गाजीपुर। सदर कोतवाली अंतर्गत बिलईचिया गांव जहां पर करीब 7 से 8 महीने पहले सेना की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से पिछले 30-40 सालों से रहने आने वाले लोगों को सेना के अधिकारियों ने अपनी भूमि को चिन्हित करने के बाद अतिक्रमण हटाने का काम किया था और इस अतिक्रमण में करीब 40 से 50 परिवार बेघर हो गए थे जो पास के ही गांव और बगीचों में इस कड़कड़ाती ठंड और बीते हुए बारिश के महीना में रहने को मजबूर हुए थे और इस अतिक्रमण को हटाए जाने को लेकर जमकर राजनीति भी हुई थी तब जिला प्रशासन के द्वारा इस बात को कहा गया था की जिनका भी अतिक्रमण में मकान गिराया गया है यदि उनके पास कोई अपनी जमीन नहीं होगी तो ऐसे लोगों का चिन्हकन कर उन्हें भूमि पट्टा करते हुए बसाने का काम किया जाएगा लेकिन कई महीना बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसको लेकर गुरुवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी को एक पत्र सोपा और बताया कि पिछले कई महीनो से यह लोग बगीचे में प्लास्टिक डालकर रह रही है और प्रशासन के द्वारा उन्हें भूमि देने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक नहीं दिया गया है जिसको जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तत्काल एसडीएम को इस बात का निर्देश दिया कि इन सभी लोगों का सर्वे कर लिया जाए और जो भी इसके पात्र व्यक्ति नजर आते हैं उन्हें भूमि का पट्टा कराया जाए साथ ही उन्होंने यह भी क्लियर किया कि जब तक इन्हें भूमि का पट्टा नहीं हो जाता है तब तक सेना के द्वारा जो नोटिस भेजी जा रही है लेकिन आगे अभी अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।