मणिपुर की घटना लोकतंत्र में माफी के लायक नहीं है

गाजीपुर। रविवार की रात अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी की महिला सभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष विभा पाल के नेतृत्व में मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी और निर्वस्त्र कर घुमाये जाने के विरोध में टाउनहॉल से मिश्रबाजार चौराहे तक कैंडल मार्च निकाल कर विरोध दर्ज कराया गया। इस घटना के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जिलाध्यक्ष गोपाल यादव जी ने कहा कि यह सरकार की लापरवाही और अक्षमता के कारण घटी है। यह घटना लोकतंत्र में अक्षम्य है। इस घटना ने पूरे देश को दुनिया के सामने शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुई होगी । मणिपुर की जो तस्वीर दुनिया ने देखी ऐसी तस्वीरों से देश का सर दुनिया के सामने झुक जाता है। इस घटना के लिए भाजपा की नफरत फ़ैलाने और समाज को बांटने वाली राजनीति जिम्मेदार है।

इस सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा पूरी तरह फेल हो गया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में सभ्यता का चीरहरण और संस्कृति का पतन हुआ है। कहा कि मणिपुर में सत्ताधारियों के आंख का पानी मर गया है। मणिपुर में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। मणिपुर में शांति बहाल करने में असफल देश के प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री विरेन सिंह को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। इस कैंडल मार्च में में मुख्य रूप से विभा पाल,सीमा यादव,संगीता यादव, अल्का अग्रवाल, रीता विश्वकर्मा,सुनीता यादव, रीना यादव,कंचन रावत, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,,आमिर अली, अरुण कुमार श्रीवास्तव , तहसीन अहमद,अशोक अग्रहरि,नवाब खान,मो.अनवर,डॉ समीर सिंह,नगर अध्यक्ष दिनेश यादव,आरिफ खां, फिरोज जमाल,बाबी चौधरी, नरेन्द्र कुशवाहा, द्वारिका यादव, आदित्य यादव, इंद्रजीत कुशवाहा, रमेश यादव, राजेश यादव, रामनगीना यादव, राधेश्याम यादव,बैजू यादव, गोपाल यादव, छन्नू यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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