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आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाले प्री स्कूल के लिए मिले 100 एजुकेशन किट

आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलने वाले प्री स्कूल के लिए मिले 100 एजुकेशन किट

ग़ाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा संचालित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग जिसके माध्यम से कुपोषण को दूर करने के लिए लगातार कार्य किए जाते हैं। वहीं अब इस विभाग के माध्यम से 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्री स्कूल के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिक्षा देने का कार्य भी शुरू किया गया है। जिसके लिए शिक्षा से संबंधित किट की जरूरत होती है। जिसके लिए राज्यपाल महोदया आनंदी बेन पटेल की पहल पर गाजीपुर के विभिन्न बैंकों एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से 100 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट प्राप्त हुआ। जिसका वितरण जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शहर परियोजना पर एक कार्यक्रम के माध्यम से किया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि पिछले दिनों राज्यपाल महोदय का आगमन पूर्वांचल यूनिवर्सिटी जौनपुर में हुआ था । उन्होंने 100 केंद्र जहां पर प्री स्कूल चलाए जाते हैं इसके लिए सीएसआर फंड के माध्यम से एजुकेशन किट उपलब्ध कराए थे। जिसका वितरण आज शहर परियोजना कार्यालय पर एक कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। जिसकी मुख्य अतिथि जिला अधिकारी आर्यका अखौरी रहे। उन्होंने आंगनबाड़ियों को अपने हाथों से एजुकेशन किट वितरण किया। इस दौरान उन्होंने सभी आंगनबाड़ियों को एजुकेशन किट को सुरक्षित रखने और इसका बेहतर प्रयोग कर 6 साल से कम उम्र के बच्चों को प्री शिक्षा के तहत स्वावलंबी बनाने का निर्देश भी दिया। आंगनबाड़ियों ने भी जिला अधिकारी की बातों से सहमति जताते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुरक्षित रखने का भरोसा दिया।

उन्होंने बताया कि जनपद के लिए कुल 100 किट प्राप्त हुए हैं। जिसमें से एक ब्लॉक में 5 -6 किट उन आंगनबाड़ी केंद्रों को दिए जाएंगे जिनका अपना भवन है। और इस किट को देने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से सत्यापित भी कराया जाएगा। बताते चले कि गाजीपुर जनपद में कुल 4127 आंगनबाड़ी केंद्र है। जिन केंद्रों के पास अपने भवन है। वहां पर 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए फ्री स्कूल चलाए जाते हैं। जिसके लिए इस तरह के एजुकेशन किट की जरूरत होती थी । जहां पर पूर्व में विभाग के द्वारा कुछ खरीदारी भी किया गया था । लेकिन अब सीएसआर फंड के माध्यम से इस तरह के किट मिलने से अब आंगनबाड़ी केंद्रों के प्री स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। बता दे की एचडीएफसी बैंक के द्वारा 20, यूनियन बैंक आफ इंडिया के द्वारा 45, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के द्वारा 14, लॉर्ड डिस्टलरी गाजीपुर के द्वारा पांच, सुखबीर एग्रो एनर्जी के द्वारा पांच और पेट्रोलियम कंपनियों के द्वारा कुल 10 किट प्राप्त हुए हैं। आज के इस कार्यक्रम मे सीडीपीओ अरुण दुबे,सायरा परवीन, समीर सिंह,बिरुमती, मुख्य सेविका तारा सिंह सहित विभिन्न ब्लॉकों की आंगनवाड़ी व अन्य लोग मौजूद रहे।

गड्ढे में फसी मलबा उठाने आई टैक्टर, लगा जाम

गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्रि पर्व को देखते हुए दो दिन पहले नगर पालिका द्वारा नगर के मिश्रा बाजार में नाली की सफाई कराई गई थी। और सड़कों के गड्ढों को भी भरा गया था। इसके बाद डीएम ने शुक्रवार की देर रात को सड़कों का निरीक्षण भी किया था। सोमवार की सुबह नगरपालिका की ट्रैक्टर ट्राली साफ सफाई के लिए नाली के मलबे को उठाने आई।

लेकिन भरे गए सड़क के गड्ढों का पोल खुल गया। बता दे कि जैसे ही नगर पालिका की ट्रैक्टर ट्रॉली मलबे को उठाने के लिए मिश्रा बाजार स्थित काली मां के मंदिर के पास आई। वैसे ही ट्रैक्टर ट्रॉली भरे गए गड्ढों में फस गया। इसके बाद करीब 1 घंटे तक नगर के मिश्रा बाजार क्षेत्र में जाम लग गया। काफ़ी मशक्कत के बाद जेसीबी ने ट्रैक्टर ट्रॉली को निकाला। इस दौरान एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों के आवागमन हेतु भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैक्टर ट्रॉली के गड्ढे में फंसते ही सड़कों के गड्ढा मुक्ति का पोल खुल गया। जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के गड्ढा मुक्ति के आदेशों का सही से पालन करने में असमर्थ दिख रही है।

जयंत नेत्र भंग, माता अनुसूईया संवाद एवं विराज बध लीला का हुआ मंचन

जयंत नेत्र भंग, माता अनुसूईया संवाद एवं विराज बध लीला का मंचन हुआ।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के 9वे दिन 6अक्टूबर रविवार शाम 6:00 बजे से राजा शंभू नाथ के बाग में पूरी भव्यता के साथ जयंत नेत्र भंग, माता अनुसूईया संवाद, विराज वध लीला का मंचन हुआ। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने प्रभु श्री राम लक्ष्मण सीता का पूजन आरती किया। इसके बाद वन्देवाणी विनायकौ आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों ने पूरी भव्यता के साथ लीला का मंचन शुरु किया। लीला में दर्शाया गया कि प्रभु श्री राम अपने वनवास काल के दौरान जंगलों को पार करते हुए चित्रकूट पहुंच कर एक शिला पर विश्राम कर रहे थे कि इसी दौरान उन्हें अपनी पत्नी सीता का श्रृंगार करने की इच्छा प्रकट हुई, वे बगीचे में पहुंचते हैं। और फूल तोड़कर सीता जी का श्रृंगार कर रहे थे कि अचानक देवराज इंद्र का पुत्र जयंत कौवे का रूप बनाकर आया और श्री राम के बल को देखना चाहता था। वह सीता की चरणों में अपने चोंच से चोट पहुंचाता है।

उसके चोँच के चोट से सीता जी के चरण से खून की धारा बहने लगता हैं। श्री राम ने सीता के चरण से खून की धारा बहते हुए देखकर तर्कस से तीर निकालकर कौवे के ऊपर प्रहार कर देते हैं। वह तीर कौवे का पीछा करने लगा तब कौवा भगवान श्री राम के छोड़े हुए बाण को देख कर घबराते हुए ब्रह्मा जी के पास जा करके कहता है कि हे प्रभु मेरी रक्षा करें। ब्रह्माजी ने उससे घबराने का कारण पूछा कि आखिर वजह क्या है कि प्रभु श्री राम तुमको मारना चाहते हैं यह सुनकर जयंत ने कहा कि प्रभु श्री राम अपनी पत्नी सीता को फूलों का गजरा बनाकर उनके जुड़े में लगा रहे थे तो मैंने सोचा कि श्री राम तीन लोक के मालिक हैं और वे अपने पत्नी सीता का श्रृंगार कर रहे हैं यह सोचकर उनके बल को मैं जानना चाहा। इस कारण मैं उनकी भार्या सीता के चरण में चोंच मार दिया। जिससे खून बहने लगा। खून को बहता देखकर श्री राम ने बाण का अनुसंधान करके मेरे ऊपर प्रहार कर दिया। हे प्रभु उनके द्वारा छोड़ा हुआ बाण मेरा पीछा करने लगा मैं डर के कारण दौड़ते हुए आपके पास आया जिससे हमारे जीवन की रक्षा हो सके।

इतना सुनने के बाद ब्रह्मा जी ने जयंत को बैठने तक को नहीं कहा उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम से बैर करने वालोकी रक्षा कोई नहीं कर सकता। यहां से तुरंत चले जाओ।वह निराश हो भगवान शंकर के पास कैलाश पर्वतपर जाकर शंकर जी से बोला कि हे भोले नाथ मेरे जीवन की रक्षा करें प्रभु श्री राम के बल को जानने के लिए मैंने कौवे का रूप धारण कर उनके भार्या सीता जी के चरण में अपने चोंच से प्रहार कर दिया, जिससे उनके चरण से खून की धारा बहने लगी। खून की धारा को बहते देखकर प्रभु श्री राम ने बाण का अनुसंधान करके मेरे ऊपर प्रहार कर दिया वह बाण मुझे मारने हेतु पीछा कर रहा है शंकर जी ने जयंत की बात को सुनकर उसको मदद करने से इंकार कर देते हैं। इसके बाद निराश होकर वह निराश होकर चल देता है थोड़ी दूर पहुंचने पर रास्ते में नारद जी से भेंट हो जाता है। वह नारद जी से सारी बातें बता देता है नारद जी उसके सारे बात को सुनकर कहते कि श्री राम से बैर करके तुमने अच्छा नहीं किया है श्री राम से बैर करने वाले की रक्षा तीन लोक में कोई नहीं कर सकता है।

अतः तुम मेरी बात मानकर श्री राम के शरण में जाओ और क्षमा की याचना करो वे दीन दुखियों पर दया करते हैं। तुम्हें जरूर क्षमा कर देंगे। नारद जी की बात को सुनकर जयंत भगवान श्री राम के चरणों में गिरकर क्षमा की याचना करता है भगवान श्री राम ने उसके ऊपर दया करते हुए उसका एक आंख फोड़कर उसे जीवनदान देते हैं। इसके बाद लीला के क्रम में प्रभु श्री राम चलते चलते अत्रि ऋषि केआश्रम पहुंचे जहां अत्रि ऋषिभगवान के भजन में लीन थे। उन्हें जब श्री राम के आने की सूचना मिलती है तो ऋषि अत्रि मुनि अपने ध्यान से बाहर होकर श्री राम के दर्शन पाकर प्रसन्न हो जाते हैं। और उन्हें अपने समक्ष आसन देकर कंदमूल फल भेंट करते हैं तथा उनकी स्तुति नमामि भक्त वत्सलं। कृपालु शील कोमलम्।। भजामिते पदाम्बुजं। अकामिना स्वधापदं।। निकाम श्याम सुंदरं। भवांबुनाथमंदरं। प्रफुल्ल कंज लोचनं मदादि दोष मोचनं। इस तरह स्तुति करने के बाद ऋषि अत्रि मुनि प्रभु श्री राम से कहते हैं कि हे प्रभु विनती करी मुनि नाईसिरू कह कर जोरि बहोरि। चरण सरोरूह नाथ जनि कबहु तजै मति मोरि। इस प्रकार ऋषि अत्रि ने प्रभु श्री राम से कहा कि हे नाथ हमें कभी छोड़िएगा मत उधर सीता जी को माता अनसूया अपने आश्रम के अंदर ले जाकर पति व्रत धर्म के बारे में शिक्षा देती हुई कहती है कि स्त्रियों का धर्म पति के चरणों में ही होना चाहिए।

जो नारी पति का अपमान करती है वे घोर नरक में वास करती है। कहां गया है कि एकै धर्म एक व्रत नेमां। काय वचन मन पति पद प्रेमा। स्त्रियों का एक धर्म एक ही कर्म है कि पति के चरणों में हमेशा प्रेम बना रहे। इसके अलावा कहा गया है कि ऐसे पतिकर किए अपमाना, नारी पाई यमपुर दुख नाना। अनसूया कहती है की हे सीते जो नारी अपने पति को छोड़कर पर पुरुष के साथ संबंध बनाती हैं और पति का अपमान करती हैं उसे करने के बाद घोर नरक में जाना पड़ता है। इसलिए नारी का कर्तव्य है कि अपने पति को अपने व्यवहार से खुश रखे उसका तिरस्कार व अपमान नहीं करना चाहिए। इसतरह की सती अनसूया द्वारा सीता जी को शिक्षा देकर आदरपूर्वक विदा किया। श्रीराम ने ऋषि अत्रि मुनि से आज्ञा लेकर आगे वन के लिए प्रस्थान कर देते हैं। आगे चलकर श्री राम प्रभु ने विराज नामक राक्षस का वध कर देते हैं। इस मौके पर मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, कृष्णांत्रिवेदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता अखिलेश सिंह, समाजसेवी इंदु सिंह, राजनसिंह आदि मौजूद रहे।

7 से 14 अक्टूबर तक रहेगा रूट डायवर्जन

गाजीपुर। शहर में दशहरा पर्व के मद्देनजर होने वाली भीड़ भाड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक रूप से रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। दुर्गा पूजा, दशहरा व मूर्ति विसर्जन को लेकर में 07 अक्टूबर की सुबह से 14 अक्टूबर की अर्धरात्रि तक डायवर्जन होना प्रस्तावित है जिसके दृष्टिगत जनपद के सुगम यातायात व्यवस्था के संचालन डायवर्जन स्कीम लागू किया गया है। जिसके क्रम में महाराजगंज हाइवें से किसी प्रकार के भारी वाहन शहर की तरफ नहीं आयेगे, वह हाइवे से जंगीपुर के तरफ चले जायेंगे। चौकिया बाजार से किसी प्रकार के भारी वाहन शहर की तरफ नहीं आयेगे, हाइवे के तरफ डायवर्जन किया जायेंगा।

वहीं अरशदपुर मोड जंगीपुर से किसी प्रकार के भारी वाहन शहर की तरफ नहीं आयेगे। मुहम्मदाबाद से आने वाले भारी वाहन अटवा मोड़ से शहर की तरफ नहीं आयेगे, उन्हें कासिमाबाद की तरफ मोड़ दिया जायेगा। भावरकोल से आने वाले भारी वाहन को बैजलपुर पेट्रोल पम्प तिराहे से कासिमाबाद की तरफ मोड़ दिया जायेगा। जबकि बलिया से आने वाले भारी वाहन मुहम्मदाबाद के तरफ नहीं आयेगे, पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे अण्डरपास से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे पर मोड़ दिये जायेगें। कासिमाबाद व लावा मोड़ से आने वाले भारी वाहन शहर की तरफ नही आयेंगे, लावा मोड़ से नसीरपुर मोड़ की तरफ मोड़ दियें जायेगें। करण्ड़ा से आने वाले भारी वाहन पी०जी० कालेज से शहर की तरफ नहीं आयेगें, पुलिस लाइन होते हुये हेतिमपुर मोड़ से हाइवे पर चले जायेगें। यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि रूट डायवर्जन 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान कोई भी रूट डायवर्जन का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

7 अक्टूबर को बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति

उपकेंद्र प्रकाशनगर के इन फीडरो की बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति


गाजीपुर। विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय के सब स्टेशन प्रकाशनगर के फीडर पुलिस लाइन, लाल दरवाजा और ओफियम फैक्ट्री
के पास एलटी एबीसी केबल का कार्य होना है। जिसमें मोहल्ला पुलिस लाइन डीटीआर 1, बगोला घाट, बबुआ सिंह कोठी, कोयला घाट के 400 केवीए ट्रांसफार्मर पर एलटी लाइन ABC तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा। जिसमे इतने मुहल्ले विद्युत आपूर्ति से प्रभावित होंगे। अधिशाषी अभियंता आशीष शर्मा ने बताया कि
इस फीडर पर 7 अक्टूब को भारत सरकार की योजना आरडीएसएस के अंतर्गत विद्युतीकरण एव अनुरक्षण का कार्य किया जाना है। अतः इन क्षेत्रों में प्रातः 09:00 बजे से 05:00 बजे तक कुल 8 घंटे विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी।

अनियंत्रित होकर गिरा गिट्टी लदा ट्रेलर

गाजीपुर। शहर क्षेत्र में बीती रात गिट्टी लाद कर जा रहा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। संयोग अच्छा रहा कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन आवागमन प्रभावित हो गया। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और ट्रैफिक की टीम ट्रक हटवाने और यातायात सुचारू ढंग से करने में जुट गई। हादसा वाराणसी-बलिया हाइवे पर गाज़ीपुर शहर के बंशीबाजार इलाके में हुआ। ट्रेलर पलटने की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली और पूरी यातायात व्यवस्था रेंगती हुई नजर आई।

यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बीती देर रात वाराणसी की तरफ से आ रहा गिट्टी लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर शहर के बंशीबाजार स्थित पेट्रोल पंप के पास पलट गया। ट्रेलर के बाईं तरफ पलटने और वहां फुटपाथ चौड़ा होने की वजह से कोई बड़ा हादसा तो नहीं हुआ लेकिन यातायात प्रभावित हो गया। ट्रेलर गिट्टी लेकर बलिया की तरफ जा रहा था। फिलहाल हाइड्रा मंगा कर ट्रेलर को सीधा करने और यातायात पूरी तरह से बहाल करने की कोशिश जारी है। हादसे के चलते ट्रक पर लदी गिट्टी सड़क किनारे बिखर गई।

भरत आगमन, मनावन एवं विदाई के लीला का हुआ मंचन


भरत आगमन, मनावन एवं बिदाई के लीला का मंचन हुआ।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला के आठवें दिन रविवार को सकलेनाबाद में भरत आगमन, मनावन और विदाई का मंचन हुआ। हरिशंकरी से भरत जी की शोभा यात्रा शुरू होकर मुरली कटरा, पावर हाउस लाल दरवाजा रोड, झुन्नू लाल चौराहा आमघाट ददरी घाट चौक, महुआ बाग चौराहा होते हुए सकलेनाबाद पहुंची। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल ने प्रभु श्रीराम लक्ष्मण सीता को माला पहनाकर आरती किया। उसके बाद बंदे बाणी विनायकौ आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा भरत मनावन व विदाई लीला का भव्य मंचन हुआ।

लीला में दर्शाया गया श्री राम लक्ष्मण सीता बनवास के दौरान भारद्वाज मुनि के आश्रम पर कुछ दिनों तक विश्राम करते हैं। उधर भरत जी को महर्षि वशिष्ठ दूत द्वारा उनके ननिहाल कैकेय देश में रथ भेज कर बुलवाते है। दूत भरत जी को गुरु वशिष्ठ का संदेश देते हुए उन्हें अपने साथ रथ पर सवार होकर अयोध्या चलने के लिए कहते है, तो भरत रथ पर सवार होकर अयोध्या के लिए चल देते हैं। थोड़ी ही देर में भरतजी का रथ अयोध्या नगरी के सीमा पर पहुंचता है तो अयोध्या वासी भरत जी को देखकर अपना मुंह दूसरी ओर घूमा लेते हैं। यह देखकर भरत सोच में पड़ जाते हैं। उधर दासी मंथरा गेट पर आरती की थाल लिए भरत जी के आने की राह देखती है। जब भरत का रथ महारानी कैकेई के दरवाजे पर पहुंचता है तो मंथरा आदर सत्कार के साथ उन्हें कैकेई के कक्ष में ले जाती है। भरत अपनी माता कैकेई के उदास चेहरा को देखकर पूछते हैं कि माताजी आपने यह हाल क्यों बना रखा है। बताइए पिताजी और भैया राम लक्ष्मण और भाभी सीता कहां है, इतना सुनने के बाद कैकेई ने कहा कि महाराज दशरथ स्वर्ग सिधार गए और राम लक्ष्मण सीता 14 वर्षों के लिए वन चले गए हैं। अब तुम नाश्ता पानी करके राजदरबार में जाकर अयोध्या का राजपाट ग्रहण करो।

वहां अयोध्यावासी तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे हैं। जब भरतजी ने अपने पिता महाराज दशरथ को स्वर्ग सुधारने तथा बड़े भाई श्री राम के वनवास की कहानी सुने तो वह क्रोधित होकर अपनी माता कैकेई को खरी खोटी सुना कर राजदरबार में जाकर अयोध्या का राज ठुकराते हुए सभी अयोध्या वासियो तथा गुरु वशिष्ठ के साथ रथ पर सवार होकर के अपने भाई श्री राम को मनाने के लिए वन प्रदेश के लिए चल देते हैं और वे श्रृंगवेरपुर पहुंच कर वे निषाद राज केवट से श्री राम का पता पूछते हुए भारद्वाज ऋषि के आश्रम पहुंचते हैं। भरत के आने की सूचना लक्ष्मण को मिलती है तो वह तिलमिला कर धनुष बाण लेकर भरत से युध्द करने के लिए तैयार होते हैं तो इसी बीच राम ने लक्ष्मण को समझा बूझाकर शांत किया और भरत के आने की प्रतीक्षा करने लगे। इतने में भारद्वाज मुनि के आश्रम के कुछ दूरी पर भरत का रथ पहुंचता है और रथ से भरत शत्रुघ्न गुरु वशिष्ठ सहित माताएं पैदल ही आश्रम की ओर चल देते हैं। जब श्री राम ने गुरु वशिष्ठ भरत शत्रुघ्न सहित माताओ को आते देखते है तो वे भी चल पड़े।

थोड़ी देर में भरत श्रीराम को देखते हैं और उनके चरणों में साष्टांग दंडवत करते हुए जमीन पर लेट जाते हैं। भरत को जमीन पर लेटे देखकर बड़े आदर के साथ भरत को उठाकर अपने गले से लगाते हैं। दोनों भाइयों में समाचारों का आदान-प्रदान होने लगता है इसके बाद भरत अपने बड़े भाई श्री राम को वापस अयोध्या चलने के लिए आग्रह करते हैं। जिसे सुनकर सुनकर श्रीराम ने अयोध्या जाने से इन्कार कर देते हैं और भाई भरत को समझा बूझाकर अपनी चरण पादुका भरत जी को देकर विदा कर देते हैं। भाई-भाई के प्रेम को देखकर वहां उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। वही श्री राम और भरत के जयकारों से लीला स्थल गूंज उठाता है।
इस मौके पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उप मंत्री लव त्रिवेदी, मेला‌प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, गामा यादव, कृष्णांश त्रिवेदी आदि रहे।

बदले जाएंगे जर्जर तार, बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति


पुराने जर्जर तारों को बदलने से बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति

गाजीपुर। सब स्टेशन प्रकाशनगर फीडर लाल दरवाजा के मोहल्ला गोइजीतर,गोलाघाट, नियर कोतवाली,कोयला घाट में 400 केवीए ट्रांसफार्मर पर एलटी लाइन के ABC तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा, जिसमे उक्त क्षेत्र की विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी। वही अधिशाषी अभियन्ता आशीष शर्मा ने बताया कि उक्त फीडर पर 6/10/2024 को भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत उक्त फीडर पर विद्युतीकरण एव अनुरक्षण का कार्य किया जाना है। जिसे इन क्षेत्रों में प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। असुविधा के लिए खेद है।

मिशन शक्ति को लेकर डीएम-एसपी ने किया अधिकारियों संग बैठक, कहा….

गाजीपुर। महिलाओं एवं बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु शारदीय नवरात्र के पर्व पर ‘मिशन शक्ति’ के विशेष अभियान (फेज-5) का शुभारंभ हो गया है। जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन की दृष्टि से प्रदेश में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति फेज- 5 के अंतर्गत विशेष अभियान चलाए जा रहा है। यह अभियान 3 अक्टूबर 2024 से 90 दिनों तक चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों की सहभागिता से अनेकों गतिविधियां की जाएंगी। सभी विभाग शासनादेश के अनुसार कार्ययोजना बनाकर गंभीरता से कार्य करें।

उन्होंने बताया कि अभियान में महिला पुलिस कर्मी ग्रामन्याय पंचायत हेतु नियुक्त बीसी सखी, राजस्व लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, सचिव , आंगनवाड़ी कार्यकत्री तथा अन्य सरकारी विभागों के कर्मियों से समन्वय कर महिला सुरक्षा, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना एवं महिला हिंसा से संबंधित और अन्य शिकायतों के निवारण हेतु विभिन्न हेल्पलाइन नंबर फोरम के संबंध में खुली बैठक कर जानकारी प्रदान करेंगी। इसके साथ ही उन्होने पंफलेट, होर्डिंग और सेल्फी प्वाइंट बनाए जाने के लिए निर्देश दिए गए। एनजीओ के साथ समन्वय कर कार्यक्रम को सफल बनाए जाने हेतु निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करेगा। बेसिक शिक्षा विभाग बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ते हुए उनकी सुरक्षा व शिक्षा से संबंधित विषयों के बारे में जागरूक करेंगे। इस प्रकार सभी संबंधित विभाग दिए गए दायित्वों का प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।

समाधान दिवस पर डीएम-एसपी ने किया मामलों का निस्तारण

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस शनिवार को तहसील सदर में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा की उपस्थिति  में सम्पन्न हुआ। जिसमे 44 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए और मौके पर 04 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातांे तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 398 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 26 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी  ने सम्पूर्ण समाधान दिवस मंे प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रो को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलम्ब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए पत्रों का निस्तारण कराए। उन्होनेे आई जी आर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो को आगामी तीन दिवस में शत-प्रतिशत निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से होती है। इसमे लापरवाही पर सम्बन्धित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर तहसीलदर, एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।