हमारी पूजा पद्धति भिन्न हो सकती है गन्तव्य एक है

हमारी पूजा पद्धति भिन्न हो सकती है गन्तव्य एक है

गाजीपुर। जनपद के बेदौली में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभिन्न पंथों में बंटे होने के बावजूद हम सब एक हैं। बेदौली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में आयोजित हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला के अंतर्गत बदौली में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकजुटता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष बल दिया। हिंदू घटा तो देश बंटा विपिन सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला सह कार्यवाह विपिन सिंह ने समाज को सचेत करते हुए बताया कि इतिहास गवाह है कि जब जब हिंदू समाज की शक्ति कम हुई है या हिंदू घटा है, तब-तब राष्ट्र की सीमाओं को क्षति पहुंची है और देश के टुकड़े हुए हैं। उन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए हिंदू एकता को अनिवार्य बताया। इसी क्रम में संपूर्णानंद उपाध्याय खंड विस्तारक ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू कोई सीमित पंथ नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण पृथ्वी पर सनातन ही एकमात्र मूल धर्म है, शेष सभी अलग अलग उपासना पद्धतियां या पंथ हैं। हिंदुओं का वास्तविक उत्थान तभी संभव है जब हम जाति, क्षेत्र और भाषा की संकीर्ण दीवारों को तोड़कर स्वयं को केवल और केवल हिंदू मानें। कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए खंड कार्यवाह राघवेन्द्र ने आध्यात्मिक उदाहरणों के माध्यम से हिंदुओं को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी पूजा पद्धतियां भिन्न हो सकती है कोई भगवान शिव को पूजता है, कोई मां काली का भक्त है, तो कोई भगवान बुद्ध का अनुयायी है विभिन्न मतों और संप्रदायों में बंटे होने के बावजूद, हम सभी का गंतव्य एक है। हमें अपनी व्यक्तिगत मान्यताओं के साथ-साथ भारत माता के उत्थान के लिए संगठित होकर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान सम्मेलन के आयोजक व निवर्तमान मंडल अध्यक्ष सतीश चंद्र राय ने सभी आगंतुकों को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंदन मास्टर ने की। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष रोशन कुशवाहा, वीरेंद्र यादव, मोहन राम, उमेश गौड़, उर्मिला देवी सहित क्षेत्र के सैकड़ों नर-नारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा क्षेत्र भारत माता की जय और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से भारत माता की आरती के साथ सम्पन्न हुआ।

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