डेंगू के बीमारी से बचना है तो करें यह काम

गाजीपुर। जनपद में डेंगू से बचाव हेतु सभी चिकित्सालय को सतर्क रखा गया है। इस क्रम में विगत दिनों राजकीय चिकित्सालय एवं निजी पैथोलॉजी से डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल नियमानुसार पुष्टि हेतु आई०एम०एस०बी०एच०यू प्रेषित किए जा रहे हैं। अब तक भेजे गए 82 सैंपल में से 75 के परिणाम प्राप्त हो गए हैं, जिसमें जनपद के 50 रोगियों में डेंगू धनात्मक की पुष्टि हुई है। सभी मरीज उपचार के पश्चात स्वस्थ हैं। जनपद के बाहर के चिकित्सालयों में उपचार हेतु गए मरीजों में से 19 मरीजों के डेंगू धनात्मक होने की सूचना प्राप्त हुई है। इस प्रकार जनपद में अब तक कुल 69 मरीज डेंगू धनात्मक पाए गए हैं। सभी मरीजों की स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी करते हुए निरोधात्मक कार्यवाही कराई जा रही है। अब 7 मरीजों के सैंपल जो कल भेजे गए हैं उनके परिणाम लंबित हैं। सभी चिकित्सालयों में जांच एवं उपचार के पर्याप्त व्यवस्था की गई है। त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले जनपद वासियों की आशा के द्वारा निगरानी हेतु सभी चिकित्सा अधीक्षक को पूर्व में निर्देशित किया जा चुका है कि यदि किसी भी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण प्रतीत हो तो उनको तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भित किया जाए। आम जनता से भी अपील है की डेंगू के लक्षण जिसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और उल्टी आदि की शिकायत हो तो घबराएं नहीं अति शीघ्र नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराए। प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू का कोई लक्षण नहीं है अन्य वायरल बीमारियों में भी प्लेटलेट्स कम हो सकता है जोकि बीमारी दूर होने से अपने आप बढ़ जाता है। आम जनता से यह भी अपील है कि पूरे दिन अपने शरीर को ढक कर रखें तथा घरों के अंदर तथा आसपास कहीं भी किसी भी प्रकार के बर्तन, टायर, ट्यूब, कंटेनर, प्लास्टिक के सामान कूलर फ्रिज के कंडेंसेशन प्लेट में पानी इकट्ठा ना होने दें तथा उनकी नियमित सफाई करें। याद रखें डेंगू फैलाने वाले मच्छर हमारे घरों के अंदर अंधेरे वाली जगह में ही रहते हैं और दिन में काटते हैं। यदि किसी को भी बुखार हो वह दिन में भी मच्छरदानी लगाकर सोए एवं पर्याप्त मात्रा में सुपाच्य भोजन करें। डेंगू के उपचार हेतु कोई विशेष दवा अथवा वैक्सीन नहीं है सिर्फ बुखार कम करने के लिए पैरासीटामोल का चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। डिस्प्रिन अथवा आईबीब्रुफेन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। डेंगू स्वतः एक सप्ताह में ठीक हो जाने वाली बीमारी है। अत्यधिक प्रसार वाले जनपदों-प्रयागराज जौनपुर वाराणसी लखनऊ आदि की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

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