अनुदेशकों ने मुंह मीठा कर मनाया जीत का जश्न

गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले करीब 20-22 सालों से अनुदेशक के पद पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई तब उन्हें 8940 का मानदेय दिया गया लेकिन उसके करीब 18 महीने के बाद ही उनसे वेतन के 1840 रुपया रिकवरी करते हुए ₹7000 मानदेय निर्धारित किया गया और फिर बाद में ₹2000 बढ़ा दिया गया तब से लेकर अब तक अनुदेशक अपने न्यूनतम मानदेय पर लगातार शिक्षक के रूप में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं लेकिन मात्र ₹7000 के मानदेय पर कार्य कर रहे हैं और इसी को देखते हुए अनुदेशक संगठन के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए इन लोगों का मानदेय बढ़ाते हुए 17000 रुपए करने का निर्देश दिया है साथ ही साल 2017 -18 से इन्हें एरियर के रूप में बकाया का भी भुगतान करने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा अब इन सभी अनुदेशकों को परमानेंट करने की भी बात कही है जिसकी जानकारी होते ही अनुदेशकों में काफी खुशी की लहर देखने को मिल रही है और इसी को लेकर गुरुवार को सदर URC पर अनुदेशकों ने जीत का जश्न मनाया और बताया कि यह हमारी धैर्य और तपस्या का प्रतिफल है कि आज कोर्ट ने सुप्रीम राहत देते हुए हमारा मानदेय 17000 करते हुए हमें परमानेंट नियुक्ति की भी बात कही है और सबसे बड़ी खुशी इन लोगों की इस बात की थी कि जो अब तक यह लोग बंधुआ मजदूर की तरह कार्य करते थे और कोर्ट ने बधुआ मजदूर को लेकर भी टिप्पणी किया था अब यह सभी लोग उसे भी अब आजाद हो जाएंगे।

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.