


गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को राज भाषा अनुभाग, यूनियन बैंक गाजीपुर द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त भारत: विकसित भारत’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 100 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रीती सिंह, एम ए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रिया अग्रहरि, आस्था श्रीवास्तव तृतीय स्थान एवं अंकिता जायसवाल चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। सभी विजेता छात्राओं को प्राचार्य प्रो.सविता भारद्वाज, मुख्य वक्ता डॉ प्रमोद कुमार “अनंग” एवं क्षेत्र प्रमुख, यूनियन बैंक धर्मेंद्र राजोरिया ने पुरस्कृत किया। श्रेष्ठ निबंधों का चयन उनकी मौलिकता एवं वैचारिकता के साथ साथ भाषा की शुद्धता को आधार बना कर किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में “हिंदी की दशा एवं दिशा” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में डा प्रमोद कुमार श्रीवास्तव “अनंग” ने कहा कि हिंदी को राजभाषा बनने में बड़ा संघर्ष करना पड़ा है। आज भी यह संघर्ष करते हुए अपने विकास पथ पर अग्रसर है। राजभाषा अधिकारी, यूंनियन बैंक अनुराग सिंह ने कहा कि हिंदी में रोजगार की अपार संभावना है, बस जरूरत है जागरूकता की। इस अवसर पर महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार ने कहा कि हिंदी अपने ही घर में उपेक्षित हो रही है, हिंदी अनुवाद के स्तर को ठीक कर हम इसकी स्थिति को ठीक कर सकते है। इसी क्रम में डा विकास सिंह एवं डा अकबर आज़म ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डा निरंजन कुमार यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभागाध्यक्ष डा संगीता मौर्य ने किया। इस अवसर पर यूंनियन बैंक सतर्कता अधिकारी विकास उपाध्याय, प्रो. उमाशंकर प्रसाद, डॉ. विकास सिंह, डॉ. अकबरे आजम, ओम शिवानी, डा आनंद, नेहा कुमारी एवं डॉ. शिखा सिंह की उपस्थिति के साथ यूनियन बैंक के कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।








