कोर्ट में नहीं पेश हुए मुख्तार, लेकिन बृजेश सिंह हुए हाजिर

गाजीपुर। उसरी कांड में कोर्ट में पेश नहीं हुए मुख्तार लेकिन बृजेश सिंह पहुंच गए। कुछ दिन पूर्व इस मामले में गवाह तौकीर अहमद के बयान पर जिरह हुई थी। तौकीर पहले दिए गए अपने बयान में बृजेश को पहचानने से इन्कार किया था जिस पर आज इस लिए कोर्ट में मुख्तार की गवाही अहम मानी जा रही थी। बता दें कि वर्ष 2001 में उसरी चट्टी पर हुए अपने ऊपर हमले में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की एमपी-एमएलए कोर्ट में मंगलवार को गवाही होनी थी लेकिन नहीं हुई। हालांकि मुकदमे के आरोपित बृजेश सिंह वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए। अब मुख्तार अंसारी के पेश न होने से कोर्ट क्या आदेश देता है वह तो कुछ देर में मालूम हो ही जाएगा। मालूम हो कि 2001 में मुख्तार के पैतृक घर युसूफपुर फाटक से मऊ विधानसभा क्षेत्र में जाने के दौरान मुहम्मदाबाद क्षेत्र के ऊसरी चटट्ी पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से मुख्तार अंसारी की गाड़ी को छलनी कर दी थी। इस हमले में मुख्तार अंसारी के सरकारी अंगरक्षक सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। एक हमलावर भी मारा गया था। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह को नामजद किया था। बृजेश सिंह जेल से जमानत पर बाहर हैं, जबकि त्रिभुवन सिंह जेल में बंद है। स्थानीय एमपी-एमएलए कोर्ट में यह मुकदमा विचाराधीन है।मंगलवार को मुख्तार के बयान न होने के कारण कोर्ट अगली तारीख क्या निर्धारित करती है यह कोर्ट पर निर्भर है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के माफिया और बाहुबली के रूप में अपनी छवि बना चुके दो हस्तियों की आज यानी मंगलवार को गाजीपुर कोर्ट में पेशी होनी थी। यह दोनों हस्ती पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और माफिया बृजेश सिंह हैं, जिनका 21 साल बाद कोर्ट में आमना-सामना होगा। पेशी के दौरान माफिया बृजेश सिंह आरोपी बनकर कटघरे में खड़ा होगा, वहीं मुख्तार अंसारी गवाह बनकर बृजेश सिंह को पहचानता। यह पेशी गाजीपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में होनी थी लेकिन अब मुख्तार अंसारी का कोर्ट में ना आना चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, 21 साल पुराने उसरी चट्टी कांड में दोनों माफियाओं की अदालत में पेशी होनी थी लेकिन, मुख्तार अंसारी का बांदा जेल से न आना कोहरे का कारण बताया जा रहा है। बृजेश सिंह के पेशी के दौरान कोर्ट परिसर के आस पास भारी संख्या में पुलीस फोर्स मौजूद रही।

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