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सम्पूर्ण समाधान दिवस:294 शिकायत पत्र में 26 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु तृतीय शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील जमानियॉ में अविनाश कुमार की अध्यक्षता तहसील सभागार सम्पन्न हुआ। जिसमे 55 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 06 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 294 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर  26 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील सदर में 55 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें शून्य निस्तारण रहा। तहसील मुहम्मदाबाद में मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में 41 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 07 का मौके पर निस्तारण किया गया। जखनियां तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 70 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 04 का निस्तारण किया गया। तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 26 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 03 निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 24 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 03 का निस्तारण किया गया एवं तहसील सेवराई में तहसीलदार की अध्यक्षता में 23 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें  03 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से संबंधित होते है इस लिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, उपजिलाधिकारी जमानियॉ, तहसीलदार जमानियॉ, क्षेत्राधिकारी जमानियां एवं समस्त जनपदस्तरीय  अधिकारी उपस्थित रहे।

बारिश से हुई फसलों की क्षति के सर्वे के लिए डीएम ने की संयुक्त टीम गठित

बारिश से हुई फसलों की क्षति के सर्वे के लिए जिलाधिकारी द्वारा राजस्व, कृषि और फसल बीमा की संयुक्त टीम गठित

खरीफ 2025 में किसानो द्वारा 47015 आवेदन के माध्यम से कुल 16810 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा जनपद में कराया गया है

फसल में यदि किसी प्रकार की क्षति हुई हो और उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमा कराया गया है, तो वे किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर क्षति के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज कराएं

गाजीपुर। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया है कि किसान भाइयों लगातार 2 दिन से हुई बारिश यदि आपकी फसल की क्षति हुई है तो इसके नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी से प्राप्त कर सकते हैं। जनपद में खरीफ सत्र में धान और बाजरा की फसल अधिसूचित हैं धान की खड़ी फसल में क्षति नहीं है। जिन किसान भाइयों की फसल आंधी और बारिश के कारण गिर गई है उसमें क्षति  की संभावना है। उन किसान भाइयों के धान और बाजरा की कटाई होने के उपरांत खेत में बारिश के कारण क्षति की संभावना है तो उसके सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और फसल बीमा की कमेटी बनाकर सर्वे कराया जाएगा। कमेटी का गठन किया जा चुका है। समिति की रिपोर्ट के उपरांत किसानो को क्षति पूर्ति दी जाएगी, रबी 2025-26 हेतु भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर बीमा कराने हेतु शुरू किया जा चुका है, कृषक भाई 31 दिसंबर तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।

 उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम खरीफ 2025 में किसानो द्वारा 47015 आवेदन के माध्यम से कुल 16810 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा जनपद में कराया गया है।      
 जिला कृषि अधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि अभी बेमौसम बारिश से खेतों में काटकर सुखाने/मड़ाई हेतु  रखी फसल में यदि किसी प्रकार की क्षति हुई हो और उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमा कराया गया है, तो वे किसान भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 पर क्षति के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे सभी किसान भाइयों के एप्लीकेशन का संयुक्त सर्वे कराते हुए नियम अनुसार उनकी क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी । साथ ही जनपद के समस्त कृषक भाइयों को अवगत कराना है कि मौसम रबी 2025-26 हेतु भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर बीमा कराने हेतु शुरू किया जा चुका है जिसमें सभी कृषक भाई 31 दिसंबर तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। जिन किसान भाइयों ने धान और बाजरा की कटाई होने के उपरांत खेत में बारिश के कारण क्षति की संभावना है तो उसके सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और फसल बीमा की कमेटी बनाकर सर्वे कराया जाएगा कमेटी का गठन किया जा चुका है। समिति की रिपोर्ट के उपरांत किसानो को क्षति पूर्ति दी जाएगी रबी 2025-26 हेतु भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर बीमा कराने हेतु शुरू किया जा चुका है, कृषक भाई 31 दिसंबर तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने लोगो को दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

गाजीपुर।मेरा युवा भारत,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार, युवा कल्याण विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में लौह पुरूष भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर जनपद में सरदार /150 – एक भारत आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन जनपद स्तर, तहसील, विकास खण्ड एवं विद्यालयों में किया गया। जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम धूम-धाम से मनाया गया। निकट विकास भवन आडिटोरियम हाल मे कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सपना सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष, सरिता अग्रवाल अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, अविनाश कुमार जिलाधिकारी, संतोष कुमार वैश्य मुख्य विकास अधिकारी, सहित मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्चात सरदार पटेल एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्जन कर नमन किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल थें। जिन्होने महात्मा गांधी के साथ विभिन्न आन्दोलन में भाग लिया। कई बार उन्हें अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए जेल भी जाना पड़ा था। उस समय 1947 में खण्ड-खण्ड भारत हमे मिला था। उसे अखण्ड बनाने का काम लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया था। पटेल जी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ लोगो को संगठित एंव एकजुट करने काम  किया। स्वतंत्रता के बाद उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान रियासतों का एकीकरण करना था। उन्होने 500 से अधिक रियासतों को भारतीय खण्ड में एकीकृत किया, जिससे उन्हे भारत का लौह पुरूष कहा जाता है। अखण्ड भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के सुत्रधार, स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री व लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जयन्ती पर आज सब लोग शत्-शत् नमन करते है और उनके दिखाये पद चिन्हो चलते हुए विकसित भारत के सपनो साकार करेगें। अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह द्वारा उपस्थित सभी लोगो को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण भारत के महान जननायक महापुरूष की 150वीं जयंती आज मनाई जा रही है। आजादी के बाद भारत कई टुकड़ों में बटा हुआ था उसके बाद सरदार पटेल ने अपने नेतृत्व क्षमता से भारत को जोड़कर अखण्ड भारत का निर्माण किया। उनका जन्म किसान परिवार में हुआ था । जब हौसले बुलन्द थे, वे  विषम परिस्थितियों में भी अपने आप को अपने अनुकुल बना लेते थे।  अनेक कठिन प्रयासों के बाद सरदार बल्लभ भाई पटेल ने भारत को एकता के सूत्र में बाधा और आज हम उनका जन्म दिन एकता दिवस के रूप में मना रहे है। हमे एक श्रेष्ठ भारत मिला लेकिन भारत को अब विकसित भारत की श्रेणी मे लाना है जिसका लक्ष्य हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर भारतवासी के सम्मुख 2047 तक रखा है।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन मे सरदार बल्लभ भाई पटेल को शत-शत नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आज हम लोग उनको इसलिए याद कर रहे हैं क्योकि यदि वह नहीं होते तो हमारा देश,एक देश न होता। अंग्रेजों ने जिस प्रकार हमारे देश भारत को छिन्न भिन्न  करके हमें दिया था. आज सरदार पटेल की ही देन है कि उन्होंने अपनी कूटनीति, राजनीति के बल पर एक सूत्र में पिरो कर, एक करके मजबूत भारत बनाया। उन्होंने कहा कि आज हम सरदार पटेल को आजादी के समय से जानते हैं, लेकिन आजादी से पहले स्वतंत्रता संग्राम में भी उनका अहम योगदान रहा है।.अखिल भारतीय सेवा का गठन सरदार पटेल ने ही किया है। सरदार पटेल का उद्देश्य देश को एक बनाए रखने के लिए संविधान सर्वाेपरि है । सरकार की जो भी नीतियां होती हैं वो संविधान में दिए गए व्यवस्थाएं  के अनुसार ही होती है। उन्होंने उपस्थित युवाओें, छात्र- छात्राओं को सरदार पटेल के जीवन कर्तव्यों को पढ़ते हुए अपने जीवन में आत्मसात करने की अपील किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का निर्णय भारत देश के लिए एक अहम निर्णय हुआ करता था। लौह पुरुष कोई  ऐसे ही नहीं हों जाता. उनका निर्णय ही उसे लौह पुरुष बनाता है। उन्होंने भारत देश के लिए कई अहम निर्णय लिए जो भारत को अखंड भारत के रूप में दर्शाता है.।
समारोह को पूर्व लोक सभा प्रत्याशी परसनाथ राय ने भी संबोधित किया। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य के दिशा निर्देशन मे कार्यक्रम सफल रहा। इस अवसर पर लूदर्स कान्वेंट स्कूल की बच्चियों द्वारा सरदार पटेल की जीवन पर आधारित नाटिका एवं देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। जनपद की प्रसिद्ध धोबऊ टीम ने सल्टू राम के नेतृत्व में लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। जनपद के उदीयमान खिलाड़ी हाकी में राहुल, फुटबाल में श्रीकान्त तथा खो-खो में अजीत को सम्मानित किया गया। सभी का स्वागत माय भारत के उप निदेशक कपिल देव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन जिला युवा कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार एवं पद यात्रा के संयोजक प्रवीण सिंह ने किया। संचालन माय भारत के ए0पी0ए0 सुभाष चन्द्र प्रसाद ने किया। इस अवसर पर विशाल पद यात्रा निकाली गयी। पद यात्रा को जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। पद यात्रा आडिटोरियम से प्रारम्भ होकर नेहरू स्टेडियम तक  जाकर समाप्त हुई। पदयात्रा में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंण्डल, एन0एस0एस0, एन0सी0सी0, भारत स्काउड गाइड, अति प्राचीन रामलीला समिति, माय भारत के स्वयं सेवक, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास, शैक्षिक संस्थान के बच्चों एवं सामाजिक संगठनों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर विजेन्द्र राय, भानु प्रताप सिंह, सुनिल सिंह, कृष्ण बिहारी राय, अखिलेश सिंह, शैलेष राम, विनोद अग्रवाल, एन0एस0एस0 कार्यक्रम अधिकारी रामनाथ केशरवानी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी, एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

डीएम-एसपी ने किया जेल का निरीक्षण, ली जानकारी

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा द्वारा संयुक्त रूप से जिला कारागार (जेल) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला कारागार मे कारागार चिकित्सालय, महिला एंव पुरूष बैरक, रसोई घर का निरीक्षण किया। कारागार में लगाए सी सी टी वी की संचालन व्यवस्था की जॉच की। जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक ने कारागार चिकित्सालय मे भर्ती कैदियों से बीमारियो के संबंध मे पूछा तथा उनके खान-पान एवं साफ-सफाई  की जानकारी ली। जिला कारागार के हवालात कार्यालय के स्टाक रजिस्टर की जांच की गई, इसके पश्चात बारी-बारी से सभी बैरको का निरीक्षण किया गया। बैरको मे बंदियों के कार्ड पर अगली पेशी का दिनांक को चेक किया गया। कारागार मे रसोई घर के निरीक्षण मे प्रत्येक दिनं बनने वाले भोजन के मीनू की जानकारी ली। जिलाधिकारी  ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल के अन्दर किसी भी दशा मे मोबाइल व अन्य उपकरण  का प्रवेश न होने पाए इस हेतु रोस्टर बनाकर चेंकिग अभियान चलाकर चेक किया जाए, इसके अतिरिक्त महिला बन्दीगृह मे दी जा रही सुविधाओ के बावत जानकारी ली।

मोहम्मदाबाद विधानसभा के भाजपा नेता मनोज राय को बिहार चुनाव में मिली बड़ी जिम्मेदारी

मोहम्मदाबाद विधानसभा के भाजपा नेता मनोज राय (पूर्व पी.सी.एस.) को बिहार चुनाव में मिली बड़ी जिम्मेदारी

गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी सभाओं का नेतृत्व कर रहे हैं

गाज़ीपुर।भाजपा संगठन ने बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह लगातार बिहार के विभिन्न जिलों में जनसभाएँ कर रहे हैं। एनडीए गठबंधन की इन सभाओं के सुचारू संचालन हेतु उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद की मोहम्मदाबाद विधानसभा से आने वाले युवा भाजपा नेता मनोज राय (पूर्व पी.सी.एस.) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मनोज राय बिहार में अपने प्रशासनिक अनुभव के लिए लंबे समय से जाने जाते हैं। पूर्व में उन्होंने बिहार राज्य में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं। इसी अनुभव के आधार पर भाजपा नेतृत्व ने उन्हें बिहार चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनावी रैलियों के संचालन एवं समन्वय की प्रमुख जिम्मेदारी दी है। भूमिहार समाज से आने वाले मनोज राय को विशेष रूप से भूमिहार बहुल क्षेत्र लखीसराय में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभाओं का दायित्व सौंपा गया है, जहाँ वे हाल ही में अमित शाह के साथ मंच साझा करते हुए देखे गए।
भाजपा के प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व ने मनोज राय पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनका प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक दक्षता बिहार चुनाव में पार्टी के अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएगी। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके समर्थकों खुशी और उत्साह बना हुआ है।

गाजीपुर पत्रकार भवन पर वरिष्ठ पत्रकार स्व.राजीव सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

गाजीपुर पत्रकार भवन पर वरिष्ठ पत्रकार स्व० राजीव सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने बुधवार को कचहरी स्थित भवन में संस्था के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार स्व० राजीव सिंह को उनके निधन के बाद भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन “संस्था” के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह की अध्यक्षता में उपस्थित पत्रकारों ने उन्हें याद करते हुए एक शोक सभा आयोजित की और दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर संस्था के मंत्री आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि राजीव सिंह गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य थे,उनका व्यक्तित्व हंसमुख और सौम्य था,वे काफी सामाजिक भी थे, वे अपने पीछे अपनी मां पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। वो जनसंदेश परिवार से जुड़कर समाचार संकलन का कार्य बहुत ही ईमानदारी से करते थे। कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे, उनके निधन की सूचना 26 अक्टूबर की सुबह प्राप्त हुई थी, अंतिम संस्‍कार 26 अक्टूबर की शाम को ही गाजीपुर बैकुंठ धाम पर किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य, पत्रकार जगत एवं अन्य सामाजिक वर्ग के लोग उपस्थित हुए थे। सदस्यों ने पत्रकार राजीव सिंह के जाने से इसे पत्रकार जगत में अपूरणीय क्षति बताया। शोक सभा में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के संरक्षक अशोक श्रीवास्तव, अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह, मंत्री आशुतोष त्रिपाठी, विनय कुमार सिंह, आलोक त्रिपाठी, अभिनव चतुर्वेदी, मनोज कुमार गुप्ता, रविकांत पांडेय, विनय तिवारी, विनोद गुप्ता, शशिकांत तिवारी, प्रदीप शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

डूबते सूर्य को श्रद्धालुओं ने दिया अर्घ्य

गाजीपुर। सूर्य उपासना के पर्व डाला छठ पर भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य सोमवार की शाम को दिया गया। व्रती महिलाएं समूहों में छठ मैया के गीत गाते हुए घाटों पर पहुंची। शहर के साथ ही सभी ग्रामीण क्षेत्र के गंगा घाटों, पोखरों, नहरों एवं तालाबों पर श्रद्धालु महिलाओं की भीड़ उमड़ी। व्रती महिलाओं ने मां गंगा की गोद में खड़े होकर सूर्यदेव की आराधना की। परिवार के लोगों ने सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। पर्व को लेकर व्रती महिलाओं सहित उनके परिवार के लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा।


आज दोपरहर को व्रती महिलाओं तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों का गंगा घाटों के लिए निकलने का सिलसिला शुरु हो गया था। शाम को सभी गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। घाटों पर पहुंची व्रती महिलाएं सुपली में फल, सुपारी, नारियल, पान की पत्ती आदि पूजा संबंधित सामानों को लेकर पहुंची। इसके बाद वेदी को गंगा जल से धोकर धूप-अगरबत्ती जलाने और ईख को खड़ा कर कलश स्थापित किया।


करीब डेढ़ से दो घंटे तक पूजन-अर्चन किया। सूर्यास्त से पहले व्रती महिलाएं गंगा में पहुंची और हाथों में सुपली लेकर सूर्य की उपासना की। बाद में अस्त होते सूर्य को व्रती महिलाओं के पुत्र, पति, बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने दूध और गंगा जल का अर्घ्य दिया। शहर के ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलेक्टर घाट, स्टीमर घाट, सिकंदरपुर घाट, नवापुरा घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। अर्घ्य का कार्य संपन्न होने के बाद व्रती महिलाएं तथा उनके घर के सदस्य घरों के लिए घाटों से रवाना हुए।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित

गाज़ीपुर। 26 अक्टूबर को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
गोष्ठी आरंभ होने के पुर्व महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष अरूण कुमार श्रीवास्तव ने इस संगोष्ठी में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी एक ऐसे क्रांतिकारी पत्रकार थे, जिन्होंने अपनी कलम को हथियार बनाकर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया। उनकी लेखनी में वह शक्ति थी, जो न केवल जनमानस को झकझोर देती थी, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की नींव भी हिला देती थी। वे पत्रकारिता को केवल समाचार देने का माध्यम नहीं मानते थे, बल्कि इसे समाज परिवर्तन का सशक्त हथियार मानते थे। उनका पूरा जीवन सत्य, न्याय और स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए समर्पित था।

उनका झुकाव शुरू से ही समाज सुधार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर था। उन्होंने अपनी कलम से ब्रिटिश शासन की क्रूर नीतियों का विरोध किया और भारतीयों की पीड़ा को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने ‘प्रताप’ नामक अखबार की स्थापना की, जो जल्द ही स्वतंत्रता संग्राम के सिपाहियों की आवाज बन गया। यह अखबार गरीबों, किसानों और मजदूरों की समस्याओं को उठाने वाला प्रमुख माध्यम बन गया।

विद्यार्थी जी की पत्रकारिता निर्भीक और निष्पक्ष थी। वे सत्ता के सामने कभी नहीं झुके और अन्याय के विरुद्ध लिखने के कारण कई बार जेल भी गए। उनके लेखों में समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज थी, जिनका शोषण अंग्रेजी शासन और जमींदारी प्रथा के तहत हो रहा था। वे मानते थे कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह जनता को जागरूक करने, उनकी चेतना को विकसित करने और अन्याय के खिलाफ खड़ा करने का माध्यम है।

उनकी पत्रकारिता के साथ-साथ, उनका स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण योगदान था। वे महात्मा गांधी और भगत सिंह दोनों के विचारों से प्रभावित थे। जहां एक ओर वे अहिंसक आंदोलनों में भाग लेते थे, वहीं दूसरी ओर वे क्रांतिकारियों के पक्ष में भी खड़े रहते थे। उनका मानना था कि स्वतंत्रता की लड़ाई में हर विचारधारा का सम्मान किया जाना चाहिए।

1931 में, कानपुर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे। विद्यार्थी जी, जाति और धर्म से ऊपर उठकर, घायलों की मदद के लिए सड़कों पर उतर आए। इसी दौरान, भीड़ ने उन्हें घेर लिया और वे हिंसा का शिकार हो गए। 25 मार्च 1931 को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए, लेकिन उनकी शहादत भारतीय पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमर हो गई।

गणेश शंकर विद्यार्थी सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि न्याय और सत्य के योद्धा थे। उनकी लेखनी आज भी हमें सिखाती है कि पत्रकारिता का धर्म सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा दिखाना और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना है।
इस संगोष्ठी में मुख्य रूप से चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव , हर्ष, प्रियांशु, आर्यन आदि थे। इस गोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री अरूण सहाय ने किया।

संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेंकिग किया,पंपलेट के माध्यम से किया जागरूक

गाजीपुर।मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना भॉवरकोल, नन्दगंज, थाना जंगीपुर के ग्राम अरसदपुर तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेंकिग किया गया। वाहनों के चालान करने के उपरान्त मिशन शक्ति के बारे में जागरूकता पम्पलेट के माध्यम किया गया। थाना मरदह, थाना बडेसर के ग्राम शक्कापुर बरेसर में, दिलदारनगर में, थाना गहमर, थाना करीमुद्दीनपुर के लौवाडीह एवं विभिन्न थानो एवं ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही जागरूकता रैली का आयोजन करते हुए ग्रामीण महिलाओं, सरकारी विद्यालयो, गैर सरकारी विद्यालय, प्राइवेट विद्यालायों, अस्पतालो, सा0 स्वास्थ्य क्रेन्दो में पहुचकर कर मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। विद्यालयों में बालिकाओं और बच्चों को महिला सुरक्षा संबंधी विभिन्न हेल्पलाइन नंबर 1090 वूमेन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन , 181  महिला हेल्पलाइन, 101 अग्निशमन सेवा, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 102/108 एंबुलेंस सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1930 साइबर हेल्पलाइन व सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

डाला छठ त्यौहार को लेकर डीएम-एसपी ने किया घाट का निरीक्षण,दिए निर्देश

गाजीपुर।डाला छठ त्यौहार को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा.ईरज राजा संयुक्त रूप से जनपद के सेवराई तहसील के ग्राम गहमर के नरवा घाट आदि का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओ का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उन्होने विभिन्न घाटो को लेकर छोटे बडें घाटो पर चौकसी बरतने को कहा। छठ पूजा के स्थानो एवं घाटो पर साफ-सफाई, बैरिकेटिग व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, घाटो पर नावो तथा उस पर तैनात गोताखोरो की व्यवस्था, साथ ही घाटो पर लगाए गए नाविको एवं गोताखोरो का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करने का निर्देश दिया। उन्होने घाटो पर अस्थायी कपड़ा चेन्जिग रूम तथा घाटो पर जाने वाली सड़को को गढ्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया। उन्होने निर्दश दिया कि घाटो पर किसी प्रकार की दुकाने न लगाई जाए जिनसे भीड़-भाड़ होने की सम्भावना हो। उन्होने चिकित्सा विभाग को जनपद के प्रमुख घाटो पर एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होने ऐसे घाट जहां भीड-भाड़ अधिक होती है ऐसे प्रत्येक प्रमुख घाटो पर कन्ट्रोल रूम/खोया/पाया केन्द्र बनाते हुए कर्मचारी तैनात करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की है कि त्यौहार को शान्तिपूर्ण ढ़ग से मनाया जाए, गहरे पानी मे न जाए, घाटो पर कम से कम व्यक्ति ही जाए। इसके साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस फोर्स के साथ महिला आरक्षियों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। मौके पर उपजिलाधिकारी, सेवराई तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी जमानियॉ,  ग्राम प्रधान गहमर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।