गाजीपुर। सोमवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा प्रथम एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान प्राचार्य के संरक्षण एवं कार्यक्रम अधिकारियों के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राओं ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। रैली में सड़क सुरक्षा संबंधी नारों जैसे ना शौक ना मजबूरी हेलमेट पहनना है जरूरी, वाहन धीरे चलाएं अपना कीमती जीवन बचाएं, के द्वारा नागरिकों को जागरूक किया गया।

द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो. अनिता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी की मुख्य वक्ता डॉ सारिका सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन वृतांत एवं आदर्शों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने भारत की आध्यात्मिक परंपरा को पूरे विश्व में पहचान दिलाई। साथ ही स्वयंसेवकों को स्वामी जी के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।

युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग के क्षेत्रीय युवा अधिकारी अखिलेश ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार और कार्य आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं और राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाते हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीष सोनकर ने स्वामी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है यही युवा जागरुक शिक्षित और चरित्रवान हो जाए तो कोई भी देश विश्व गुरु बन सकता है।

संगोष्ठी का संचालन डॉ रामनाथ केसरवानी के निर्देशन में स्वयंसेवी छात्रा शुमाइला एवं आकांक्षा ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओम शिवानी द्वारा किया गया। संगोष्ठी के दौरान महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार, प्राध्यापक डॉ आनंद, डॉ पीयूष, डॉ एखलाक, डॉ गजनफर, युवा कल्याण विभाग के सदस्यों सहित महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहे। प्रथम एक दिवसीय शिविर के सफल संचालन में स्वयंसेवी छात्राओं आर्या, अक्षिता, शालू, रिया, अंजली आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



