गाजीपुर। सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में रखे जा रहे इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2022 के विरोध में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के आह्वान पर समस्त विद्युत कर्मी और राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन शाखा के द्वारा सुबह 10 बजे से ही अंधऊ पावर हाउस पर विरोध सभा किया गया। जिसमें जिले के समस्त अवर अभियंता और प्रोन्नात अभियंता द्वारा प्रतिभाग किया गया। जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष रोहित कुमार द्वारा बताया गया है कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2022 के द्वारा केंद्र सरकार बिजली के क्षेत्र को निजी करण करना चाहती है, जिससे बिजली वितरण क्षेत्र में अनेक कंपनियों को फ्रेंचाइजी दी जाएगी और इनके द्वारा उपभोक्ताओं का शोषण किया जाएगा। किसानों को और गरीब उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली की सब्सिडी खत्म हो जाएगी और निजी कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदने के लिए बाध्य किया जायेगा। इंजीनियर संगठन के जनपद सचिव सौरव कुमार पाठक द्वारा बताया गया कि इस बिल के द्वारा सरकार बिजली वितरण के क्षेत्र को प्राइवेटाइजेशन करना चाहती है। बताया कि जिस प्रकार से मोबाइल के क्षेत्र में जियो कंपनी के द्वारा शुरुआत में उपभोक्ताओं को फ्री में व सस्ती डाटा का लालच देकर उपभोक्ताओं को जोड़ा गया। इसी प्रकार से बिजली का बिल भी निजी कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से बढ़ाया जाएगा, जो कि ना ही विद्युत कर्मी के हित में है और ना ही विद्युत उपभोक्ताओं के हित में है। विरोध सभा के दौरान जिले के समस्त विद्युत कर्मियों द्वारा एक स्वर में अमेंडमेंट बिल 2022 का विरोध किया गया और निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा उक्त अमेंडमेंट बिल 2022 वापस नहीं किया गया तो केंद्र के निर्देशानुसार आगे बृहद रूप में आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध सभा में इंजीनियर तपस कुमार, मिथिलेश यादव, हर्षित राय, नीरज सोनी, गुड्डू चौहान, इंजीनियर रामप्रवेश, इंद्रजीत, शशिकांत, जय, कुलदीप, नैयर, ट्रांसमिशन रमेश कुमार, जितेंद्र गुप्ता, शहर जेई अविनाश कुमार, पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार मौर्य, प्रमोद कुमार, चित्रसेन प्रसाद, एसडीओ सैदपुर व एसडीओ संतोष चौधरी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।