







गाजीपुर।जनपद उच्च प्राथमिक विद्यालय, बीकापुर (सदर) में “स्कूल चलो अभियान” के अंतर्गत एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा एवं मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की गरिमामयी उपस्थिति रही।जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात “स्कूल चलो अभियान” के तहत बच्चों के नामांकन (Enrollment ) की औपचारिक शुरुआत की गई। अधिकारियों द्वारा नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं पाठ्य सामग्री वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अपने बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में विद्यालय में स्थापित एस्ट्रो लैब (AstroLab ) का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी द्वारा फीता काटकर किया गया। उद्घाटन के उपरांत अधिकारियों ने दूरबीन (Telescope ) के माध्यम से आकाशीय पिंडों एवं दूरस्थ वस्तुओं के अवलोकन की प्रक्रिया को देखा तथा बच्चों को इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में एस्ट्रो लैब की महत्ता पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि “एस्ट्रो लैब केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि बच्चों के लिए विज्ञान की दुनिया का द्वार है। इसके माध्यम से बच्चे आकाश, ग्रह-नक्षत्रों एवं ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की जिज्ञासा विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार की प्रयोगात्मक सुविधाओं का नियमित उपयोग अत्यंत आवश्यक है, जिससे बच्चों में ‘करके सीखने’ (स्मंतदपदह इल क्वपदह) की प्रवृत्ति विकसित हो सके।”उन्होंने आगे निर्देशित किया कि एस्ट्रो लैब का नियमित एवं प्रभावी अनुप्रयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह केवल एक प्रदर्शन तक सीमित न रहकर बच्चों के दैनिक शिक्षण-अधिगम का हिस्सा बने। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे बच्चों को प्रतिदिन या साप्ताहिक रूप से लैब का उपयोग कराएं तथा विज्ञान विषय को रोचक और अनुभवात्मक बनाएं।
उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे चारों ओर है। एस्ट्रो लैब के माध्यम से आप स्वयं प्रयोग कर सकते हैं, आकाश को समझ सकते हैं और अपने अंदर छिपे वैज्ञानिक को पहचान सकते हैं।”उन्होंने बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने एवं नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने अपने संबोधन में बच्चों को अनुशासन, सुरक्षा एवं जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हुए शिक्षा के महत्व पर बल दिया। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा को समाज के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताते हुए “निपुण भारत मिशन” के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें देशभक्ति गीत, नृत्य एवं लघु नाटिकाएं शामिल रहीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय को “निपुण” बनाने हेतु सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई।कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।