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यादगार दिवसों पर अवश्य करें पौधारोपण

वृक्ष पर्यावरण संरक्षण हेतु आवश्यक

यादगार दिवसों पर अवश्य करें पौधारोपण

गाजीपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राम जानकी पैलेस युसूफपुर के सभागार में पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की महत्व विषय गोष्ठी सम्पन्न हुई। जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया एवं उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए हर सम्मानित जन से अपने यादगार दिवसों पर एक वृक्ष का पौधारोपण कर उसका संरक्षण और संवर्धन करने का आग्रह किया गया।
वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में कहा कि आधुनिकता से परिपूर्ण जीवन शैली के कारण मानव प्रकृति का दोहन करता जा रहा है। इससे पृथ्वी का प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र असंतुलित होता जा रहा है जो जीव जगत के लिए अत्यंत हानिकारक है। अपने स्वार्थ के वशीभूत और जनसंख्या वृद्धि के कारण मानव ने प्राकृतिक पदार्थों का दोहन कर जो परिस्थितियां पैदा की है, उसके चलते प्राकृतिक तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है और इसका खामियाजा तपती गर्मी के रूप में सामने आता जा रहा है। प्रदूषण के चलते अनेकों जीव प्रजातियां पृथ्वी से लुप्त होती गई और गिद्ध और गौरैया जैसे सामान्य पाए जाने वाले जीव अब विलुप्त होने के कगार पर हैं। यदि ऐसे में हम नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।
आज वनों की अंधाधुंध कटाई, रासायनिक तथा रेडियोएक्टिव पदार्थ की बढ़ती उपयोगिता, भूमि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण तथा अनावश्यक भूमिगत जल दोहन लगातार बढ़ता जा रहा है‌। इससे बचने के लिए वृक्षारोपण सबसे कारगर उपाय है।
गोष्ठी की अध्यक्षता काउंसिल के सलाहकार एवं समिति के प्रांतीय संयुक्त सचिव डा.ए के राय ने तथा संचालन प्रकाश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर पांच पौधों का रोपण किया गया। गोष्ठी में पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह, आशीष कुमार सिंह, अभिषेक राजभर, निलेश राजभर, पप्पू खान, शिवम राय सहित क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

डीएम ने मतगणना स्थल के व्यवस्थाओं का लिया जायजा

डीएम ने मतगणना स्थल के व्यवस्थाओं का लिया जायजा

गाजीपुर। लोक सभा चुनाव 2024 के मतगणना को सकुशल, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आर्यका अखौरी ने मंगलवार को जंगीपुर मण्डी मतगणना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पीने का पानी, साफ-सफाई, विद्युत, कुलर, पंखे, एवं शौचालय व्यवस्था दुस्त रखने का सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

मतगणना स्थल पर जाने वाले रास्तों पर रहेगा रूट डायवर्जन

मतगणना स्थल पर जाने वाले रास्तों पर रहेगा रूट डायवर्जन

सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा रूट डायवर्जन

केन्द्रीय बल के साथ अन्य पुलिस बल रहेगा मतगणना स्थल पर तैनात

गाजीपुर। चार जून को जंगीपुर मंडी में होने वाली मतगणना को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मंडी समिति जाने वाले मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इसके लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके अलावा मंडी समिति के आसपास पुलिस व पीएसी के साथ ही सीआरपीएफ के जवान भी तैनात रहेंगे। चार जून को आखिरी चरण के लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना होनी है। मंडी समिति में होने वाली मतगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। मंडी समिति में मंगलवार को होने वाली मतगणना के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंडी समिति जाने वाले मार्गों पर वाहनों के लिए पुलिस की ओर से रूट डायवर्ट किया जाएगा। हाईवे तेरा अरशदपुर जंगीपुर से कोई भी वाहन नवीन मंडी जंगीपुर की तरफ नहीं जाएगा। यादव मोड जंगीपुर से कोई भी वाहन नवीन मंडी की तरफ नहीं जाएगा। तारनपुर मोड जंगीपुर से कोई भी वाहन नवीन मंडी की तरफ नहीं जाएगा। देवकठिया पुल के नीचे जंगीपुर की तरफ से कोई भी वाहन मंडी की तरफ नहीं चलेगा। देवकठिया एफसीआई गोदाम जंगीपुर से कोई भी वाहन नवी मंडी तरफ नहीं चलेगा। बिलैचिया तिराहा कोतवाली से कोई भी वाहन नवीन मंडी जंगीपुर की तरफ नहीं जाएगा। अंधऊ चेक पोस्ट तिराहा कोतवाली से कोई भी वाहन नवीन मंडी जंगीपुर की तरफ नहीं जाएगा। यह रूट डावर्जन आपातकालीन वाहनों पर लागू नहीं रहेगा। मतगणना ड्यूटी में लगे अधिकारी, कर्मचारी और एजेंट अधिकृत वाहन पास जिसके पास है उसके उपर यह रूट डायवर्जन नहीं लागू होगा। जंगीपुर के सभी लोग इस परिस्थिति में मोहम्मद पुर चौराहा से जंगीपुर की तरफ जाएंगे। एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि मतगणना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतगणना के दौरान सुबह पांच बजे से मतगणना समाप्ति तक रूट डायवर्जन लागू रहेगा।

हत्यारोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

हत्यारोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर। दिलदारनगर थाना पुलिस द्वारा हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। थाना दिलदारनगर के ग्राम खजुरी मे 2 जून 2024 को प्रेम प्रंसग को लेकर चाकू से हमला करने पर मजरूब अब्बास खान पुत्र हसनैन खान निवासी खजुरी थाना दिलदारनगर की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। जिसमें सम्बन्धित अभियुक्त जुनैद खान पुत्र शाहनवाज खान निवासी खजुरी थाना दिलदारनगर को ग्राम खजुरी के ग्रामीणों द्वारा ईदगाह खजुरी से पकड़ कर थाना दिलदारनगर पर सोमवार की रात 20.30 बजे लाया गया। जिसे गिरफ्तार कर नियमानुसार विधिक कार्य़वाही थाना द्वारा की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उप निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य पुलिस शामिल रही।

डीएम ने रवानगी स्थल का किया निरीक्षण,दिया निर्देश

12 हजार नौ सौ मतदान कर्मी कराएंगे मतदान

पैरामिलिट्री फोर्स सहित अन्य फोर्स रहेगी बूथों पर तैनात

1472 बूथों की होगी वेबकाटिंग

डीएम ने रवानगी स्थल का किया निरीक्षण, दिया निर्देश

गाजीपुर। लोक सभा चुनाव को सकुशल निष्पक्ष निर्विध्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के उदेश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शुक्रवार को पोलिंग पार्टी रवानगी स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होने पोलिंग पार्टी रवानगी कार्यो से अवगत होते हुए मतदान सामाग्री वितरण प्रणाली की जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने आज 373-जखनियां (अ0जा0) हेतु, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई0टी0आई0), 374-सैदपुर (अ0जा0) हेतु पी0जी0कालेज, गोराबाजार, 375-गाजीपुर, न्यू स्टेडियम ग्राउंड (आर0टी0आई0), 376- जंगीपुर हेतु न्यू स्टेडियम ग्राउंड (आर0टी0आई0), 377- जहूराबाद हेतु , स्वामी सहजानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय, 378-मोहम्मदाबाद हेतु, रामलीला मैदान, लंका एवं  379-जमानियां हेतु राजकीय पालिटेक्निक कालेज  का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि 01 जून को सातवे एवं अंतिम चरण का मतदान होना है। मतदान प्रातः 07 बजे से सायं 06 बजे तक होगा। इस हेतु आज जनपद के विभिन्न स्थानो से विधान सभावार पोलिंग पार्टियो की रवानगी हो रही है। पूर्वान्ह 10 बजे तक लगभग 50 प्रतिशत पीठासीन अपनी-अपनी मतदान समाग्रियो प्राप्त कर अपना हस्ताक्षण कर चुके है। उन्होने बताया कि  मतदान कराये जाने हेतु लगभग 12900 मतदान कार्मिको को लगाया गया साथ ही रिजर्व कार्मिको को भी रखा गया है। सुरक्षा के दृष्टिगत पैरामिलिट्री व अन्य जिलो से आयी हुई स्टेट पुलिस की तैनाती की गयी है जिनकी ड्यूटी रवानगी स्थल पर ही चस्पा है। वही से अपने-अपने टीम के साथ ड्यूटी स्थलो पर प्रस्थान करेगे। सभी सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने सेक्टर /जोन से सम्बन्धित पोलिंग पार्टियां की रवानगी करायेगें। सभी क्रिटिकल बूथो पर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम है 1472 ऐसे बूथ है जहां वेबकाटिंग कराया जायेगा, इन बूथो पर मतदान निर्वाचन आयोग की निगरानी होगा। उन्होने बताया कि मौसम बेहद गर्म है इस हेतु डिस्पैच सेन्टरो पर पेयजल एवं ओ आर एस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा गर्मी से बचाव हेतु कार्मिको प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षित भी किया गया है रवानगी स्थलो पर मेडिकल टीम भी एक्टिव मोड पर है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, उप जिला निवार्चन अधिकारी दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी,  समस्त ए आर ओ, तहसीलदार , एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

1 जून को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

1 जून को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

गाजीपुर। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के दिये गये निर्देश के अनुपालन में उ०प्र० शासन सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा निर्गत विज्ञप्ति के दृष्टिगत 1 जून 2024 को लोक सभा चुनाव सामान्य निर्वाचन-2024 के सप्तम् चरण के अन्तर्गत जनपद में होने वाले लोक सभा चुनाव के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। अतएव उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देश के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश द्वारा 1 जून 2024 को न्यायिक अधिष्ठान गाजीपुर में सार्वजनिक अवकाश घोषित गया है. उक्त तिथि को न्यायिक अधिष्ठान, गाजीपुर के समस्त न्यायालय / कार्यालय, बाह्य न्यायालय/कार्यालय सैदपुर व मुहम्मदाबाद एवं ग्राम न्यायालय / कार्यालय जखनियां व जमानियां बन्द रहेंगे।

डीएम ने की जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटो के साथ बैठक

डीएम ने की जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटो के साथ बैठक

गाजीपुर। लोक सभा चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता मे गुरूवार को जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटो की बैठक स्वामी सहजानन्द पी जी कालेज के सभागार  मे सम्पन्न हुई। बैठक मे जिलाधिकारी ने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने पदीय दायित्व को बहुत गम्भीरता एवं सजगता से लेते हुए कार्य करने का निर्देश दिया तथा छोटी से छोटी बात को भी गम्भीरता से लेने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी पार्टी के लिए पक्ष या विपक्ष मे नही बोलना है ना ही कोई कमेन्ट करना है। कौन जीत रहा है कौन हार रहा है। सामने वाले को यह महसूस होना चाहिए कि आप निष्पक्ष कार्य कर रहे है। लॉ एवं आर्डर का पालन अवश्य करना/कराना है इस हेतु आपको मजिस्ट्रेट का पावर दिया गया है। सभी अधिकारी अपने-अपने मतदान केन्द्रो का भ्रमण कर लें यदि कही भी अनावश्यक समाग्री,मलवा है तो सम्बन्धित ए0 आर0 ओ0 को सूचित कर हटवाने का निर्देश दिया।  सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटो को अपने-अपने क्षेत्रों के वी0एल0ओ के नाम व मोबाइल नं0 अवश्य रखे जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसका सदुपयोग हो सके। उन्होने कहा कि पूरे निर्वाचन की प्रक्रिया मे सेक्टर मजिस्ट्रेट का महत्वपूर्ण कार्य होता है। कोई मतदान कार्मिक मतदान के दौरान बिमार पड़ता है तो तत्काल उसकी सूचना ए0 आर0ओ0 को देते हुए उसका उपचार कराया जाये। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाये की वेवकास्टिंग वाले बूथो पर मतदान के दिन प्रातः 05 बजे से मतदान समाप्ति तक किसी भी दशा में कैमरा बन्द न होने पाये। उन्होने कहा कि  निर्वाचन प्रकिया को सम्पादित करने हेतु निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो इस हेतु आप का पद सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। कोई ऐसी भाषा का प्रयोग नही करेगे जिससे आपकी निष्पक्षता उजागर हो। भारत निर्वाचन आयोग के सभी आदेशो का शत प्रतिशत पालन करते हुए कार्य करें। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटो को पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों के कार्य के विषय मे जानकारी होनी चाहिए इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बुकलेट का अध्ययन अवश्यक कर लिया जाय। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी वि0रा0/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, ए0आर0ओ सदर एवं जंगीपुर, डिप्टी कलेक्टर सालिक राम, परियोजना निदेशक राजेश यादव, सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

15 जून तक बंद हुआ आंगनबाड़ी केंद्रों के प्री स्कूल

15 जून तक बंद हुआ आंगनबाड़ी केंद्रों के प्री स्कूल

गाजीपुर। गर्मी के इस मौसम में लगातार बढ़ रहे तापमान की वजह से प्रचंड गर्मी और लू का प्रकोप जिसके चलते जनपद के समस्त विद्यालय 25 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण बंद हो चुके हैं। ऐसे में अधिकतर आगनबाडी केंद्र परिषद विद्यालयों में संचालित होते हैं। जिसके मद्देनज़र अब आंगनबाड़ी केंद्रों को भी 25 मई से 15 जून तक प्री स्कूल संचालन बंद करने के साथ आंगनवाड़ी के बच्चों को अवकाश घोषित किया गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि भीषण गर्मी और तेज धूप को देखते हुए जिला अधिकारी ने 25 मई से जनपद के समस्त विद्यालयों के बंद करने का आदेश दिया था। उसी के क्रम में गाजीपुर में आंगनबाड़ी केंद्रों में चलने वाले प्री स्कूल का संचालन भी अब आगामी 15 जून तक बंद कर दिया गया है।

साथ ही उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की दशा में केंद्र पर पूर्व की भांति समिति के माध्यम से टी एच आर, वितरण और वीएचएसएनडी सत्र के दौरान लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य शासकीय कार्यों के साथ-साथ समुदाय आधारित गतिविधि आयोजन कैलेंडर के अनुसार पूर्व निर्धारित तिथियां के अनुसार संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देशों तथा लोकसभा निर्वाचन 2024 में आवश्यक कार्य जो सौपे जाएंगे उसका निर्वहन भी किया जाना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य में नहीं होगी।

महिला कालेज में प्री सबमिशन सेमिनार का हुआ अयोजन

महिला कालेज में प्री सबमिशन सेमिनार का हुआ अयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शोध अनुभाग द्वारा शोध प्रबंध जमा पूर्व मौखिकी (प्री सबमिशन सेमिनार) का अयोजन गुरूवार को किया गया। इस अवसर पर डॉ निरंजन कुमार यादव के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे अरुण प्रताप यादव ने अपने शोध प्रबंध ” जगदीश चंद्र का कथा साहित्य और हाशिए का समाज” के महत्व को बताया। अरुण प्रताप ने अपने शोध में बताया है कि हिन्दी का अखिल भारतीय स्वरूप हिन्दी भाषी राज्य से इतर हिन्दी भाषी लोग और रचनाकार बनाते हैं। जगदीश चंद्र ऐसे ही साहित्यकार हैं जिन्होंने ‘धरती धन न अपना’ लिखकर साहित्य में अपनी मुक्कमल पहचान बनाई। अभी तक इनके एक दर्जन उपन्यास, तीन नाटक, एक कहानी संग्रह और कुछ फुटकर निबंध प्रकाशित हैं। उत्तर भारत खासकर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और कुछ हिस्सा कश्मीर के जन जीवन और सामाजिक – आर्थिक स्वरूप का जैसा चित्रण इनके कथा साहित्य में मिलता है वह हिन्दी साहित्य की उपलब्धि है। सामाजिक विज्ञान और मानविकी में जब से सबाल्टर्न स्टडी पर ध्यान गया है तब से हाशिए का विमर्श साहित्य के केंद्र में आ गया है, लेकिन साहित्य में यह स्त्री और दलित तक ही सीमित रह गया है, जबकि ऐसा नहीं है। हाशिए का दायरा बहुत विस्तृत है। वे सभी लोग हाशिए के समाज के अंतर्गत आते हैं जिनकी समाजिक उपयोगिता तो है लेकिन उनका सामाजिक महत्व नहीं के बराबर है, हालांकि विमर्श काल में यह अवधारणा शिथिल हुई है। जगदीश चंद्र का लेखन इस दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है कि भारत के विभाजन की त्रासदी पर और उससे उपजी सामाजिक -आर्थिक समस्या पर, शरणार्थी जीवन पर सबसे प्रामाणिक ढंग से लिखा है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि वह स्वयं इस त्रासदी को झेले थे। मैंने मुख्य रूप से स्त्री, दलित, किसान – मजदूर, शरणार्थी आदि को केन्द्र में रखकर इनकी रचनाओं का आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है। प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने कहा कि एक शोधार्थी को ऐसा ही अपने काम पर विश्वास होना चाहिए। अरूण प्रताप यादव का यह तथ्यपरक एवं विश्लेषण युक्त शोध प्रबन्ध है। हिन्दी की विभागाध्यक्ष डा संगीता मौर्य ने कहा कि अरुण प्रताप जी ने अपने शोध के माध्यम से जगदीश चंद्र के लेखन के महत्व को तो उजागर ही किया है साथ ही साथ उत्तर भारत में रह रहे हाशिए के जन जीवन की वस्तुनिष्ठ रूप में यथार्थ अभिव्यक्ति प्रस्तुत की है। मीडिया प्रभारी डा शिव कुमार ने बताया कि साहित्य सिर्फ मनोरंजन युक्त कविता – कहानी तक ही सीमित नहीं होता, जब तक उसका वृहत्तर सामाजिक सरोकार नहीं बनता तब तक वह महत्त्वपूर्ण साहित्य नहीं होता। अरूण ने अपने उद्बोधन में इस तरफ़ इशारा करते हुए यह बताया कि प्रेमचंद की तरह ही जगदीश चंद्र हिन्दी के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। इस अवसर पर डॉ शिखा सिंह, डा नेहा कुमारी, राधेश्याम कुशवाहा आदि ने भी महत्त्वपूर्ण प्रश्न पूछे और अपनी राय प्रकट किए।

पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से अनुसूचित जाति की महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ा

पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से अनुसूचित जाति की महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ा

गाजीपुर। पी० जी० कालेज में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में कला संकाय के राजनीति शास्त्र विषय के शोधार्थी माधव प्रसाद पाण्डेय ने अपने शोध शीर्षक “पंचायती राज व्यवस्था में अनुसूचित जाति की महिलाओं का सशक्तिकरण: गोरखपुर जनपद के गगहा ब्लाक का एक विशेष अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि आजादी के बाद पंचायती राज व्यवस्था को नीति निदेशक तत्व में शामिल किया गया था, यह राज्यों पर निर्भर था कि पंचायती राज व्यवस्था को लागू करें या छोड़ दें। 73 वें संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज व्यवस्था को संविधान में स्थान मिला जिससे पंचायती राज व्यवस्था सशक्त हुई। पंचायती राज व्यवस्था में सभी का समान प्रतिनिधित्व हो इसके लिए आरक्षण की व्यवस्था किया गया। जिसमें महिलाओं को तीस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। कमसे कम एक तिहाई स्थान अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित है। गोरखपुर जनपद के गगहा ब्लाक में अनुसूचित जाति की संख्या 49649 है। जिसमें अनुसूचित जाति की महिलाओं की संख्या 24598 है। वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में गोरखपुर जनपद के गगहा ब्लाक में ग्राम पंचायत प्रधान के कुल 76 पद हैं जिसमें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 6 (7.89 प्रतिशत ) पद आरक्षित है। जिसमें गीता देवी, सिन्धु, पुष्पा, चन्द्रकला, शीला गौतम व शीला ग्राम प्रधान चुनी गयी। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 93 पदों में 10 (10.75 प्रतिशत) पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित है जिसमें संतराजी, लीलावती, आरती, सलिता, पूनम भारती, लीलावती, आशा, संभा देवी, बिन्दु, निर्मला देवी शामिल हैं।गोरखपुर जनपद के गगहा ब्लाक में जिला पंचायत सदस्य के कुल पांच पदों में से 1(20 प्रतिशत) पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित है। जिसमें पिंकी ने चुनाव जीता है। इस प्रकार पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से अनुसूचित जाति की महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ा है जो यह संकेत करता है कि इस वर्ग की स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार हुआ है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी माधव प्रसाद पाण्डेय ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, शोध निर्देशक मोहम्मद आबिद अंसारी राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफे० (डॉ०) सुनील कुमार, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० राम दुलारे, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० रुचिमूर्ति सिंह, प्रोफे०(डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० अतुल कुमार सिंह, डॉ० मनोज कुमार मिश्रा, डॉ० लवजी सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अवधेश कुमार सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा शोध छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में प्रोफे० (डॉ०) सुनील कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।