
गाजीपुर। सैदपुर ब्लाक के सिधौना गांव में सोमवार को जनपद के दो दर्जन जिला पंचायत सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के मनमाने पन और खुद के अनदेखी पर आक्रोश जताया। जिपं सदस्य कमलेश ने कहा कि पिछले ढेड़ साल के कार्यकाल में मात्र दो बैठकें हुई है। जबकि हर तीन महीने पर एक बैठक अवश्य करनी चाहिए। पिछले अगस्त महीने में बैठक की तिथि तय कर कैंसिल कर दिया गया। सितंबर माह की बैठक मंगलवार को तय था जिसे अकारण अचानक कैंसिल कर दिया गया। कहा कि सदन के अधिकांश सदस्य जिला पंचायत मीटिंग न बुलाने और बार बार महत्वपूर्ण बैठकों को कैंसिल किये जाने से नाराज है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष महोदया बड़े पैमाने पर हुए स्ट्रीट लाइट घोटाले की जांच कराने से भाग रहीं है। जिला भर में करीब बारह करोड़ के 28 हजार लाइट मनमाने ढंग से लगाए गए है। जिनमें अधिकांश खराब होकर बेकार पड़े है। खेदन यादव ने कहा कि अपने क्षेत्र के विकास कार्यो की उपेक्षा और अनदेखी किये जाने से पंचायत सदस्य आक्रोशित है। पांच महीने बाद मंगलवार को जिला सभागार में होने वाले महत्वपूर्ण बैठक को अचानक रद्द किए जाने के बाद आक्रोशित सभी सदस्यों ने आगे की लड़ाई के लिए एकजुटता दिखाने के लिए यह आवश्यक बैठक किया है। पूरे सदन में अपना जनमत खो चुकीं सपना सिंह अपने समर्थक सदस्यों को सजेहने में नाकाम है। हम सभी सदस्यगण जिले के आला अधिकारियों सहित प्रदेश के उच्चाधिकारियों को इस उपेक्षा और अनदेखी की शिकायत करेंगे। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने कहा कि इसमें किसी अपने की चाल है जो हमारे ऊपर दवाब बनाना चाह रहा है। वहां 18 सदस्य थे जिनमे से 6 को डिनर के लिए बुलाया गया था, उन्हें पता ही नही था की ऐसी कोई मीटिंग भी है। ये सारे समाजवादी पार्टी के हैं। इनके आरोप बेबुनियाद हैं, हम नियम के अनुसार सही हैं। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्यों में रामखेलावन, विवेक यादव (सैदपुर) भोला बिंद, देवेंद्र यादव, जोखन यादव (देवकली) आकाश यादव(जमानियां) पांचू यादव, पंकज यादव(करंडा) आनंद कुमार(जखनिया), मटरू पहलवान (बिरनो) और गोबिंद यादव(रेवतीपुर) शैलेश कुमार, पारस यादव (मरदह) प्रीतम पासवान, विजय बंगाली, पूजा यादव (मोहम्मदाबाद) अखिलेश गौतम, रंजीत कुमार, आलोक, महेश यादव(सदर) शामिल रहे।





