गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में बुधवार को ‘सोशल मीडिया का उपयोग समाज के लिए वरदान या अभिशाप’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया तथा इसके पक्ष एवं विपक्ष में अपने तर्क दिए। सोशल मीडिया के समर्थन में बोलने वाली छात्राओं ने सोशल मीडिया के बृहद उपयोग, इसकी आवश्यकता, सभी लोगों एवं सभी क्षेत्रों में इसकी स्वीकार्यता एवं जीवन के सरल, सुलभ एवं सहज होने, स्वास्थ्य, रोजगार , प्रशिक्षण आदि क्षेत्र में इसकी व्यापक प्रभाव के रूप में इसकी सराहना की गई।

जबकि विपक्ष में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण अपराध, अकेलापन में वृद्धि, सामाजिक संबंधों में कमी, सामाजिक क्रियाकलापों में लोगों की घटती रुचि, संवेदनशीलता में कमी, शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट एवं युवाओं की समय की बर्बादी, कन्फ्यूजन एवं तमाम विकृतियों को सोशल मीडिया से जोड़ा गया। निर्णायक मंडल के सदस्यों डॉ शिवकुमार, डॉ सारिका सिंह, एवं डॉ शिल्पी राय ने सभी छात्राओं के विचारों को सुनते हुए श्रेया मौर्य एम ए प्रथम वर्ष, विजयलक्ष्मी प्रजापति बीए द्वितीय वर्ष तथा काजल गुप्ता एम ए प्रथम वर्ष को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चुना। कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वय डॉ राजेश कुमार यादव तथा आभार ज्ञापन डॉ हरेंद्र यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ हसीनखान, डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ आनंद कुमार चौधरी आदि प्राध्यापक एवं एवं महाविद्यालय की सुधी छात्राएं उपस्थित रही।
