एसआईआर को लेकर सपा का आरोप
गाजीपुर। जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम एसआईआर के मतदाता ड्राफ्ट आने के बाद अब दूसरे फेज में फार्म 6 के माध्यम से नाम दर्ज करने और फॉर्म 7 के माध्यम से नाम कटवाने और जिन मतदाताओं का नाम अनमैपड रह गया है उन्हें निर्वाचन विभाग के द्वारा नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस प्राप्त करने वाले लोग अपना वैध प्रपत्र देकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कर रहे हैं। इन्हीं सब कार्यों के बीच समाजवादी पार्टी के द्वारा एक बड़ा आरोप भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन विभाग पर लगाया गया है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष और पन्ना प्रभारियों ने फर्जी तरीके से फॉर्म 7 भरकर और फर्जी हस्ताक्षर कर बीएलओ पर दबाव बनाकर पीडीए मतदाता और खासकर मुस्लिम मतदाता का नाम कटवा रहे हैं।

इस सब मामलों को लेकर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जंगीपुर, सदर और मोहम्मदाबाद के विधायक भी ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। इन सभी लोगो ने पत्र सौप कर इस धांधली को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि अभी इस पर प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो वह आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने को बढ़ेंगे। इतना ही नहीं जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे जिला अध्यक्ष ने अपने हाथों में सैकड़ो फॉर्म साथ भी लिए हुए थे जो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भरकर बीएलओ के पास दिए हुए थे लेकिन समाजवादी पार्टी के BLO और कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर फॉर्म छोड़कर भाग गए थे।

इस पूरे मामले पर जिला अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि कुछ बूथों पर फॉर्म 7 के माध्यम से कुछ आपत्तियां मिली हुई है और उन्हीं को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी मिला हुआ था और इसी को लेकर जिला अधिकारी के द्वारा सभी पार्टी के पदाधिकारी की एक बैठक भी बुलाई गई थी जिसमें बताया गया है कि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक सिर्फ इस मामले में आपत्तियां प्राप्त करनी है और इस तरह की आपत्ति करने का अधिकार सभी पार्टियों को है और ऐसे में यदि कोई भी आपत्ति देता है तो हमारे बीएलओ को या फिर हमारे अधिकारियों को वह आपत्तियां लेनी पड़ेगी। ऐसे में ध्यान देने वाली बात यह है कि जो भी आपत्ति करता है वह इस विधानसभा का होना चाहिए जो विधानसभा का आपत्ति दे रहा है अगर यदि BLO उस आपत्ति को सही मान रहा है तब उसे आपत्ति पर नोटिस जारी किया जाएगा और इस मामले पर सुनवाई की जाएगी। बगैर सुनवाई का किसी का भी नाम नहीं काटा जाएगा।
