फर्जी हाफ एनकाउंटर और नंदनी की मौत के मामले में पुलिस की खुलेगी कुंडली
डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश
14 से 18 जून तक फर्जी हाफ एनकाउंटर और नंदनी मौत के मामले में परिजन डीएम कार्यालय में रख सकते है अपना पक्ष


गाजीपुर। कुछ दिन पूर्व हुए विकास यादव उर्फ विक्की के फर्जी हाफ एनकाउंटर में नंदनी यादव की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जिलाधिकारी द्वारा बैठा दी गई है। इस मामले में जिलाधिकारी ने बताया कि 6 जून को रमेश यादव पुत्र ढोढ़ा यादव निवासी ग्राम मधुबन थाना खानपुर के द्वारा प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। जिसमें लिखा था कि 6 जून 2023 की रात्रि को समय करीब 2.30 बजे ग्राम उचहुवां थाना चन्दवक जनपद जौनपुर आए। जहां मृतका नन्दनी यादव अपने पति विकास यादव उर्फ विक्की के ननिहाल शादी में सम्मिलित होने के लिए सहपरिवार गयी थी। वहां पर थानाध्यक्ष खानपुर संजय कुमार मिश्रा पुलिस दल बल के साथ मृतक नंदनी के यहां जाकर दरवाजा खोलने के लिए कहा तथा पूछा कि तुम्हारा पति विकास यादव उर्फ विक्की कहां है। मृतक ने कहा कि मेरे पति यहीं हैं मैं दरवाजा खोलती हूॅ। तब तक थानाध्यक्ष खानपुर संजय कुमार मिश्रा पुलिस दल बल के साथ दरवाजा तोड़कर थाना चन्दवक जनपद जौनपुर से उठाकर गाजीपुर ले आये। विकास यादव उर्फ विक्की को रास्ते में लाते समय मृतका नन्दनी से पुलिस की नोंक झोक हुई जिसमें नन्दनी की मृत्यु हो गयी। उक्त घटना की मजिस्ट्रीयल जॉच अपर जिलाधिकारी वि.रा द्वारा की जा रही है। उक्त के सम्बन्ध में जिस किसी व्यक्ति को मौखिक, लिखित एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करना हों तो दिनांक 14 से 18 जून तक के कार्य दिवस के दौरान कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले में न्यायिक जांच के लिए जनपद न्यायाधीश को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। यह है पूरा मामला। विकास यादव को पकड़कर उसका एनकाउंटर करने के उद्देश्य से ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर पति को छुड़ाने के गई नंदनी यादव वाहन पर सवार हो गयी विकास की पत्नी नन्दिनी यादव की पुलिस ने निर्मम पिटाई कर और तेज चलती गाड़ी से उसको फेंककर पुलिस कर्मियों द्वारा उसकी हत्या करने का बड़ा आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीते मंगलवार को जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पीड़ित परिजनों और पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मृतक नन्दिनी यादव की लाश को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना -प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा था कि दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्यवाही की गई है। उच्च स्तरीय जांच हो रही है। जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर आगे भी पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले को लेकर जिलाधिकारी के आदेश पर जांच बैठा दी गई है। जांच की आंच में कई पुलिस कर्मियों के ऊपर कार्यवाही की जा सकती है।