गाजीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहाकार समूह के सदस्य एवं एनर्जी एक्सपर्ट रविकान्त मिश्रा ने मंगलवार को विकास भवन में जनपद के सोलर पम्प के लाभार्थियों, सोलर पम्प प्रदाता, वेंडर्स, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, यू०पी० नेडा, बैंक और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ पी.एम. कुसुम योजनान्तर्गत सोलर पम्प, पी.एम. सूर्य घर योजना एवं ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों एवं सम्भावनाओं के सम्बन्ध में संवाद किया। श्री मिश्रा ने पी.एम. कुसुम योजनान्तर्गत कृषकों के यहाँ स्थापित सोलर पम्प से हो रहे लाभ के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक वार्ता की। पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अन्तर्गत स्थापित सोलर रूफ टॉप के लाभार्थियों से भी फीडबैंक लिया।

किसानों के बीच सोलर पम्पों की घटती मांग के सम्बन्ध में श्री मिश्रा द्वारा जानकारी चाही गयी, जिस पर उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया कि वर्तमान समय में सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली आपूर्ति, विद्युत चालित पम्पों की अपेक्षा सोलर पम्प से पानी का कम डिस्चार्ज होना आदि प्रमुख कारण हैं। बैठक में उपस्थित लाभार्थियों द्वारा बताया गया कि पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से स्थापित सोलर से उनके बिजली के बिल में काफी कमी आई है साथ ही स्थापित सोलर में किसी भी प्रकार का मेंटेनेंस नही है। सूर्य की रोशनी से बिजली उत्पादित कर बिजली के बिल की बचत कर रहे हैं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य गाजीपुर, उप कृषि निदेशक गाजीपुर, जिला कृषि अधिकारी, परियोजना प्रभारी यू०पी० नेडा, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, पीएम कुसुम योजना एवं पीएम सूर्य घर योजना के वेंडर, जिला अग्रणी प्रबन्धक, यूनियन बैंक आफ इण्डिया, गाजीपुर आदि उपस्थित रहे। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होने कहा कि 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश तभी सम्भव हैं जब ऊर्जा के स्रोत में नवीनीकृत ऊर्जा सौर ऊर्जा को घर-घर व्यापक बनाया जा सके क्योकि ऊर्जा के कई प्राकृतिक स्रोत कुछ दशकों में समाप्त हो जायेगें और ऊर्जा की खपत दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं।

बैठक के उपरान्त श्री मिश्रा ने ग्राम पंचायत छावनी लाईन में स्थापित कराये गये सोलर पम्पों एवं पी.एम. सूर्य घर योजना के लाभार्थियों के यहाँ जाकर लाभार्थी कृषकों से योजना को और प्रभावी कैसे बनाया जाय इस सम्बन्ध में तमाम जानकारी प्राप्त की। इच्छुक लाभार्थियों को लाभ प्राप्त करने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं और शासन स्तर से इस पर क्या नीति होनी चाहिए इन बिन्दुओं पर किसानों ने खुल कर अपने विचार रखे। किसानों ने आवारा जानवरो से बचाव के लिए सोलर फेन्सिग योजना को और अधिक लचीला बनाने और लक्ष्य बढ़ाते हुये कलस्टर के बजाय किसान केन्द्रित प्रावधानों की आवश्यकता पर बल दिया गया। क्षेत्र भ्रमण के पश्चात रविकान्त मिश्रा ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मुलाकात कर व्यापक विचार विमर्श किया। जनपद को ऊर्जा आवश्यकताओं, निवेश प्रस्तावों और भविष्य के ऊर्जा परिदृश्य पर गहन विचार विमर्श किया।