओम शिवानी, डॉ इकलाख खान, डॉ गजनफर सईद ने कक्ष निरीक्षण का दायित्व निभाया। कार्यक्रम में डॉ सारिका सिंह, डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ शशिकला जायसवाल, डॉ सर्वेश कुमार सिंह आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।
